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हाईकोर्ट के जज जस्टिस राजेन्द्र कुमार मिश्रा के सेवा काल का कल होगा आखरी दिन

पटना हाईकोर्ट के जज जस्टिस राजेंद्र कुमार मिश्रा सेवानिवृत हो रहे हैं।इनके सेवानिवृत होने पर पटना हाईकोर्ट में विदाई समारोह आयोजित किया गया।इस अवसर पर चीफ जस्टिस व अन्य जज उपस्थित रहे।

इनके सेवानिवृत होने की बाद पटना हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल जजों की अठारह रह जाएगी।पटना हाईकोर्ट में जजों के स्वीकृत पदों की संख्या 53 है,लेकिन अब तक इस संख्या तक जजों के पद नहीं भरे जा सके है।

बिहार के जनसंख्या के अनुपात में जजों की वर्तमान जजों की स्वीकृत संख्या 53 की जगह कम से कम 75 जज होने चाहिए थे,परंतु अभी वर्तमान स्वीकृत जजों की संख्या के एक तिहाई जज ही कार्यरत हैं।

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने अभी हाल में पटना हाईकोर्ट के जज जस्टिस ए अमानुल्लाह को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की अनुशंसा की हैं।दूसरी ओर दूसरे हाईकोर्ट से चार जजों के पटना हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की भी अनुशंसा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कर दी है।

इनमें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस राजन गुप्ता,कर्नाटक हाईकोर्ट से जस्टिस पी बी बजनथ्री,राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और केरल हाईकोर्ट से जस्टिस ए एम बदर के नाम शामिल हैं।

इनके अतिरिक्त पटना हाईकोर्ट के वकील कोटा से 6 वकीलों के नाम और बिहार न्यायिक सेवा से दो लोगों के नाम जज की बहाली के सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम अनुशंसित किया है।

वकील कोटा से पटना हाईकोर्ट के जज नियुक्त करने के लिए जिनकी अनुशंसा की गई है,उनके नाम खातीम रजा, संदीप कुमार,अंशुमान पांडे,पूर्णेंदु कुमार सिंह,सत्यव्रत वर्मा और राजेश कुमार वर्मा है।न्यायिक सेवा से पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल नवनीत कुमार पांडे और सुनील कुमार पंवार के नाम की अनुशंसा की गई है।

अगर ये सभी जज के रूप में अपना योगदान दे देते हैं, तो जजों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ेगी,लेकिन फिर भी जजों के स्वीकृत पदों की संख्या के लगभग आधे पद रिक्त पड़े रहेंगे।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जम्मू और कश्मीर विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है – नित्यानन्द राय

माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जम्मू और कश्मीर विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है – नित्यानन्द राय

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानन्द राय तीन दिवसीय दौरा पर 29 सितंबर को जम्मू और कश्मीर पहुँचे । कुपवाड़ा जिले में में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री राय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू और कश्मीर विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है ।

श्री राय ने कहा कि
कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास का काम भी गतिशील है। कुपवाड़ा जिले के खहिपोरा जाचलदरा में गृह राज्यमंत्री श्री राय ने मॉडल एग्रीकल्चर फार्म का शिलान्यास किया एवं फार्म में मटर के बीज बोए ।

इस क्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री राय DDC/BDC/PRI प्रतिनिधिमंडल, पहाड़ी स्पीकिंग लोगों के एडवाइजरी बोर्ड के प्रतिनिधियों, स्वंय सहायता समूह के इंजीनियर्स से मुलाकात की एवं सभी से सरकार द्वारा चलाये जा रहे विकास की नई पहलों का लाभ उठाने को कहा ।

इस अवसर पर मंत्री श्री राय कुपवाड़ा के सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पार्टी कार्यसमिति के कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात किये एवं विभिन्न विषयों पर उनसे बातचीत की ।

पटना में कोरोना की फर्जी जांच में लगे एक बड़े रेकेट का हुआ खुलासा एक दर्जन से अधिक डायग्रोस्टिक सेंटर जांच के दायरे

ये बिहार है भाई यहां सब कुछ चलता है नया मामला कोरोना टेस्ट के फर्जी रिपोर्ट से जुड़ा हुआ है यह खुलासा तब हुआ जब पटना एयरपोर्ट पर एक ही लैब से रोजाना कोरोना से जुड़ी रिपोर्ट आने लगा जांच हुई तो पता चला सारे रिपोर्ट फर्जी तरीके से बनाया जा रहा है।

राजा बाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक को लेकर यह सूचना मिली कि मात्र 1200 रुपया लेकर कोरोना पॉजिटिव को निगेटिव की RT-PCR रिपोर्ट बनाकर देती थी। यह लैब संक्रमित लोगों को भी कोरोना की निगेटिव RT-PCR जांच रिपोर्ट देता था, जिसे दिखाकर लोगों ने हवाई यात्रा भी की।

पटना की एयरलाइंस कंपनियों ने बड़े पैमाने पर चल रहे इस खेल को पकड़ा और फिर निदेशक को सूचना दी। उन्ही के सूचना के आधार पर कल देर शाम शास्त्रीनगर थाने कि पुलिस ने छापा मारा जिस दौरान फर्जीवाड़े से जुड़े कई साक्ष्य बरामद हुए है ।पुलिस लैब के कर्मचारी और मालिक पर FIR दर्ज किया है।

राजा बाजार के प्लाज्मा डायग्नोस्टिक में खेल
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राजा बाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक में फर्जी जांच रिपोर्ट का बड़ा खेल चल रहा था और इसका नेटवर्क एयरपोर्ट से लेकर कई इलाकों में फैला था। पटना एयरपोर्ट पर एयरलाइंस कंपनियों ने इस खेल को पकड़ा और गोपनीय तरीके से इसकी लिखित जानकारी एयरपोर्ट डायरेक्टर को दी।

डायरेक्टर ने डीएम को पत्र लिखकर कोरोना फैलाने के इस खतरे को तत्काल बंद कराने की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच टीम का गठन किया था जिसमें खुलासा हुआ।

ऐसे हुआ खुलासा
डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने पटना एयरपोर्ट पर फर्जी RTPCR परीक्षण रिपोर्ट रैकेट की जांच के लिए टीम का गठन किया था। इसमें नगर दंडाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष, नयाचार पदाधिकारी पटना, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीएचएस, डॉ प्रशांत और थानाध्यक्ष पटना एयरपोर्ट को लगाया गया था।

विभिन्न सूत्रों से जानकारी के आधार पर जांच टीम ने राजाबाजार के प्लाज्मा डायग्नोस्टिक में छापेमारी कराई। जांच में पाया गया कि फर्जी जांच रिपोर्ट की जड़ प्लाज्मा डायग्नोस्टिक से जुड़ी है।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था लैब, जांच में पाया गया कि प्लाज्मा डायग्नोस्टिक क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत नहीं है। डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच में चार लैब का रिपोर्ट एवं पैसे का रसीद पाया गया।

यह पुष्टि हुई कि सेंटर द्वारा अवैध टेस्ट किए जाते थे तथा फर्जी रिपोर्ट जारी किया जाता था। साथ ही कोरोना के मानक का पालन नहीं किया जाता था। जांच में चार विभिन्न लैब का रिपोर्ट एवं पैसे का रसीद बरामद किया गया।
सवालों के घेरे में कई लैब, छापेमारी में पटना के चार लैब सवालों के घेरे में हैं।

इसमें सरल पैथ लैब, जेनरल डायग्नोस्टिक इंटरनेशनल, हिंद लैब्स डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं। छापेमारी के बाद अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अविनाश कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर शास्त्री नगर थाने में प्लाज्मा डायग्नोस्टिक पिलर नंबर 83 के सामने राजा बाजार पटना के संबंधित मालिक और कर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

गंगा नदी के कारण विस्थापित महादलित परिवारों के पुनर्वास को लेकर हाईकोर्ट ने दिया आदेश

पटना हाईकोर्ट ने पटना के पानापुर दियारा की ज़मीन गंगा के बढ़े जलस्तर कारण बेघर हुए महादलित परिवारों का जल्द पुनर्वास कराने का राज्य सरकार को प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया । रंजीत राम की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते से हुए आपदा प्रबंधन के विशेष सचिव व पटना के जिलाधिकारी को संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया।

गंगा नदी के बाढ़ से विस्थापित हुए 159 महादलित परिवारों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें प्रति परिवार चार डिसमल भूमि पुनर्वास हेतु मुहैय्या कराने का निर्देश दिया है ।

याचिकाकर्ता के वकील डॉ रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया कि प्राकृतिक आपदा से विस्थापित या बेघर हुए महादलितों के पुनर्वास हेतु राज्य सरकार खुद की बनाई नीति पर अमल नही कर रही है । राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वास्त किया गया कि इस मामले पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार विधानसभा उपचुनाव में कुशेश्वरस्थान से कांग्रेस की ओर से अशोक राम का लड़ना तय

बिहार विधानसभा उपचुनाव में कुशेश्वरस्थान से कांग्रेस पार्टी का चुनाव लड़ना तय हो गया है हलाकि पार्टी की ओर से अशोक राम का टिकट तय माना जा रहा है फिर भी कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी प्रत्याशी के चयन के लिए कांग्रेस(Congress) ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

कमेटी से चयनित उम्मीदवार के नामों की सूची दो अक्टूबर तक मांगी गई है। कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्तचरण दास ने इस विधानसभा क्षेत्र की अद्यतन स्थिति की जानकारी देने और उम्मीदवारों के चयन के लिए जो कमेटी बनाई है उसमें आनंद माधव, कपिल देव प्रसाद यादव, कैसर खान, आइपी गुप्ता और अजय पासवान को शामिल किया है।पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष समीर कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कमेटी को अगले दो दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौपनी होगी।

2020 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इस सीट से डा. अशोक कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था। यहां से जदयू ने शशिभूषण हजारी को सिंबल दिया था।

शशिभूषण हजारी ने मुकाबले में उतरे कांग्रेस उम्मीदवार डा. अशोक कुमार को 7222 वोट से पराजित किया। शशिभूषण का इस वर्ष जुलाई महीने में निधन हो गया। जिसके बाद से कुशेश्वरस्थान की यह सीट खाली है।

देश में बिहार महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य अश्लील हड़कत में बिहार एक नम्बर पर।

बिहार में महिला सशक्तिकरण को लेकर भले ही बड़ी बड़ी बाते हो रही है लेकिन एनसीआरबी का आकड़ा कह रहा है कि महिलाये देश में सबसे अधिक असुरक्षित बिहार में है । वर्ष 2020 की एनसीआरबी (National Crime Record Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार बिहार अश्‍लीलता संबंधी अपराध में देश में नंबर वन पर है।

वहीं दहेज प्रताड़ना और जबरन शादी के मामले भी बढ़े हैं। साथ ही छोटी उम्र की बच्चियों के साथ हिंसा के मामले में भी इजाफा हुआ है।

