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दलित और ब्राम्हण आमने सामने मांझी के बयान पर आज भी पूरे दिन बिहार में मचा रहा बवाल

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा ब्राह्मणों पर दिए गए बयान का मामला गरमाता जा रहा है।

मांझी के आवास के बाहर सत्यनारायण पूजा करते ब्राह्णाण संघ

गुरुवार को बयान से आहत ब्राह्मण समाज के लोग पटना स्थित उनके आवास का शुद्धिकरण करने पहुंच गए। घर के अंदर जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। इसके बाद ब्राह्मणों ने उनके आवास के बाहर ही बैठकर सत्यनारायण भगवान की पूजा की। साथ ही बीच सड़क पर दही-चूड़ा का भोज किया।  

मांझी के समर्थन में उतरा दलित संगठन

                     

वही आज  गया में जीतन राम मांझी के समर्थन में लोग सड़क पर उतर आए और जमकर बवाल किया यू कहे तो बिहार में दलित बनाम ब्राह्मण धीरे धीरे तूल पकड़ता जा रहा है और ऐसे में कहां जा सकता है कि जीतन राम मांझी जिस उद्देश्य को ध्यान में रख कर बयान दिया था वो उस उद्देश्य में कामयाब होते दिख रहे हैं ।

जीतन राम मांझी कराएंगें ब्राम्हण-पंडित भोज

जीतन राम मांझी कराएंगें ब्राम्हण-पंडित भोज, वैसे ब्राम्हण-पंडित जिन्होने कभी मांस-मदिरा का सेवन नहीं किया,चोरी-डकैती नहीं किया उनको दिया निमंत्रण, अपने सरकारी आवास पर दोपहर 12 बजे कराएंगें ब्राम्हण-पंडित भोज,
HAM प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान ने दी जानकारी

बिहार का एक गांव ऐसा जो अपने हुनर के बल पर देश में बनायी अलग पहचान

पटना से कोई 50 किलोमीटर दूर वैशाली जिले में एक गांव है अकबरपुर मलाही इस गांव के पुरुष और महिलाओं ने अपने हुनर के बल पर देश के नक्शे में अपने गांव का नाम शामिल कराने में कामायाब रहा है ।

तार के पेड़ से छड़ी बनाते गाँव वाले

दरअसल इस गाँव के आधा से अधिक आबादी तार के पेड़ का छड़ी और बैसाखी बना कर पूरे देश मे सप्लाई कर रहा है।गांव के हर घर मे तार के पेड़ का छड़ी बनता है। यह छड़ी बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए वरदान साबित हो रहा है । गाँव के इंदु शर्मा नामक महिला ने इस तार के छड़ी बनाने का काम शुरू किया था और देखते ही देखते पूरा गांव इस धंधा में जुड़ गया। गाँव के लोगो की बात मने तो भारत देश मे यह छड़ी सिर्फ अकबरपुर मलाही गाँव में बनता है।ऐसे तो लकड़ी का छड़ी हर जगह बनता होगा मगर तार के पेड़ का छड़ी सिर्फ अकबरपुर मलाही गाँव मे बनता है।।।

क्या कहना है गाँव वालो का

तार के पेड़ के छड़ी कई नामो से जाना जाता है,नबाब की छड़ी इसमें काफी खूबसूरत होता है।इसके दाम भी ज्यादा है।ऐसे एक छड़ी डेढ़ सौ से लेकर ढाई सौ के बीच बिकता है। छड़ी बनाने का कारोबार में पिछले कई सालों कर रहे अभय शर्मा ने बताया सरकार के तरफ से कोई मदद नही मिलता है।छोटे मोटे प्राईवेट फाइनेंस कर्मी से लोन पर पैसा लेकर यह धंधा को कर रहे है।अगर सरकार मदद करती तो इस उधोग को आगे और बढ़ाया जा सकता है।

इस तार की छड़ी में खास यह है कि यह छड़ी काफी मजबूत होता है और उसकी पकड़ काफी मजबूत होती है वही दूसरे लकड़ी से बना छड़ी पानी बर्दाश्त नहीं करता है वहीं तार से बना यह छड़ी पानी के साथ साथ घुन से भी बचाता है ।

हाईकोर्ट ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डां राजेन्द्र प्रसाद के जन्मस्थली के खस्ताहाल को लेकर दायर याचिका पर हुई सुनवाई

पटना हाईकोर्ट ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डाक्टर राजेंद्र प्रसाद की जन्मस्थली जीरादेइ और वहां उनके स्मारक की दुर्दशा पर गंभीर रुख अपनाया।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने विकास कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से 3 जनवरी,2022 तक जवाब देने का निर्देश दिया है।
साथ ही कोर्ट ने वकीलों की एक तीन सदस्यीय टीम गठित किया है।ये टीम जीरादेइ और वहां स्थित स्मारकों,पटना के सदाकत आश्रम और बांसघाट स्थित स्मारकों का जायजा ले कर कोर्ट को रिपोर्ट अगली सुनवाई में देगा।
जनहित याचिका में कोर्ट को बताया गया कि जीरादेई गांव व वहां डाक्टर राजेंद्र प्रसाद के पुश्तैनी घर और स्मारकों की हालत काफी खराब हो चुकी है।याचिकाकर्ता अधिवक्ता विकास कुमार ने बताया कि जीरादेई में बुनियादी सुविधाएं नहीं के बराबर है।न तो वहां पहुँचने के सड़क की हालत सही है,न ही गांव में स्थित उनके घर और स्मारकों स्थिति ठीक है।
उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण लगातार हालत खराब होती जा रही है।कोर्ट को बताया गया कि पटना के सदाकत आश्रम और बांसघाट स्थित उनसे सम्बंधित स्मारकों की दुर्दशा भी साफ दिखती हैं।इस स्थिति में शीघ्र सुधार के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर कार्रवाई करने की जरूरत हैं।

