बिहार स्टेट बार कॉउन्सिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने 27 सितंबर से पटना हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू होने पर संतोष जाहिर की है। श्री शर्मा पटना हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू होने के बाद मामलों के निष्पादन की गति तेज होने की उम्मीद जताई।
गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल, स्टैंडिंग कमेटी और सुरक्षा कमेटी द्वारा हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू करने का निर्णय लिया हैं। बिहार स्टेट बार कॉउन्सिल ने जनरल बॉडी की बैठक में पटना हाई कोर्ट समेत राज्य के सभी अदालतों में फिजिकल कोर्ट प्रारंभ करने के लिए चीफ जस्टिस से अनुरोध किया था।
उनका कहना था कि जब देशभर में मॉल, स्कूल, बिजनेस और कमर्शियल इकाइयां खोले जा रहे हैं ,तो कोविड के गाइडलाइंस का पालन करते हुए राज्य के सभी कोर्ट में भी फिजिकल कोर्ट शुरू होना चाहिए।
कॉउन्सिल का यह भी कहना था कि मुकदमा लड़ने वालों व न्याय की आस लगाए लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा था। कॉउन्सिल का यह भी कहना था कि 95 फीसदी राज्य के अधिवक्ता आर्थिक कठिनाई झेल रहे थे। अब सभी लोगों द्वारा राहत की सांस ली है।
अब 27 सितंबर, 2021 से सप्ताह में चार दिन फिजिकल और एक दिन वर्चुअल कोर्ट शुरू किए जाने के निर्णय से अब मामलों की सुनवाई में गति आने की संभावना बढ़ गई हैं।
पंचायत चुनाव के साथ ही बिहार के ग्रामीण इलाकों से हिंसा की खबर आने लगी है ताजा मामला नक्सली प्रभावित शिवहर से आ रही है जहां शिवहर के तरियानी थाना क्षेत्र के विशंभरपुर पंचायत के निवर्तमान उप मुखिया मदन प्रसाद और मुखिया प्रत्याशी इंदु देवी के बेटे विक्की कुमार (22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
घटना सुल्तानपुर नदी घाट के पास ब की है। युवक की लाश धान के खेत में मिली। ग्रामीणों ने प्रथम दृष्टया हत्या का कारण चुनावी प्रतिद्वंदिता बताई है। हालांकि, पुलिस अभी कुछ भी कहने से इनकार कर रही है।
घटनास्थल पर ही एक मोबाइल मिला। इससे लोग आशंका जाहिर कर रहे हैं कि अपराधी के साथ विक्की की हाथापाई भी हुई होगी। इधर, ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा मामले की जांच में जुट गई है।
बड़ी खबर शिवहर से आई है जहां एक मुखिया प्रत्याशी के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 22 वर्षीय विक्की कुमार के रूप में हुई है। विक्की की लाश धान के खेत में मिली। मृतक विक्की कुमार तरियानी थाना क्षेत्र के विशंभरपुर पंचायत की मुखिया प्रत्याशी इंदु देवी का बेटा था।
इंदु देवी के पति मदन प्रसाद पंचायत के निवर्तमान उप मुखिया हैं। बुधवार को सुल्तानपुर घाट के पास धान के खेत में विक्की का शव मिला। मामले की जांच तरियानी थाना पुलिस कर रही है।
चुनावी माहौल में हत्या चुनावी माहौल में हुई इस हत्या को लेकर इलाके में तनाव है। इसे देखते हुए डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है।डीएसपी ने कहा है कि जल्द ही इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली जाएगी। इधर प्रत्याशी इंदु देवी और उनके पति मदन प्रसाद बदहवासी की हालत में हैं। इसलिए वे कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं।
राजद के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन आज लालू यादव ने राजद कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को आनलाइन संबोधित किया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए लालू यादव ने राजद नेताओं को टिप्स दिया जिस दौरान लालू प्रसाद ने कहा कि यूपी के तर्ज पर राजद कार्यकर्ताओं को भी अब ड्रेस कोड का पालन करना होगा। राजद सुप्रीमो ने अपने संबोधन के दौरान ही ड्रेस कोर्ड तय भी कर दिया ।
अब राजद के कार्यकर्ता और नेता हरी गमछी और टोपी पहने नजर आएंगे। इन्होंने आगे कहा कि पार्टी के प्रति निष्ठावान बनें। बिहार आने के बाद मैं हर जिले का दौरा करुंगा और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी करुंगा। लालू यादव ने कहा कि हमारी पार्टी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी है।
वोट हमारा कम नहीं होता है। जो हार जाता है वो पार्टी छोड़ देता है, जिसे टिकट नहीं मिलती वो अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने में जुट जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इस तरह की बातों पर उन्होंने घोर आपत्ति जताई। उन्होंने प्रशिक्षण शिविर के आयोजन की सराहना की और कहा कि आगे भी ऐसा होगा।
आरजेडी सुप्रीमो ने इस दौरान अपने छोटे बेटे व बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि तेजस्वी के नेतृत्व को बिहार की जनता ने स्वीकारा है। दूसरे दलों के नेता भी कहते हैं कि तेजस्वी काफी अच्छा कर रहे हैं। बिहार का भविष्य युवा हाथों में होना चाहिए।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने घर पर आरजेडी का झंडा लगाए। यही हमारी पहचान है। वही प्रशिक्षण शिविर में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि दल की मर्यादा के लिये जो कुछ करना होगा करेंगे. बूथ, पंचायत, ज़िला कमेटी को को मजबूत करने से राजद का पताका फहरायेगा. अनुसाशन को अपनाओगे तो दुनिया से अराजकता समाप्त होगी ।
जाति आधारित राजनीति का मक्का कहे जाने वाले बिहार में इन दिनों धर्म आधारित राजनीति को मजबूत करने को लेकर कशमकश तेज हो गई है और इसको लेकर आये दिन कुछ ना कुछ बखेड़ा खड़ा हो रहा है ।इस बार मामला रामायण की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर खड़ा हुआ है ।बीजेपी मध्यप्रदेश के तर्ज पर ही बिहार में भी रामायण की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने लगा है ।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सिलेबस में रामायण को शामिल करने की बात करते हुआ कहा कि रामायण हमें सदियों से सही राह दिखाती आई है. हम इतिहास पढ़ते हैं तो रामायण भी पढ़नी चाहिए. इतिहास के साथ हर वो विषय लोगों को पढ़नी चाहिए जो लोगों को बेहतर संदेश देती है.।
वहीं बिहार सरकार के वन एवं पर्यवरण मंत्री नीरज कुमार बबलू (Bihar Minister Neeraj Kumar Bablu) ने कहा कि बिहार के स्कूलों और कॉलेजों में भगवान श्री राम (Lord Shree Ram) से जुड़ी तमाम जानकारियों को सिलेबस में शामिल किया जाए ताकि लोग अधिक से अधिक भगवान श्री राम के बारे में जान सकें।
विवाद बढ़ते देख जदयू कोटे से मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बीच का रास्ता निकालते हुए कहा कि रामायण और गीता की जानकारी रखना सबके लिए अच्छी बात है, लेकिन इस तरह का कोई भी प्रस्ताव पर अभी तक शिक्षा विभाग के विचाराधीन नहीं है ।
लेकिन हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के बयान से एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है जीतनराम मांझी ने भगवान श्रीराम (Lord Shree Rama) के अस्तित्व को ही काल्पनिक करार देते हुए कहा कि श्रीराम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा मैं नहीं मानता. पर रामायण कहानी में जो बातें बताई गई है वो सीखने वाली है. रामायण कथा में कई श्लोक और संदेश ऐसे हैं जो लोगो को बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक है सिलेबस में शामिल हो मुझे कोई एतराज नहीं है ।