अश्‍लीलता संबंधी अपराध में एक वर्ष में दौरान पूरे देश में 553 मामले दर्ज हुआ जिनमें केवल बिहार में 106 घटनाएं हुईं। जबकि, 83 मामलों के साथ केरल दूसरे नंबर पर रहा। तीसरे स्थान पर बिहार का ही पड़ोसी राज्‍य झारखंड रहा, जहां 71 मामले दर्ज हुए।

चौथे नंबर पर कनार्टक और तमिलनाडु रहा। वहां क्रमश: 54 और 53 मामने दर्ज किए गए।हलाकि इस तरह के मामलो में महिलाएं या लड़कियां अभी भी शिकायत करने से बचती है लेकिन जिस तरीके के आकड़े सामने आये हैं वो चौकाने वाला है ।

महिलाओं के प्रति हिंसा के आंकड़े, एक नजर
व‍र्ष 2018 2019 2020
कुल 16920 185687 15359
वर्ष 2020 में महिलाओं के साथ हुए अपराध
दुष्कर्म के बाद हत्या : 03
दहेज के लिए हत्या : 1046
आत्महत्या का प्रयास : 21
एसिड अटैक : 01
पति से प्रताड़‍ित : 1935
अपहरण : 6671
शादी के लिए अपहरण : 5308
अपहरण के बाद हत्या : 11
जबरन शादी : 2688
मानव तस्करी : 24
दुष्कर्म : 806
दहेज हत्या : 24
पति से प्रताड़ना : 101
महिलाओं का अपहरण : 187
18 साल की कम उम्र की लड़की का अपहरण : 61
18 साल से अधिक लड़की से दुष्कर्म का प्रयास : 8
दहेज प्रताड़ना : 105
यौन उत्पीड़न : 3

परीक्षा में केवल कड़ाई ही या सरकारी स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई भी अभयानंद

परीक्षा में केवल कड़ाई ही या सरकारी स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई भी —अभयानंद
वर्ष 1989 की बात है। मैं नालंदा का पुलिस अधीक्षक हुआ करता था। बोर्ड की परीक्षा होने वाली थी। जिले के जिला पदाधिकारी बहुत ही गंभीर और संजीदा व्यक्ति हुआ करते थे। उन्होंने मेरे समक्ष प्रस्ताव रखा कि इस वर्ष परीक्षा में नकल नहीं होने देना है। चूंकि नीयत नेक थी इसलिए मैंने पुलिस विभाग की पूरी शक्ति को इस दिशा में लगा देने का आश्वासन दे डाला।
उस वर्ष परीक्षाओं में नकल बिलकुल नहीं हुई। चारों ओर प्रशंसा हुई।

कॉलेजों में नामांकरण हुआ। एक दिन, हम दोनों पदाधिकारी कार्यालय में एक साथ बैठ कर मंथन कर रहे थे। अचानक विद्यार्थियों का एक बड़ा समूह सामने आ गया। शांत भाव से उन्होंने प्रश्न किया, “केवल कड़ाई ही या पढ़ाई भी?” प्रश्न वाजिब था। हम दोनों ने कार्यवाई करने का आश्वासन दिया और बच्चे चले गए।

हमने निर्णय लिया कि हम स्वयं कॉलेज में जा कर देखेंगे। अगले ही दिन हम जिला मुख्यालय के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पहुँचे, बिना किसी पूर्व सूचना के। फ़िज़िक्स के प्रैक्टिकल का क्लास था। हम सीधे प्रयोगशाला में पहुँचे। सभी विद्यार्थी आए हुए थे। वर्नियर कैलिपर से लम्बाई निकालने की क्लास थी। सब उपलब्ध थे केवल शिक्षक नहीं थे।

सूचना मिलते ही, प्रधानाचार्य आ गए। उन्होंने बताया कि शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित हैं। तब तक पुलिस इंस्पेक्टर साहब को भी सूचना मिल गई थी। वे भी थाने की जीप पर सवार होकर कॉलेज आ गए थे। इंस्पेक्टर साहब से मैंने अनुरोध किया कि वे शिक्षक मोहदय के आवास पर जा कर उनको स्मरण कराएँ कि बच्चे आ गए हैं और उनका इंतज़ार कर रहे हैं।

उतनी देर में, हम दोनों पदाधिकारियों ने बच्चों की वर्नियर कैलिपर की क्लास लेनी शुरू कर दी। मनोरम दृश्य था। पूरा कॉलेज इस दृश्य को रुचि से देख रहा था। आधे घंटे के बाद पुलिस जीप पर शिक्षक महोदय पधारे। हम दोनों ने उनका दायित्व उनको सौंपा और अपना दायित्व निभाने निकल पड़े।

चलते समय शिक्षक महोदय ने धीरे से मेरे बगल में आ कर कहा कि आपको पुलिस की गाड़ी घर पर नहीं भेजनी चाहिए थी, बेइज़्ज़ती हुई है। मैंने मात्र मुस्करा कर प्रणाम करते हुए अलविदा कहा।
पढ़ाई की स्थिति में गिरावट उसके 30 वर्षों के बाद आज कहाँ तक पहुँच चुकी है, इसका अंदाजा अब मैं लगाने में सक्षम नहीं हूँ।

बिहार में चाचा भतीजा फिर आमने समाने चिट्ठी को लेकर मचा बबेला

बिहार में चाचा और भतीजा के बीच जारी सियासी दाव पेंच थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।कल राष्ट्रपति के बिहार आगमन को लेकर चल रहे तैयारी का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब मीडिया ने किसान समस्या ,बिहार में जातिगत जनगणना (Caste Census) और विशेष राज्य के दर्जे को लेकर तेजस्वी के चिट्ठी लिखे जाने पर सवाल किया तो सीएम नीतीश कुमार मुस्‍कुराते हुए कहा था कि वे मुझे पत्र लिखते ही कहां हैं? उनकी चिट्ठी तो मीडिया में आती है सीएम ने कहा था कि ऐसे कहीं लिख कर भेज देने पर हम कैसे पढ़ेंगे।

सीएम नीतीश कुमार की इस टिप्पणी के बाद आज तेजस्वी ने ट्टीट करके चिट्ठी का प्रूफ दिखाते हुए कहा कि चाचा जी का हाल ये हो गया है कि सचिवालय भी उनको सूचना देना मुनासिब नहीं समझते हैं

बुधवार को तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दो पन्नों का पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने बिहार के किसानों की समस्या का जिक्र किया और लिखा था कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं का स्थायी हल निलाकने की मांग करें। तेजस्वी के ट्टीट से एक बार फिर बिहार की राजनीति आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है ।

और जेडीयू के नेता निखिल मंडल (Nikhil Mandal) ने ट्वीट कर गुरुवार को कहा कि तेजस्वी यादव को अनुरोध की जरूरत नहीं है, बाढ़ से निजात कैसे पाया जाए इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार काम कर रहे हैं. वैसे कुछ सवाल हैं, बाढ़ घोटाला में आपके परिवार के कितने सदस्य थे? बाढ़ आई मछली लाई किसने कहा था? गंगा मैया आपके द्वार आईं जिसने कहा था, क्या वो सही थे? जवाब है तो दीजिए?

विशेष राज्य पर कोई समझौता नहीं — नीतीश कुमार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बिहार दौरे की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार के लिए विशेष राज्य की मांग जारी रहेगी । मंत्री के बयान के बारे में उन्होंने कहा कि वो अलग तरीके से कहा गया बयान है कि इतने दिनों से मांग नहीं मानी गई है इसलिए अब विशेष राहत की मांग करेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कूमार ने कहा कि बिहार के लिए विशेष दर्जे की मांग हमलोग शुरू से करते आ रहे हैं और ये जारी रहेगा । सीएम ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो विशेष दर्जा के लिए कमिटी भी बनी थी. लेकिन उसपर कुछ नहीं हुआ । अब इस मामले पर केंद्र को निर्णय लेना है । मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी मानते हैं कि राज्य का विकास होना चाहिए इसलिए शुरू से हम सबकी यह मांग रही है ।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातिगत जनगणना पर भी अपनी बात कही । उन्होंने कहा कि दिल्ली में हम सबने बात की है । मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया. हम सभी दल आपस में बैठकर बात करेंगे । राज्य के लिए कुछ करना है तो सभी बैठकर बात करेंगे और आपसी सहमति से इसपर आगे बढ़ा जाएगा।

नीतीश कुमार के इस बयान के बाद एक बार फिर बिहार की सियासत गरमाने लगी है ।

दूसरे चरण का चुनाव छिटपुट हिंसा के बीच सम्पन्न

बिहार पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में अपराधियों और उपद्रवियों पर मतदाता का जोश भारी पड़ा छिटपुट हिंसा के बीच चुनाव आज 34 जिलों के 48 प्रखंडों में वोटिंग हुई जिसमें 55 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
मुंगेर जिले के टेटियाबम्बर के टेटिया पंचायत में दो पक्षों के बीच पथराव हुआ है। इसके बाद कई राउंड फायरिंग हुई है। गोलीबारी में 7 लोग जख्मी हैं। एक की हालत गंभीर है। वहीं, इस मामले में 2 महिला समेत 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इधर, पटना के पालीगंज में गोलीबारी हुई है।

पटना के पालीगंज में मतदान के अंतिम क्षण में बूथ संख्या 306 एवं 307 पर कुछ असामाजिक ने गोलीबारी की है। गोलीबारी से वहां अफरातफरी का माहौल बन गया और मतदान के लिए आए लोगों में भगदड़ मच गई । ​​​​​​​इधर, भोजपुर जिले के तिलाठ बूथ संख्या 112,114 पर दो मुखिया प्रत्याशी के समर्थक आपस में एक बार फिर भिड़ गए हैं। दोनों तरफ के समर्थकों के बीच मारपीट के बाद फायरिंग भी की गई है। मारपीट में एक का सिर भी फट गया है। बुधवार की सुबह भी दोनों प्रत्याशी के समर्थक भिड़ गए थे। पीरो प्रखंड के तिलाठ पंचायत का है मामला।

एक नजर चुनाव के दौरान क्या खास रहा

  • समस्तीपुर में बूथ पर पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार। चार जिंदा कारतूस भी बरामद।
  • गया के टिकारी में दो जगहों पर मुखिया प्रत्याशियों के बीच झड़प।
  • पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड में मतदान केंद्र पर पल्स पोलियो और कोविड-19 टीकाकरण भी।
  • भोजपुर की बूथ संख्या 112, 114 पर दो मुखिया प्रत्याशी समर्थकों के बीच मारपीट के बाद फायरिंग।
  • भोजपुर के लहठान पंचायत के पिटरों गांव में बूथ संख्या 170 पर मतदाता की हार्ट अटैक से मौत।
  • भोजपुर के लहठान पंचायत में बूथ संख्या 170 पर जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे महिला मतदाता।
  • बेतिया के चनपटिया प्रखंड के उतरी घोघा पंचायत की बूथ संख्या 146 पर दो प्रत्याशियों में झड़प।
  • मोतिहारी के फेनहारा की बूथ संख्या 48 पर ASI ने बोगस वोटिंग से रोका तो दबंगों ने पीटा।
  • नालंदा के प्यारेपुर पंचायत के दुर्गापुर गांव में निवर्तमान मुखिया राकेश कुमार के घर छापेमारी। हिरासत में लिए गए।
  • मुजफ्फरपुर के सरैया पंचायत में फारयिंग का मामला सामने आया है। SDPO समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे।
  • भोजपुर के छछूडिह गांव में बूथ संख्या -158 के पीठासीन पदाधिकारी को पुलिस ने हिरासत में लिया।
  • मुजफ्फरपुर में बूथ संख्या 325 पर बवाल, सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को खदेड़ा।
  • भोजपुर के राजकीय मध्य विद्यालय तिलाठ बूथ संख्या 112,114 पर मतदान से पहले जमकर हंगामा।

