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बिहार में बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रियों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की बहाली मामलें पर सुनवाई पटना हाइकोर्ट में हुई

पटना हाइकोर्ट ने राज्य में बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रियों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की बहाली मामलें पर सुनवाई की। रंजीत पंडित की जनहित याचिका पर एसीजे जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह एक समय सीमा निर्धारित करें, जिसके तहत सभी सम्बंधित शिक्षक अपना डिग्री व अन्य कागजात प्रस्तुत करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के भीतर कागजात व रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट तलब किया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि बड़ी संख्या में जाली डिग्रियों के आधार पर शिक्षक राज्य में काम कर रहे हैं।साथ ही वे वेतन उठा रहे है।

इससे पूर्व कोर्ट ने 2014 के एक आदेश में कहा था कि जो इस तरह की जाली डिग्री के आधार पर राज्य सरकार के तहत शिक्षक है,उन्हें ये अवसर दिया जाता है कि वे खुद अपना इस्तीफा दे दें, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

26अगस्त,2019 को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि इस आदेश के बाद भी बड़ी संख्या में इस तरह के शिक्षक कार्यरत है और वेतन ले रहे है।

कोर्ट ने मामलें को निगरानी विभाग को जांच के लिए सौंपा।उन्हें इस तरह के शिक्षकों को ढूंढ निकालने का निर्देश दिया।31जनवरी,2020 के सुनवाई दौरान निगरानी विभाग ने कोर्ट को जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा इनके सम्बंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है,लेकिन अभी भी एक लाख दस हजार से अधिक शिक्षकों के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

साथ ही ये भी पाया गया कि 1316 शिक्षक बिना वैध डिग्री के नियुक्त किये गए।कोर्ट ने इस मामलें को काफी गम्भीरता से लिया।कोर्ट ने सम्बंधित विभागीय सचिव से हलफनामा दायर कर स्थिति का ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अगली सुनवाई में अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया था।

इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।

लालू परिवार के परिसरों पर छापे से बहुत खुश हैं नीतीश कुमार: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि ” नौकरी के बदले जमीन ” घोटाले में लालू परिवार के परिसरों पर जांच एजेंसियों के छापे पर नीतीश कुमार चाहे जो बयान दें, लेकिन सबसे ज्यादा खुश भी वही हैं।

  • ताजा कार्रवाई से तेजस्वी यादव को सीएम बनाने का दबाव टला
  • जाँच में तेजी और जल्द सजा दिलाना चाहते हैं ललन सिंह
  • राजद नेताओं को सजा हुई तो 2025 तक निष्कंटक राज करेंगे नीतीश

श्री मोदी ने कहा कि जांच-पूछताछ की कार्रवाई के कारण तेजस्वी प्रसाद यादव को जल्द मुख्यमंत्री बनाने का राजद का दबाव टल गया है। यह जदयू के लिए राहत की बात है।

nitish sushil modi

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कहने पर ललन सिंह ने सीबीआई को सबूत के कागजात उपलब्ध कराये। उन्हें पता है कि लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव सहित सभी 16 अभियुक्तों का जेल जाना तय है।

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जाँच की धीमी गति पर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल, वे चाहते हैं कि जांच तेज हो, अभियुक्तों को सजा जल्द हो और वे 2025 तक निष्कंटक मुख्यमंत्री बने रहें।

बिहार के नए राज्यपाल ने 7 कुलसचिवों के कार्य पर लगाई रोक; जानें विश्वविद्यालयों के नाम

पटना । शनिवार को राजभवन की ओर से बिहार के नए राज्यपाल ने बिहार के सात विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों के सभी प्रकार को कार्यों और कर्तव्यों के निर्वहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी हैं।

राज्यपाल सचिवालय द्वारा पत्र में , लिख कर निर्देश दिया गया है और कहा गया है कि नियुक्ति और पदस्थापित कुलसचिव के सभी कार्यों पर अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाती है। इसका अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया गया है।

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ये विश्वविद्यालय है शामिल:

नीचे लिखे 7 कुलपतियों को पत्र जारी कर कुलसचिवों के कार्यों पर रोक लगाई है।

  • कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा
  • वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा
  • मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर
  • मगध विश्वविद्यालय बोधगया
  • पटना विश्वविद्यालय पटना
  • मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय पटना
  • पाटलिपुत्रा विश्वविद्यालय पटना

सभी विश्वविद्यालयों को इसकी प्रति भी भेज दी गई  है।

“जमीन दो, नौकरी लो” मामले में जांच का सामना कर रहा लालू परिवार सहानुभुति पाने के लिए गर्भवती बहू और बच्चों को टार्चर किये जाने का झूठा प्रचार कर रहा है: सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि “जमीन दो, नौकरी लो” की नीति से अरबों रुपये की अवैध सम्पत्ति बनाने के मामले में जांच का सामना कर रहा लालू परिवार सहानुभुति पाने के लिए गर्भवती बहू और बच्चों को टार्चर किये जाने का झूठा प्रचार कर रहा है।

• लालू के नाती-नातिन, पुत्रबधू से कोई पूछताछ नहीं, “टार्चर” की कहानी झूठी
• सहानुभूति पाने और जाँच को बदनाम करने के लिए किया जा रहा दुष्प्रचार
• नीतीश घोषणा करें कि गर्भवती महिला, बच्चों के घर में रहते नहीं होगी कोई पूछताछ
• हेमा यादव बतायें, हृदयानंद और ललन चौधरी ने क्यों उन्हें गिफ्ट की थी सम्पत्ति ?
• तेजस्वी यादव फ्रेंड्स कालोनी स्थित 200 करोड़ के मकान के मालिक कैसे बने?
• क्या इस संबंध में पूछताछ करना “टार्चर” करना है?
• नीतीश कुमार और ललन सिंह दे रहे भ्रष्टचार को पोलिटिकल कवर

श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव की गर्भवती पत्नी राजश्री और लालू प्रसाद के नाती-नातिन जब किसी मामले में आरोपी ही नहीं हैं और उनसे कोई पूछताछ भी नहीं हुई, तब टार्चर कहाँ हुुआ? राजद झूठा प्रचार करने पर उतर आया है।

उन्होंने तेजस्वी यादव के जल्द पिता बनने के समाचार के लिए उन्हें बधाई दी और कहा कि जाँच एजेंसियों के छापे की इस उपलब्धि पर तो कोई विवाद नहीं होगा।

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श्री मोदी ने पूछताछ के दौरान टार्चर की फर्जी कहानी को खारिज करते हुए नीतीश कुमार और ललन सिंह को यह घोषणा करने की चुनौती दी कि अपराध चाहे कितना भी गंभीर हो, बिहार में अभियुक्तों के घर में गर्भवती महिला और बच्चों के रहते कोई पूछताछ नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि कल के छापे में लालू प्रसाद के परिवार जनों के घर से डेढ़ किलो सोने के गहने और आधा किलो सोने का बिस्कुट, 1 करोड़ रुपये नकद और 6 सौ करोड़ रूपये से ज्यादा की अवैध सम्पत्ति के कागजात भी बरामद हुए, जबकि ललन सिंह दावा करते हैं कि छापे में कुछ नहीं मिला।

श्री मोदी ने कहा कि जब एमएलए-एमएलसी बनाने या नौकरी दिलाने के बदले में लालू प्रसाद अपनी बेटियों के नाम से करोड़ो रुपये की सम्पत्ति लिखवा रहे थे, तब किसी ने विरोध क्यों नहीं किया?