मांझी के इस बयान पर बीजेपी के विधायक काफी गुस्से में है बीजेपी विधायक हरि भूषण ठाकुर बचोल ने कहा कि राम के अस्तित्व पर सवाल करने वाले मांझी जी जरा बताये उनके माता-पिता जी जीतन राम मांझी की जगह जीतन राक्षस मांझी क्यों नहीं रखा।मांझी सेकुलर दिखने के चक्कर में ओछी राजनीति कर रहे हैं।जीतनराम मांझी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए हलाकि बीजेपी विधायक के इस बयान के बाद जीतनराम मांझी ने एक बार फिर अपने पूराने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि मैं माफी किस बात मांगू जो सही है वो मैंने कहा ।
पटना हाई कोर्ट ने राजधानी के पटना सिटी स्थित जल्ला हनुमान मंदिर क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के मामलें पर सुनवाई करते हुए ज़िला प्रशासन को बताने को कहा कि कितने क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने जिलाधिकारी,पटना को यह जानकारी देने को कहा कि अतिक्रमण से सम्बंधित कितने मामलें चल रहे हैं और इनकी क्या स्थिति है।
आज कोर्ट में जिलाधिकारी,पटना ने कोर्ट को बताया कि जल्ला हनुमान मंदिर क्षेत्र में लगभग बीस बीघा में अतिक्रमण हुआ है,जबकि सी ओ ने काफी कम ज़मीन पर अतिक्रमण की बात कही।कोर्ट ने मामलें को गम्भीरता से लेते हुए डी एम,पटना को इस मामलें पर अगली सुनवाई में विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। पिछ्ली सुनवाई में कोर्ट ने पटना नगर निगम आयुक्त को सफाई और रौशनी की व्यवस्था के मामले पर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।
इस मामले में कोर्ट ने विगत 5 जुलाई को राजस्व सचिव को एक कमेटी का गठन करने का आदेश दिया था। पटना के जिला विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।
कोर्ट ने जलाशय की सुरक्षा के लिये उपाय करने को भी कहा था। पटना के जिलाधिकारी को संबंधित क्षेत्र को वीडियोग्राफी करवाकर के की गई कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था।पिछले 27 जुलाई,2021 को कोर्ट ने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करने को भी कहा था।
उसके बाद अपर जिलाधिकारी ने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करते हुए आवश्यक आदेश पारित किया।पिछले 23 अगस्त को कोर्ट ने पटना के जिलाधिकारी को राजधानी के बीचों बीच स्थित इस जलाशय की सुरक्षा हेतु कार्रवाई करने को कहा था। कोर्ट ने जलाशय की घेराबन्दी करने को भी कहा ,ताकि जलाशय में कोई नया अतिक्रमण नहीं हो।
याचिकाकर्ता का कहना था कि मंदिर के पास के जल क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। इस वजह से इसकी सुरक्षा व्यवस्था और संरक्षण को लेकर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस मामले में आगे की सुनवाई 27अक्तुबर ,2021 को की जाएगी।
पटना हाई कोर्ट में 27 सितंबर से पहले की तरह सामान्य फिजिकल अदालती कामकाज शुरू होगी। पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने ये जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति की पूरी टीम हाई कोर्ट के सुरक्षा समिति से मिला ,जिसमें जस्टिस ए अमानुल्लाह,जस्टिस आशुतोष कुमार, जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद व जस्टिस अरविंद श्रीवास्तव शामिल रहे।
सुरक्षा समिति के साथ बैठक के बाद चीफ जस्टिस संजय करोल ने घोषणा किया कि आगामी 27 सितंबर से फिजिकल कोर्ट शुरू होगा। पूरे मामले में चीफ जस्टिस का भी सकारात्मक रुख रहा।
यह भी तय हुआ है कि कोर्ट के पांच दिनों के कार्य दिवस में चार दिन फिजिकल और एक दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वर्चुअल कोर्ट चलेगा।
कोर्ट में प्रवेश के लिये हाई कोर्ट परिसर का तीन मुख्य गेट को खोला जाएगा। वकील संघों को भी दस – दस वकिलों के नाम सुझाने को कहा गया है, जो प्रवेश द्वार पर वकीलों की पहचान करेंगे, ताकि सभी लोग नियंत्रित रहे।
यह भी तय हुआ है कि संक्रमण फैलने की स्थिति में चीफ जस्टिस उचित कार्रवाई करेंगे। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरू करने का अनुरोध किया था। इसके बाद चीफ जस्टिस ने उक्त मामले में इन्हें हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी से मिलने को कहा है।
अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति में एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व् अन्य सदस्य शामिल थे।
ये बिहार है भाई जहां बात हमेशा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की होती है लेकिन बिहार पुलिस का एक अदना सिपाही किस तरह से कमाई कर रहा है उसका खुलासा आज आर्थिक अपराध इकाई के छापा से हुआ है । बालू कारोबारी से मिलकर अकूत सम्पत्ति संपत्ति अर्जित करने वाला बिहार पुलिस का जवान नरेंद्र कुमार धीरज के जिन 9 ठीकाने पर छापामारी चल रहा था उन ठीकानों से करोड़ो की सम्पत्ति का खुलासा हुआ है
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने सिपाही नरेंद्र कुमार धीरज के ऊपर शिकंजा कसा है। नरेंद्र की पोस्टिंग पटना जिले में है। वे सिपाहियों के संगठन बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। इनके ऊपर भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। EOU की जांच में करोड़ों रुपए की संपत्ति का पता चला है।
आर्थिक अपराध इकाई की माने तो अभी तक छापेमारी में 9 करोड़ 40 लाख 66 हजार सात सौ ₹45 से अधिक की परिसंपत्ति अर्जित किए जाने का साक्ष्य मिला है जो इनके वास्तविक आय से 544% अधिक है । एक दर्जन से अधिक ट्रक भी इसके परिवार के सदस्यों के नाम से चल रहा है ।
तलाशी के क्रम में कई दस्तावेज जमीन का निबंधन दस्तावेज, बीमा निगम पॉलिसी बैंक खाते वाहनों से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं जिसके बारे में कार्रवाई की जा रही है।
सिपाही नरेंद्र कुमार धीरज बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष है और इस इसकी पोस्टिंह पटना है और आरा का रहने वाला है और कुछ दिन पहले इसके भाई की गिरफ्तारी बालू माफिया से सांठगांठ के आरोप में हुई थी इन 9 ठिकानों पर हुई छापामारी पटना के बेउर में महावीर कॉलोनी स्थित नरेंद्र कुमार धीरज के घर पर। भोजपुर जिले के सहार थाना के तहत मुजफ्फरपुर गांव स्थित पुश्तैनी घर। अरवल में भाई अशोक के घर पर।
आरा के भेलाई रोड में कृष्णा नगर स्थित भाई सुरेंद्र सिंह के 4 मंजिला मकान पर। आरा के भेलाई रोड में कृष्णा नगर स्थित भाई सुरेंद्र सिंह के 5 मंजिला मकान पर। आरा के भेलाई रोड में कृष्णा नगर स्थित भाई विजेंद्र कयमर विमल के 5 मंजिला मकान पर।
आरा के नारायणपुर स्थित भाई श्याम बिहारी सिंह के मॉल और घर पर। आरा के अनाइठ स्थित भतीजा धर्मेंद्र कुमार के आशुतोष ट्रेडर्स नामक दुकान पर। आरा के नारायणपुर स्थित भाई सुरेंद्र सिंह के छड़ व सीमेंट के दुकान और घर पर।
बिहार के एकमा, सारण में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का 24 सितंबर को होगा शुभारंभ केंद्रीय उर्जा मंत्री राजकुमार सिंह सेवा केंद्र का करेंगें उद्घाटन ।
पटना, 21.9.2021
इस सेवा केंद्र का शुभारंभ विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के मंत्री राजकुमार सिंह 24 सितंबर को अपराहन 03 बजे करेंगें।
मौके पर महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, एकमा के विधायक, श्रीकांत यादव, विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, प्रभात कुमार, पूर्वी क्षेत्र भागलपुर के पोस्ट मास्टर जनरल अदनान अहमद उपस्थित रहेंगे।
शुरूआत में एकमा पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र कैंप मोड में काम करेगा। बाद में यह पासपोर्ट सेवा केंद्र के रूप में कार्य करने लगेगा। इस सेवा केंद्र में नये और पुनर्निगमन पासपोर्ट आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगें।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और विस्तृत जानकारी के लिए www.passportindia.gov.in पर जाया जा सकता है। आवेदक ऑनलाइन अप्यांटमेंट लेकर अपने नियत समय पर पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र में जा सकते हैं।