कन्हैया का सीपीआई छोड़ना वामपंथ के लिए बड़ा नुकसान है।

बेगूसराय से किसी मित्र ने यह तस्वीर भेजी है गौर से देखिए कौन है, जी है ये कन्हैया है । सीपीआई के महासचिव एबी बर्धन कन्हैया को जोरदार भाषण देने के लिए पुरस्कृत कर रहे हैं। मतलब कन्हैया का सफर कहां से शुरु हुआ था और कहां पहुंच गया वामपंथ विचार से जुड़े लोगों को इस पर विचार करना चाहिए।

23 वर्षो के पत्रकारिता जीवन में बात राजनीतिक दलों के नेताओं से रिश्तों की करे तो बीजेपी और वामपंथी पार्टियों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं से मेरा बेहद करीबी रिश्ता रहा है। हलाकि मोदी के आने के बाद बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता दोनों के चाल चरित्र और चेहरा में बड़ा बदलाव आ गया है।

मेरा मानना है कि विपक्ष में रहने के दौरान जितना सरल और सहज बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता होते हैं वो सहजता सत्ता में आने के साथ ही रातो रात गुम हो जाती है।

वही वामपंथी आलोचना कभी बर्दास्त नहीं करता है वो हमेशा आक्रमक रहता है, पढ़ाई लिखाई की बात करे तो वामपंथी पढ़ाई लिखाई से लगाव रखता है लेकिन बदलवा में विश्ववास नहीं है।

जो कार्ल मार्क्स जो कह गये वही सत्य है कन्हैया का जाना उसी बदलाव का एक हिस्सा है जिसको वामपंथी स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि कार्ल मार्क्स के आगे भी दुनिया है ।

-पत्रकार संतोष सिंह के वाल से

पटना के मछुआटोली कूड़ा डपिंग यार्ड को हटाने को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर।

पटना हाई कोर्ट ने पटना के मछुआटोली स्थित घनी आबादी वाले क्षेत्र में कूड़ा (गारबेज ट्रांसफर सेंटर व गारबेज प्रोसेसिंग) नष्ट के कार्यों को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा पटना नगर निगम से जवाबतलब किया। हलफनामा दाखिल करने को कहा है। यह जनहित याचिका मोहन प्रसाद व अन्य द्वारा दायर की गई।

इस जनहित याचिका में स्थानीय लोगों के असुविधाओं व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मद्देनजर क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। ये जनहित याचिका दायर करने वाले मछुआटोली क्षेत्र के निवासी है।
इस याचिका में कहा गया है कि उक्त जमीन पर मिडिल स्कूल चल रहा था। शेष बचे जगह पर स्थानीय लोग उस खुले जगह का इस्तेमाल घूमने टहलने के लिए करते थे।

वहाँ बांकीपुर अंचल मयूनिसिपल ऑफिस भी था, जिसे बाद में कही और स्थानांतरित कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने इस स्थान को चिल्ड्रेन पार्क के तौर पर विकसित करने का आग्रह संबंधित अधिकारियों से किया।

अंततः अधिकारियों ने उक्त जमीन पर मॉल बनाने का निर्णय लिया। निर्माण भी शुरू हुआ, लेकिन पूरा नहीं किया जा सका। जिसके परिणामस्वरूप आसामाजिक तत्वों का उक्त स्थान पर प्रवेश हुआ।

इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से मॉल का निर्माण करने का अनुरोध किया, ताकि क्षेत्र साफ सुथरा रह सके। लेकिन, कुछ भी नही हो सका और अभी उस स्थान पर कूड़ा केंद्र और व्यवसाय के लिए खाद उत्पादन यूनिट की स्थापना कर दी गई है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजित कुमार ने बताया कि इस प्रकार का कार्य मयूनिसिपल लॉ, पर्यावरण लॉ व जनसंख्या से जुड़े कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। इतना ही नहीं भारत के संविधान में वर्णित शालीनता के साथ रहने के अधिकार का भी उल्लंघन है। इस मामले पर आगे सुनवाई की जाएगी।

छिटपुट हिस्सा को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण, 15 से अधिक उपद्रवी गिरफ्तार

पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में आज सुबह से ही हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट की खबरे आ रही है वही EVM में खराबी बायोमेट्रिक सिस्टम फेल होने से कई जगहों पर मतदान कार्यप्रभावित हुआ है। फिर मतदाता घर से बाहर निकल रहा है आज भी महिला वोटर पुरुष की तुलना में ज्यादा वोटिंग कर रही है दोपहर 1 बजे तक 35 से 40 प्रतिशत वोटिंग हुई है।

1–छिटपुट हिंसा और मतदान केन्द्रों पर कुव्यवस्था के लिए याद किया जायेंगा यह चरण
आज बिहार सभी 34 जिलों के 48 प्रखंडों में पंचायत चुनाव के 23,161 पदों के लिए वोटिंग चल रहा है ।बेतिया के फेनहारा की बूथ संख्या 48 पर बोगस वोटिंग रोकने के दौरान पुलिस और स्थानीय दबंगों में हाथपाई हो गई। दबंगों ने ASI की पिटाई कर दी। इधर, भोजपुर के कटरिया पंचायत के छछूडिह गांव में बूथ संख्या -158 के पीठासीन पदाधिकारी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बुजुर्ग महिला को मतदान कराने के लिए साथ में वोटिंग रूम पहुंच गए थे।

मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड अंतर्गत रामपुर विश्वनाथ पंचायत के निवर्तमान पंचायत समिति एवं उम्मीदवार राजन चौधरी के ऊपर हमला किया गया। वे क्षेत्र में निकले थे। इसी क्रम में बाइक सवार अपराधियों ने फायरिंग की। गोली बाइक पर लगी है। उम्मीदवार बाल बाल बच गए हैं। SDPO समेत कई अफसर मौके पर पहुंच गए हैं।

मतदान को लेकर देखे उत्साह

​​​​​​​नालंदा के प्यारेपुर पंचायत के दुर्गापुर गांव में निवर्तमान दुबरापुर पंचायत के मुखिया राकेश कुमार के घर में एसडीओ और डीएसपी के नेतृत्व में छापेमारी की गई, जहां खाना बनाकर वोटरों के बीच पर वितरण करने की तैयारी चल रही थी। सामान सहित निवर्तमान मुखिया राकेश कुमार को हिरासत में लिया गया है।

पश्चिम चंपारण के चनपटिया प्रखंड के उत्तरी घोघा पंचायत के बूथ नंबर 146 पर दो गुटों विवाद के बाद पत्थरबाजी हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठियां भांजी। डीएम कुंदन कुमार और एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा मौके पर पहुंचे। डीएम ने कहा, मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है।

सुबह-सुबह भोजपुर में दो मुखिया प्रत्‍याशियों में भिड़त के कारण एक बूथ पर जबरदस्‍त हंगामा हो गया। मधेपुरा में एक महिला वोटर लाइन में खड़े-खड़े हीं बेहोश हो गई तो । भोजपुर के पीरो के लहठान पंचायत के पिटरों गांव में बूथ संख्या 170 पर लाइन में खड़े मतदाता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक पिटरों गांव के वार्ड नम्बर नौ के निवासी रामेश्वर महतो थे।

लोकतंत्र के इस महापूर्व में शामिल होने के लिए पहुंची बिमार महिला

मोतिहारी के धारा प्रखंड के रूपौलिया पंचायत के बूथ संख्या 46 पर बोगस वोटिंग कर रहे युवक को रोकने पर पुलिस के साथ मारपीट की गई। इसमें एएसआई अजय कुमार घायल हो गए हैं। मौके पर पहुंचे एसपी नवीन चंद्र झा ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने इस मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

वही इस बार कई जिलों से ये खबर आ रही है कि मतदान केन्द्रों पर बेसिक सुविधा भी उपलब्ध नहीं था कई जगहों पर मतदानकर्मी जमीन पर बैठकर वोटिंग कराते हुए देखे गये हैं ।

2–जितिया पर्व के बीच भी बड़ी संख्या में पहुंच रही महिलाएं
जितिया पर्व के कारण महिलाएं सुबह से ही मतदान केंद्र पर पहुंचने लगी हैं। भोजपुर, रोहतास, मुजफ्फरपुर, नालंदा समेत बिहार के 34 जिलों में व्रती महिलाएं भी वोट देने के लिए पहुंची हैं। वे सुबह 6 बजे से ही पहुंचने लगी और लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं।

वोटिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है ।

वहीं भोजपुर के ही तिलाठ पंचायत के मोहन टोला बूथ पर ईवीएम खराब रहने के कारण एक घंटे से मतदान बाधित है। इससे आक्रोशित होकर लाइन में खड़ी करीब 70 महिलाएं बिना वोट दिए ही वापस घर लौट गईं। उनका कहना था कि वे निर्जला व्रत में हैं। आज सुबह 6 बजे ही बूथ पर आई थी। हलाकि दस बजे के बाद महिला वोटर मतदान केन्द्रों पर कम दिखने लगी थी ।

3—मां बेटी और भाई आमने सामने चुनाव मैंदान में है
इस बार के चुनाव में इस तरह कि दिलजस्प खबरे कई जिलों से आ रही है जहां सीतामढ़ी के चोरौत प्रखंड में मुखिया के लिए मां शकीला हुसैन व बेटी अनीसा हुसैन आमने-सामने हैं। चोरौत पूर्वी पंचायत में 20 साल से दो भाई राम प्रवेश चौधरी और राम नरेश चौधरी आमने-सामने हो रहे हैं।

मां बेटी आमने सामने चुनाव में

कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए अस्पतालों में बच्चों के लिये बनेंगे 1516 कोविड डेडिकेटेड बेडः मंगल पांडेय

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए बच्चों के लिए बिहार में करीब 1516 कोविड डेडिकेटेड बेड बनाये जाएंगे। इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने बीएमआईसीएल को निविदा निकाल आगे की कार्रवाई करने को कहा है, ताकि तय समय पर राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में बेड अधिष्ठापित हो सके। अगले मार्च माह तक कार्य के पूर्ण होने की संभावना है।