डॉ राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर,1884 को सिवान के पास जीरादेई गांव में हुआ था।वे बड़े ही मेधावी छात्र थे।उन्होंने वकालत की डिग्री ले कर कुछ समय तक वकालत की बाद वे भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में अग्रणी नेता रह कर भाग लिया।
भारतीय संविधान की निर्माण कर रही संविधान सभा के वे अध्यक्ष भी रहे।

बाद में भारत के पहले राष्ट्रपति बने।इस पद पर उन्होंने मई,1962 तक कार्य किया।बाद में राष्ट्रपति के पद से हटने के बाद पटना के सदाकत आश्रम में रहे,जहां 28 फरवरी,1963 को उनकी मृत्यु हुई।
ऐसे महान नेता के स्मृतियों व् स्मारकों की केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किया जाना उचित नहीं हैं।इनके स्मृतियों और स्मारकों को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 3 जनवरी,2022 को की जाएगी।

सृजन घोटाले से जुड़े अभियुक्त अब अपनी सम्पति नहीं बेच सकते हैं।

सृजन घोटाले से जुड़े अभियुक्तों के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्यवाही की है इस मामले में चार्जशीट सभी अभियुक्तों के अचल संपत्ति की खरीद और बिक्री पर रोक लगा दिया है ।                 

ईडी ने भागलपुर और देश के अन्य हिस्सों में सृजन घोटाले से प्राप्त राशी द्वारा 34 जगहों पर खरीदी गयी जमीन, प्लॉट और फ्लैट काे खरीद और बिक्री पर रोक लगा दिया है । अब उन जमीन, फ्लैट की खरीद-बिक्री नहीं हाे सकेगी। इसके लिए ED के सहायक निदेशक संतोष कुमार मंडल ने जिला अवर निबंधक काे 12 अगस्त 2021 काे पत्र के जरिए इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए कहा था। ED ने सूची के साथ तीन पन्नों की रिपोर्ट भी भेजी थी।अब इस दिशा में ही जिला अवर निबंधक की ओर से कार्रवाई करते हुए उन सभी प्लॉट व फ्लैट को लॉक करवा दिया है। इनमें सृजन महिला विकास सहयोग समिति की सचिव मनोरमा देवी, उनके बेटे अमित कुमार, प्रणव कुमार, बहु रजनी प्रिया, प्रणय कुमार की पत्नी सीमा कुमारी, परणजीत कुमार लाल की पत्नी अर्चना लाल, दिवाकर कुमार कर्ण की पत्नी कल्पना कर्ण, बिपिन कुमार और जिला नजारत के पूर्व नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव की पत्नी पूजा कुमारी के नाम से जमीन व फ्लैट हैं। इसमें ज्यादातर जमीन व प्लॉट सबौर, रानी तालाब स्थित अंगिका विहार अपार्टमेंट, प्राणवती लेन के पास, बेहरपुरा के अलावा खलीफाबाग में भी है।सृजन के घोटालेबाजों ने कहां और कितनी खरीदी जमीन व फ्लैट1. डॉ. प्रणव कुमार, पिता : स्वर्गीय अवधेश कुमारसबौर अराज हल्का नंबर-2: 8804 वर्गफीटजमीन : सबौर मौजा में 12.5 डिसमिल2. पूजा कुमारी, पति : अमरेंद्र कुमार यादवजमीन : कुतुबगंज, मोजाहिदपुर, बरहपुरा प्राणवती लेन, भागलपुर शहर में दाे जगहों पर।3. अर्चना लाल, पति : परणजीत कुमार लालजमीन : सबौर में 5 कट्ठा4. सीमा कुमारी , पति : प्रणय कुमारजमीन : सबौर में 5 कट्ठा5. कल्पना कर्ण, पति- दिवाकर कुमार कर्णजमीन- सबौर में पांच कट्ठा6. अमित कुमार, पिता : स्वर्गीय अवधेश कुमारजमीन : सबौर में 10 कट्ठा, रजंदीपुर मौजा में 88 डिसमिल, फतेहपुर में 4.5 डिसमिल, सबौर में 4.248 डिसमिल, सबौर में 10.90 डिसमिल, सबौर के फतेहपुर में 1240 वर्गफीट, नाथनगर के पुरानी राय में 11.75 डिसमिल।मकान : प्राणवती लेन होल्डिंग नंबर-1 3.908 डिसमिल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड खलीफागाब : 3565 वर्गफीटफ्लैट : रानी तालाब स्थित अंगिका विहार अपार्टमेंट के थर्ड प्लोर पर : 1734 वर्गफीट, अंगिका विहार के ग्राउंड फ्लोर में नंबर एजी-2: 1734 वर्गफीट।7. मनोरमा देवी, पति : स्वर्गीय अवधेश कुमारजमीन : सबौर में एक एकड़ 51 डिसमिल, 15.5 डिसमिल, 5.5 डिसमिल, बरहपुरा में 1440 वर्गफीट, फतेहपुर में 6.746 डिसमिल।फ्लैट : अंगिका विहार के थर्ड फ्लोर में फ्लैट नंबर-ए/3018. रजनी प्रिया, पति : अमित कुमारजमीन : सबौर में 25 डिसमिल, बरहपुरा में 355 वर्गफीट, फतेहपुर में 1240 वर्ग फीट, 1685 वर्ग फीट, 1685 वर्गफीट।फ्लैट : सेंट्रल जेल रोड के सामने वाली गली में कृष्णाधाम अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर -3079. अमित व बिपिन कुमार अमित कुमार, पिता : स्वर्गीय अवधेश कुमार और बिपिन कुमार पिता-कार्तिक कुमार।प्लॉट : डीएन सिंह रोड, कोतवाली के पास 1072.5 वर्गफीट।मनोरमा, अमित व रजनी के नाम अंगिका विहार में फ्लैटसृजन महिला विकास सहयोग समिति के पदधारकों ने न केवल जमीन खरीदी, बल्कि सबौर के रानी तालाब स्थित अंगिका विहार और सेंट्रल जेल रोड के सामने की गली में कृष्ण धाम अपार्टमेंट में फ्लैट भी खरीदी। अंगिका विहार अपार्टमेंट में जहां अमित कुमार का थर्ड और ग्राउंड प्लोर में फ्लैट है। वहीं, मनोरमा का फ्लैट भी अंगिका विहार अपार्टमेंट में थर्ड फ्लोर पर है। जबकि रजनी प्रिया के नाम से एक फ्लैट कृष्णाधाम अपार्टमेंट में है।बरहपुरा और बाईपास के पास भी खरीदी थी जमीनसबसे अधिक सरकारी खजाने के लूट के पैसे से मनोरमा देवी और अमित कुमार ने जमीन खरीदी है। सबसे अधिक सबौर में जमीन की खरीद की गई है। इसके अलावा शहर और आसपास के इलाके में भी जमीन खरीदी। इसमें बरहपुरा में ताे काफी जमीन खरीदी। जबकि, नाथनगर में पुरानी सराय में बाइपास के बगल में भी जमीन खरीदी थी। इसके अलावा जिला नजारत के पूर्व नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव ने अपनी पत्नी पूजा कुमारी के नाम से कुतुबगंज, मोजाहिदपुर, बरहपुरा प्राणवती लेन के अलावा शहर में भी दाे जगहों पर जमीन खरीदी है। इसके अलावा मनोरमा देवी ने केवल सबौर में एक एकड़ 51 डिसमिल जमीन अपने नाम से खरीदी थी। इसके अलावा एक बाजार में डीएन सिंह रोड, कोतवाली के पास अमित कुमार और बिपिन कुमार ने संयुक्त रूप से 1072.5 वर्गीफीट का प्लॉट खरीदा था।