साथ ही उन्हें आवश्यक कागजातों की मूल प्रति और सभी संबंधित दस्तावेजों को स्वअभिप्रमाणित फोटो कॉपी लेकर जमा करने के लिए सशरीर उपस्थित होना होगा।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और खनन तथा भूतत्व मंत्री जनक राम को राज्यपाल कोटा से विधान पार्षद मनोनीत किये जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकृत कर लिया। Veteran फोरम फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।
कोर्ट को अधिवक्ता अधिवक्ता दीनू कुमार ने पिछ्ली सुनवाई में बताया था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 171के सब क्लॉज 3 और क्लॉज(5) के तहत उक्त मंत्रियों के मनोनयन को चुनौती दी गई है।
अधिवक्ता दीनू कुमार का कहना था कि अशोक चौधरी को मंत्री के तौर पर नियमों के विपरीत 6 मई, 2020 से 5 नवंबर, 2020 तक कार्य करने दिया गया। बाद में उन्हें और जनक राम को 16 नवंबर, 2021 को कथित तौर से अवैध रूप से मंत्री बनाया गया, जबकि वे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं थे।
विधान परिषद के सदस्य के रूप में श्री चौधरी का कार्यकाल 6 मई, 2020 को ही समाप्त हो गया था। उन्होंने कोई चुनाव भी नहीं लड़ा। उन्हें 17 मार्च, 2021 को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया।
उनका कहना था कि इस प्रकार से 6 मई, 2020 से 5 नवंबर, 2020 तक उनका मंत्री मंत्री पद पर बने रहना असंवैधानिक है। साथ ही 16 नवंबर, 2020 को मंत्री पद पर नियुक्ति और राज्यपाल कोटे से विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया जाना भारतीय संविधान के मूल भावना के विपरीत है।
दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया था कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) का लाभ दोबारा नहीं मिल सकता है, इसलिए किसी व्यक्ति को राज्य में मंत्री नियुक्त पर 6 महीने की अवधि के भीतर उन्हें एमएलए या एमएलसी बनना होगा।
राज्यपाल कोटे से विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता प्राप्त व्यक्तियों को मनोनीत करने का संवैधानिक प्रावधान हैं। आगे इस मामलें पर कोर्ट विस्तृत सुनवाई करेगा।
पटना हाई कोर्ट के जजों के सेवानिवृत होने के कई महीनों बाद भी अपने सरकारी आवास खाली नहीं करने के मामलें में पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।अधिवक्ता दिनेश कुमार सिंह ने ये जनहित याचिका दायर की हैं।
इस जनहित याचिका में यह बताया गया है कि सेवानिवृत जज जस्टिस दिनेश कुमार सिंह, जस्टिस अंजना मिश्रा,जस्टिस पी सी जायसवाल और जस्टिस ए के त्रिवेदी कई माह पहले सेवा निवृत हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक सरकारी आवास खाली नहीं किया है।
याचिकाकर्ता दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जस्टिस दिनेश कुमार सिंह अक्टूबर, 2020,जस्टिस पी सी जायसवाल दिसम्बर, 2019 और जस्टिस ए के त्रिवेदी अगस्त,2020ं में अपने पद से सेवानिवृत हो चुके हैं, लेकिन वे अभी सरकारी आवास में बने हुए हैं।
उन्होंने अपनी याचिका में बताया है कि जजों के सेवानिवृत होने के एक महीने के भीतर उन्हें सरकारी आवास खाली करने का प्रावधान है।अगर वे एक महीने के बाद भी सरकारी आवास में रहते हैं,तो उन्हें आवास में रहने के लिए प्रावधान के अनुसार किराया देना होगा।
उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि अगर कोई राजनीतिज्ञ या नौकरशाह अपना सरकारी आवास खाली नहीं करते है, तो कोर्ट उन्हें सरकारी आवास खाली करने का आदेश देता है, लेकिन उनके द्वारा सेवानिवृत होने के बाद सरकारी आवास खाली नहीं किया जाना दुखद है।
उन्होंने कोर्ट से इस सम्बन्ध में उचित आदेश पारित करने का अनुरोध किया है, ताकि सेवानिवृत जज अपने सरकारी आवास को खाली कर दे।
अररिया में खुलेगा सरकारी ब्लड बैंकः मंगल पांडेय प्रदेश में सरकारी ब्लड बैंक की संख्या हुई 39 बांका, अरवल में सरकारी ब्लड बैंक खुलेंगे शीघ्र भागलपुर को मिलेगा एक और सरकारी ब्लड बैंक
पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि अररिया में सरकारी ब्लड बैंक खुलेगा। ड्रग कंट्रोलर जेनरल ऑफ इंडिया ने अररिया में सरकारी ब्लड बैंक खोलने के लिये लाइसेंस जारी कर दिया। बांका और अरवल जिला में एक एक ब्लड बैंड खोलने और भागलपुर में एक और सरकारी ब्लड बैंक खोलने की प्रकिया चल रही है। इसके अलावा शिवहर, सुपौल और मोतिहारी में भी ब्लड बैंक जल्द से जल्द प्रारम्भ करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
श्री पांडेय ने कहा कि अररिया में ब्लड बैंक शुरू होने के साथ ही प्रदेश में सरकारी ब्लड बैंक की संख्या 39 हो जायेगी। फिलहाल प्रदेश में कुल 94 ब्लड बैंड संचालित हो रहे हैं। इनमें से तीन रेडक्रास द्वारा संचालित हो रहे हैं, शेष ब्लड बैंक प्राइवेट हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने को लेकर निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिये हर जिला में सरकारी ब्लड बैंक खोलने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने स्वस्थ लोगों से रक्तदान में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान से बढ़ कर कोई बड़ा पुण्य नहीं होता है।
श्री पांडेय ने कहा कि हर साल समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण की लोगों की असमय मौत हो जाती है। आपके रक्त से कई जरूरतमंद की जान बच सकती है। कोई भी स्वथ्य पुरुष तीन माह के बाद यानी साल में चार बार और कोई भी स्वस्थ महिला चार माह के बाद यानी साल में तीन बार रक्तदान कर सकती हैं।
बिहार महिलाओं और लड़कियों के लिए सबसे अनसेफ राज्य बनता जा रहा है वैशाली की सुप्रिया का मामला अभी सुलझा भी नहीं है कि पश्चिम चंपारण से एक स्कूली छात्रा से गैंगरेप की खबर आ गयी और इन सब के बीच एक बड़ी खबर ये आ रही है कि राजस्थान कोटा से अपने पति से मिलकर लौट रही एक विवाहिता के साथ पटना में गैंगरेप की घटना को टैम्पू चालकों ने मिल कर अंजाम दिया है ।
खबर आ रही है कि राजस्थान के कोटा से पटना जंक्शन उतरकर मुजफ्फरपुर की बस पकड़ने स्टैंड जाने के लिए निकली महिला और उसकी तीन साल की बेटी को बेहोश कर टेम्पो में बैठे लोगों ने अगवा कर लिया। और दो दिनों तक चार लोग बेटी की हत्या का भय दिखाकर महिला से गैंगरेप करता रहा। तीसरी रात बेटी समेत महिला को एक अपराधी बाइक से फोरलेन पर छोड़ आया।
महिला के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वह मूलत: मोतिहारी की है, लेकिन पति के साथ कोटा में रहती है। इस बार वह कोटा से तीन साल की बेटी के साथ आई थी। 16 सितंबर की शाम पटना जंक्शन उतरी तो बस स्टैंड जाने के लिए हरा-पीला रंग के टेम्पो पर सवार हुई। टेम्पो पर चालक के अलावा दो और लोग थे।
इन्हीं में से एक ने गर्मी अधिक होने की बात करते हुए मुंह के पास रूमाल झाड़ दिया। उसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। अगली सुबह 5 बजे उसे एक फर्टिलाइजर दुकान में होश आया। टेम्पो पर सवार दो के अलावा यहां महिला को दो और लोग दिखे।