श्री पांडेय ने कहा कि कोरोना पीड़ित बच्चों को त्वरित एवं बेहतर इलाज उपलब्ध हो सके इसे ध्यान में रख कर बेड की व्यवस्था की जा रही है। राज्य के सभी जिलों में कोविड डेडिकेटेड बेड लग जाने से आपात स्थिति में कोरोना से ग्रामीण क्षेत्रों के पीड़ित बच्चों का इलाज अपने नजदीकी जिलों में संभव हो सकेगा और आर्थिक बोझ से भी मुक्ति मिलेगी।

माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कोरोना की रोकथाम और संभावित तीसरी लहर से सामना करने लिए राज्य में सभी आवश्यक तैयारियां पुख्ता करने का निर्देश दिया है, ताकि सही समय पर स्थितियों से निपटा जा सके। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास जारी है।

श्री पांडेय ने कहा कि 30 जिलों में 42-42 बेड और 8 जिलों में 32-32 बेड की व्यवस्था की जाएगी। कुल 1516 बेड में 456 हाइब्रिड आईसीयू बेड होंगे एवं 1060 ऑक्सीजनयुक्त बेड रहेंगे। इनमें कुछ बेड हाई डिपेंडेंसी होंगे।

विभाग संभावित तीसरी लहर के अलावे राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रखंड, अनुमंडल और सदर अस्पताल से लेकर मेडिकल कॉलेजों में संसाधनों को बढ़ाने का लगातार कार्य कर रहा है।

कोविड डेडिकेटेड बेड के क्रियाशील होने के बाद इसके संचालन को लेकर भी अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जाएंगे, ताकि मरीजों को परेशानी न हो ।

सृजन घोटाले का मास्टरमांइड विपिन शर्मा गिरफ्तार।

सृजन घोटाले का मास्टरमाइंड विपिन कुमार शर्मा को ईडी ने गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद घोटाले के कई अहम राज खुलने की उम्मीद है। सृजन घोटाला की किंगपिन स्व. मनोरमा देवी और उसके पुत्र अमित कुमार से विपिन के साथ गहरे रिश्ते रहे हैं। भागलपुर स्थित जीटीएम मॉल में सात दुकान विपिन कुमार और उसकी पत्नी रूबी कुमार के नाम से खरीद हुई है। चार दुकान विपिन के नाम और तीन पत्नी रूबी कुमारी के नाम पर है। इसका भुगतान सृजन महिला विकास समिति के खाते से हुआ है।

SrijanScam

रूबी सृजन घोटाले के एक मामले में पटना एयरपोर्ट से पहले ही गिरफ्तार चुकी है। रूबी कुमारी के नाम गाजियाबाद में आवासीय फ्लैट का भुगतान भी सृजन महिला विकास समिति के खाते से किया गया है। विपिन कुमार तिलकामांझी थाने का रहने वाला है। वह बैंक, सृजन महिला विकास समिति, जिला कल्याण पदाधिकारी, कोषागार पदाधिकारी, भूअर्जन पदाधिकारी के बीच विचौलिये की भूमिका निभाता था। पूर्णिया से तेरह लाख रुपये के चार पहिया वाहन की खरीद भी महिला विकास समिति के खाते से ही की गई थी। इसके अलावा राजधानी पटना के बेलीरोड स्थित गोला रोड में मैजेस्टिक जानकी अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 109 की खरीद भी की है।

विपिन के खिलाफ नौ मामले की जांच
ईडी विपिन कुमार शर्मा के खिलाफ दर्ज सृजन घोटाले के नौ मामले का अनुसंधान कर रही है। सीबीआई इन मामलों में चार्जशीट कर चुकी है। सृजन घोटाला के आरोपियों के खिलाफ ईडी 24 मई 2018 से ही जांच कर रही है। इस केस में ईडी ने पीएमएलए 05/21 दर्ज किया है। एक अन्य आरोपित देवशंकर मिश्रा भी इस मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में है।

अन्य आरोपित भी खोल रहे राज
इससे पहले अकाउंटेंट प्रणव कुमार घोष, जो मनोरमा देवी और सृजन महिला विकास समिति के खाते का लेखा-जोखा रखता था, अभी वे फिलहाल बेऊर जेल में हैं।

ईडी की बड़ी कारवाई रेलवे इंजीनियर की करोड़ो की संपत्ति किया जप्त

ईडी ने बड़ी कारवाई करते हुए रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर चंद्रेश्वर प्रसाद यादव की 3.44 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया है। चन्देश्वर यादव के खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।

ईडी ने रेलवे का स्क्रैप बेचने के मामले में पूर्व रेलवे जमालपुर के तत्कालीन सीनियर सेक्शन इंजीनियर चंद्रेश्वर प्रसाद यादव को गिरफ्तार किया था।

इसी मामले में मेसर्स श्री महारानी स्टील के मालिक देवेश कुमार को 13 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अभियुक्तों पर आरोप है कि रेलवे के स्क्रैप (रेल वैगन का पुराना हिस्सा) को मोटी रकम लेकर महारानी स्टील को औने-पौने दाम में बेच दिया था।

इसके कारण रेलवे को लगभग 34 करोड़ रुपये का चूना लगा था। उक्त स्क्रैप के कस्टोडियन तत्कालीन सेक्शन इंजीनियर चंद्रेश्वर प्रसाद यादव ही थे।

इस मामले में कंपनी के फाइनांसर राकेश कुमार ने बताया था कि उक्त स्क्रैप को खरीदने के लिए रेलवे के पदाधिकारियों को मोटी रकम दी गयी थी।इस मामले में सीबीआइ ने भी नौ फरवरी, 2018 को मामला दर्ज किया था और जांच कर रहा है।

ईडी ने इस मामले को 28 फरवरी, 2020 में दर्ज की थी। पूछताछ के बाद तत्कालीन सेक्शन इंजीनियर चंदेश्वर प्रसाद यादव व मेसर्स महारानी स्टील के मालिक देवेश कुमार के नाम सामने आये थे और फिर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा – कन्हैया कुमार

काफी जद्दोजहद के बीच आज कन्हैया कुमार नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके साथ गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी भी कांग्रेस से जुड़ गए। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कन्हैया कुमार ने भाजपा और RSS पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश का भविष्य खराब करना चाहते हैं, कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा। आज देश में गांधी की एकता, आंबेडकर की समानता और भगत सिंह के साहस की जरूरत है।
कन्हैया ने कहा कि हमारे देश का नेतृत्व कांग्रेस ही कर सकती है।

कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से लोकतांत्रिक पार्टी है। यह परिवार को छोड़ने के लिए नहीं कहती है। महात्मा गांधी पत्नी के साथ आजादी की लड़ाई लड़े थे। कांग्रेस पार्टी वो पार्टी है, जो गांधी की विरासत को आगे ले जाएगी। सरोजिनी नायडू, आंबेडकर, नेहरू, अशफाक उल्लाह खान, भगत सिंह और मौलाना आजाद के रास्तों पर चलेगी।

यहां समानता और बराबरी कुछ लोगों के लिए सीमित नहीं है। ये भारतीय होने का इतिहास है और इस भारतीय होने के इतिहास को अगर कोई अपने आप में कोई समेटे हुए हैं तो वह देश की सबसे पुरानी पार्टी है।

कन्हैया ने कहा कि मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं, क्योंकि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, एक विचार है। यह देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है। मैं ‘लोकतांत्रिक’ पर जोर दे रहा हूं… सिर्फ मैं ही नहीं कई लोग सोचते हैं कि देश कांग्रेस के बिना नहीं रह सकता।

मैं कांग्रेस में इसलिए शामिल हो रहा हूं, क्योंकि मुझे ये महसूस होता है कि देश में कुछ लोग सिर्फ लोग नहीं हैं, वे एक सोच हैं। वे देश की सत्ता पर न सिर्फ काबिज हुए हैं, देश की चिंतन परंपरा, संस्कृति, मूल्य, इतिहास, वर्तमान, भविष्य खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस एक बड़े जहाज की तरह है, अगर इसे बचाया जाता है, तो मेरा मानना है कि कई लोगों की आकांक्षाएं, महात्मा गांधी की एकता, भगत सिंह की हिम्मत और बीआर आंबेडकर के समानता के विचार की भी रक्षा की जाएगी। इसलिए शामिल हुआ हूं।

देश के लाखों-करोड़ों नौजवानों को ये लगने लगा है कि अगर कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा। हम कांग्रेस पार्टी में इसलिए शामिल हुए हैं, क्योंकि कांग्रेस गांधी की विरासत को लेकर आगे चलेगी।

जदयू कार्यकारणी की हुई घोषणा पूराने चेहरे पर ही जताया भरोसा

जदयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (JDU President Lalan Singh) ने पार्टी की नई टीम का गठन कर दिया है। इसमें अधिकांश चेहरे पुराने ही हैं।

राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने केसी त्‍यागी (KC Tyagi) को फिर राष्‍ट्रीय प्रधान महासचिव (Secretary General) की जिम्‍मेदारी सौंपी है। वहीं उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) भी संसदीय दल के अध्‍यक्ष बने रहेंगे।

गोपालगंज के सांसद डा. आलोक कुमार सुमन को कोषाध्‍यक्ष बनाया गया है। टीम में लंबे अरसे बाद 18 सदस्‍यीय टीम में सांसद रामनाथ ठाकुर को महासचिव बनाया गया है।

इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद मो अली अशरफ फातमी, पूर्व विधायक रामसेवक सिंह, बिहार सरकार के मंत्री संजय झा, विधान पार्षद गुलाम रसूल बलियावी, आफाक अहमद खान, प्रवीण सिंह, विधान पार्षद कमरे आलम, हर्षवर्धन सिंह को भी महासचिव बनाया गया है।

कुल नौ महासचिव बनाए गए हैं, जिनमें चार अल्‍पसंख्‍यक हैं। इसके अलावा पांच सचिव बनाए गए हैं। इनमें सांसद आरपी मंडल, पूर्व विधायक विद्यासागर निषाद, रविंद्र प्रसाद सिंह, राज सिंह मान और राजीव रंजन प्रसाद शामिल हैं।

बिहार की राजनीति में बने रहने के लिए कांग्रेस से बेहतर कोई और विकल्प नहीं था ।

कन्हैया कुमार का कांग्रेस में जाना 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान ही तय हो गया था क्यों कि लोकसभा चुनाव के दौरान जिस तरीके से राजद,भाकपा माले और सीपीआई कन्हैया को हराने के लिए घेराबंदी कर रहा था ऐसे में कन्हैया के सामने कांग्रेस में जाने के अलावे कोई विकल्प नहीं बचा था।

1—बिहार में कन्हैया के सामने कांग्रेस से बेहतर कोई विकल्प नहीं था
2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस चाहती थी कि कन्हैया बेगूसराय से महागठबंधन के उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़े और इसके लिए अहमद पटेल कई बार लालू प्रसाद से बात किये इतना ही नहीं बीजेपी के विचारधार से असहमति रखने वाले कई बड़ी हस्ती लालू प्रसाद से जेल में जाकर मिले लेकिन राज्यसभा सांसद मनोज झा का वह तर्क भारी पड़ा जिसमें उनका मनना था कि कन्हैया सांसद बन गया तो फिर तेजस्वी के लिए खतरा हो सकता है इतना ही नहीं कन्हैया महागठबंधन का उम्मीदवार ना हो इसके लिए मनोज झा के साथ भाकपा माले और बिहार सीपीआई के नेता भी शामिल थे ।