क्या नीचता को रोकने को लेकर जबावदेह नहीं है सरकार

2020 में मेरी बेटी 10वीं की परीक्षा दी थी रिजल्ट आने के एक सप्ताह के बाद बेटी के नामांकन को लेकर जो फोन कॉल आना शुरू हुआ वो अभी तक जारी है कभी देहरादून से जो कभी कटक से तो कभी बेंगलुरु से इस कॉलेज या फिर स्कूल से बोल रहे हैं आप चाहे तो नाम लिखा सकते हैं।                

कोटा के इस कोचिंग संस्थान से बोल रहे हैं आपकी बेटी का रिजल्ट बहुत अच्छा है आईआईटी कम्पीट कर सकती है दो वर्ष के लिए हमारे कोचिंग संस्थान में भेज दीजिए सभी तरह कि सुविधाएं मौजूद हैं दिल्ली के कोचिंग संस्थान से बोल रहे हैं आप अपनी बेटी को कोचिंग के लिए नाम लिखा सकते हैं इससे पहले ऑल इंडिया स्तर पर एक ऑनलाइन टेस्ट होने जा रहा है उसमें पास करने पर कोचिंग के फीस में 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है ना जाने इस तरह के कितने फोन काॅल अभी भी आ रहे हैं मैसेज की तो बात ही छोड़ दीजिए।    

मुझे ये समझ में नहीं आ रहा था कि मेरा मोबाइल नम्बर इन लोगों के पास कैसे पहुंच गया पता चला बेटी के फर्म भरने के दौरान मैंने अपना नम्बर लिख दिया था मतलब यह नम्बर कही ना कही सीबीएसई  से ऑल ओवर इंडिया के कोचिंग संस्थान और कॉलेज चलाने वाले लोगों के पास पहुंच गया ।                                        

2020 में ही मेरे साथ साइबर क्राइम हुआ था जांच में पता चला कि मेरा मोबाइल नम्बर बैक से ही सार्वजनिक हुआ था बैंक में आज कल हो क्या रहा है बैंक से जुड़े उपभोगता ज्यादा से ज्यादा क्रेंडिट कार्ड ले इसके लिए निजी लोगोंं को बैक आज कल हमार आपका डाटा उपलब्ध करता रहता है जिसमें नम्बर के साथ साथ आपके किस तरह के ग्राहक है वर्ष में कितना लेन देन करते हैं उसकी जानकारी उन लोगों को मिल जाता है फिर वही से वो डाटा साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों के पास पहुंच जाता है इतना ही नहीं मेरे बैंक खाते से जितनी भी राशी निकाली गयी थी वो सारी राशी पश्चिम बंगाल ,उड़ीसा और महाराष्ट्र के साथ साथ दिल्ली के 30 से अधिक खाते में आंन लाइन ट्रान्सफर हुआ था सभी खाते आधार से लिंक था लेकिन जिस व्यक्ति का आधार का इस्तमाल किया गया था उसको पता भी नहीं है कि उसके नाम पर कोई बैंक खाता है और सारे खाते को आंन लाइन ट्रानजेक्सन की सुविधा उपलब्ध है कई स्टेट की पुलिस से हमारी बात हुई कहां रोजाना लाखो ऐसे खाता खोले जा रहा है और एक फ्रोड के बाद खाता बंद हो जाता है इसी तरह इस पूरे घटना में खाते के साथ जो मोबाइल नम्बर लिखा हुआ था या फिर जिस मोबाइल नम्बर से सारा खेल हुआ वो सभी के सभी आधार से लिंक था लेकिन आधार का गलत इस्तमाल हुआ है यह साफ दिख रहा था ।               