18 सितंबर को आधी रात के बाद मणि नाम के बदमाश ने उसे बाइक से पटना-बख्तियारपुर फोरलेन पर छोड़ दिया। महिला ने चारों की बातचीत में मणि, पंकज, संतोष और सोनू का नाम सुना। पुलिस ने सोतीचक से सोनू व दरियापुर गांव से पंकज को गिरफ्तार किया है। डीएसपी के मुताबिक मणि व संतोष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार सोनू और पंकज के अनुसार मणि ने रूमाल झाड़कर महिला और उसकी बेटी को बेहोश किया था। फिर महिला-बेटी को दोनों ने जीरो माइल के पास उतार लिया। संतोष ने महिला को बीमार और बच्ची को सोया बताकर दूसरा टेम्पो लिया और यहां से सुडीहा स्थित ऋद्धि-सिद्धि फर्टिलाइजर दुकान में उतारा। सोनू और पंकज को सिटी कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि महिला को मेडिकल और 164 में बयान के बाद उसके परिजनों के पास भेज दिया गया।
उपमुख्यमंत्री ने भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पटना 21 सितंबर 2021
स्थानीय श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल के प्रांगण में आयोजित राजकीय समारोह में स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने उनके तैल चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री एक प्रखर राष्ट्रवादी राजनेता थे। वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय है। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को सदा याद रखा जाएगा।
इस अवसर पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेसी सिंह, विधायक श्री संजीव चौरसिया, पटना के जिलाधिकारी डॉ० चंद्रशेखर सिंह, अपर समाहर्ता श्री विनायक मिश्र सहित जिला प्रशासन से वरीय पदाधिकारीगण एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा भजन-कीर्त्तन के कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
“तमाशबीन हूँ मैं “ ऐसी कौन सी ताकत है जो बिहार को दहलाने की साजिश रच रहा है । दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो ISI एजेंट से प्राप्त इनपुट के आधार पर रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल ने आतंकी कार्रवाई को लेकर बिहार के 13 जिलों के SP सहित रेल पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।
RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, सुपौल, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, मधुबनी, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया SP सहित रेल पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर व कटिहार को पत्र जारी कर भेजा है।
दूसरी खबर बेगूसराय से है जहां विधायक के भाई के गांड़ी चालक के घर से पहले यह खबर आयी थी की दो एके47 राइफल और 200 गोली के साथ साथ 6 लाख रुपया कैस बरामद हुआ है ।अब बेगूसराय पुलिस एक एके 47 राइफल के बरामद होने की दबी जुबान से स्वीकार कर रही है। आज एसपी मीडिया से इस मसले पर बात कर सकते हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एके 47 जैसा खतरनाक हथियार 200गोली और 6 लाख कैस किस बात की तैयारी के लिए जमा किया गया था क्यों कि इस तैयारी के साथ अपराधी किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है ।
बेगूसराय और उसके आसपास के अपराध पर नजर रखने वाले पूर्व और वर्तमान पुलिस अधिकारी के साथ साथ अपराध जगत पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ भी इस बरामदगी को लेकर हैरान है क्यों कि इस समय बेगूसराय में ना तो उस तरह का कोई गैंगवार चल रहा है और ना ही पंचायत चुनाव को लेकर ऐसी कोई गोलबंदी चल रही है जिसको लेकर इतनी बड़ी तैयारी कि जाये तो फिर ये जखीरा किसके लिए जुटाया गया था एक बड़ा सवाल है ।
क्यों कि बेगूसराय पुलिस जिस दबाव में है उससे लग रहा है कि यह मामला साधारण नहीं है कही ना कही इसके पीछे बड़ी साजिश है ।देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन एक यक्ष सवाल है बिहार जहां अभी भी स्टेट थोड़ा सोफ्ट है ऐसे में ISI बिहार को निशाने पर क्यों लेगा ।बड़ा सवाल है क्यों कि बिहार में छुपने या फिर नेपाल जाने का सबसे सहज मार्ग है ऐसे में कोई भी आंतकी संगठन अमूनन इस तरह के इलाके में आतंकी घटना को अंजाम देने से बचता है यह साधारण फर्मूला है ऐसे में कुछ दिन पूर्व दरभंगा स्टेशन के पार्सल से विस्फोटक मिलना ।
रेलवे आयुक्त द्वारा बिहार के 13 जिलों को अर्लट भेजना यह क्या दर्शाता है ।जबकि बीते कई वर्षो से आतंकवादियों के पनाह देने या फिर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने कि बात पहले जैसे सामने नहीं आयी है जब की एक दौड़ ऐसा भी था जब पूरे देश में दरभंगा मॉड्यूल एक बड़ी आतंकी गैंग और सोच के रुप में उभरा था ।भटकल के गिरफ्तारी के बाद कोई गतिविधि देखने को नहीं मिल रही है ।
ऐसे में इस तरह का अलर्ट और फिर एके 47 जैसा हथिहार का मिलना सवाल तो खड़ा करता है कि कोई है जो बिहार को दहलाना चाह रहा है कोई जो है बिहार के शांति में खलल डालना चाह रहा है । क्यों कि गाँधी मैदान ब्लास्ट के पीछे किसने साजिश रची थी यह सवाल आज भी अनुत्तरित है ।
धान का कटोरा कहे जाने वाले सासाराम ,औरंगाबाद ,बक्सर और शेखपुरा जिले के धान उत्पादक किसान एक बोरा यूरिया के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। यूरिया खाद के लिए वे इतने परेशान हैं कि रोज-रोज हंगामा और सड़क जाम करने की नौबत आ रही है। इसके बाद भी आधी रात से ही किसान बिस्कोमान के गोदाम एवं दुकानों के सामने लाइन लगाकर खड़े रह रहे हैं।
किसानों की इस समस्या से विभाग को कुछ खास मतलब नहीं है। स्थिति यह है कि मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे किसानों की समस्या बढ़ती जा रही है। खाद नहीं मिलने से किसानों की धान की फसलों के नुकसान होने की पूरी संभावना है।
दो सप्ताह पूर्व बिस्कोमान दो सप्ताह पूर्व बिस्कोमान एवं प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों की अनुज्ञप्ति प्राप्त खाद दुकानदारों ने किसानों के बीच खाद का वितरण किया। संबंधित पदाधिकारी ने प्रत्येक किसान चार से पांच पाकेट खाद देने की बात कही थी। बाद में दो-दो पाकेट ही दिया जाने लगा।
यह किसानों के लिए यह पर्याप्त नहीं है। तीन दिन पूर्व भी खाद वितरण किया गया लेकिन शनिवार को वह समाप्त हो गया। हलसी प्रखंड को धान का कटोरा माना जाता है। प्रखंड में आठ हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में किसानों ने धान की खेती की है।
वैज्ञानिकों के अनुसार धान बुआई के बाद खरपतवार की निकौनी करके पौधे को हरा रखने एवं उसकी अधिक वृद्धि के लिए निम्कोटेड, नाइट्रोजन सहित अन्य रासायनिक पदार्थ युक्त यूरिया खाद का इस्तेमाल किसान करते हैं। इससे पौधा का विकास तेजी से होने के साथ ही अधिक उत्पादन होता है। इस मामले में जब राज्य के कृषि मंत्री से बात हुई तो उन्होंने खाद की किल्लत की बात तो स्वाकारी लेकिन कहां कि थोड़ा विलम्भ हो रहा है लेकिन किसान को समय पर खाद मिल जा रहा है ।
फिजिकल कामकाज शुरू करने को लेकर पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी 21 सितम्बर 2021 को वकीलों के समन्वय समिति से मिलेगी। पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि समन्वय समिति जस्टिस ए अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली कमिटी से मिलेगा।
उस कमिटी से मिल कर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज प्रारंभ करने के मुद्दे पर बात चीत होगी। इससे पूर्व हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरू करने का अनुरोध किया था।
इसके बाद चीफ जस्टिस ने इस मामले में इन्हें हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी से मिलने को कहा है। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति की 9 सदस्यों की एक टीम कल मुलाकात कर इस विषय पर विचार विमर्श करेगा।
डवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व् अन्य सदस्य सुरक्षा कमिटी से भेंट कर वकीलों की समस्या रखेंगे।
पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी में जस्टिस ए अमानुल्लाह, जस्टिस मोहित कुमार शाह और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद शामिल हैं। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से मिलने हेतु एक पत्र पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों की ओर से भेजा जा चुका है।
बिहार को दहलाने की साजिश का खुलासा दिल्ली पुलिस ने किया है । दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो ISI एजेंट से प्राप्त इनपुट के आधार पर समस्तीपुर रेल मंडल अलर्ट पर है। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल ने आतंकी कार्रवाई को लेकर 13 जिलों के SP सहित रेल पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।
RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, सुपौल, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, मधुबनी, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया SP सहित रेल पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर व कटिहार को पत्र जारी कर भेजा है। इसमें उन्होंने अपने स्तर से सुरक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों और थानाध्यक्ष को निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने जारी पत्र में लिखा है- ‘दिल्ली पुलिस ने दो ISI पाकिस्तानी आतंकी को पकड़ा है। इनके हवाले से पता चला है कि देश के विभिन्न जगहों पर पुल-पुलिया, रेलवे ट्रैक, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर RDX विस्फोटक का प्रयोग कर उन्हें क्षतिग्रस्त करने की मंशा है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल की यह कोशिश है कि किसी तरह की भी घटना नहीं घटे। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करें।’
सबसे बड़ी बात यह है कि इस समय बिहार में दुर्गापूजा दिपावली और छठ होता है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आते हैं । ऐसे में ट्रेनों के माध्यम से आवाजाही काफी अधिक बढ़ जाती है। इस संबंध में मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल का कहना है- ‘रेलवे के पुल-पुलिया, ट्रैक के कई दायरे राज्य सुरक्षा के अधीन आते हैं। ऐसे में रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है।’
आज से विश्व प्रसिद्ध गया पितृपक्ष मेला फल्गु नदीं में स्नान के साथ ही शुरु हो गया है हलाकि इस बार भी कोरोना का असर मेले पर साफ दिख रहा है। बाहर के प्रदेशों से लोगों का इस बार भी आना कम ही हुआ है ।पिंडदान कर्मकांड अगले 17 दिनों तक यानि 6 अक्टूबर को अंतिम स्नान के साथ समाप्त हो जायेंगा हलाकि कर्मकांड से जुड़े पंडितों का कहना है कि दो तीन दिनों में पहले जैसा रोनक देखने को मिलेगा।
प्रशासन के सख्त निर्देश को देखते हुए इस बार कोविड-19 गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। मास्क, सैनिटाइजर व आपस में दूरी रखने की सलाह तीर्थयात्रियों को दिया जा रहा है। एक जगह पर तीर्थयात्रियों की भीड़ ज्यादा ना हो इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है।
विगत 2 सालों से कोरोना के कारण पिंडदान कर्मकांड बंद था, जिस कारण इस कार्य में लगे पंडित की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। इस बार पितृपक्ष मेला की स्वीकृति नहीं दी गई, लेकिन पिंडदान कर्मकांड की स्वीकृति सरकार ने दी है, इससे लोगों को थोड़ी आस जगी है।
जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेला नहीं लगेगा, लेकिन गया आने वाले पिंडदानियों को कर्मकांड करने से नहीं रोका जाएगा। उन पिंडदानियों को कोरोना गाइडलाइन के तहत कर्मकांड करना है और इसकी निगरानी भी की जाएगी। नगर आयुक्त सावन कुमार ने बताया कि मेला नहीं लगेगा, लेकिन पिंडदानियों के आगमन की संभावना को देखते हुए मेला क्षेत्र में सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई स्थानों पर शिविर लगाकर कोरोना जांच व टीकाकरण किया जाएगा।
32 एडीजे स्तर के जज का हुआ तबादला हाईकोर्ट ने किया तबादला पटना हाईकोर्ट ने बिहार के विभिन्न जिलों में एडीजे के पद पर कार्यरत 32 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) को उनके जिला में ही जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार में सचिव के पद पर पदस्थापित किया है।
जिन एडीजे को जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार में सचिव बनाया गया है, उनमें धीरेन्द्र कुमार को अररिया , सर्वेश कुमार राय को बांका ,अनवर शमीम को बेगूसराय, अतुलवीर सिंह को भागलपुर, रंजीत कुमार को भोजपुर (आरा), धर्मेन्द्र कुमार तिवारी को बक्सर, जावेद आलम को दरभंगा, गौरव आनंद को पूर्वी चंपारण ( मोतिहारी), अंजू सिंह को गया , बिलेन्द्र शुक्ला को
पालगंज, देवेश कुमार को जमुई, राकेश कुमार को जहानाबाद, सुमित रंजन कैमूर भभुआ, समरेन्द्र गांधी को खगड़िया, रजनीश रंजन को किशनगंज, राजीव रंजन रमन को लखीसराय, प्रीतम कुमार रतन को मधुबनी, राजीव नयन को मुंगेर, सुभाष चन्द्र को मुज़फ़्फ़रपुर, मो मंजूर आलम को बिहार शरीफ नालंदा, अनिल कुमार राम की नवादा, संतोष कुमार झा की
टना,धीरज कुमार भास्कर को पूर्णिया, अमित राज को रोहतास (सासाराम), रवि रंजन को सहरसा, अभिषेक कुणाल को समस्तीपुर, नूर सुल्ताना की सारण (छपरा), विवेका नन्द प्रसाद को शेखपुरा , निशित दयाल को शिवहर, आशुतोष कुमार राय को सिवान, प्रवीण कुमार सिंह श्रीनेत को वैशाली और योगेश शरण त्रिपाठी को बेतिया पश्चिम चंपारण में जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार का सचिव बनाया गया है।हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.
आरा डबल मर्डर मामले में आरा पुलिस का बड़ा खुलासा 100 रुपए के लिए हुई हैं हत्या । कबाड़खाने से ऑटो खरीदने को लेकर हुआ विवाद, अपराधी घर आकर 100 रुपए मांगने लगे, विरोध करने पर मार दी गोली नगर थाना क्षेत्र के रघुटोला मोहल्ले में आज सुबह हथियारबंद अपराधियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि’अपराधियों ने महज 100 रुपए के लिए दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
कारण बस यह था कि मृत रमेश यादव के बहनोई ने कबाड़खाने से दो दिन पहले एक टेम्पो खरीदा था। शनिवार को अपराधी रमेश यादव के घर पहुंचे और कहने लगे कि ये टेम्पो हम खरीदने वाले थे, लेकिन अब जब तुमने खरीद लिया है तो इसके लिए 100 रुपए दो। रमेश ने विरोध किया तो अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। इसमें 2 गोली रमेश, 3 गोली वहां मौजूद एक बुजुर्ग को और एक गोली वहां से गुजर रहे युवक के पैर में लगी।’
SDPO हिमांशु ने भी स्वीकार किया है कि 100 रुपए के लेनदेन में हत्या हुई है ऐसा प्रारम्भिक जांच के दौरान बात सामने आयी है। डीएसपी ने कहा कि आसपास लगे सीसीटीवी के कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा रहा है।इस घटना में दो की मौत हो गयी है और एक अन्य युवक घायल है।