2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल और लालू प्रसाद के परिवार बीच पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान जो दूरियां रही उसकी वजह कही ना कही कन्हैया भी रहा क्यों कि कांग्रेस का मानना था कि कन्हैया के महागठबंधन से बाहर रहने से मोदी के खिलाफ गोलबंदी कमजोर होगी और इसका प्रभाव भी देखने को मिल बिहार की चुनावी राजनीति में पहली बार लोकसभा चुनाव में राजद खाता तक नहीं खोल पाया।

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी सीपीआई भले ही महागठबंधन का हिस्सा रहा लेकिन पूरे चुनाव के दौरान टिकट वितरण से लेकर प्रचार अभियान के तक कन्हैया को कैसे चुनावी प्रक्रिया से अलग रखे इसको लेकर मनोज झा के नेतृत्व में होटल मौर्या में वार रुम बना हुआ था इस खेल में भाकपा माले ,सीपीआई और कांग्रेस के भी कुछ सीनियर नेता शामिल थे ।

चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी के बाद राजद के उम्मीदवारों ने चुनावी सभा कराने के लिए सबसे ज्यादा मांग कन्हैया का ही किया था 90 से अधिक ऐसे राजद के उम्मीदवार थे जो कन्हैया का सभा अपने क्षेत्र में करााना चाह रहा था लेकिन ऐसा नहीं हो सका ।

वही दूसरी और बीजेपी की पूरी टीम कन्हैया की पीछे पड़ी हुई है ऐसे में कन्हैया को राजनीति में बने रहने के लिए कांग्रेस से बेहतर विकल्प दूसरा कोई नहीं था क्यों कि बिहार में सीपीआई की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है वही राजद और बीजेपी के साथ खड़ी उन ताकतों के सामने सीपीआई आज की तारीख में खड़े होने की स्थिति में नहीं है ऐसे में कन्हैया के सामने कांग्रेस छोड़कर कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

2—-कन्हैया के साथ आने से बिहार में कांग्रेस मजबूत होगी
आज कांग्रेस की स्थिति 2014 जैसी नहीं है साथ ही आज की तारीख में राहुल पप्पू वाली छवि से बाहर निकल चुका है वही राष्ट्रीय स्तर पर राहुल यह साबित करने में कामयाब रहा है कि वो नरेन्द्र मोदी से मजबूती के साथ लड़ सकता है फिर भी उन्हें ऐसे युवा चेहरे की जरुरत है जो अपने बल पर कुछ वोट जोड़ सके ।

इस लिहाज से कन्हैया बिहार में भी उपयोगी है खास करके बिहार के यूथ का एक हिस्सा और मुस्लिम अभी भी कन्हैया का दिवाना है वही कन्हैया के आने से बिहार कांग्रेस को एक ऐसा चेहरा मिल जायेंगा जो अपने बल पर पांच से दस हजार लोगों की सभा कर सकता है जिसको सूनने के लिए लोग घर से बाहर निकल सकते हैं ।

3–कन्हैया मीडिया ब्वॉय है
भले ही निगेटिव खबर ही क्यों ना चलाये लेकिन मीडिया को आज भी कन्हैया की जरुरत है कन्हैया के कांग्रेस में शामिल होने की खबर आज सभी चैनल का हेडलाइन है बिहार में सीपीआई दफ्तर में मीडिया सुबह से ही स्टोरी करने में लगी हुई है कि कैसे कन्हैया सीपीआई दफ्तर में आना बंद किया तो जिस कमरे में कन्हैया रहता था वहां से AC निकलवा लिया है।
निगेटिव स्टोरी ही क्यों ना चलाये आज से कन्हैया मीडिया में जगह लेता रहेगा ।

हर्ष फायरिंग पर लग सकती है रोक, हाईकोर्ट ने सरकार से माँगी रिपोर्ट ।

पटना हाई कोर्ट ने शादी।समारोहों में लाइसेंसी/बिना लाइसेंसी बंदूको से अंधाधुध फायरिंग कर मानव जीवन को खतरे में डालने पर दायर एक लोकहित याचिका पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 3 सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है |

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि हर साल कई सारे लोग शादी समारोहों में लाइसेंसी/बिना लाइसेंसी बंदूको से हुए अंधाधुध फायरिंग का शिकार हो कर जान से हाथ धोते हैं |

याचिकाकर्ता ने वैशाली जिला स्थित चंडी धनुष के ऐसे ही वारदात का हवाला देते हुए विवाह कार्यक्रमों में हवाई फायरिंग पर रोक लगाये जाने पर याचिका दायर की थी |

इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह के अन्दर जवाब देने के लिए कहा है | मामले पर अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी |

विपिन तुम्हारी शहादत रंग लायेंगी

संपादक का पत्र आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल के नाम

27–09—2021

स्वर्गीय विपिन अग्रवाल

आरटीआई कार्यकर्ता(हरसिद्धि ,मोतिहारी)

जिस तरीके से तुम भ्रष्टाचार और भूमाफिया के खिलाफ चला रहे अभियान को लेकर सूचना देते रहते थे ठीक उसी तरीके से सीओ के दफ्तर से निकलने के वक्त तुम पर हमला हुआ और मोतिहारी आने के रास्ते में तुम्हारी मौत हो गयी उसकी पल पल की सूचना मुझे मिल रही थी।
तुम्हारी मौत की सूचना मिलते ही मैंने सबसे पहले बिहार के चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय को फोन किया राय जी मोतिहारी में एक आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या हो गयी है उस सूचना के बाद राय जी क्या कर रहे हैं मुझे कोई जानकारी नहीं है ।कुछ बयान जरुर पढ़ने को मिला है वैसे राय जी जब भी मुझसे इस तरह की घटनाओं को लेकर मिलने आये हैं उनमें थोड़ा जातिवादी लगते हैं ।खैर इसके बाद मैंने पुलिस मुख्यालय के सीनियर अधिकारियों को फोन कर तुम्हारे साथ जो घटना घटी छी उसकी सूचना मैंने दी।

तुम्हारा एसपी तो फोन उठाया ही नहीं सुशासन और भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस का दावा नीतीश कुमार जरुर करते हैं उसमें बिहार में अभी सबसे अधिक खड़ा तुम्हारा एसपी ही उतरा है ।हद है लूट मची हुई है तुम्हारे जिले में मुझे तो कोई उम्मीद नहीं है कि इस एसपी के रहते तुमको न्याय मिल पायेगा ।हलाकि मुख्यमंत्री सचिवालय की संक्रियता के बाद तुम्हारा एसपी हरसिद्दि परसो रात को गया था पांच घंटा थाना पर बैठा है लेकिन तुम्हारे परिवार से मिलने शायद नहीं गया है ।

अभी भी खबर आ रही है कि भूमाफिया तुम्हारे परिवार को धमकी दे रहा है और इस वजह से तुम्हारे पापा चुप्पी साध लिये हैं ।होना ही था ये बिहार है भाई सब कुछ जाति तय करता है आज तुम राजपूत भूमिहार,ब्राह्रण, यादव कोयरी कुर्मी होते तो सोशल मीडिया से लेकर तुम्हारे घर पर नेताओं का ताता लगा रहता। देख रहे हो ना सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया कैसे चुप्पी साधे हुए हैं सुशील मोदी का फोन गया है कि नहीं ,रितू जायसवाल तो गयी थी अब ये भी नेता हो गयी है ।

खैर तुमको कहते थे ना रे मारवाड़ी काहे तुम इस लफरे में पड़ गये हो कोई साथ नहीं देगा सरकार की जमीन है सरकारी अधिकारी उस जमीन पर कब्जा करा रहा है तुम्हारा क्या जा रहा है नहीं सर जान चला जाये होने नहीं देगे देखिए झुठा मुकदमा करवा रहा है फिर भी नहीं ना झुके पेट्रोल पंप सील करवा दिये ना ,जब तक एक एक इंच जमीन खाली नहीं करवा देगे चैन से नहीं बैठेंगे सर तू पागल है जी सर पागल हैं तभी तो लड़ रहे हैं आपका साथ है ना हां जी पूरी साथ है।

हरसिद्दि बाजार और उसके आसपास मुख्य सड़क से सटे बेतिया राज का सैकड़ों एकड़ जमीन है उस सरकारी जमीन के काफी बड़े हिस्से पर अनधिकृत तौर पर मोतिहारी जिले के बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता और अजय सिंह सहित दर्जनों बड़े लोग कब्जा कर रखा है उसी को खाली कराने को लेकर विपिन अग्रवाल हाईकोर्ट तक लड़ गया परिणाम यह हुआ कि राजेन्द्र गुप्ता और अजय सिंह को सरकारी जमीन खाली करना पड़ा ।

राजेन्द्र गुप्ता का पेट्रोल पम्प जो सरकार की जमीन का अतिक्रमण करके बनाया गया था विपिन अग्रवाल के कानूनी लड़ाई की वजह से ही प्रशासन को सील करना पड़ा था। यू कहे तो विपिन अग्रवाल के पहल की वजह से सरकार की कोरोड़ो की जमीन अतिक्रमण मुक्त हो सका ।इस दौरान भूमाफिया द्वारा मोटी रकम का भी प्रलोभन दिया इससे बात नहीं बनी तो विपिन अग्रवाल के घर पर हमला हुआ, झूठे मुकदमों मे फंसाया गया इसके बावजूद ये समझौता नहीं किया।
घटना के दिन भी हरसिद्दि के सीओ से सरकारी जमीन के अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन शीघ्र कैसे हो इसको लेकर मिलने गया था और जैसे ही मिलकर बाहर निकला पहले से घात लगाये अपराधियों ने गोली से छलनी कर दिया।

तू तो चला गया लेकिन एक सवाल छोड़ गया है सिस्टम ,समाज ,सरकार और न्याय व्यवस्था को ईमानदारी और ईमानदार लोग पसंद नहीं है ।तुमसे बेहतर ये कौन जानता है कि यहां न्याय पाना कितना कठिन है इसलिए तुमको मारने वालों को सजा मिलेगी या नहीं मिलेगी कहना मुश्किल है ।लेकिन इस पत्र के सहारे एक कोशिश है इस सिस्टम और समाज को आईना दिखाने की। वैसे मुझे पता है जिंदगी फिल्म नहीं है जिसमें हमेशा सुखद अंत होता है सच्चाई यही है तुम्हारे संघर्ष का दुखद अंत हो गया तुम्हारी ये लड़ाई यही ठहर गयी।