रोजाना इस देश में एक लाख से अधिक साइबर फ्रॉड हो रहा है हाई प्रोफाइल मामला रहा तो पुलिस कार्यवाही करती है नहीं तो इस तरह के मुकदमों को पुलिस झांकने तक नहीं जाती है । इस घटना का मैं जिक्र इसलिए कर रहा हूं कि दो दिन पहले लोकसभा में फर्जी वोटिंग रोकने के लिए एक बिल पास हुआ है सरकार और चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने पर फर्जी मतदान को रोका जा सकता है पता नहीं इस बिल के पास होने से फर्जी वोटिंग पर कितना रोक लगेगा क्यों कि फर्जी वोटिंग तो मतदान केन्द्रों पर मौजूद पार्टी के पोलिंग एजेंट या फिर मतदान पदाधिकारी के मिली भगत से ही होता है ।   लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर मंत्री नेता और पदाधिकारी के बारे में टिप्पणी करने पर आप जेल जा सकते हैं लेकिन मेरा डाटा जो लिंक करता है या फिर आधार कार्ड का जो गलत इस्तेमाल करता है उसको लेकर  कठोर कानून क्यों नहीं बन रहा है जबकि आज साइबर फ्रॉड से हर कोई परेशान है मॉल में या किसी भी बड़े दुकान पर अपना मोबाइल नम्बर देना क्यों अनिवार्य है इस पर क्यों नहीं कानून बन रहा है बहुत सारी ऐसी बाते है जिसको लेकर कठोर कानून बनाने कि जरूरत है लेकिन सरकार इस पर चर्चा करने से क्यों बचती है ।

बिहार में नॉन-इंटरलॉकिंग का काम शुरु होने के कारण 24 से 28 दिसंबर के बीच 22 ट्रेनों का परिचालन रहेंगा प्रभावित

पटना. बिहार में सोनपुर रेल मंडल के कुरसेला व कोसी ब्लॉक हट में नॉन-इंटरलॉकिंग का काम शुरु होने के कारण 24 से 28 दिसंबर के बीच 22 ट्रेनों का परिचालन अलग-अलग तारीख में रद्द किया गया है. इसके अलावा कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया है.कटिहार-पटना और पटना-कटिहार 26 दिसंबर को रद्द रहेगी. वहीं बिलासपुर मंडल में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण पटना-बिलासपुर ट्रेन 26 दिसंबर व बिलासपुर-पटना ट्रेन 24 दिसंबर को रद्द रहेगी।

बिहार में रोजगार के सृजन पर गिरिराज ने दी सफाई


परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेन
25 दिसंबर को 12424 नयी दिल्ली–डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया दानापुर-पटना-मोकामा-किउल-मालदा टाउन के रास्ते, 24 दिसंबर को 15635 ओखा-गुवाहाटी एक्सप्रेस मोकामा-किउल-मालदा टाउन व 26 दिसंबर को 15715 किशनगंज-अजमेर एक्सप्रेस मालदा टाउन-किउल-पटना-पाटलिपुत्र-परमानंदपुर के रास्ते जायेगी.
दोहरीकरण काम से ट्रेनों के परिचालन में किया गया बदलाव
सोनपुर मंडल के हाजीपुर -चकमकरंद स्टेशन के बीच हाजीपुर-बछवारा दोहरीकरण के कारण 23 दिसंबर को पाटलीपुत्र से खुलने वाली गाड़ी संख्या 13206 पाटलीपुत्र-सहरसा एक्सप्रेस व गाड़ी संख्या 13106 बलिया-सियालदह एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया हाजीपुर-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बरौनी होकर चलेगी.
22 दिसंबर को आनंद विहार से खुलने वाली गाड़ी संख्या 20502 आनंद विहार-अगरतला राजधानी एक्सप्रेस दानापुर-पटना-मोकामा-न्यू बरौनी जंक्शन होकर चलेगी.यह ट्रेन पाटलिपुत्र के बजाय पटना जंक्शन पर रुकेगी. वहीं, 23 दिसंबर को पटना से खुलने वाली गाड़ी संख्या 03284 पटना-बरौनी मेमू पैसेंजर का आंशिक समापन व गाड़ी संख्या 03283 बरौनी-पटना मेमू पैसेंजर का आंशिक प्रारंभ हाजीपुर से होगा।

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

पटना हाईकोर्ट में मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान कई व्यक्तियों के आंख की रौशनी खो जाने के मामले में एक जनहित याचिका दायर की गई है। मुकेश कुमार व अन्य के द्वारा दायर ये जनहित याचिका दायर की गई है।
जनहित याचिका में यह माँग की गई कि हाई लेवल कमेटी से जांच करवाई जाए।

इस जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर आई हॉस्पिटल के प्रबंधन व राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा बरती गई अनियमितता और गैर कानूनी कार्यों की वजह से कई लोगों की ऑंखें चली गई।
इस याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार के अधिकारियों को भी एक नियमित अंतराल पर अस्पताल का निरीक्षण करना चाहिए था।
कोर्ट को बताया गया कि जिम्मेदार अधिकारियों व अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज करनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं की लापरवाही के कारण ही सैकड़ों लोगों को अपनी आँखे गंवानी पड़ी। अस्पताल प्रबंधन व जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आंख खोए व्यक्तियों को मुआवजा देने की मांग किया गया है। पीड़ितों को सरकारी अस्पताल में उचित इलाज करवाने को लेकर आदेश देने की भी मांग किया गया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने बताया कि उक्त अस्पताल को राज्य सरकार व केंद्र सरकार से आर्थिक मदद भी मिली है। 22 नवंबर से 27 नवंबर, 2021 के बीच 330 व्यक्तियों का कैटरेक्ट मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था।