उसका इलाज चल रहा है।’मरने वालों की पहचान रघुटोला वार्ड नंबर 34 निवासी स्व.यमुना राय के 65 वर्षीय पुत्र जनार्दन राय और दूसरा मृतक उसी मोहल्ले के निवासी रामबाबू यादव का 30 वर्षीय पुत्र रमेश यादव के रूप में हुई। रमेश के भाई कमलेश यादव ने बताया- ‘सुबह भाई घर के दरवाजे पर खड़ा था, तभी 6 हथियारबंद बदमाश आ धमके और जबरन 100 रुपए मांगने लगे।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी,मसूरी के 44वें स्थापना दिवस पर डॉक्टर प्रिया भारती , असिस्टेंट कमांडेंट, (मेडिकल ऑफिसर), आई टी वी पी ( भारत तिबबत सीमा पुलिस) को कोविड – 19 के खतरनाक दूसरी लहर में अधिक ऊंचाई (मसूरी) पर प्रशिक्षण के बीच आपातकालीन स्थिति में रातो रात दिल्ली आकर कोरोना रोगियों की इलाज और उत्कृष्ट सेवा के लिए लगातार ( सेवा के दूसरे वर्ष में) महानिदेशक (डी जी) के द्वारा स्वर्ण पदक (गोल्ड मैडल) और प्रशस्ति पत्र को अकादमी के निर्देशक/महा निरीक्षक (आई जी) ने प्रदान किया है।
ज्ञात हो कि अपनी सेवा के पहले वर्ष में ही डॉक्टर प्रिया को कोविड रोगियों के इलाज और अपनी उत्कृष्ट सेवा के लिए रजत पदक प्राप्त हो चुका है।
बिहार की बेटी के द्वारा लगातार इस उपलब्धि से परिवार के सदस्यों एवं रोसड़ा वासी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं तथा उज्जवल भविष्य एवं राष्ट्र सेवा के लिए शुभकामना दिया। ज्ञात हो कि डॉक्टर प्रिया भारती , सहायक सेनानी ( चिकित्सा पदाधिकारी) रोसरा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं स्थापित समाजसेवी स्वर्गीय देवनन्दन सिंह की परपोती और डॉक्टर अमरेन्द्र कुमार सिंह की सुपुत्री है।
पटना में अपराधी किस कदर बेखौफ हो गए हैं, इसकी एक बानगी आज फिर देखने को मिली दिनदहाड़े मलाही पकड़ी जेवर लूट का मामला अभी सुलक्षा भी नहीं था कि आज अपराधियों ने कदम कुआं थाना क्षेत्र के बुद्ध मूर्ति के पास दिनदहाड़े जिम ट्रेनर को गोलियों से भून दिया है। उसे 5 गोली मारी गई है। जिम ट्रेनर का नाम विक्रम सिंह है। हालत गंभीर है।वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी मच गई।
विक्रम सिंह और उसका परिवार मूल रूप से बांका जिला का रहने वाला है। वारदात स्थल से कुछ दूरी पर ही उसका घर है। वहां किराए के मकान में परिवार रहता है। सुबह 25 वर्षीय विक्रम अपने घर से जिम जाने के लिए स्कूटी से निकला था। बुद्ध मूर्ति के पास 3 अपराधी हथियार लेकर पहले से खड़े थे।
से ही स्कूटी सवार विक्रम उनके नजदीक आया अपराधियों ने पिस्टल निकालकर बैक टू बैक गोली चलानी शुरू कर दी। गोली लगते ही विक्रम वहीं गिर गया। जबकि, अपराधी बड़े आराम से फरार हो गए।
घायल विक्रम को परिवार वाले PMCH लेकर पहुंचा जहां डॉक्टर जिम ट्रेनर की जिंदगी बचाने में जुटे हैं।दूसरी तरफ पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वारदात स्थल के आसपास लगे CCTV को खंगालने की कोशिशों में लगी है। अब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो पाई है। वारदात के पीछे की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ब्लैक बोर्ड पर जिस अंदाज में लिख कर मोदी को बधाई दिये उसको लेकर राजनीतिक गलियारे में अपने अपने तरीके से मूल्यांकन शुरु हो गया है, हलाकि नीतीश कुमार की यह शैली रही है कि वो अपने अंदाज में राजनीतिक संदेश छोड़ जाते हैं और इसके लिए नीतीश कुमार खुद होमवर्क करते हैं और फिर सब कुछ स्क्रिप्ट के अनुसार होता है ।
याद करिए 5 फरवरी 2017 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के गांधी मैदान में आयोजित पुस्तक मेले के उद्घाटन के बाद पद्मश्री बौआ देवी के द्वारा बनाए कमल के फूल में रंग भरने लगे थे और उसके बाद बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया था ।इसकी मुझे पक्की जानकारी है कि यह सब पहले से तय था बौआ देवी को कमल का फूल बनाने के लिए कहा गया था और नीतीश कुमार आकर उस पर रंग भरेंगे ये पहले से तय था ।
इसी तरह पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर ब्लैक बोर्ड को लगाया जाना और उस ब्लैक बोर्ड पर सीएम कुछ संदेश लिखेंगे ये सब स्क्रिप्ट पहले से तय था । 2017 में कमल के फूल पर रंग भर के जो संदेश देना चाह रहे थे इसकी वजह थी लालू प्रसाद तबादले और पोस्टिंग मामले में लगातार हस्तक्षेप कर रहे थे नीतीश इसको लेकर हमेशा असहज रहते थे इतना ही नहीं इस तरह का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था पैसा वसूली का खेल का केन्द्र बदलने लगा था।
हलाकि इस बार भी 2017 की तरह ही नीतीश कुमार सरकार चलाने को लेकर सहज नहीं है आज उनके साथ सुशील मोदी जैसा कोई वफादार साथी सरकार में नहीं है हर कोई एक दूसरे को संदेह की दृष्टि से देखता है। तबादले और पोस्टिंग को लेकर भी पहले की तुलना में नीतीश पर ज्यादा दबाव है और उससे भी बड़ी बात यह है कि नीतीश संख्या बल में बीजेपी से काफी नीचे हैं ।
तो मोदी के जन्मदिन पर दिये गये संदेश को क्या माना जाये नीतीश बीजेपी के संग हो गये ,तो फिर उपेन्द्र कुशवाहा का बिहार दौरा, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारणी में पीएम मटेरियल वाला प्रस्ताव को पास करना और फिर अंतिम क्षण में देवीलाल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में के0सी0त्यागी के शामिल होने कि घोषणा दिल्ली में करना जहां तीरसे मोर्चें के गठन का संदेश दिया जाना तय है ।
उसी तरह यूपी में चुनाव लड़ने की जिद ,सीमाचल मुद्दे पर बीजेपी के मंत्री से त्यागपत्र मानना ये सब तो नीतीश कुमार के संदेश के ठीक विपरित चल रहा है बिहार की राजनीति पर विशेष नजर रखने वाले फूलेन्द्र कुमार सिंह आंसू का कहना है कि नीतीश और बीजेपी दोनों के सामने फिलहाल कोई विकल्प नहीं है बीजेपी को लेकर राजद अभी भी तैयार नहीं है ।
ऐसे में बीजेपी बिहार में अलग होने कि बात सोच भी नहीं सकता क्यों कि बिहार बीजेपी के पास नीतीश या लालू जैसा कोई लीडर नहीं है जो चुनाव जीता सके 2015 में मोदी की लोकप्रियता चरम पर थी फिर भी बिहार में औंधे मुंह गिर गये थे ऐसे में नीतीश के अलावे उसके पास कोई विकल्प ही नहीं है ।
वही नीतीश के साथ परेशानी यह है कि उनके पास संख्या बल नहीं है फिर भी उनका जो राजनैतिक संकल्प है उसके साथ पार्टी खड़ी रहे ये भी दिखना चाहिए। इसलिए आरसीपी सिंह को वो हटाये जबकि आरसीपी सिंह ललन सिंह से कही ज्यादा नीतीश कुमार के वफादार है ।
उपेन्द्र कुशवाहा का लाना और उनके सहारे अपने राजनैतिक संकल्प को बचाये रखने कि कोशिश करना, इसी तरह के0सी0त्यागी का देवीलाल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भेजना यह सब उसी संकल्प का हिस्सा है क्यों कि नीतीश ये समझ रहे हैं कि उनका राजनीति को लेकर जो संकल्प रहा है उसको जिंदा रखना जरुरी है क्यों कि उसी संकल्प के सहारे स्थिति जैसे ही अनुकुल होगी पाला बदल सकते हैं ।
लेकिन अभी वो स्थिति नहीं है राष्ट्रीय स्तर पर मोदी के खिलाफ उस तरह की गोलबंदी नहीं हो पायी है जैसे ही इस तरह की गोलबंदी शुरु होगी लालू दबाव में आयेंगे ही और नीतीश कुमार इसी पल का इन्तजार कर रहे हैं क्यों कि उस समय नीतीश कुमार राष्ट्रीय स्तर पर अपने राजनैतिक संकल्प के सहारे पीएम उम्मीदवार का चेहरा बन सकते हैं और लालू को बिहार की गद्दी का लालसा देकर उनका समर्थन प्राप्त कर सकते हैं ।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर भारत-बांग्लादेश मुख्यमार्ग पर पेट्रापोल यात्री टर्मिनल भवन-1 तथा एकीकृत जांच चौकी दोनों देशों के यात्रियों को समर्पित किया गया. इससे प्रत्येक वर्ष दोनों देशों के 3 लाख से अधिक यात्री लाभान्वित होंगे तथा दोनों देशों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे.
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानन्द राय ने कहा कि भारत-बांग्लादेश का मैत्रीपूर्ण संबंध मित्रता की महान मिसाल है. माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी इसका विशेष ख्याल रखते हैं कि इस दिशा में शेष कार्य भी शीघ्र पूरा हो और आवागमन एवं व्यापार सुगम हो सके.