कल फिर से उस सरकारी जमीन पर कब्जा होना शुरु हो जायेंगा और तुम्हारे हत्या में शामिल लोग उसी जमीन पर फाइवस्टार होटल बनायेंगा जहां रोज शाम सिस्टम,सरकार ,न्याय व्यवस्था और समाज का महफ़िल जमेगी रंगीन नजारा होगा और इस सब के बीच तुम्हारे संर्घष की गाथा कभी किसी गरीब के जुवान पर बंद कमरे में आ जाये तो बड़ी बात होगी।
तुमको पहले भी हतोत्साहित नहीं करते थे और तुम्हारे जाने के बावजूद भी हतोत्साहित नहीं कर रहे हैं। तुम तो हीरो निकले यार अब देखना यह है कि उसी मोतिहारी की धरती पर गुजरात से गांधी आकर अमर हो गये और उसी मोतिहारी की धरती पर तुम्हारी शहादत क्या रंग लाती है इसका मुझे भी इन्तजार रहेंगा ।

तुम्हारे जाने का मुझे दुख है अब कौन सुबह सुबह फोन करके कहेगा कैसे हैं संतोष सर सुबह सुबह फिर तंग करने के लिए फोन कर दिये ।जहां रहो सिस्टम से लड़ते रहो और मुस्कुराते रहो जाना तो नियति है ।

तुम्हारा संतोष

संतोष सिंह पत्रकार के फेसबुक वाल से लिया गया है

हर थाली में बिहारी व्यंजन एक और कदम आगे बढ़ा बिहार फाउंडेशन।

हर थाली में बिहारी व्यंजन के लिए काम करेगा बिहार फाउंडेशन…उपमुख्यमंत्री
पटना 26 सितंबर 2021
कल देर शाम बिहार के उपमुख्यमंत्री -सह-वित्त मंत्री-सह-अध्यक्ष, बिहार फाउंडेशन श्री तारकिशोर प्रसाद की अध्यक्षता में वर्चुअल मीट के माध्यम से बिहार फाउंडेशन के विदेशों में स्थित चैप्टरों एवं कोविड-19 दूसरी लहर में प्राप्त राहत सामग्रियों के दानकर्त्ताओं के संग एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

बिहार फाउंडेशन के विदेश में अवस्थित 4 चैप्टर के अध्यक्ष/सचिव इस संवाद कार्यक्रम में जुड़े, जिनमें यू०एस०ए० वेस्ट कोस्ट चैप्टर से श्री राजीव सिन्हा (अध्यक्ष) एवं श्री दीपक शर्मा (सचिव), कनाडा चैप्टर से श्री उमेश कुमार (सचिव), क़तर चैप्टर से श्री शकील अहमद काकवी (अध्यक्ष), श्री गौहर अल्ताफ (उपाध्यक्ष), मोहम्मद महफूज़ हसन (महासचिव) तथा यू०ए०ई० चैप्टर से श्री ओमेर हेजाज़ीन (अध्यक्ष) एवं श्री तारिक़ अनवर (सचिव) शामिल हुए। इसके अतिरिक्त अमेरिका में बसे प्रवासी बिहारी जिन्होंने कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान बिहार फाउंडेशन के माध्यम से बिहार राज्य को राहत सामग्री उपलब्ध कराई थी, वे भी इस संवाद कार्यक्रम में जुड़े। बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (BJANA) से डॉ अविनाश गुप्ता (अध्यक्ष) एवं श्री आलोक कुमार (सदस्य), डा० सोनल सिंह, एमडी, एमपीएच, एफएसीपी यू०एस०ए०, एवं श्रीमती मनीषा पाठक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बे एरिया, सिलिकॉन वैली, यू०एस०ए० ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में जुड़कर अपने विचारों को रखा।

उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी चैप्टर के अध्यक्ष/सचिव एवं प्रवासी बिहारी दानकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने तथा बिहार की यथासंभव मदद करने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने सबों को सूचित किया कि बिहार के कटिहार जिले के शुभम कुमार इस वर्ष की यूपीएससी की परीक्षा में पूरे भारत में प्रथम रैंक लाकर बिहार की बौद्धिक शक्ति का परिचय दिया है।

उन्होंने हर्ष के साथ कहा कि जिस प्रकार आप सभी प्रवासी बिहारी विदेशों में भी बिहार के कला, संस्कृति एवं भाषा को न सिर्फ अपने अंदर संजोये हुए है बल्कि इसके प्रचार-प्रसार के लिए भी तत्पर है, इस भावना का हम सभी बिहारवासी सम्मान करते है। इसी सांस्कृतिक परंपरा को बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार फाउंडेशन के माध्यम से एवं आपके सहयोग से विदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन की परिकल्पना की जाएगी। इस भावी कार्यक्रम में बिहार के कला, संस्कृति एवं भाषा इत्यादि आधारित ऑडियो/वीडियो, अन्य उत्पाद आदि भी साझा की जाएगी।

उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रवासी बिहारियों से अपने-अपने क्षेत्र में बिहार के व्यंजन यथा गया का तिलकुट, बाढ़ का लाई, सिलाव का खाजा, मनेर का लड्डू, नवादा का अनरसा इत्यादि के प्रचार-प्रसार किए जाने पर बल दिया तथा यह भी सुझाव दिया की इन व्यंजनों का विदेश में एक बिक्री-केंद्र खोला जाए जिससे इसका न केवल ब्रांडिंग-मार्केटिंग होगा बल्कि इससे रोजगार का सृजन भी होगा । उन्होंने कहा कि उनकी हार्दिक इच्छा है की बिहार के पारम्परिक व्यंजन सुदूर देशों के प्रवासी चखें। इससे न केवल जड़ों से सम्बन्ध मजबूत रहेगा, वरन् इनके निर्माण में लगे कारीगरों को भी प्रोत्साहन तथा रोजगार भी मिलेगा। साथ ही, उन्होंने बिहारी कला जैसे मधुबनी पेंटिंग एवं बिहारी हस्तशिल्प निर्मित सामग्रियों की भी बिक्री बढ़ाये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए विशेष पहल की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने समस्त प्रवासी बिहारियों से कोविड की दूसरी लहर के दौरान बिहार फाउंडेशन के माध्यम से बिहार राज्य के लिए उपलब्ध कराये गए राहत सामग्री के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में बिहार फाउंडेशन के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री रविशंकर प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित बिहार फाउंडेशन के चैप्टर के अध्यक्ष/सचिव एवं प्रवासी बिहारी दानकर्ताओं का स्वागत किया तथा सभी चैप्टर के अध्यक्ष/सचिव एवं प्रवासी बिहारी दानकर्ताओं द्वारा बिहार राज्य के हितार्थ किये गए कार्यों से अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री सुशील कुमार ने उपर वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

भारतीय सिनेमा का पहला गीत !

भारतीय सिनेमा का पहला गीत !

भारत की सबसे पहली बोलती फिल्म थी ‘आलम आरा’। वर्ष 1931 की इस फिल्म के निर्देशक थे अर्देशिर ईरानी। उन्होंने भारतीयों के बीच संगीत की लोकप्रियता को समझा और इस फिल्म में सात गाने डाले। उनमें से पहला गाना था ‘दे दे खुदा के नाम पे प्यारे’। यह एक प्रार्थना गीत था जिसके गायक थे अभिनेता वजीर मोहम्मद खान। वज़ीर खान ने फिल्म में एक फकीर का चरित्र निभाया था। ‘आलम आरा’ सिर्फ एक सवाक फिल्म नहीं थी बल्कि यह बोलने-गाने वाली फिल्म थी जिसमें बोलना कम और गाना ज्यादा था। इस फिल्म के संगीतकार थे फिरोजशाह मिस्त्री और बी ईरानी। इसी फिल्म के साथ हमारे यहां फिल्मी संगीत की नींव पड़ी। फिल्म के साथ इसके संगीत को भी व्यापक सफलता हासिल हुई। ‘दे दे खुदा के नाम पर प्यारे’ को भारतीय फिल्म के पहले गीत और वज़ीर खान को पहला गायक होने का गौरव प्राप्त हुआ। उस दौर में फिल्मों में पार्श्व गायन की परंपरा शुरु नहीं हुई थी। गीत को हारमोनियम और तबले के साथ सजीव रिकॉर्ड किया गया था।

दुर्भाग्य से भारत की पहली बोलती फिल्म का कोईभी प्रिंट अब उपलब्ध नहीं है। गीत की उपलब्ध रिकॉर्डिंग बेहद अस्पष्ट है । फिल्म शोधकर्ताओं ने इस ऐतिहासिक गीत को श्रीमती कृष्णा अटाडकर की आवाज़ में रिकॉर्ड कर भारतीय सिनेमा के पहले गीत के जादू को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है।

-लेखक ध्रुव गुप्ता (पूर्व आईपीएस अधिकारी )

आप भी सुनिए !

जातीय जनगणना की दुहाई देने वाले सुशील मोदी भी पलट गये ।

पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि तकनीकी व व्यवहारिक तौर पर केंद्र सरकार के लिए जातीय जनगणना कराना सम्भव नहीं है। इस बाबत केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मगर राज्य अगर चाहे तो वे जातीय जनगणना कराने के लिए स्वतंत्र है।

श्री मोदी ने कहा कि 1931 की जातीय जनगणना में 4147 जातियां पाई गई थीं, केंद्र व राज्यों के पिछड़े वर्गों की सूची मिला कर मात्र 5629 जातियां है जबकि 2011 में कराई गई सामाजिक-आर्थिक गणना में एकबारगी जातियों की संख्या बढ़ कर 46 लाख के करीब हो गई। लोगों ने इसमें अपना गोत्र,जाति, उपजाति,उपनाम आदि दर्ज करा दिया। इसलिए जातियों का शुद्ध आंकड़ा प्राप्त करना सम्भव नहीं हो पाया।

यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है, लोगों को कोर्ट के फ़ैसले का इंतजार करना चाहिए या जो राज्य चाहे तो वहां अपना पक्ष रख सकते हैं।

जातीय जनगणना का मामला केवल एक कॉलम जोड़ने का नहीं है। इस बार इलेक्ट्रॉनिक टैब के जरिए गणना होनी है। गणना की प्रक्रिया अमूमन 4 साल पहले शुरू हो जाती है जिनमें पूछे जाने वाले प्रश्न,उनका 16 भाषाओं में अनुवाद, टाइम टेबल व मैन्युअल आदि का काम पूरा किया जा चुका है। अंतिम समय में इसमें किसी प्रकार का बदलाव सम्भव नहीं है।

राज्यों की अलग-अलग स्थितियां हैं, मसलन 5 राज्यों में OBC है ही नहीं, 4 राज्यों की कोई राजयसूची नहीं है, कुछ राज्यों में अनाथ व गरीब बच्चों को OBC की सूची में शामिल किया गया है। कर्नाटक सरकार ने तो 2015 में जातीय जनगणना कराई थी, मगर आज तक उसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जा सके हैं।

1960 में पहला बिहारी यूपीएससी में टाप किया था

UPSC में टाप करने के बाद जिस तरीके से सूबे के मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और संतरी तक बधाई दे रहे हैं ऐसे में गालिब का एक शायरी याद आ गया ——– हम को मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन दिल के खुश रखने को गालिब ये खयाल अच्छा है ।

