झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति का मामला जोरदार तरीके से उठा। विधायकों ने सरकार से छात्रवृत्ति भुगतान में देरी का जवाब मांगा, जिस पर कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि केंद्रांश की राशि केंद्र सरकार से प्राप्त नहीं होने के कारण राज्यांश जारी नहीं किया जा सका है। उन्होंने स्वीकार किया कि इसी प्रक्रिया के कारण भुगतान में देरी हुई है और सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही है।
इस दौरान, जमीन के अवैध हस्तांतरण, मुआवजा, और उद्योग से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि अवैध हस्तांतरण से आदिवासी समुदाय का अनुपात घट रहा है, जबकि मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है और गलत हस्तांतरण पर जमीन वापसी भी की जाती है।
इसके अलावा, विकास, शिक्षा, और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने कई मामलों में जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसमें कोडरमा में आयरन फैक्ट्री पर प्रदूषण की शिकायत, हुसैनाबाद-तिसरा सड़क के लिए डीपीआर, और भवनाथपुर में सीसीएल क्वार्टरों का बिजली-पानी कनेक्शन शामिल है।