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद की पुत्री हेमा यादव को हृदयानंद चौधरी और ललन चौधरी ने कीमती सम्पत्ति क्यों गिफ्ट की थी? बाद में यह सम्पत्ति 350 करोड़ में बेच दी गई।

श्री मोदी ने कहा कि हेमा यादव को इस सम्पत्ति को दान में लेने और बेचने के बारे में सच बताना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसी तरह तेजस्वी प्रसाद यादव को बताना चाहिए कि वे दिल्ली की फ्रेंड्स कालोनी स्थित 200 करोड़ के चार मंजिला मकान के मालिक कैसे बने? क्या इस संबंध में पूछताछ करना “टार्चर” करना है?

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार और ललन सिंह सुनियोजित भ्रष्टचार को पोलिटिकल कवर दे रहे हैं।

भ्रष्टाचार से समझौता कर लालू परिवार को बचा रहे नीतीश कुमार: सुशील कुमार मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम बनने के अपने महत्वांकाक्षी सपने के दबाव में भ्रष्टचार से समझौता कर लिया और वे चारा घोटाला से लेकर “जमीन के बदले नौकरी घोटाले” तक में संलिप्त लालू परिवार को बचाने में लगे हैं।

  • 2008 में लालू प्रसाद के विरुद्ध जांच के लिए शरद यादव, ललन सिंह ने पहल की थी
  • जदयू ने सारे दस्तावेज सीबीआई को उपलब्ध कराये थे
  • ललन सिंह ने मनमोहन सिंह को दिया था ज्ञापन, आज कार्रवाई रोकने के लिए चिट्ठी लिख रहे
  • लालू प्रसाद ने एक ही मंत्र अपनाया “-तुम मुझे जमीन दो, मैं तुम्हें नौकरी दूँगा।”
  • किसी और ने नहीं, खुद लालू ने पूरे परिवार को फँसा दिया
  • तेजस्वी यादव 29 साल की उम्र में कैसे बने अरबों रुपये की 52 सम्पत्ति के मालिक ?
  • अबू दोजाना वही हैं, जो पटना में तेजस्वी यादव का 750 करोड़ का मॉल बनवा रहे थे

श्री मोदी ने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई होने पर बार-बार लालू परिवार को फँसाने का जो झूठा प्रचार किया जाता है, उसमें कोई दम होता तो लालू प्रसाद चारा घोटाला के सभी पांच मामलों में अदालत से दोषी नहीं पाये जाते।

उन्होंने कहा कि 2008 में लालू प्रसाद के विरुद्ध भ्रष्टचार के मामलों की जांच के लिए स्वर्गीय शरद यादव और ललन सिंह ने पहल की थी। जदयू ने सारे दस्तावेज सीबीआई को उपलब्ध कराये और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन भी दिया था। आज यही लोग लालू प्रसाद पर कार्रवाई रोकने के लिए प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख रहे हैं।

lalu nitish modi

श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने सत्ता में रहते हुए यही बस एक ही मंत्र अपनाया “-तुम मुझे जमीन दो, मैं तुम्हें नौकरी दूँगा।”

उन्होंने कहा कि हर काम के लिए जमीन लेते हुए गरीब परिवार में जन्मे लालू प्रसाद सबसे बड़े जमींदार बन गए। उनके पास पटना में 1 लाख वर्ग फुट से ज्यादा कीमती जमीन है।

श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव को बताना चाहिए कि वे दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कालोनी में अरबो रुपये के चार मंजिला मकान के मालिक कैसे बन गए?

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने इंटरमीडिएट तक भी पढाई नहीं की, क्रिकेट में विफल रहे , लेकिन बिना कोई उद्योग-व्यापार किये मात्र 29 साल की उम्र में वे 52 सम्पत्तियों के मालिक कैसे बन गए? क्या इसकी जाँच नहीं होनी चाहिए ?

श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने विधायक, सांसद, मंत्री, एमएलसी बनावाने के बदले कीमती जमीनें परिवार के सदस्यों के नाम से लीं और खुद ही पूरे परिवार को फँसा दिया। उन्हें किसी दूसरे ने नहीं फँसाया।

उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अबु दोजाना वही हैं, जो पटना में तेजस्वी यादव का 750 करोड़ का मॉल बनवा रहे थे ।

जाने ‘ऑपरेशन तमिलनाडु’ के पीछे का सच; बिहार के 87 यूट्यूबर थे शामिल

मनीष कश्यप आज के बिहार का यूथ आइकन है वजह किसी तरह से 5 से 10 लाख रुपया महीना कमा लेता है ।   लेकिन ये जिस आग से खेल रहा था उसका ये हस्र होना तय था। 

ऑपरेशन तमिलनाडु के पीछे का सच अब पूरी तौर पर सामने आ गया है इस खेल का मास्टमेंड Manish Kashyap ही है इस खेल मेंं बिहार का 87 यूट्यूबर शामिल था ।      

जो खुद मजदूर बना और पेट में, तो कहीं सिर में ,तो कहीं चेहरा पर बैंडेज लगा कर चैनल पर घूम घूम कर बाइट दे रहा था सबसे चौकाने वाली बात यह है कि गोपालगंज का रहने वाला यूट्यूबर राकेश रंजन कुमार पिछले ही महीना ही जक्कनपुर पटना में डेरा लिया था और 6 मार्च को मजदूर वाला वीडियो वायरल करके डेरा खाली कर पटना से निकल गया ।

इस खेल को पूरी सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था सब कुछ स्क्रिप्टेड था किस यूट्यूबर को कहा रहना है किसको मजदूर बनना है किसको वीडियो वायरल करना है किसको नेता का बाईट लेना है ।

वही Manish Kashyap तमिलनाडु में बिहारी मजदूर के नेता के भी संपर्क में था जो वहां तय रणनीति के तहत वीडियो बना कर मनीष कश्यप को भेजता था चूकी टीम मनीष कश्यप का  व्यूअरशिप 8 मिलियन के करीब है जिस वजह से वीडियो दस मिनट में बिहार के गांव गांव में पहुंच गया।

