भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए असम का मॉडल लागू किया जाएगा। असम में ‘पहचानो (डिटेक्ट), नाम हटाओ (डिलीट) और वापस भेजो (डिपोर्ट)’ की नीति पर काम किया गया है, जिसका उद्देश्य अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर निकालना है।
नितिन नबीन ने मालदा में परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करते हुए कहा कि भाजपा अगर राज्य की सत्ता में आती है, तो इस्लामपुर का नाम बदलकर ‘ईश्वरपुर’ कर देगी। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने बंगाल में 50 लाख से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को मताधिकार से वंचित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन आयोग 50 लाख से अधिक बांग्लादेशियों के नाम नहीं हटाता, तो बंगाल के लोगों के लिए केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घुसपैठियों को मिलता।
नितिन नबीन ने कहा कि भाजपा ने हाल में बिहार में सरकार बनाई है और असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के लिए ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ का मॉडल अपना रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी ये विदेशी लोग हमारे अपने नागरिकों के अधिकारों को छीन रहे हैं, हम वहां इसे लागू करेंगे। उन्होंने पूरे भाषण में इस्लामपुर के लोगों को ‘ईश्वरपुर के लोग’ कहकर संबोधित किया और कहा कि भाजपा इस जगह का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने के सपने को पूरा करेगी।