शराबी बेटे के व्यवहारा से तंग एक मां पहुंची थाना दिलायी सजा

बिहार में इन दिनों एक माँ खासे चर्चा में है वजह वो अपने शराबी बेटे के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी है और इस गवाही की वजह से कोर्ट ने शराबी बेटे को पांच वर्ष का सजा सुनाया है । मामला आरा शहर के नगर थाना क्षेत्र के शीतल टोला मोहल्ले का है जहां 10 जून 2021 को रामावती देवी ने अपने शराबी बेटे से तंग आकर नगर थाना को फोन कर सूचना दी थी। रामावती का पुत्र आदित्य राज उर्फ बिट्टू शराब के नशे में अपनी मां और पिता के साथ मारपीट कर रहा था। नगर थाना पुलिस ने शराबी बेटे को नशे की हालत में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पीड़ित मां ने पुलिस से शिकायत की थी कि बेटा शराब के नशे में हमेशा घर पर आकर पैसे छीन लेता था और मारपीट करता रहता था। मां ने यह भी आरोप लगाया था कि बेटा उन्हें जबरन कमरे में बंद कर देता था।एक माह तक जेल में रहने के बाद मां ने बेटे का जमानत करवा कर जेल से बाहर निकलवाया लेकिन बेटे के स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया
इस बीच कोर्ट में स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई शुरु हुई कोर्ट में भी मां उपस्थित हुई औरअपने बेटे के खिलाफ गवाही दी गवाही के बाद ADJ-4 त्रिभुवन यादव की विशेष एक्साइज अदालत ने सोमवार को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इसमें एक बेटे को उसी की मां द्वारा दर्ज कराई गई FIR के आधार पर चल रहे ट्रायल में 5 साल के सश्रम कारावास के साथ एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा दी गई है।
मां के साथ 3 गवाह, बेटे का साथ किसी ने नहीं दिया
लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि ट्रायल में अभियोजन की तरफ से तीन गवाह प्रस्तुत किए गए। इस कांड में अभियुक्त की मां रामावती देवी ने गवाही दी। साथ ही पुलिस की तरफ से मजहर हुसैन तथा अनुसंधानकर्ता नीता कुमारी ने अपना बयान अदालत के समक्ष दर्ज कराया। शराबी बेटे के पक्ष में कोई भी सामने नहीं आया। यहां तक कि दोस्तों ने भी साथ नहीं दिया।
राजेश कुमार के अनुसार रामावती देवी ने पहले अपने बेटे के शराब की लत छुड़ाने की हरसंभव कोशिश की थी। उसे चिकित्सक के पास भी दिखाया, दवा भी कराई। बावजूद इसके बेटे की शराब की लत नहीं छूट सकी। तंग आकर मां ने यह कड़ा फैसला किया।
पहली बार मां ने दिलाई बेटे को सजा
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद यह पहला मामला है, जिसमें एक मां ने अपने बेटे को 5 साल की सजा दिलाई है। इसमें एक मां ने अपने बेटे को सही दिशा दिखाने के लिए न सिर्फ अदालत की शरण ली, मां के इस निर्णय की बिहार में हर जगह चर्चा हो रही है और कहां जाने लगा है कि रामावती जैसी पांच दस मां और सामने आ जाये तो बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से लागू हो जायेंगा हालांकि रामावती सरकार के शराबबंदी कानून के आड़ में जो खेल चल रहा है उसको लेकर दुखी है उनका कहना है कि नीतीश कुमार ने बहुत अच्छा काम किया है शराबबंदी करके लेकिन प्रशासन खुद इस खेल में शामिल है जिस वजह से घर घर शराब पहुंच रहा है ।

बिहारवासियों को फिलहाल ठंड से राहत नहीं गया रहा सबसे सर्द

बिहारवासियों को फिलहाल ठंड से राहत मिलने वाली नहीं है मौसम विभाग की माने तो 25 दिसंबर से पहले मौसम के मिजाज में कोई बदलाव की सम्भावना नहीं है पटना मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो अगले 48 घंटे में राजधानी समेत राज्यभर के तापमान में विशेष गिरावट नहीं आएगी।

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प्रदेशभर में गया सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना में 7.6 डिग्री, भागलपुर में 9.5 डिग्री, पूर्णिया में 9.7 डिग्री, वाल्मीकीनगर में 8.2 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 10.8 डिग्री, छपरा में 10 डिग्री, दरभंगा में 9.6 डिग्री, सुपौल में 10.9 डिग्री दर्ज हुआ।

मौसमी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सतह से 0.9 किमी ऊपर में उत्तरी एवं उत्तर पश्चिम हवा का प्रवाह बना हुआ है। साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र मध्य बिहार व समीपवर्ती पूर्वी यूपी में बना हुआ है जो अब बांग्लादेश के पास है। यह समुद्रतल से 1.5 किमी और 3.1 किमी के बीच विस्तारित है।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले 48 घंटे में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। वहीं, राज्य में एक से दो जगह कोहरा व धुंध का प्रभाव रहेगा। दक्षिण बिहार में भभुआ, बक्सर, गया, नवादा में शीतलहर की संभावना है, जबकि एक-दो जगहों पर कोल्ड डे भी हो सकता है।
मौसम के मिजाज को देखते हुए फिलहाल स्कूल का समय सुबह 9 बजे से 3.30 तक ही रहेगा ।

हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष को दी राहत कहा नियुक्ति पत्र जारी करे नहीं जो तैयार रहे जेल जाने को

पटना हाई कोर्ट ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर मुजफ्फरपुर ज़िला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष के रवैए पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। जस्टिस पी बी बजन्थरी ने अभिनव कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए ज़िला उपभोक्ता फोरम, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष को याचिकाकर्ता को आज नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र दे कर सभी सम्बंधित रिकॉर्ड 24 दिसम्बर,2021 को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि में कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ,तो अध्यक्ष,उपभोक्ता फोरम,मुजफ्फरपुर को अपने जेब से अर्थदंड भरना पड़ेगा, न कि फोरम के द्वारा।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अदालती आदेश का पालन नहीं करने व उपस्थित नहीं होने पर मुजफ्फरपुर ज़िला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था।आज मुजफ्फरपुर के एस पी ने उन्हें कोर्ट के समक्ष उपस्थित किया।कोर्ट ने एस पी, मुजफ्फरपुर के कोर्ट में आने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या मैंने एस पी को कोर्ट में आने का निर्देश दिया था।