एक दौर था जब पटना विश्वविधालय को ‘ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट’ कहा जाता था स्थापना के शुरुआती दिनों में वकालत और मेडिकल की पढ़ाई के क्षेत्र में देश और दुनिया में पटना विश्वविधालय ने अलग पहचान स्थापित किया बाद के दिनों में रामशरण शर्मा जैसे इतिहासकार की वजह से पटना विश्वविधालय की पहचान इतिहास लेखन के क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुआ ।60 के दशक में इस विश्वविधालय की पहचान यूपीएससी के फैक्ट्री के रुप में स्थापित हुआ ।

1960 में जगन्नाथन मुरली बिहार से UPSC के पहले टापर बने। उन्होंने पटना में रहकर ही पढ़ाई की थी और उनके पिता भी आइसीएस (ब्रिटिश काल) थे और तब पटना में पदस्थापित थे।बिहार के दूसरे टांपर छह साल बाद 1966 में पूर्णिया के आभास चटर्जी UPSC टापर बने 1970 में पटना विश्वविधालय के तीन छात्र UPSC में पहला स्थान श्याम शरण दूसरा स्थान अनुराधा मजूमदार और तीसरा स्थान लक्ष्णी चक्रवर्ती प्राप्त की थी बाद में श्याम शरण विदेश सचिव बने थे ।

पटना विश्वविधालय से पढ़े आमिर सुबहानी 1987 में टाप किये थे आमिर सुबहानी पटना विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग से स्नातकोत्तर में गोल्ड मेडलिस्ट थे।आमिर सुबहानी के बाद अभी तक कोई दूसरा पटना विश्वविधालय से पढ़कर UPSC में टाप नहीं किया है।

1988में UPSC में प्रशांत कुमार टापर रहे इनकी प्रारंभिक पढ़ाई पटना में हुई थी। उच्च शिक्षा सेंट स्टीफेंस कालेज, दिल्ली से हुई।1997 में सुनील कुमार बर्णवाल टापर रहे सुनील बर्णवाल की प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर में हुई। आइएसएम धनबाद से बीटेक के बाद उन्होंने गेल में भी सेवा दी।

2001 के टापर आलोक रंजन झा ने हिंदू कालेज से स्नातक करने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमफिल किया। इनके बाद फिर टापर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा और 20 साल बाद कटिहार के शुभम कुमार यूपीएससी में टाप किया है । शुभम ने बोकारो से 12वीं की। फिर बॉम्बे आईआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है।

1961 बैच के सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी आइसी कुमार का कहना है कि 1960 से पहले बिहार से करीब 26 आइसीएस थे। इसके बाद 1960 में प्रथम स्थान पर पटना के जगन्नाथन मुरली, पांचवें स्थान पर रामास्वामी और 12वें स्थान पर पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा थे।

1977 बैच के आईपीएस अधिकारी बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद का कहना है कि पटना विश्वविधालय उस समय पढ़ाई के हर क्षेत्र में देश और दुनिया में पहचान स्थापित कर लिया था यूपीएससी को तो मक्का कहा जाता था।हर बैच में 25 से 30 छात्र यूपीएससी करता था ।1980 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे राजवर्धन शर्मा जो 1967 में पटना सांइस कांलेज के छात्र थे उनका कहना था कि फिजिक्स ,अर्थशास्त्र और इतिहास विभाग का टांपर का यूपीएससी तय माना जाता था।

लेकिन आज बिहार के स्कूल कांलेज से पढ़े बच्चों के पास कर्मचारी बनने लाइक भी योग्यता नहीं है पिछले 10 वर्षो का बिहार बोर्ड का टापर का लिस्ट निकाल लीजिए देखिए वो क्या कर रहा है ।
पटना विश्वविधालय में पढ़ने वाले पूर्ववर्ती छात्रों का कहना है कि एक रणनीति के तहत बिहार के नेताओं ने पटना विश्वविधालय को बर्वाद किया है और इस बर्वादी में ताबूत में आखिरी कील इंटरमीडियट की पढ़ाई खत्म करने का निर्णय रहा आज बिहार के बजट की बात करे तो सबसे अधिक राशी 17 प्रतिशत 38035.93 करोड़ रुपये खर्च शिक्षा पर ही हो रहा है परिणाम आपके सामने हैं ।

बिहार में जहां कही से भी उम्मीद की छोटी सी किरणें दिखायी दे रही है उसके निर्माण में बिहार के किसी भी संस्थान को कोई योगदान नहीं है। छात्र,मजदूर ,किसान और व्यापारी जो बिहार का नाम रोशन कर रहा है वो सभी व्यक्तिगत प्रयास से सफलता हासिल किया है ।
चलते चलते–मुद्दतें बीत गयी आज पर
यार-ए-ज़िद्द ना गयी
बंद कर दिए गए दरवाजे
मगर उम्मीद ना गयी !!

आज के युवा पीढ़ी के लिए सिटिजन जर्नलिज्म एक सुनहरा मौका है।

अनिता गौतम
सिटिज़न जर्नलिज़्म, यह सिर्फ शब्द भर नहीं बल्कि व्यक्ति समाज, देश और दुनिया की जरूरत है। इस अंग्रेजी शब्द का मूल अनुवाद संभवतः नागरिक पत्रकारिता हो परंतु अलग अलग आयाम में फिट बैठता यह शब्द आम अवाम की मजबूत आवाज बन चुका है। देश दुनिया की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और भौगोलिक बदलाव को तकनीक के सहारे अति शीघ्र बहुत बड़े समूह तक पहुचाने का सशक्त माध्यम है यह सिटिज़न जर्नलिज्म।

समय के साथ इस वर्चुअल वर्ल्ड इन्फॉर्मेशन तकनीक में अभी और बदलाव आएंगे परंतु वर्तमान में इस माध्यम की सार्थक भूमिका को हम अपने आस पड़ोस में अनुभव कर सकते हैं।

मीडिया का शुरुआती दौर, जब प्रिंट मीडिया के माध्यम से ख़बरें लोगों तक घटना के अगले दिन या कई दिनों बाद पहुंच पाती थीं। फिर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आयी और खबरें संकलित और संपादित होकर तस्वीरों और ट्रेंड एंकरों द्वारा कुछ लोगों तक पहुंचने लगीं।

दूरदर्शन से अपना सफर शुरू कर क्रमशः इस खबरों की दुनिया के निरंतर बदलाव का गवाह आज भी एक बहुत बड़ा वर्ग है। टेलीविजन केबल से डेटा केबल तक घूमते हुए आज इस नागरिक पत्रकारिता ने “कर लो दुनिया मुट्ठी में” के तर्ज पर हर किसी को अपने हुनर दिखाने का मंच दे दिया है।

कल तक खबरों के लिए टेलीविजन और अखबार की मोहताज आम आवाम आज खुद खबर बना और परोस रहा है। हर क्षेत्र, राजनीति, अपराध, सिने वर्ल्ड , टेलीविजन की दुनिया या समाज से जुड़ी छोटी बड़ी घटना की जानकारी पलक झपकते लोगों तक पहुँच रही है।

बात चाहे सरकार बनाने की हो, गिराने की हो , चुनावी समीकरण की हो या मत ध्रुवीकरण की, एक क्लिक और खबर पूरी दुनियां में संचारित। जाहिर सी बात है आगे जैसे-जैसे नागरिक पत्रकारिता का दायरा बढ़ेगा इसकी विश्वसनीयता दाव पर लगेगी। सीधे शब्दों में समझे तो बिना किसी तकनीकी पढ़ाई किये स्मार्ट फोन के साथ स्मार्ट बनने की प्रक्रिया में जितनी तेजी से सच फैलेगा उस से कई गुना रफ्तार से झूठ दौड़ेगा। वैसे भी एक पुरानी कहावत है जब तक सत्य बाहर निकलने के लिए अपने जूते तलाशता है, झूठ पूरी दुनिया घूम आता है।

मतलब बिल्कुल सीधा और साफ है कि हर चीज जिसमें अच्छाई होती है उसी में बुराई भी होती है, तो हमें तय करना होगा कि इसके निगेटिव पॉजिटिव प्रभाव को समझने की समझ कैसे विकसित करें?
वर्चुअल मीडिया, सोशल मीडिया के इस वर्ल्ड वाइड वेव ने सिटीजन जर्नलिज्म को एक मंच तो दे दिया है पर इसकी उपयोगिता की जिम्मेवारी हमें तय करनी होगी। इसके बेहतर प्रयोग से समाज और देश सुधार की न सिर्फ दिशा तय करनी होगी बल्कि उसके सकारात्मक प्रभाव पर भी गंभीरता से मंथन करना होगा।

निश्चित रूप से नागरिक पत्रकारिता , किसी भी मीडिया संस्थान से न जुड़कर भी खबरें संचालित करने का अद्भुत मंच है, शर्त यह है कि पत्रकारिता के लिए बने पंच लाइन ‘पत्रकारिता प्रोफेशन नहीं मिशन है।’ को इसमें अपने स्तर से बहाल रखा जाए।
सिक्के के दो पहलू की तरह सिटीजन जर्नलिज्म की भी अपनी ताकत के दो रूप है अच्छाई और बुराई। अगर कभी खबरों की सत्यता तय करने में मुश्किल आये तो हम न सिर्फ निष्पक्ष भाव से समाचार का सृजन करें बल्कि पत्रकारिता के मूल उद्देश्य, जनहित को प्राथमिकता देने का प्रयास करें।

ज्ञातव्य है कि समय के साथ मुख्य धारा की मीडिया में चंद लोगों की मोनोपोली कायम हो रही थी। दिशा निर्देश सत्तारूढ़ पार्टी या खास व्यक्ति के द्वारा प्राप्त होने लगे थे। ऐसी विषम परिस्थितियों में नागरिक पत्रकारिता ने मीडिया के कुछ मुट्ठी भर लोगों के गुरुर को न सिर्फ तोड़ा है बल्कि उनके पूरे किले को ही ध्वस्त कर दिया है। आज इस नागरिक पत्रकारिता की ताकत को ऐसे भी समझा जा सकता है कि कई सारी खबरें सोशल मीडिया पर पहले आती हैं और बाद में सत्यापित और संपादित होकर मुख्य धारा की मीडिया में आती है।

इसके साथ ही अगर बेहतर तरीके से इसके पूरे दिशा निर्देशों का पालन किया जाए और किसी तरह की विवादास्पद सामग्री न परोसी जाए तो इसमें मुद्रीकरण की प्रक्रिया भी है। अर्थात पूरी शर्त के साथ इस मंच को संचालित करने पर पैसे कमाने का साधन भी यहां उपलब्ध है।