ManishKashyap

हालांकि इस खेल में सूरत लांबी का भी बड़ा हाथ है जो त्रिरपुर के विकास से चिढ़ा हुआ है पिछले वर्ष भारत सरकार अचानक धागा का दाम बढ़ा दिया था जिस वजह से बड़ा बवाल मचा था एक सप्ताह तक पूरा मिल बंद रहा था। सूरत का रेडीमेड रमेंट मिल  को तिरुपुर काफी पीछे छोड़ दिया है इससे सूरत लांबी हमेशा कोशिश में लगा रहता है कि तिरुपुर के माहौल को गाड़ते रहे ।

इस घटना के पीछे इस मानसिकता वाले कॉरपोरेट घराने का भी हाथ बताया जा रहा है जिसके हाथों में मनीष कश्यप जैसे लोग खेलते रहते हैं । पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मनीष कश्यप के बैंक खाते में पिछले एक माह के दौरान कई तरह के अनलिगल ट्रांजेक्शन हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई इसके खातों को फ्रीज करने की तैयारी शुरु कर दिया है ।

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जो भ्रष्टचार के आरोपी हैं, वे ही खुद को पीड़ित बताने की राजनीति करने लगे; तेजस्वी बतायें, नौकरी के बदले जमीन देने वाले ललन चौधरी कौन ? – सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के समय ललन सिंह और स्व० शरद यादव ने तत्कालीन रेल मंत्री श्री लालू प्रसाद पर नौकरी के बदले जमीन घोटाला का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। आज यही लोग सीबीआई के दुरुपयोग का शोर मचा रहे हैं।

• तेजस्वी बतायें, नौकरी के बदले जमीन देने वाले ललन चौधरी कौन ?
• लालू प्रसाद के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग ललन सिंह, स्व० शरद यादव ने की थी
• जो भ्रष्टचार के आरोपी हैं, वे ही खुद को पीड़ित बताने की राजनीति करने लगे
• राबड़ी से पूछताछ न्याय प्रक्रिया का हिस्सा, केंद्र पर आरोप अनर्गल

श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव और ललन सिंह इधर-उधर की बातें करने के बजाय ग्रुप डी की नौकरी के बदले कीमती जमीन लालू परिवार के नाम करने वाले ललन चौधरी के बारे में क्यों नहीं बताते? ये ललन चौधरी कौन हैं और क्यों इनकी जमीन गिफ्ट में ली गई?

Sushil Modi vs Tejashwi

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद सत्ता का दुरुपयोग कर सम्पत्ति बनाने के आदती हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने चारा घोटाला किया और रेल मंत्री बनने पर जमीन के बदले रेलवे की नौकरी बाँटने का घोटाला किया।

श्री मोदी ने कहा कि रेलवे की नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले की जांच बंद नहीं हुई है। इस मामले में लालू- राबड़ी देवी सहित 15 आरोपियों को समन भेजना और पूछताछ करना न्याय प्रक्रिया का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि जब भी किसी घोटाले की जांच होती है, इसमें आरोपी लालू परिवार खुद को पीड़ित बताकर सहानुभुति पाने की राजनीति करने लगता है।

श्री मोदी ने कहा कि क्या यह सही नहीं कि नीतीश कुमार के कहने पर ललन सिंह ने लालू परिवार के भ्रष्टचार से संबंधित कागजात सीबीआई को पहुँचाये थे ?

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद से मिल कर महागठबंन सरकार बनाने से पहले जो लोग लालू प्रसाद के विरुद्ध जांच में तेजी लाना चाहते थे, आज वे ही इस मामले में भाजपा और केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

लैंड फॉर जॉब स्कैम: पूछताछ के लिए CBI राबड़ी देवी के घर पहुंची

पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित आवास पर सोमवार को CBI की टीम पहुंची । जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में सीबीआई की टीम पहुंची है । CBI के अधिकारी राबड़ी देवी से पूछताछ कर रहे हैं ।

उनके बेटे और नीतीश कुमार कैबिनेट के मंत्री तेज प्रताप यादव भी घर में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि राबड़ी के घर वकीलों की एक टीम भी पहुंची है।

Lalu-Rabri

जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में CBI ने अक्टूबर 2022 में पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी के अलावा 14 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव के रेलमंत्री रहते हुए बड़े पैमाने पर रेलवे में नौकरी देने में गड़बड़ियां की गई थीं। 15 मार्च को कोर्ट में राबड़ी, लालू और मीसा पेश होने के आदेश दिया है।

पटना हाईकोर्ट में होली अवकाश 6 मार्च, 2023 से 10 मार्च, 2023 तक; 13 मार्च, 2023 को खुलेंगे कोर्ट

पटना हाईकोर्ट में 6 मार्च, 2023 से 10 मार्च, 2023 तक होली अवसर पर बंद रहेगा। पटना हाईकोर्ट 13 मार्च, 2023 को होली के अवकाश के बाद खुल जाएगा।

Patnahighcourt

इस बीच किसी प्रकार का न्यायिक कार्य हाईकोर्ट में नहीं किया जाएगा।

बिहार के वैशाली में ‘होली स्पेशल’ लेबल वाली अवैध शराब बरामद

वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के हरपुर गांव में एक तालाब के अंदर छिपाकर रखी गई करीब 17 कार्टन शराब बरामद की गई है। आबकारी विभाग की टीम मछली तालाब में छिपाकर रखी गई लाखों रुपये की शराब को बरामद करने में सफल रही है।

महुआ थाना क्षेत्र के हरपुर गांव स्थित एक तालाब में छिपाकर रखी गई शराब जिसको होली के दौरान इसका सेवन किया जा सके, लेकिन आबकारी विभाग की टीम ने वहां छापा मारा तो 17 कार्टन विदेशी शराब मिली। हालांकि इस कार्रवाई में किसी कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन आबकारी विभाग ने शराब माफिया के मंसूबों को नाकाम कर दिया है.

पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. थाना प्रभारी वैशाली सुरेश प्रसाद चौधरी ने कहा, ”मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.”

पुलिस के मुताबिक होली मनाने के लिए हरियाणा से स्पेशल ‘होली स्पेशल’ वाली अवैध शराब लाई गई थी। थाना प्रभारी वैशाली सुरेश चौधरी ने कहा, “होली के मद्देनजर वैशाली जिले में शराब माफिया सक्रिय हो गए हैं और वे पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।”

नीतीश नहीं दिला सके पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा, सपना पीएम बनने का : सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वाले और विपक्षी एकता के बड़बोले दावे करने वाले नीतीश कुमार अपनी पार्टी (जदयू) को राष्ट्रीय दल का दर्जा भी भी नहीं दिला सके।

  • नीतीश नहीं दिला सके पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा, सपना पीएम बनने का
  • लोजपा (रामविलास) का प्रदर्शन बेहतर, 8 फीसद वोट के साथ जीतीं दो सीटें
  • टीएमसी, एनसीपी, बसपा और आप राष्ट्रीय दल, जदयू को कौन पूछेगा?