यह मामला इस ज़िला उपभोक्ता फोरम में याचिकाकर्ता की , अनुकम्पा के आधार पर बहाली का था।मुजफ्फरपुर के डीएम की अध्यक्षता में जिला अनुकम्पा नियुक्ति समिति ने याचिकाकर्ता के आवेदन पर मंजूरी देते हुए 2019 में ही उसकी अनुकम्पा बहाली हेतु अनुशंसा वहां के ज़िला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष को कर दिया था ।
पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष को इस मामले में फौरन निर्णय लेकर कोर्ट में जवाब दायर करने का निर्देश दिया था । हाई कोर्ट ने हिदायत दी थी कि पिछले 2 सालों से बहाली के मामले को जिला फोरम अध्यक्ष लटका कर नही रख सकते ।
इसलिए पिछली सुनवाई में ही हाई कोर्ट ने उक्त ज़िला फोरम के अध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया था कि यदि बहाली सम्बन्धित निर्णय 20 दिसम्बर तक कोर्ट में पेश नही हुआ, तो अध्यक्ष महोदय को खुद कोर्ट मेंहाज़िर रहना होगा ।

पिछली सुनवाई में मुजफ्फरफुर ज़िला उपभोक्ता फोरम की ओर से न तो कोई जवाब आया और न ही उसके अध्यक्ष कोर्ट में पेश हुए। नतीजतन, हाई कोर्ट ने अध्यक्ष को अगली सुनवाई के दिन पेश करने हेतु गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश हाई कोर्ट रजिस्ट्री को दिया था।
आज कोर्ट में उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष खुद हाजिर हो कर सफाई दी।लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि याचिकाकर्ता अभिनव कुमार को नियुक्ति पत्र दे कर 24,दिसंबर,2021 को कोर्ट के समक्ष सारे कागजात पेश करें।

इस मामले की अगली सुनवाई 24 दिसम्बर,2021 को होगी ।

क्या यह सच है कि पंचायती राज व्यवस्था भ्रष्टाचार के विकेन्द्रीकरण का जरिया बनकर रह गया है

बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के लागू होने के बाद जब चुनाव की घोषणा हुई तो उस वक्त मैं दरभंगा से ईटीवी के लिए काम कर रहा था ।मैं व्यक्तिगत रूप से काफी उत्साहित था चलो आने वाले समय में गांव वालो की सरकार होगी कुछ बेहतर होगा । ऐसे में जैसे ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई सारी खबरों को छोड़कर पंचायत चुनाव से जुड़ी खबर पर टूट पड़े गजब का जुनून सवार हो गया था एक दिन रात को पूर्व विधायक उमाधर सिंह का फोन आया संतोष जी कहां रहते हैं कुछ अता पता नहीं चल रहा है ,सर पंचायत चुनाव में लगे हुए हैं अरे कहा फस हुए हैं कुछ होने वाला है, कल भेट होगी कुछ जरुरी बात करनी है ।
तीन घंटे तक जबरदस्त बहस हुई वर्तमान पंचायती राज व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर बहस का सार यही रहा कि वो इस बात पर अड़े रहे कि पंचायती राज व्यवस्था भ्रष्टाचार के विकेन्द्रीकरण के लिए बनाया गया है और मैं अड़ा रहा कि गांव की अपनी सरकार होगी गांव वाले अपने नजरिये से गांव का विकास करेंगे स्कूल और अन्य व्यवस्थाओं पर उनकी पकड़ होगी व्यवस्थाओ में सुधार होगा।
लेकिन तीसरे चुनाव का जो परिणाम आया है उसे देखने के बाद तो ऐसा ही लग रहा जो स्वर्गीय उमाधर सिंह कह रहे थे , पंचायती राज व्यवस्था ने भ्रष्टाचार को गांव गांव तक पहुंचा दिया और अब पंचायत का चुनाव बदलाव के लिए नहीं हो रहा है पैसे के लिए हो रहा है ।बदलाव लाने वाले पचास सौ चेहरे जरुर जीत कर आये हैं लेकिन उनका उद्देश्य भी पंचायत या गांव की मजबूती को लेकर नहीं है ऐसे लोगों का अपना ही उद्देश्य है जिसमें गांव और गांव के लोग कही नहीं है उनकी नजर दिल्ली के उस लुटियन जोन पर है जहां गांव और गरीब की बात के सहारे अपना स्थान बना सके खैर अब विषय वस्तु पर आते हैं 2021 का पंचायत चुनाव का परिणाम की हकीकत क्या है

1—70 फीसदी पुराने चेहरे इस बार चुनाव हार गये
2021 के पंचायत चुनाव का जो परिणाम आया है उसमें मुखिया और वार्ड पार्षद के 80 से 90 प्रतिशत पुराने चेहरे को जनता ने नकार दिया है वही बाकी पदों पर थोड़ी स्थिति बेहतर है । इसके पीछे दो तरह के तर्क सामने आ रहे हैं पहला तर्क है इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल किया और साथ ही वोकस वोटिंग ना हो इसके लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था की गयी जहां आपके थम्म मिलने के बाद ही वोटिंग कर सकते थे।
इसमें कोई दो मत नहीं है कि राज्य निर्वाचन आयोग के इस व्यवस्था से चुनाव में धांधली नहीं के बराबर हुई है और यही वजह है कि इस बार के चुनाव में अभी तक धांधली के सबसे कम शिकायत आयोग के पास आया है ।
वही दूसरा तर्क यह है कि हर घर जल नल योजना में जिस तरह से गांव गांव में लूट मचा था, उसी का असर रहा कि मुखिया और वार्ड सदस्य बड़ी संख्या में चुनाव हार गये मतलब सरकार के गलत नीति का खामियाजा वोट का चोट के रुप में मुखिया और वार्ड पार्षद को झेलना पड़ा लेकिन जो लोग जीत कर आये हैं वह इन दोनों तर्क को सवालों के घेरे में ला कर खड़ा कर दिया है।

