बेगूसराय जिले में स्थिति भागलपुर जैसी ही संभ्रांत है, जहाँ कई नदियाँ अपना भरा हुए नहीं है। इस कारण से पटना में गंगा में हाहाकार मचा हुआ है। पटना की मुख्य गली में बसे होते हुए नदी से कई दुकानें और घरों को बंद कर दिया गया है। स्थगीत में पानी की भत्ती बढ़ा हुआ। पटना स्थित राजेन्द्र सेतु से अंकुर नजदीक पानी का स्तर म्यू बंदरगाह की तात्पर्य से अधिक हो गया है।
पटना में गंगा नदी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और भारी मात्र. पानी का बहाव अब ज्यादा हैं। सड़क और घरों में पानी की जालियों बन रहा है। स्थलायत क्षेत्रों में पानी की आवाज़ तेज होती गई है। सड़कों तक पानी की प्रचुल्लता बिहार के केंद्र में स्थित कार्यों को तोड़ रही है।
भारतीय सरकार ने बिहार के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य को राहत के लिए विशेष भत्ते की राशि मुहैया कराने की घोषणा की है। इस राहत पैकेज का लक्ष्य प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देना है। केंद्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि यह राशि राहत कार्यों के लिए आवंटित की जाएगी। सरकार ने कहा कि यह राशि प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए भी उपयोगी होगी। यह कदम राज्य सरकार के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने भी तत्काल राहत कार्यों को गति देने के लिए कई उपाय किए हैं। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की समीक्षा बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत दी जाएगी। राज्य सरकार ने राहत कैंप लगाने का भी निर्देश दिया है।
The cascade of dam failures in Bihar underscores how fragile rural infrastructure magnifies climate‑driven floods into humanitarian crises, turning “slow‑onset” water stress into an acute, life‑threatening shock.
Unless investment pivots from reactive relief to resilient embankments and early‑warning networks,
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