श्री मोदी ने कहा कि पिछले दिनों नीतीश कुमार नगालैंड गए थे और ललन सिंह ने विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत लगा थी, फिर भी जदयू मुश्किल से एक सीट जीत पाया और उसका वोट भी घट कर मात्र 3.25 फीसद रह गया।

sushil modi vs nitish kumar

उन्होंने कहा कि नगालैंड में जदयू से बेहतर प्रदर्शन लोजपा (रामविलास) का रहा। उसने दो सीटें जीतीं, 8.6 फीसद वोट हासिल किये और आठ सीटों पर यह पार्टी दूसरे स्थान पर रही। वहाँ राजद और कांग्रेस का खाता नहीं खुला। लोजपा (रामविलास) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा।

श्री मोदी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है। ये दोनों नेता अपने बल पर मुख्यमंत्री बनते रहे।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार न कभी अपने बल पर मुख्यमंत्री बने, न इनकी पार्टी राष्ट्रीय दर्जा पा सकी।

श्री मोदी ने कहा कि बिहार-केंद्रित जदयू को किसी दूसरे हिंदीभाषी प्रदेश में नहीं, बल्कि अरुणाचल और मेघालय जैसे प्रदेश में राज्य पार्टी का दर्जा मिला है। इन उत्तर-पूर्वी राज्यों में बिहार के लोग नाम-मात्र के हैं।

उन्होंने कहा कि जब शरद पवार, ममता बनर्जी, मायावती और केजरीवाल की पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त है, तब विपक्षी एकता के लिए नीतीश कुमार और उनकी राज्य-स्तरीय पार्टी को कोई क्यों महत्व देगा?

श्री मोदी ने कहा तीन उत्तर-पूर्वी राज्यों के चुनाव परिणामों ने जहाँ प्रधानमंत्री मोदी का करिश्मा कायम रखा, वहीं जदयू के महत्वाकांक्षी सपने तोड़ दिये।

गया एयरपोर्ट को मिली उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गयी सुरक्षा

गया। गया एयरपोर्ट प्रशासन को एक चिट्ठी मिली है, जिसमें लिखा है कि गया एयरपोर्ट को ड्रोन से उड़ा दिया जाएगा।

इसके बाद गया एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरपोर्ट के अंदर और बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

यह चिट्ठी किसके द्वारा भेजी गई है यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है, इसकी जांच चल रही है।

त्रिपुरा सहित तीनों राज्यों में भाजपा एवं उसके गठबंधन की सफलता के लिए पीएम मोदी को बधाई: सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उत्तर-पूर्व के तीनों राज्यों में सहयोगी दलों के साथ भाजपा का दोबारा सत्ता में लौटना 2024 के लोकसभा चुनाव का पहला ट्रेलर है। इस शानदार सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को बधाई।

  • त्रिपुरा सहित तीनों राज्यों में भाजपा एवं उसके गठबंधन की सफलता के लिए पीएम मोदी को बधाई
  • नगालैंड में ललन सिंह ने झोंकी थी पूरी ताकत, बिहार के मंत्री कैंप कराये थे,फिर भी जीते मात्र एक सीट
  • परस्पर विरोधी कांग्रेस और माकपा मिलकर भी भाजपा को नहीं रोक पाए

श्री मोदी ने कहा कि जदयू पूरी ताकत लगाकर नागालैंड की एक सीट बड़ी मुश्किल से जीत पाया। वहाँ ललन सिंह ने बिहार के आधा दर्जन मंत्रियों को कैंप कराया था।

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उन्होंने कहा कि भाजपा ने त्रिपुरा को 35 साल के कम्युनिस्ट शासन से मुक्ति दिलायी और विकास कार्यों के बल पर दोबारा जनादेश प्राप्त किया।

श्री मोदी ने कहा कि जिस नार्थ-ईस्ट के कई इलाके ईसाई-बहुल हैं और केंद्र की पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण उग्रवादग्रस्त थे, वहाँ मात्र आठ साल में भाजपा बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई।

SushilModi

उन्होंने कहा कि केरल में एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ने वाली कांग्रेस और माकपा त्रिपुरा में मिल कर विधानसभा चुनाव लड़े। फिर भी विपक्ष भाजपा का रथ रोक नहीं पाया।

श्री मोदी ने कहा कि नगालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में कांग्रेस जीरो से पांच सीट तक सिमट गई।

पटना हाइकोर्ट के जज जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय का आज सुबह चेन्नई में निधन हो गया

पटना हाइकोर्ट के जज जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय का आज सुबह चेन्नई में निधन हो गया।जस्टिस उपाध्याय किडनी की समस्या से पीड़ित थे और उनका ईलाज चल रहा था।

जस्टिस उपाध्याय का जन्म 4 दिसम्बर,1962 को हुआ था।उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से एल एल बी और एल एल एम की डिग्री ली।उन्होंने पटना के कामर्स कालेज में अंशकालिक शिक्षक के रूप में शिक्षण कार्य किया।उन्होंने पटना लॉ कॉलेज, पटना में भी अंशकालिक शिक्षक के रूप में कार्य किया।

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में 2007 से 2017 कार्य किया।राज्य सरकार कर स्टैंडिंग कॉउन्सिल के पद पर 2010 से 2017 तक कार्य किया।

उन्होंने 22 मई, 2017 को पटना हाइकोर्ट के जज के रूप कार्यभार ग्रहण किया।उनकी प्रतिभा,विद्वता और कार्य करने की क्षमता की बहुत थी।इसी बीच उन्हें किडनी की बीमारी का पता चला।उनके किडनी का प्रत्यारोपण हो गया था। लेकिन आज सुबह उनका निधन हो गया।

Bihar ka Budget 2023: नीतीश सरकार ने पेश किया 261885.40 करोड़ का बजट; 10 लाख युवाओं को रोजगार देने की योजना, पढ़ें बजट की मुख्य बातें…

पटना। बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बजट विधानसभा में पेश करते हुए दावा किया राज्य की वित्तीय स्थिति बेहतर है। वर्ष 2023-24 के लिए 2,61,885.40 करोड़ रुपये का कुल प्रस्तावित बजट व्यय, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में “24,194.21 करोड़ रुपये अधिक” है।