अत: इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. सबरूम डौकी, कावरपुइचा, निश्चिन्तपुर आदि में काम तेज गति से चल रहा है. भारत-बांग्लादेश के लिहाज से यह हर्ष का विषय है कि दोनों देशों के भूमि पत्तन प्राधिकरणों ने द्वितीय कार्गो गेट का शिलान्यास करके अपने संबंधों को और प्रगाढ़ किया है. वर्ष 2017 में दोनों देशों के माननीय प्रधान मंत्रियों द्वारा लैंड पोर्ट में उचित आधारभूत संरचना के निर्माण में सहयोग देने का निर्णय लिया था ।
उनकी इस मंशा को साकार करते हुए यह संयुक्त द्वार भविष्य के लिए दोनों प्राधिकरणों एवं दोनो देशों के बीच नए संपर्क का आह्वान करता है । आने वाले दिनों दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार क्षेत्र का विकास और तेज गति से होगा. आज जब भारत माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘आजादी का अमृत उत्सव’ मना रहा है तब ऐसे शुभ अवसर पर आज कार्यक्रम ख़ास महत्व वाला है और दोनों देशों के बीच मित्रता तथा सम्बन्ध गहरे करने का अवसर प्रदान करता है .
पेट्रापोल उद्घाटन कार्यक्रम में भारत के गृहराज्य मंत्री श्री निशीथ प्रमाणिक जी, बांग्लादेश के जहाजरानी राज्य मंत्री मो. खालिद महमूद चौधरी जी, सहित वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे.
आकाशदीप इस साल IPL के दूसरे चरण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की तरफ से खेलेंगे। विराट कोहली की टीम में घायल खिलाड़ियों के कारण पांच परिवर्तन किए गए हैं, जिनमें चार विदेशी खिलाड़ियों के साथ एक भारतीय खिलाड़ी आकाशदीप को जगह मिली है।
आकाशदीप घायल वाशिंगटन सुंदर के स्थान पर टीम में शामिल किए गए हैं। लंबे कद, मजबूत कदकाठी के ऑलराउंडर आकाशदीप IPL-2 में भाग लेने दुबई पहुंच चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, गांव और जिले के खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है।
आकाशदीप बड्डी गांव के किसान परिवार से हैं। इनके पिता स्व. रामजी सिंह शारीरिक शिक्षक थे, जबकि माता लड्डूमा देवी गृहिणी हैं। साल 2009-10 में आकाशदीप सासाराम के न्यू स्टेडियम में क्रिकेट का प्रशिक्षण लेते थे। एक दशक पहले वो कोलकता चले गए।
वहां की कोचिंग से उन्हें फायदा मिला और वे क्लब क्रिकेट में चमके। फिर उन्हें बंगाल की टीम से रणजी ट्राफी 2018-19 में खेलने का अवसर मिला। इसके बाद IPL 2021 के प्रथम चरण में आकाशदीप को रॉयल चैलेंजर्स ने रिजर्व खिलाड़ी के रूप में चुना था, अब दूसरे चरण में घायल खिलाड़ी के चलते आकाशदीप को मुख्य टीम में स्थान मिला है। अब सबकी नजरें इनके प्रदर्शन पर हैं। अभी RCB सात मैचों में 10 अंक के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है।
बिहार में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन अलग अलग अंदाज में मनाया गया है लेकिन जो BJP विधायक हरिभूषण बचौल ने जिस अंदाज में जन्मदिन की बधाई दी है वह खुब चर्चा में है ।
मधुबनी के विस्फी से विधायक बचौल मोदी का चेहरा भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर में लगाकर उन्हें अगरबत्ती दिखाते दिखे। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है और विश्वकर्मा जी का। उन्होंने इन दोनों अवसरों को एक साथ जोड़ दिया है।
बिस्फी स्थित अपने आवास पर उन्होंने तस्वीर को लगाकर फल, प्रसाद और फूल के साथ विधिवत पूजा की है। अगरबत्ती दिखाते हुए बचौल, मोदी शरणम् गच्छामि और मोदी नाम केवलम् का भी जाप कर रहे हैं।
ओवैसी इसी मंगलवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में दम है तो वह तालिबान को आतंकी घोषित करें.. बिहार में चोर दरवाजे से NRC लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार के पदाधिकारी विशेष क्षेत्रोंं को चिह्नित कर फरमान जारी कर रहे हैं।
कोई वजह नहीं ,कोई अवसर नहीं अचानक ओवैसी साहब बिहार आते हैं और सीमांचल में हो रहे घुसपैठ मामले में बीजेपी और जदयू पर निशाने साधते हुए निकल जाते हैं ।और उसके बाद बयान का जो सिललिसा बीजेपी की और से शुरु हुआ है वो थमने का नाम नहीं ले रहा है हलाकि पहले जैसा माहौल नहीं बन पा रहा है लेकिन माहौल बनाने कि कोशिश पूरी चल रही है।
इतना ही नहीं अचानक मीडिया भी इस खेल को आगे बढ़ाने में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर गया है कई मीडिया हाउस ने तो अपनी एक एक टीम सीमांचल से घुसपैठ को लेकर रिपोर्टिंग करने के भेज दिया है ।हलाकि जदयू के मुस्लिम विधायक इस मामले में लाग लपेट के बजाय सीधा हमला शुरु कर दिया है विधान परिषद सदस्य खालिद अनवर ने कहा कि मंत्री रामसूरत राय उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतने के लिए बिहार में इस तरीका का बयान दे रहे हैं,मंत्री है उनको अहसज लग रहा है तो पद छोड़ देना चाहिए। कुछ ऐसा ही बयान जदयू विधान परिषद गुलाम रसूल बलियावी का भी रहा है।
हलाकि यूपी विधानसभा 2017 के चुनाव से पहले की क्रोनोलॉजी पर गौर करिए तो इसी तरह का माहौल बनाने कि कोशिश चुनाव के छह माह पहले शुरु हो गया था उस बार रेल हादसे में आईएसआई का हाथ है यह खबर भी बिहार से ही ब्रेक हुआ था और उसको लेकर यूपी के वोटिंग ट्रेंड पर बड़ा असर पड़ा था ।
इस बार भी बिहार से ही सियासी पृष्टभूमि तैयार कि जा रही है ऐसा दिख रहा है ।2017 के यूपी चुनाव से ठीक पहले दो बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था और उस हादसे का आतंकी घटना से तार जोड़ने को लेकर बड़ी बड़ी बाते हुई थी लेकिन बाद में सारी बाते गलत साबित हुआ।
इस बार भी अचानक दरभंगा मॉड्यूल की चर्चा शुरु हो गयी है यूपी से कई लोग गिरफ्तार भी हुए हैं, जिन पर दरभंगा आ रही ट्रेन को उड़ाने की साजिश रचने का आरोप है। हलाकि एनआईए शुरुआती दौर में जिस तरीके से सक्रिय था वो अब सक्रियता नहीं दिख रही है। इसी तरह तीन चार दिन पहले दिल्ली पुलिस ने भी एक बड़ा खुलासा किया है मतलब कही ना कही यूपी चुनाव से पहले किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में लोग लगे हुए हैं।
यह संयोग नहीं हो सकता है कही ना कही यह सब साजिश का हिस्सा है ऐसा नेताओं के बयान से साफ दिख रहा है ।ऐसे में हमारी जो सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय हो जाना चाहिए क्यों कि सियासी फायदे के लिए सियासत दान अब किसी को भी दाव पर लगाने में एक मिनट नहीं सोचते हैं ।
कोरोना फैलाने वाले नायक कहा छुपा है मौलाना साद जिसको दिल्ली पुलिस और हमारी एजेंसी अभी तक पकड़ नहीं पायी है ।ऐसे कई उदाहरण है जिसके सहारे हमारे सियासत दान ध्यान भटकाने के लिए इस्तमाल करते आ रहे हैं।