2—चुनाव जीतने वालों में शराब माफिया,ठेकेदार,बाहुबली और धनकुबेर की संख्या 50 प्रतिशत के करीब है

इस बार के पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में ऐसे लोग चुनाव लड़ने बिहार आये जिनका बिहार से बाहर अच्छा खासा बिजनेस और व्यापार था या फिर बड़े कॉरपोरेट हाउस में उच्च पदों पर काम कर रहे थे इसका असर यह हुआ कि अधिकांश पंचायत में मुखिया उम्मीदवार 20 से 25 लाख रुपया तक खर्च किये इतना ही नहीं इस बार वार्ड सदस्य को भी बिना पैसा दिये वोट नहीं मिला है ।पूराने मुखिया के हारने की एक वजह हर घर जल नल योजना जरुर है लेकिन इस योजना में कमाई को देख कर जो नये खेलाड़ी आये वो इतना पैसा खर्च किया है पूराने मुखिया जी कही टिक ही नहीं पाये वही दूसरी और शराबबंदी के आर में पिछले पांच वर्षो के दौरान हर गांव में एक नये वर्ग का उदय हुआ है जिसके पास पैसा है ताकत है यूथ है और यह वर्ग पंचायत चुनाव को सबसे अधिक प्रभावित किया है अभी तक जो सूचना मिली है दो सौ से अधिक मुखिया ऐसे लोग चुनाव जीत कर आये हैं जिनका पति या बेटा शराब के धंधे में जेल में बंद है या फिर फरार चल रहा है ।

3— जिला परिषद अध्यक्ष ,प्रमुख और उप मुखिया तक में बोली चल रही है

इस समय पूरे बिहार में जिला परिषद अध्यक्ष और प्रमुख का चुनाव चल रहा है हाल यह है कि चुनाव जीतने के समय से ही अधिकांश सदस्य बिहार से बाहर नेपाल ,झारखंड ,दिल्ली और कोलकाता में प्रमुख पद के उम्मीदवार का दाल गिला कर रहा है कई जगह जो बोली लगायी गयी है पांच लाख रुपया एक बुलेट मोटरसाइकिल स्थिति यह है कि इस बार उप मुखिया के चुनाव में भी वार्ड सदस्य डिमांड कर रहा है हालांकि जिला परिषद अध्यक्ष और प्रखंड प्रमुख में इस बार राजनीतिक दल ज्यादा सक्रिय दिख रहा है इस वजह से कई जगह पैसे का खेल कि जगह योजना का खेल चल रहा है ये है पंचायती राज का सच है ।फिर निराश होने कि जरूरत नहीं है बहुत सारे युवा चुनाव जीत कर आये हैं बहुत सारे ऐसे लोग भी चुनाव जीत कर आये हैं जिन्हें वोटर वोट के साथ साथ चुनाव लड़ने के लिए चंदा भी दिया है फिर भी पंचायत कैसे मजबूत हो इस पर सोचने कि जरूरत है क्यों कि पंचायत मजबूत नहीं हुआ तो गांव कमजोर होगा और ऐसे में देश कमजोर होगा क्यों कि अभी भी भारत पूरी तौर पर गांव के अर्थ तंत्र पर भी खड़ी है ।

जल्द ही बिहार में बनेगा भारतीय खाध निगम का क्षेत्रीय कार्यालय

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बिहार सरकार द्वारा बुधवार को कैबिनेट में दीघा घाट के पास स्थित भारतीय खाद्य निगम के रीजनल ऑफिस के निर्माण के लिए प्रावधानों में बदलाव को मंजूरी देने पर आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही दीघा घाट के पास भारतीय खाद्य निगम के रीजनल ऑफिस बनने का रास्ता साफ हो गया है।

इस संबंध में केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने बिहार सरकार से आग्रह किया था। हाल ही में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने दीघा घाट स्थित प्रस्तावित भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय कार्यालय निर्माण स्थल का भ्रमण किया था। तकनीकी कारणों की वजह से निर्माण का कार्य रुका हुआ था। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के उपरांत अब यह रास्ता साफ हो गया है। दीघा घाट के पास भारतीय खाद्य निगम के कार्यालय भवन और अन्य संरचनात्मक ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चौबे ने हाल ही में निरीक्षण के दौरान यहां पर अन्नपूर्णा भवन बनाने की घोषणा की थी। क्षेत्रीय कार्यालय के साथ गेस्ट हाउस, डिविजनल ऑफिस एवं प्रशिक्षण आदि के लिए भवन आदि यहां पर प्रस्तावित है।

भारतीय कानून प्रक्रियाओं का ग़ुलाम है

पप्पू देव की पुलिस हिरासत में मौत के बाद मचे बवाल के बीच बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद ने अपने फेसबुक पोस्ट पर एक आलेख पोस्ट किया है जिसमें पुलिस को किस तरीके से काम करना चाहिए इसको लेकर अपना अनुभव शेयर किये हैं ।