बिहार बजट 2023 (Bihar ka Budget 2023) की मुख्य बातें

  • राजस्व बढ़ा, राजकोषीय घाटा नियंत्रण में
  • बिहार में बंपर बहाली की घोषणा, 10 लाख युवाओं को रोजगार देने की योजना सरकार की है
  • बिहार में कुल 9 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
  • पुलिस विभाग में 75 हजार 543 पदों की मंजूरी मिली है
  • स्कूलों में 40506 प्रधान शिक्षकों की बहाली होगी
  • इंजीनियरिंग कॉलेज में 522शिक्षक बहाल किए जाएंगे
  • शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार पर धनवर्षा, महिलाओं पर फोकस, कोई नया टैक्स नहीं
  • तलाकशुदा अल्पसंख्यक महिलाओं को सहायता राशि बढ़ाकर अब 25 हजार रुपये कर दिया गया है
  • नारी शक्ति योजना के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग और बिहार लोक सेवा आयोग के प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाली महिला अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी के लिए क्रमशः 1 लाख और 50 हचार की राशि दी जाएगी
  • पूर्णिया व मुजफ्फरपुर में खादी मॉल बनाने की योजना 
  • कजरा-पिपरैती में सौर ऊर्जा प्लाट लगाने का प्रस्ताव
  • सोलर लाइट के लिए 392 करोड़ का प्रावधान
  • राज्य में बढ़ा निवेश, 17 एथेनॉल इकाइयां निर्माणाधीन
  • 10.45 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन
  • पशुधन मछली पालन के लिए 525.38 करोड़ का प्रावधान
  • मई में पूरी होगी जातीय जनगणना

राज्य के विभिन्न अधिवक्ता संघों में होने जा रहे चुनाव में बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों पर पटना हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कड़ा विरोध जताया है

राज्य के विभिन्न अधिवक्ता संघों में होने जा रहे चुनाव में बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों पर पटना हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कड़ा विरोध जताया है।इन दिशानिर्देशों को बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने बिहार स्टेट बार काउंसिल द्वारा जारी किया गया है ।

श्री वर्मा ने बिहार स्टेट बार काउंसिल द्वारा जारी उन दिशानिर्देशों पर आपत्ति जताई है, जिसमें आगामी अधिवक्ता संघों के चुनाव में केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की बात कही गई है जो अधिवक्ता पिछले पाँच वर्षों में प्रत्येक साल कम से कम पाँच मामलों में अपनी हाजिरी दे चुके हैं ।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने यह दिशानिर्देश फर्जी मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए जारी किया है।बार काउंसिल का यह कथन है कि जो अधिवक्ता लाइसेंस लेकर दूसरे व्यवसाय में लगे हुए हैं ,उन्हें मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए ।

Patnahighcourt

वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने बार काउंसिल द्वारा जारी इस दिशानिर्देश पर कहा कि यह एडवोकेट्स एक्ट एवं बार काउंसिल नियमों के विरुद्ध है । उन्होंने कहा कि जो भी अधिवक्ता स्टेट बार काउन्सिल में नामांकित हैं,उन्हें वोट देने का अधिकार है । ऐसे दिशानिर्देशों को परिपत्र के माध्यम से अस्तित्व में नहीं लाया जा सकता, जब तक कानून में संशोधन न किया जाए।

उन्होंने इन दिशानिर्देशों को वकीलों के अहित में बताया।
उन्होंने कहा कि अगर ये सर्कुलर लाना था,तो अधिवक्ता संगठनों से व्यापक विचार विमर्श करना चाहिए था। ।

बिहार में गलवान में शहीद हुए बेटे के पिता को गिरफ्तार कर पुलिस ने जमकर पीटा

पटना/वैशाली । बिहार के एक सैनिक के पिता, जो 2020 गलवान घाटी की झड़प में शहीद हुए सेना के जवान जय किशोर सिंह के पिता की पिटाई की गई। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि बिहार में सरकारी जमीन पर अपने बेटे के लिए एक स्मारक बनाने के लिए जय किशोर सिंह के पिता की पिटाई की गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जय किशोर सिंह के पिता को वैशाली के जंदाहा में सरकारी भूमि पर अपने बेटे के लिए एक स्मारक बनाने के लिए पुलिस ने उनकी पिटाई की है।

गिरफ्तारी ने बिहार के वैशाली में सैनिक के गांव में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज में पुलिस सिपाही जय किशोर के पिता राज कपूर सिंह को गांव से घसीटते हुए दिख रही है। परिवार का आरोप है कि उसे पुलिस ने पीटा है।

शहीद जय किशोर सिंह के भाई का कहना है कि डीएसपी मैम ने दौरा किया था और हमें 15 दिनों के भीतर मूर्ति हटाने के लिए कहा था। बाद में थाना प्रभारी हमारे घर आए और मेरे पिता को गिरफ्तार कर लिया और मारपीट भी की। मैं भी एक सशस्त्र बल का जवान हूं। पुलिस की इस तरह की बर्बर कार्रवाई से वे आहत हैं।

GalwanMartyr Statue

उन्होंने दावा किया, “वे रात के अंधेरे में आए और उसे इस तरह गिरफ्तार किया जैसे वह कोई आतंकवादी हो।”

हालांकि, पुलिस ने दावा किया कि यह मामला अवैध अतिक्रमण के मुद्दे से जुड़ा है, जो भूस्वामी के अधिकारों का उल्लंघन था।

पुलिस अधिकारी पूनम केसरी ने कहा कि उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई की कि सिपाही के स्मारक ने एक पड़ोसी के खेत तक पहुंच को अवरुद्ध कर दिया था।

अधिकारी ने कहा, “उन्होंने एक स्मारक बनाया, फिर रातोंरात इसके चारों ओर दीवारें खड़ी कर दी गईं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण था। उन्हें बार-बार अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया।”

स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए।

भाजपा नहीं, लालू प्रसाद के एजेंडा पर ही काम कर रहे सुधाकर सिंह: सुशील कुमार मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह भाजपा नहीं, लालू प्रसाद के एजेंडे पर ही पूरी निष्ठा से काम करते हुए नीतीश कुमार पर दबाव बना रहे हैं।

  • तेजस्वी की ताजपोशी की तारीख बताएँ नीतीश,बयानों से दबाव बना रहा राजद
  • सुधाकर पर कार्रवाई के लिए तेजस्वी सक्षम, सिद्दीकी की सेहत बहाना

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश-लालू डील का मुख्य एजेंडा इसी साल तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाना है, जबकि नीतीश कुमार इससे मुकरते हुए राजकुमार की ताजपोशी को 2025 तक टालना चाहते हैं।

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उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह तीन महीने से मुख्यमंत्री की आलोचना कर रहे हैं, फिर भी राजद ने नोटिस जारी करने के अलावा उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?

