यह बाढ़ अरुणाचल प्रदेश के लोवर सुबनसिरी जिले के पूर्वी हिस्से से निकली है। यहां 24 घंटे की अवधि में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई है। इससे ब्रह्मपुत्र नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है और इसे असम में पहुंच रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में भी बारिश की संभावना है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
असम के कई जिलों में बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। जिन जिलों में बाढ़ का खतरा सबसे अधिक है, उन्हें अलर्ट पर रखा गया है। सरकार ने बाढ़ के प्रभावित लोगों की मदद के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाद्य और पेयजल प्रदान किया जा रहा है।
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए कदम उठाए हैं। सरकार ने बाढ़ प्रभावितों को 5000 का अनुग्रह भुगतान किया है। साथ ही सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 5 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है।
असम के अलावा, अरुणाचल प्रदेश में भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। यहां कई घर और किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय सरकार ने इस स्थिति का समन्वय करने के लिए एक आपदा के प्रतिनिधिमंडल की नियुक्ति की है।
बाढ़ के कारण असम में लोगों को असमानता के सामने-फोन सेंटर, बैंक, हॉस्पिटल, स्कूल आदि के बंद होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण असम में किसानों को अपनी फसलों का नुकसान हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
असम के अलावा, अरुणाचल प्रदेश में भी बाढ़ के कारण बड़ा नुकसान हुआ है। यहां कई घर और किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय सरकार ने इस स्थिति का समन्वय करने के लिए एक आपदा के प्रतिनिधिमंडल की नियुक्ति की है।
बाढ़ के कारण असम में लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यहां कई इलाकों में पानी की कमी हो गई है, जिससे लोगों को पानी पीने के लिए पानी के टैंकरों का इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार ने पानी की आपूर्ति के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।
असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करेगी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाएगी। उन्होंने कहा है कि सरकार बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। इसके लिए राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है और प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि लोगों के पुनर्वास, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल सके।
असम और अरुणाचल में भारी बारिश के बाद डरावनी बाढ़ आई है, जिससे ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियां गरजती हुई बह रही हैं। असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद के लिए तेजी से कदम उठाए हैं, जिनमें खाद्य, पेयजल और अनुग्रह भुगतान शामिल हैं।
भारी बारिश के बाद असम और अरुणाचल में फैली हुई बाढ़ ने न केवल लोगों की जान-माल को खतरे में डाला, बल्कि आर्थिक स्थिरता को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। बाढ़ के कारण हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा सड़क, पुल, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी क्षति पहुंची है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने और आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने में काफी समय लग सकता है। वहीं, राहत और पुनर्वास कार्यों पर सरकार को अतिरिक्त संसाधन खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे राज्य की वित्तीय चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।