यूपी विधानमंडल में बजट सत्र का आज चौथा दिन है। स्पोर्ट्स पर चर्चा के दौरान सपा विधायक कमाल अख्तर ने कहा कि जैसे एक अच्छा डॉक्टर अच्छा स्वास्थ्य मंत्री हो सकता है, वैसे ही एक खिलाड़ी अच्छा स्पोर्ट्स मंत्री हो सकता है। मंत्री गिरीश यादव ने खड़े होकर कहा कि उन्होंने हर खेल में हिस्सा लिया है।
वित्त मंत्री ने खेल मंत्री का बचाव किया
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, “मंत्रीजी रेसलिंग करते हैं, किसी दिन यहां कुश्ती करवा देंगे।” इस पर सतीश महाना ने चुटकी लेते हुए कहा कि कुश्ती विधानसभा में नहीं होगी, बाहर ही होगी। वित्त मंत्री ने कहा, “बाहर ही सही, लेकिन कुश्ती करा देंगे।”
विधान परिषद में भी हंगामा
विधानपरिषद में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि इनकी गलती नहीं है, इनके नेता का यही कल्चर है। सिर्फ बिल्डिंग से अस्पताल नहीं चलता। उन्होंने कुकर्म का उदाहरण देते हुए बताया कि अगर अस्पताल बनाते तो ठेका चाचा और भतीजे को दे देते।
विधानसभा में रागिनी और मंत्री नंदी में बहस
प्रश्नकाल के दौरान मंत्री नंद गोपाल नंदी रागिनी सोनकर के सवाल का जवाब देते समय उलझन में पड़ गए। स्पीकर सतीश महाना ने टोका और कहा कि प्रश्न का जवाब दें। मंत्री ने कहा कि सवाल में आपने कुछ किया, और आगे बढ़ते हुए इन्वेस्टर समिट की जानकारी देने लगे। इसके दौरान हंगामा हुआ।
सपा विधायक अनिल प्रधान की शायरी
चित्रकूट के सपा विधायक अनिल प्रधान ने किसान पर शायरी पढ़ी:
कर्ज के बोझ और बेरुखी को सहता है।
अन्नदाता होकर भी भूखा सोता है।
मेहनत की लकीरें माथे पर गहरी हैं,
लेकिन उसकी मेहनत से दुनिया अनसुनी है।
इस पर स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि आजकल सबको शायरी का शौक चढ़ गया है।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का गुस्सा
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह सपा विधायक आरके वर्मा के सवालों का जवाब देते हुए गुस्से में आ गए। उन्होंने कहा कि नो-नो करने से कुछ नहीं होगा, उनके पास सभी दस्तावेज हैं और छाती ठोंककर कहा कि सरकार को जनता की चिंता है।