श्री मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह पर कार्रवाई करने में स्वयं तेजस्वी यादव सक्षम हैं, लेकिन इसे टालने के लिए कभी लालू प्रसाद के सिंगापुर में होने और कभी अब्दुल बारी सिद्दिकी की सेहत का बहाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह राजद विधायकों की भावनाएँ व्यक्त करते हुए तेजस्वी को सीएम बनाने की तिथि घोषित कराना चाहते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी को गद्दी सौंपने की घोषणा तो की, लेकिन तारीख नहीं बतायी, इसीलिए सुधाकर सिंह के जरिये दबाव बनाया जा रहा है।

गोलवलकर की किताब में कहीं दलित विरोध नहीं, झूठ बोल रहे लालू प्रसाद: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि गोयबल्स के चेले लालू प्रसाद झूठ बोलने में वर्ल्ड चैम्पियन हैं, इसलिए वे बिना प्रमाण के कुछ भी बोल सकते हैं।

  • कहा, यदि उनके आरोप सही तो राज्यसभा से इस्तीफा दे दूँगा
  • पीएम मोदी के रहते कोई खत्म नहीं कर सकता आरक्षण
  • भाजपा ने दिया अतिपिछड़ा वर्ग का पहला प्रधानमंत्री, बाकी सभी उसके खिलाफ
  • मानस निंदा और मंदिर प्रवेश के जरिये दलित कार्ड खेल रहा राजद

    श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक और मनीषी विचारक माधव सदाशिव गोलवलकर की पुस्तक “बंच ऑफ थॉट्स” में दलितों और उनके काशी विश्वनाथ मंदिर प्रवेश के विरुद्ध कोई बात नहीं कही गई है। लालू प्रसाद ने विद्वेष फैलाकर हिंदू समाज को बाँटने के लिए झूठी बात कही।

    उन्होंने कहा कि अगर लालू प्रसाद अपना आरोप साबित कर दें, तो मैं राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र सौंप दूँगा।

    श्री मोदी ने कहा कि भाजपा ने पहली बार देश को अतिपिछड़ा समाज का सुयोग्य प्रधानमंत्री दिया, जबकि बाकी सभी दल उन्हें हटाना चाहते हैं।

    उन्होंने कहा कि नरेंद्र भाई मोदी के पीएम रहते कभी आरक्षण व्यवस्था समाप्त नहीं हो सकती। लालू प्रसाद इस मुद्दे पर भी 2015 से लगातार झूठ बोल रहे हैं।

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    उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने दलितों-पिछड़ों को आरक्षण दिये बिना बिहार में पंचायत चुनाव कराये। वे आज भी महिला आरक्षण और सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसद आरक्षण देने का विरोध कर रहे हैं।

    श्री मोदी ने कहा कि जनता लालू प्रसाद का आरक्षण-विरोधी चेहरा देख चुकी है, इसलिए 2019 के संसदीय चुनाव में राजद का सूपड़ा साफ हो गया था।

    उन्होंने कहा कि भाजपा को पिछड़ों का अपार समर्थन मिल रहा है और हमारे सबसे ज्यादा सांसद इसी वर्ग से हैं।

    श्री मोदी ने कहा कि आज मंडल और कमंडल , दोनों भाजपा के साथ हैं। इस व्यापक जनाधार से हताश राजद कभी अपने कोटे के मंत्री से श्रीरामचरित मानस की निंदा करा कर और कभी मंदिर प्रवेश का फर्जी मुद्दा उठाकर दलित कार्ड खेलने की कोशिश करता है। पूर्णिया रैली भी हताशा से उबरने की नाकाम कोशिश थी।

    सुरेंद्र यादव को मंत्री पद से बर्खास्त करें नीतीश, देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो : सुशील मोदी

    पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सेना और अग्निवीरों पर अमर्यादित बयान देने वाले मंत्री सुरेंद्र यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए।

    किसी को सेना और अग्निवीरों का अपमान करने की छूट नहीं

    श्री मोदी ने कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के सुरेंद्र यादव पर हत्या-अपहरण जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे व्यक्ति को अग्निवीरों का मनोबल तोड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।

    उन्होंने कहा कि अग्निवीर भर्ती योजना के प्रति देशभक्त युवाओं ने देश भर में जो उत्साह दिखाया, उससे विपक्ष की छाती फट रही है।

    SushilModi

    श्री मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगे और अग्निवीर योजना पर भ्रम फैलाकर बिहार में रेलवे की करोड़ो की सम्पत्ति नष्ट करायी, वे अब भी बाज नहीं आ रहे।

    उन्होंने कहा कि सुरेंद्र यादव ने कुढनी उपचुनाव में महागठबंधन की हार पर इस्तीफा दे देने की बात कही थी, लेकिन वे अपने बयान से मुकर गए।

    सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाइकोर्ट के सात जजों के GPF अकाउंट बंद होने के मामलें पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा

    पटना हाइकोर्ट के सात जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद होने के मामलें पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। इस मामलें पर चीफ जस्टिस डी बाई चन्द्रचूड़ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई के लिए आज की तिथि निर्धारित की थी।

    पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष ये मामला जब आया, तो उन्होंने पूछा कि मामला क्या है।जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद कर दिया गया है।

    कोर्ट ने जानना चाहा कि ये याचिका किसके द्वारा दायर की गई,तो याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने चीफ जस्टिस चन्द्रचूड को बताया गया था कि पटना हाइकोर्ट के सात जजों ने याचिका दायर की है।

    Supreme-High-Court

    पटना हाइकोर्ट के सात जजों ने जीपीएफ अकाउंट बंद होने के मामलें में याचिका दायर की है।इनके नाम जस्टिस शैलेन्द्र सिंह, जस्टिस अरुण कुमार झा, जस्टिस जीतेन्द्र कुमार, जस्टिस आलोक कुमार पाण्डेय, जस्टिस सुनील दत्त मिश्रा,जस्टिस चन्द्रप्रकाश सिंह और जस्टिस चन्द्रशेखर झा है।

    महागठबन्धन की पूर्णिया रैली मुस्लिम वोटों को एकजुट रखने की कवायद: सुशील मोदी

    पटना। राज्य के पूर्व उप-मुख्य मंत्री एवं राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने आज एक बयान में कहा कि कांग्रेस के 24-25 फरवरी से रायपुर में हो रहे खुला महाधिवेशन के दौरान ही बिहार में 25 फरवरी को महागठबन्धन ने पूर्णिया में रैली रख दी ताकि कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हो सके।

    श्री नीतीश कुमार कांग्रेस से बदला ले रहे हैं। श्री नीतीश कुमार को कांग्रेस ने भाव नहीं दिया और सोनियाजी से जब नीतीश -लालू मिलने गए तो उन्हें 5 मिनट में ही निपटा दिया। इससे नाराज जद-यू को कोई नेता ‘भारत जोड़ों यात्रा में शामिल नहीं हुआ। और अब पूर्णिया रैली को रायपुर अधिवेशन के दौरान रख बदला साधा जा रहा है।

    श्री मोदी ने कहा कि महागठ‌बन्धन की पूर्णिया रैली भाजपा नहीं बल्कि ओवैसी को जवाब देने के लिए बुलाई गई है। विधान सभा चुनाव में ओवैसी के कारण दर्जनो सीटों पर राजद को पराजय देखनी पड़ी और ओवैसी के 5 विधायक पूर्वांचल में जीत गए। कटिहार, पूर्णिया में जदयू की जीत भाजपा के कारण हुई।

    sushilModi

    उसमें नीतीश कुमार की कोई भूमिका नहीं है। पूर्वांचल की महागठबन्धन की रैली अपने मुस्लिम वोटों को एकजुट रखने की कवायद है।