इस तरह से देखा जाए तो सही मायने में यह सिटिज़न जर्नलिज्म हर आम और खास को एक बराबर अभिव्यक्ति की आजादी प्रदान करता है। खास लोगों की जिंदगी से प्रेरणा देने एवं उनकी कहानियों के लिए कई प्लेटफॉर्म हैं पर आम अवाम के पास जो अनुभव का खजाना है, उसे साझा करने में मददगार साबित हो रहा है यह मंच।
खाना खजाना, महिला जगत से लेकर बाल विकास तक के पन्नों को अपने में समेटे हुए, यह मंच न सिर्फ किताब बल्कि पूरी लाइब्रेरी है।

नाली गली से लेकर व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने का सबसे प्रभावी जरिया है यह। तस्वीरों, वीडियो और ग्राफिक्स जैसे साक्ष्यों के साथ खबरों की अनोखी दुनिया। अपने पसंद की चीजों को यथा समय खोजने से लेकर फुरसत में खबरों से रूबरू होना, सब संभव हुआ है इस साधन से।

इसकी सबसे बड़ी खामियों में नागरिक पत्रकारिता के नाम पर पीत पत्रकारिता की संभावना बन जाती है। किसी के निजी जीवन की बातें, व्यक्तिगत पहलू या असंसदीय शब्दों का प्रयोग या फिर किसी की मर्यादा भंग करने वाली कहानियों को प्रकाशित करना। साथ ही इस माध्यम का दुरुपयोग सामूहिक रूप से पैसे उगाहने में भी लोग कर रहे हैं। क्राउड फंडिंग के नाम पर तकरीबन भीख मांगने की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है।

इसका सबसे डरावना और वीभत्स प्रयोग है पोर्नोग्राफी। स्त्री से लेकर बच्चों तक के शोषण के रास्ते तैयार करता है। वैसे कुछ कड़े कानून से इस पर रोक लग सकती है। पहले से भी देश में इस तरह के आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए कई कानून हैं। धार्मिक उन्माद , धर्मान्ध सामग्री और एक पक्षीय विश्लेषण से भी बचने की आवश्यकता है।

ब्लॉग, वेब पेज, गूगल, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप, वी चैट, टिकटाक, सोशल साइट्स और भी न जाने कितने तरीके से अब संचार संभव हो गया है। बहुत हद तक सूचना के अधिकार का विस्तार भी है नागरिक पत्रकारिता, बस जरूरत है भाषा की शुद्धता, तस्वीरों, वीडियो या ग्राफिक्स की प्रामाणिकता और उकसाने वाली खबरों से बचाव के तरीके तलाशने की।
बहरहाल इन सब चुनौतियों के बावजूद सिटिज़न जर्नलिज्म में असीम संभावनाएं है।

सुपर तकनीक के माध्यम से होने वाली इस पत्रकारिता में जरूरत है, थोड़े प्रशिक्षण और कुछ कानूनी दायरे बनाने की। सही मायने में लोकतांत्रिक तरीके से आम आदमी की अभिव्यक्ति का माध्यम बना नागरिक पत्रकारिता का यह मंच अपने आप में अनूठा है।

मुख्य धारा की मीडिया को चुनौती देते इस सिटिज़न जर्नलिज्म यानी नागरिक पत्रकारिता का भविष्य आगे अभी और उज्ज्वल है।

-लेखिका का नाम अनिता गौतम पत्रकार है

20 वर्ष बाद बिहार का कोई लाल यूपीएसपी में टांप किया है।

20 वर्ष बाद बिहार का कोई बेटा यूपीएससी में टांप किया हलाकि शुभम की पढ़ाई लिखाई बिहार में नहीं हुआ है लेकिन परिवार बिहार में ही रहता बिहार के कटिहार के रहने वाले शुभम कुमार कुम्हरी निवासी उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के ब्रांच मैनेजर देवानंद सिंह व पूनम सिंह के पुत्र हैं। उनकी प्रारंभिक से लेकर 10वीं तक की शिक्षा विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल से हुई। 12वीं की पढ़ाई चिन्मया विद्यालय बोकारो से हुई। उसके बाद उन्होंने IIT बॉम्बे से सिविल इंजीनियरिग किया और फिर उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी। दूसरे प्रयास में 2019 में 209वां रैंक हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने इस साल फिर एग्जाम दिया और टॉप किया है।

subham

मां पूनम सिंह ने कहा- ‘शुभम पुणे में ट्रेनिंग में हैं। मैं बहुत खुश हूं। मुझे बहुत अच्छा लगा। सभी बच्चे शुभम की तरह तैयारी करें। वन से लेकर 10 तक टॉपर रहा। अभी भी टॉपर है। बचपन से पूछती थीं कि तुम क्या बनोगे तो वह कहता था मैं IAS बनूंगा। मैं उसको कहती थी तुम अच्छा तो पढ़ोगे तो मैं तुम्हें पढ़ाती रहूंगी। वह मुझे हौसला देता रहा’।

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टांपर का पूरा परिवार

शुभम के पिता देवानंद सिंह ने बताया कि उनकी बेटी अंकिता कुमार न्यूक्लियर साइंटिस्ट हैं। वह अभी आरआर कैट में पोस्टेड हैं। संयुक्त परिवार है। देवानंद सिंह के छोटे भाई डॉ. मणि कुमार सिंह पूर्णिमा में एक्वाप्रेशर के डॉक्टर हैं।

वहीं, ऑल इंडिया 7वां रैंक जमुई के प्रवीण कुमार को मिला है। चकाई बाजार निवासी प्रवीण कुमार बरनवाल ने ऑल इंडिया में 7 वां रैंक लाकर चकाई का नाम पूरे देश में रोशन किया है। प्रवीण की सफलता से पूरे चकाई बाजार में जश्न का माहौल है। उसके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ रही है। प्रवीण के पिता सीताराम वर्णवाल ने बताया- “वह बचपन से ही मेधावी था। उसकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा जसीडीह स्थित रामकृष्ण विद्यालय से हुई थी। बाद में उसने पटना से CBSE से मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा पास की। उसके बाद कानपुर IIT से पढ़ाई कर दिल्ली में 2 साल से UPSC की तैयारी कर रहा था। उसने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है।

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प्रवीण की सफलता से उसकी मां वीणा देवी, बड़े भाई धनंजय वर्णवाल, बहन दीक्षा वर्णवाल एवं चाचा रामेश्वर लाल वर्णावाल खुशी से झूम रहे हैं। सीताराम वर्णावाल ने काफी गरीबी में अपने पुत्र प्रवीण को पढ़ाया- लिखाया और आज प्रवीण ने पूरे चकाई का नाम देश स्तर पर ऊंचा किया है।

समस्तीपुर के दिघड़ा निवासी सत्यम गांधी (Satyam Gandhi) ने यूपीएससी में 10वां रैक हासिल किया है । सत्यम गांधी ने राजनीतिक शास्त्र विषय से ग्रेजुएशन किया है ।

सत्यम

परिणाम के बारे में खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव दिघड़ा में जश्न का माहौल है. बता दें कि यूपीएससी ने आज सिविल सेवा का परिणाम जारी किया है, जिसमें 761 अभ्यर्थियों का सेलेक्शन हुआ है ।

UPSC टॉपर को दी बधाई।

बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता परीक्षा 2020 के आई.ए.एस. टॉपर श्री शुभम् कुमार को उनकी बेमिसाल उपलब्धि के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने कहा कि श्री शुभम् कुमार बिहार के कटिहार जिलान्तर्गत कदवा प्रखंड के कुम्हरी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिहार का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि बिहार प्रतिभाओं की धरती रही है। आज फिर एक बार बिहार और कटिहार गौरवान्वित हुआ है।

उपमुख्यमंत्री ने श्री शुभम् कुमार के उज्जवल भविष्य की कामना देते हुए कहा कि बिहार एवं देश की तरक्की में उनकी उत्कृष्ट सेवा का लाभ मिलेगा।

झंझारपुर कोर्ट के जज अविनाश का पावर हुआ सीज फैसले को लेकर उठ रहे थे सवाल

पटना हाईकोर्ट ने मधुबनी जिला के झंझारपुर सिविल कोर्ट के एडीजे (प्रथम) अविनाश कुमार का पावर सीज करने का आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट के महानिबंधक की ओर से जारी आदेश में उनके न्यायिक कार्य करने पर रोक लगा दी गई है। हाल के दिनों में एडीजे प्रथम अविनाश कुमार अपने जारी आदेश से काफी चर्चा में रहे हैं।

कभी डीएम-एसपी तो कभी अधिकारियों को ट्रेनिंग में भेजने की बात करते थे। हाल ही में उन्होंने कपड़ा और नाली साफ करने तथा बच्चों को आधा-आधा लीटर दूध पिलाने सहित अन्य आदेश पारित किये थे। हाईकोर्ट प्रशासन ने अब उनके न्यायिक कार्य करने के अधिकार पर अंकुश लगा दिया है।

पटना हाईकोर्ट ने भभुआ (कैमूर) सिविल कोर्ट के एडीजे शिव प्रसाद शुक्ला को निलंबित कर दिया है| उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक उन्हें बगैर अनुमति के मुख्यालय से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया गया है।

हाईकोर्ट प्रशासन ने बिहार ज्यूडिशियल सर्विस (क्लासिफिकेशन कंट्रोल एंड अपील)-2020 के नियम 6 (1) के तहत कार्रवाई की है। निलंबन से संबंधित आदेश पटना हाईकोर्ट के महानिबंधक ने जारी कर दिया है।

भ्रष्टाचारियों से लड़ते लड़ते हार गया विपिन सरेआम अपराधियों ने गोली से कर दी छलनी

मोतिहारी एसपी के दामन पर लगा एक और दाग जी है सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाने वाले RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की आवाज को अपराधियों ने हमेशा के लिए खामोश कर दिया । हरसिद्धि के सीओ सहित कई पदाधिकारी और भूमाफिया पर विपिन अग्रवाल की हत्या में शामिल होने का आरोप लग रहा है।

जो खबर आ रही है उसके अनुसार विपिन अग्रवाल घर से अंचल कार्यालय सीओ से मिलने निकला था जहां सरकारी जमीन पर फिर से कब्जा होने कि शिकायत लेकर गया था सीओ से मिलकर जैसे ही बाहर निकला पहले से घात लगाये अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग करना शुरु कर दिया विपिन को चार गोली थी।

घटना की सूचना पर हरसिद्धि थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और विपिन अग्रवाल को मौके से उठाकर मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
घटना के बाबत मृतक के पिता विजय कुमार अग्रवाल ने बताया- ‘बेटे ने हरसिद्धि क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर कई RTI आवेदन दाखिल किया था।

इस कारण 2020 में भी मेरे घर पर अपराधियों ने घर पर धावा बोल गोलीबारी की थी। इसको लेकर स्थानीय थाना और SP को सनहा दिया गया था, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

‘इतना ही नहीं भूमाफिया मेरे बेटे को झुठे मुदकमें फंसा कर तंग करने लगा पूरा प्रशासन भूमाफिया के साथ खड़ा है जबकि सरकारी जमीन की रक्षा के लिए मेरा बेटा प्रशासन से गुहार लगा रहा था लेकिन प्रशासन मेरे बेटे के खिलाफ ही कारवाई करने लगा ।