गुमला जिले के रायडीह प्रखंड में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में पांच वर्षीय मासूम शिवम केशरी और एक अज्ञात महिला की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक यात्री घायल हो गए। दुर्घटना चैनपुर–मांझाटोली मुख्य पथ पर कटकांया स्थित पुराने शंख घाट मोड़ के पास हुई। बताया जा रहा है कि डुमरी प्रखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल टांगीनाथ धाम से मुंडन संस्कार संपन्न कर लौट रही रिजर्व बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना तेज हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और बस में चीख-पुकार मच गई।
मुंडन कार्यक्रम से लौट रहा पूरा परिवार: जानकारी के अनुसार सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर निवासी मनीष केशरी के पुत्र का मुंडन संस्कार टांगीनाथ धाम में आयोजित किया गया था। इसमें सिमडेगा, ठेठईटांगर, तामड़ा और ओडिशा सहित विभिन्न स्थानों से परिवार के रिश्तेदार शामिल हुए थे। धार्मिक अनुष्ठान के बाद सभी श्रद्धालु मेहता नामक रिजर्व बस से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान शंखमोड़–मांझाटोली के संकरे और खतरनाक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 20 यात्री बस के नीचे दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही मांझाटोली के उपप्रमुख दीपक कुजूर और स्थानीय समाजसेवी मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से सदर अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों में पांच वर्षीय शिवम केशरी और बस में दब गई एक महिला शामिल हैं, जिसकी पहचान देर रात तक नहीं हो पाई थी। घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। हादसे में सरस्वती देवी (28), मनीषा कुमारी (15), संध्या देवी (30), ज्योति केशरी (42), संगीता देवी (35), आर्यन केशरी (18), प्रशांत कुमार (22), कृष्णा बड़ाईक (25), सोमरा सिंह (45), अयोध्या प्रसाद केशरी (70), मीरा देवी (55) समेत कृष्ण बड़ाइक, जसमनी देवी, पूजा देवी, शशि कुजूर, आरती कुमारी, अनिता देवी, सुरेंद्र ठाकुर, राहुल कुमार केसरी और अन्य लोग घायल हुए हैं। सभी का इलाज सदर अस्पताल में जारी है।