    श्री मोदी ने कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद 7 दल मिलकर पूर्णिया रैली मे भीड़ नहीं जुटा पाएंगे जितनी भीड़ अकेले भाजपा ने जुटाई थी।

    पूर्णिया रैली में लालू प्रसाद डिजिटल शामिल होंगे इसका प्रचार किया जा रहा है। परन्तु लालू जब स्वस्थ थे तब भाजपा को 2014 और 2019 में पराजित नहीं कर पाए तो अब अस्वस्थ लालू भाजपा का क्या बिगाड लेंगे।

    पटना हाइकोर्ट के 7 जजों के GPF अकाउंट बंद होने के मामलें को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई 24 फरवरी, 2023 को होगा

    पटना हाइकोर्ट के सात जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद होने के मामलें को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 24 फरवरी,2023 को सुनवाई होना तय हुआ है। इस मामलें को चीफ जस्टिस डी बाई चन्द्रचूड़ के मामला जब आया, तो उन्होंने पूछा कि मामला क्या है। जजों के जीपीएफ अकाउंट बंद कर दिया गया है।

    कोर्ट ने जानना चाहा कि ये याचिका किसके द्वारा दायर की गई, तो याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने चीफ जस्टिस चन्द्रचूड को बताया कि पटना हाइकोर्ट के सात जजों ने याचिका दायर की है।

    Supreme-High-Court

    कोर्ट ने आश्चर्य जाहिर करते हुए इस मामलें की सुनवाई की सुनवाई 24फरवरी,2023 को निर्धारित की है।

    हिम्मत है तो नीतीश खुद नेतृत्व संबंधी बयान का खंडन करें: सुशील मोदी

    पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जब जदयू विधायक दल की बैठक में और तीन अन्य अवसरों पर सार्वजनिक रूप से तेजस्वी यादव को उत्तराधिकारी घोषित कर चुके हैं, तब इस मुद्दे पर ललन सिंह या किसी और के गोलमोल बयान का कोई मतलब नहीं।

    • ललन सिंह का गोलमोल बयान बेमतलब, विद्रोह दबाने की कोशिश
    • नीतीश पलट सकते हैं, लालू अपना एजेंडा लागू करने के लिए जदयू को तोड़ सकते हैं

    श्री मोदी ने कहा कि अगर हिम्मत है तो नीतीश कुमार 2025 में भी स्वयं महागठबंधन का नेतृत्व करते रहने और फिर सीएम बनने की घोषणा करें।

    SushilModi

    उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने एक बार भी तेजस्वी यादव को नेतृत्व सौंपने संबंधी अपने बयान का खंडन नहीं किया , लेकिन जब उपेंद्र कुशवाहा ने नई पार्टी का एलान कर दिया , तब विद्रोह पर पानी डालने वाले बयान दिये जा रहे हैं।

    श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार अपने बयान से पलट सकते हैं, लेकिन लालू प्रसाद उन्हें डील से पीछे नहीं हटने देंगे। वे जदयू को तोड़ कर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनवाने का सपना पूरा कर सकते हैं।

    देश को देवगौड़ा जैसी कमजोर सरकार देना चाहते हैं नीतीश कुमार: सुशील मोदी

    पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जनाधार विहीन नीतीश कुमार परस्पर-विरोधी ताकतों का कुनबा जोड़ कर देश को कमजोर सरकारों के दौर में लौटाना चाहते हैं, जबकि आज केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही दे सकते हैं चीन-पाकिस्तान को करारा जवाब देने वाली सरकार।

    • विपक्षी एकता सत्ता के प्यासे छोटे-बड़े दलों की मृग-मरीचिका मात्र
    • कमजोर कांग्रेस न एकता की धुरी बन सकती है, न राहुल का नेतृत्व सर्वमान्य
    • 1977 के अलावा कभी एक नहीं हुआ विपक्ष, वह भी जेपी की बदौलत
    • केवल पीएम मोदी ही दे सकते हैं चीन-पाक को जवाब देने वाली सरकार

    उन्होंने कहा कि देश अब देवगौड़ा और चंद्रशेखर के उस दौर में नहीं लौटना चाहता, जब रिजर्व बैंक को सोना गिरवी रखना पड़ा था।

    श्री मोदी ने कहा कि विपक्षी एकता केवल मृग-मरीचिका है। यह एक झूठे-नकरात्मक लक्ष्य के लिए सत्ता के प्यासे हिरणों की दौड़ के सिवा कुछ नहीं है।

    उन्होंने कहा कि विपक्ष दिल्ली में सरकार चाहता है, जिसे हर छोटी-बड़ी पार्टी ब्लैकमेल कर सके और जो सरकार जीएसटी या सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बड़े फैसले न कर सके।

    sushil modi vs nitish kumar

    श्री मोदी ने कहा कि 1977 को छोड़ कर कभी पूरा विपक्ष एकजुट नहीं हुआ और वह भी तब सम्भव हुआ, जब उसका नेतृत्व जेपी जैसे महान राजनेता के हाथ में था। आज विपक्ष का हर नेता खुद को पीएम-इन-वेटिंग मानता है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीतीश कुमार को पूछती नहीं। वे सीधे राहुल गांधी या खड़गे से बात करने के बजाय सलमान खुर्शीद जैसे व्यक्ति के जरिये संदेश दे रहे हैं, जिसकी कांग्रेस में कोई हैसियत नहीं।

    श्री मोदी ने कहा कि महज तीन राज्यों तक सिमटी कांग्रेस काफी कमजोर हो चुकी है। वह न विपक्षी एकता की धुरी बन सकती है, न कोई राहुल गांधी का नेतृव स्वीकार करेगा।

    उन्होंने कहा कि केरल में एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ने वाली कांग्रेस और माकपा एकसाथ नहीं आ सकते। पंजाब-दिल्ली- हरियाणा में कांग्रेस और केजरीवाल साथ नहीं आ सके। ममता बनर्जी और केसीआर में कोई किसी को नेता नहीं मानता।

    श्री मोदी ने कहा कि केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा ही ऐसी मजबूत सरकार दे सकती है, जो सबका विकास करते वाली अर्थव्यवथा की तेजी बरकरार रख सके।

    सुधाकर के जरिये नीतीश पर कुर्सी छोड़ने का दबाव बना रहे लालू: सुशील मोदी

    पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह और प्रोसेसर चंद्रशेखर के जरिये नीतीश कुमार पर कुर्सी छोडने का दबाव बनाया जा रहा है, इसलिए इनके आपत्तिजनक बयानों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।

    • बयानबाजी के बावजूद सुधाकर, चंद्रशेखर पर कार्रवाई नहीं
    • नीतीश अब केयर टेकर सीएम, फैसले लेने की ताकत नहीं रही