27 सितम्बर को अभुतपुर्व भारत बंद को सफल बनाने के लिए केदार भवन पटना में आज एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया , सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि देश में तमाम विकासों के बावजूद आज भी भारत मूल रूप से कृषि प्रधान देश है, कृषि सिर्फ हमारी पेशा या धंधा ही नहीं है, बल्कि वह हमारी तहजीब है, हमारी सभ्यता और संस्कृति है, भाषा और सामाजिक संबंधों के सारे रिश्ते नाते , बोल -चाल, सारे धार्मिक अनुष्ठान,पूजा- पाठ, पर्व -त्यौहार ,सब कुछ कृषि आधारित हैं ,किसान इस देश की बुनियाद है, कृषि एवं किसानों -मजदूरों के मेहनत से मुल्क का सारा विकास हुआ है, हमारी रगों में जो गर्म खून दौड़ता है, उस खून के हर कतरे पर किसानों का हक है, इसलिए हमारा ओरिजिनल कल्चर है, एग्रीकल्चर, मोदी जी किसान विरोधी तीनों काले कानूनों के जरिए देश पर कॉरपोरेट कल्चर थोपना चाहते हैं, कॉर्पोरेट में एक बाजार होता है और बाजार में धोखाधड़ी, दलाली, फरेब, प्रपंच, झूठे वादे, गला काटु प्रतिद्वन्दिता के अलावे ठगने और बेईमानी की संस्कृति होती है ,इसके विपरीत कृषि में खून -पसीने की कमाई की संस्कृति होती है, इसलिए मोदी जी ने जन विरोधी कानूनों के जरिये खून पसीने की कमाई की संस्कृति के बदले दलाल संस्कृति हम पर थोपना चाहते हैं, हमारी तहजीब, सभ्यता एवं संस्कृति को मिटाना चाहते हैं, इसलिए हर तरफ वे झूठे सपने दिखा रहे हैं, फिरका परस्ती आज देश की शान बन गई है, खून पसीने की संस्कृति और दलाल संस्कृत के बीच सीधा लड़ाई छिड़ गई है, आज मजदूरों के खिलाफ कॉर्पोरेट पक्षी चार श्रम कोड जो श्रमिकों को कॉर्पोरेट का गुलाम बनाने के लिए मोदी जी ने लाया है ,उसे सरकार समाप्त करें, ब्रिटिश हुकूमत से लड़कर जो अधिकार मजदूरों ने हासिल किया, उसे अंग्रेज बन कर यदि मोदी जी हमसे छीनना चाहतें हैं तो हम भगत सिंह बनकर उसे पुनः हासिल करेंगे, सिंघू बॉर्डर दिल्ली कन्वेंशन एंव मुजफ्फरनगर के किसान महापंचायत से किसान, मजदूर, छात्र ,नौजवान एवं महिला संगठन के अलावे शिक्षक, प्रोफेसर, डाक्टर, वकील, लेखक,एंव कलाकार ने एकजुट होकर जो 27 सितम्बर को ऐतिहासिक भारत बंद का आह्वान किया है, उसे बिहार में शानदार ढंग से सफल बनाने के लिए आज केदार भवन पटना में सभी किसान संगठनों, सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ,खेत मजदूर यूनियन , महिला समाज,छात्र ,
नौजवान ,शिक्षक,कर्मचारी,प्रोफ़ेसर, वकील ,लेखक ,कवि एवं कलाकार आदि संगठनों का संयुक्त सम्मेलन सम्पन्न हुई,जिसकी अध्यक्षता बिहार एटक के उप महा सचिव गजनफर नवाव, किसान महा सभा के राज्य सचिव रामाधार सिंह एवं जन मुक्ति संघर्ष बाहिणी के अशोक प्रियदर्शी ने की, सम्मेलन में आगे की कार्य योजना बिहार राज्य किसान सभा के महा सचिव अशोक प्रसाद सिंह ने पेश की, बिहार राज्य किसान सभा जमाल रोड के जिला सचिव सोने लाल प्रसाद, राष्ट्रीय किसान मंच के वी. वी. सिंह, एन. ए. पी. एम के आशीष रंजन, ए.आई. के. के. एम. एस के एम. के. पाठक, नेशन फॉर फार्मस के गोपाल कृष्ण, मेगा औद्योगिक पार्क प्रभावित किसान मोर्चा के अनिश अंकुर,अग्रगामी किसान सभा के रवींद्र लाल कर्ण, बिहार एटक के अध्यक्ष अजय कुमार, ऐक्टु के रण विजय कुमार एवं जितेंद्र कुमार , यू टी यू सी के सूर्यकर जीतेंद्र, आई. एफ. टी. यू. सर्वहारा के सौजन्य, बिहार राज्य खेत मजदूर युनियन के अर्जुन राम, किसान नेता भूषण कुमार पान्डे, राजेन्द्र पटेल, सिपाही यादव, वशिष्ठ शर्मा, गोपाल शर्मा आदि ने अपना विचार व्यक्त किये, सम्मेलन ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 27 सितंबर को भारत बंद को बिहार में सफल बनाने के लिए सभी संगठन मिलकर एकजुट होकर लड़ाई के मैदान में उतरेंगे, इसके लिए अपने -अपने जिला संगठनों को आंदोलन में उतरने एवं व्यापक गोलबंदी के लिए संगठनों को निर्देश देंगे, इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर एकजुट कार्रवाई सब लोग मिलकर करेंगे तथा 23 सितंबर को सभी स्तरों पर साइकिल , मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर 27 सितंबर के भारत बंद के संदेश को घर-घर तक पहुंचेंगे तथा 25 सितंबर को मशाल जुलूस निकालेंगे, पटना में 26 सितम्बर को शाम 6.30 बजे जी. पी. ओ. गोलम्बर से मशाल जुलुस निकालेंगे, जो पटना स्टेशन होते हुए बुद्ध स्मृति पार्क पर समाप्त होगा,इस बीच 23 से 25 सितंबर तक पटना शहर में बड़े पैमाने पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएगी और 27 सितंबर को ऐतिहासिक भारत बंद को सफल बनाया जाएगा,
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी की अपनी एक अलग शैली है एक ही समय दो तरह के बायन देते हैं। नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद जीतनराम मांझी ने एक और जहां नीतीश की शराब नीति की जमकर आलोचना की वहीं यूपी में चुनाव लड़ने के मसले पर जदयू के साथ खड़े होने कि भी बात कर रहे हैं हलाकि मांझी की इसी शैली की वजह से इनके बयान को राजनैतिक समीक्षक कभी गंभीरता से नहीं लेते हैं
नीतीश कुमार का शराबबंदी पूरी तरह फैल है
नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद मांझी ने कहा कि शराबबंदी से पहले बिहार में जितनी शराब बिकती थी, अब उससे दोगुनी ज्यादा बिकने लगी है। ऐसे में इस कानून की समीक्षा की जरूरत है। क्योंकि कानून का डंडा जिनपर चलता है, उनमें से तीन चौथाई लोग गरीब तबके के होते हैं। यूं कहें कि गरीब ही ज्यादा कार्रवाई की जद में आते हैं।
जदयू सीट नहीं देगा तो नहीं लड़ेंगे यूपी में चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू और भाजपा का गठबंधन हो जाता है तो वे भी साथ में लड़ना चाहेंगे। लेकिन यदि दोनों पार्टियां अलग-अलग लड़ती हैं तो वे जदयू के साथ चुनाव लड़ेंगे। सीमावर्ती इलाके में जहां, हमारा वर्चस्व है, उन सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रयास करेंगे। मांझी ने यह भी कहा कि यदि जदयू सीट नहीं देगा तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।
पटना हाई कोर्ट ने चर्चित रुपेश हत्या कांड में रश्मि कुमारी के ममेरे देवर साकेत भूषण को पेश करने के लिए दायर याचिका पर राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया।।जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने रश्मि कुमारी की याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया गया कि साकेत भूषण को पुलिस ने 30 जनवरी,2021को कस्टडी में ले लिया।उसे उस दिन सगुना मोड़ के पास पल्सर बाइक के साथ साढ़े आठ बजे रात को टायर मॉल के पास कस्टडी में पुलिस लिया।
2 फरवरी, 2021 को ए सी जे एम,पटना सिटी के समक्ष साकेत भूषण को प्रस्तुत करने के लिए एक याचिका दायर की गई।3 फरवरी, 2021 को साढ़े ग्यारह बजे दिन में साकेत भूषण को पटना के इनकम टैक्स गोलम्बर पर पुलिस ने छोड़ा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने पुलिस पर यह आरोप लगाया गया कि साकेत भूषण को पीटा गया और उत्पीडित किया गया।पल्सर बाइक को अब तक नहीं छोड़ा गया है।
पुलिस द्वारा कस्टडी में तीन दिन से अधिक अनाधिकृत रूप से रखने,उत्पीड़न,अपमान और भारतीय संविधान की धारा ,21 के उल्लंघन व मानवाधिकार के उल्लंघन पर पांच लाख रुपये के क्षतिपूर्ति की माँग की गई हैं।साकेत भूषण के पत्नी की उपस्थिति में ऋतू राज को प्रताडित किया गया।इस मामलें पर अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद की जाएगी।