    श्री मोदी ने कहा कि तीन महीने से सुधाकर सिंह की बयानबाजी जारी है, लेकिन उन्हें सिर्फ नोटिस दिया गया। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए तेजस्वी यादव अधिकृत हैं। इसमें लालू प्रसाद की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद नीतीश कुमार सिर्फ केयर टेकर मुख्यमंत्री रह गए हैं। वे राजद की कृपा पर इतने निर्भर हैं कि कोई फैसला नहीं कर सकते।

    SushilModi

    श्री मोदी ने कहा कि कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है, लेकिन नीतीश कुमार अब इसे भी तेजस्वी यादव के लिए छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने न अपना दुराग्रही बयान वापस लिया, न मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर पाये।

    श्री मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार की निंदा में जिन शब्दों का प्रयोग किया, वैसे शब्द विपक्ष भी इस्तेमाल नहीं करता।

    JDU अब इमरजेंसी और प्रेस सेंसरशिप थोपने वाली कांग्रेस के साथ: सुशील मोदी

    पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश पर आपातकाल थोपा, सेंसरशिप लागू किया और सैंकड़ों पत्रकारों को जेल में डाल दिया, उसकी गोद में बैठकर जदयू BBC के बहाने प्रेस की आजादी पर छाती पीट रहा है।

    • BBC की निष्पक्षता 40 साल पहले जैसी नहीं
    • आयकर सर्वे से प्रधानमंत्री पर बनी डॉक्युमेंटरी का कोई संबंध नहीं
    • BBC की कंपनी चीनी एजेंसियों के लिए बनाती प्रोपगंडा कंटेंट

    श्री मोदी ने कहा कि आज बीबीसी की निष्पक्षता 40 साल पहले जैसी नहीं रही, जिसकी प्रशंसा जेपी आंदोलन के दौर में अनेक राजनेता कर चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि यद्यपि इस सदी की शुरुआत से ही बीबीसी भारत-विरोधी रवैया अपना रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी पर उसकी विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री और उसके कार्यालयों पर आयकर टीम के सर्वे के बीच कोई संबंध नहीं है।

    उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को गुजरात दंगों से जुडे सभी मामलों में क्लीनचिट मिलने के बाद भी उनकी छवि खराब करने के लिए फिल्म बनाना कोई निष्पक्षता नहीं।

    श्री मोदी ने कहा कि बीबीसी ने जब आयकर के दर्जनों नोटिस का जवाब नहीं दिया, तब अफसरों की टीम सर्वे करने गई। इसे छापा (रेड) या सर्च नहीं कहा जा सकता।

    उन्होंने कहा कि आज बीबीसी अपनी स्टोरी वर्क जैसी एजेंसी के जरिये प्रचार सामग्री तैयार कर चीन सहित कई देशों में लाभ कमा रही है। स्वयं बीबीसी के पत्रकार इसके विरुद्ध आवाज उठा चुके हैं।

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    श्री मोदी ने कहा कि आज BBC भारत-विरोधी चीन का प्रोपेगंडा टूल बन गया है, इसलिए पूरा टुकड़े-टुकड़े गैंग कोर्ट से कैम्पस तक बीबीसी-प्रेमी बन गया है।


    बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सभी फर्जी शिक्षकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए

    पटना । बिहार सरकार ने फर्जी शिक्षक मामले में बड़ी कार्रवाई की है, सभी नकली टीचर को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया है । हर जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर आदेश दिया गया है कि जिन-जिन नियोजित शिक्षकों पर FIR दर्ज है उन पर त्वरित कार्रवाई की जाए।

    बिहार पुलिस के DG ने बताया कि इस महीने के अंत तक बैठक का आयोजन होने वाला है जिसमें इस विषय पर चर्चा विमर्श किया जाएगा । कुल मिलाकर इतना कहा जा सकता है कि ऐसा कोई जिला नहीं है जहां फर्जी शिक्षकों की पहचान ना की गई हो।

    निगरानी ब्यूरो इस मामले की जांच 2015-16 से ही कर रहा है। इससे पहले भी कुछ फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी जिलास्तर पर ही है। वहां से मुख्यालय को इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

    निगरानी ब्यूरो की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक:

    • सबसे ज्यादा गया जिला में 71 एफआईआर दर्ज की गयी है, जिसमें 218 आरोपी हैं
    • सारण में 42 एफआईआर और 170 आरोपी
    • मुंगेर में 44 एफआईआर में 142 आरोपी
    • जहानाबाद में 46 एफआईआर और 124 आरोपी
    • बेगूसराय में 46 में 136 आरोपी
    • भागलपुर में 17 में 113 आरोपी
    • सुपौल में 12 में 104 आरोपी
    • बांका में 39 में 101 आरोपी
    • अरवल में 43 में 87 आरोपी
    • नालंदा में 79 में 81
    • समस्तीपुर में 33 में 89 आरोपी
    • जमुई में 54 में 81 आरोपी
    • पटना में 36 में 67 आरोपी
    • पूर्णिया में 69 में 70
    • रोहतास में 36 में 74 आरोपी
    • खगड़िया में 31 में 72 आरोपी और
    • गोपालगंज में 59 एफआईआर में 76 आरोपी बनाए गये हैं।

    JDU नेता गुलाम रसूल बलियावी के पहले ‘हर शहर को कर्बला में बदल देंगे’ और अब ‘सेना में मुस्लिमों के 30% आरक्षण’ जैसे बयानों के लिए उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए: सुशील मोदी

    पटना। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने एक बयान में जदयू नेता गुलाम रसूल बलियावी के पहले ‘हर शहर को कर्बला में बदल देंगे’ और अब सेना में मुस्लिमों के 30% आरक्षण जैसे बयानों के लिए उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

    • बलियावी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो
    • बलियावी को पार्टी से निष्कासित करें
    • जदयू को सेना के शौर्यपर भरोसा नहीं

    उन्होंने आरोप लगाया कि श्री नीतीश कुमार समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तथा अल्पसंख्यकों का वोट लेने के लिए बलियावी से ऐसे बयान दिलवा रहे हैं। जदयू में हिम्मत है तो बलियावी जैसे नेताओं को पार्टी के बाहर का रास्ता दिखला देना चाहिए।

    sushil-modi

    श्री मोदी ने कहा कि इन्हें सेना के शौर्य पर भरोसा नहीं है। इन्हें पुलवामा की चौथी वर्षगांठ पर सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत की आवश्यकता है।

    भारतीय सेना में धर्म के आधार पर नियुक्ति नहीं होती है। सेना ने हमेशा पाक सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। परंतु इन्हें सेना पर भरोसा नहीं है। ये सेना का भी सांप्रदायिककरण चाहते हैं।

    श्री मोदी ने अविलंब बलियावी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर पार्टी से निकालने की मांग की है।