भारतीय कानून प्रक्रियाओं का ग़ुलाम है **
जिस युग में मैं जिले का SP हुआ करता था, उस युग में संवाद के दो ही साधन थे, चिट्ठी और लैंडलाइन। मेरी कार्य प्रणाली में आम आदमी के द्वारा चिट्ठी के माध्यम से गुप्त सूचना प्राप्त कर, उसपर कार्यवाई करना निहित था।
कहानी 1989 की है। नालंदा जिले के मुख्यालय, बिहारशरीफ़ में, गैर कानूनी स्पिरिट का भण्डारण और व्यापार मुख्य समस्या थी और मैं वहाँ का पुलिस अधीक्षक। आम आदमी इस अवैध कारोबार और उससे जनित काला धन से ख़ासा परेशान था क्योंकि इसी काले धन से अनेकों प्रकार के अपराध सृजित हो रहे थे। निवारण के लिए वे मुझे बंद लिफ़ाफ़े में, मेरे नाम से चिट्ठी लिखते थे जिसमें अपराध सम्बन्धी विशिष्ट और गुप्त सूचनाएँ रहती थीं। मैं कार्योपयोगी सूचना अपनी डायरी में लिख कर, चिट्ठी फाड़ दिया करता था। पुनः उन सूचनाओं पर कार्यवाई करता था।
एक शहर के विषय में स्पिरिट सम्बन्धी सूचना मिली थी। मैंने थाना अध्यक्ष को बुला कर वह सूचना दी, इस आदेश के साथ कि वे तुरंत रेड कर, बरामदगी करें।
उन्होंने ऐसा ही किया पर कुछ भी बरामद नहीं हुआ। शहर के गणमान्य लोग मुझसे मिल कर अपना विरोध प्रकट करने आए। मुझे आभास हो गया कि यह मामला तूल पकड़ेगा। मैंने अपने थाना के पदाधिकारी को बुला कर हिदायत दी कि दंड प्रक्रिया संहिता और पुलिस मैन्युअल के नियम, जिनका पालन करने के लिए मैं अपने सभी अधीनस्थों को निरंतर प्रेरित करता रहता था, उसका विस्तृत उल्लेख थाना के अभिलेखों में, इस मामले में किया जाए।
मामले ने तूल पकड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कमिश्नर एवं DIG की संयुक्त जांच बिठा दी। पूरे दो दिन तक गंभीर जांच हुई। सभी गवाहों और दस्तावेज़ों की जांच हुई। लौटने के पूर्व कमिश्नर साहब ने मुझे अलग से बुला कर बताया कि अगर मैंने कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों का पालन नहीं किया होता तो उन्हें मेरे विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अनुशंसा करनी पड़ती।
रिपोर्ट में मेरे विरुद्ध कोई अनुशंसा नहीं की गई थी। बताते चलें कि कमिश्नर और DIG साहब दोनों ही ईमानदार एवं सख्त पदाधिकारी में शुमार किए जाते थे।
कानून पुलिस पदाधिकारी का अस्त्र और ढाल, दोनों है।

बिहार कैबिनेट की बैठक में 13 एजेंडो पर लगी मोहर

बिहार कैबिनेट की आखिरी बैठक सम्पन्न हो गयी बैठक में कुल 13 एजेंडो पर मुहर लगी है बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में आयोजित साल 2021 की आखिरी कैबिनेट बैठक में शिक्षा, पशुपालन, उद्योग और पंचायती राज विभाग के जुड़े निर्णय लिये गये हैं.

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कैबिनेट बैठक में क्या खास रहा

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य वक्फ विकास योजना के अंतर्गत अंजुमन इस्लामियां हॉल, मुरादपुर, अशोक राज पथ, पटना वक्फ स्टेट संख्या-2146 के पुनर्निमाण के लिए कार्यकारी एजेंसी बिहार राज्य भवन निगम लिमिटेड, पटना से प्राप्त पुनरीक्षित प्राक्कलन 5064.36 लाख रुपये (पचास करोड़ चौसठ लाख छत्तीस हजार रूपये) की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई.

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कैबिनेट बैठक में क्या खास रहा

48 घंटे के दौरान पटना में दो किन्नर की हुई हत्या आक्रोशित किन्नर ने जमकर किया बवाल

पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र में एक किन्नर की हत्या के बाद आक्रोशित किन्नरों ने मंगलवार को जमकर बवाल मचाया। कंकड़बाग में श्रीराम हॉस्पिटल के पास सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। किन्नरों ने सड़क पर टायर जलाकर रास्ता बंद कर दिया और अर्द्ध नग्न प्रदर्शन किया। किन्नरों ने कहा कि सोनी की गोली मारकर हत्या की गई है। लेकिन, पुलिस घटना में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई। किन्नरों ने इस दौरान पुलिस के खिलाफ हाय-हाय के नारे भी लगाए।

एएसपी पर किन्नर ने बोला हमला

सुबह 4 बजे हुई घटना
किन्नरों का कहना है कि सोनी किन्नर बर्थ डे पार्टी में प्रोग्राम कर आ रही थी। कंकड़बाग के चिरैया टाड़ पुल के पास उसे किसी ने गोली मार दी। इस घटना में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना के बाद एक्शन नहीं लिया। इससे वह आक्रोशित हो गए और गायत्री मंदिर के पास सड़क जाम कर अर्द्ध नग्न प्रदर्शन करने लगे। किन्नरों का कहना है कि किसी VIP के घर घटना होती तो पूरा प्रशासन गंभीर हो जाता। लेकिन, किन्नर के कारण कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इधर, किन्नरों द‌वारा श्रीराम हॉस्पिटल के पास सड़क पर शव रखकर आग जलाकर प्रदर्शन किया जा रहा है।

आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल के हत्यारा को बचाने में लगी है पुलिस परिजन उतरा सड़क पर

मोतिहारी में RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल हत्याकांड के तीन महीने बीतने को है। इसके बावजूद भी मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने और हरसिद्धि थाना पुलिस की कार्य शैली से असंतुष्ट परिजनों ने दूसरी बार अरेराज -छपवा सड़क को जाम कर दिया है और पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ जमकर हंगामा किया।

आरटीआई कार्यकर्ता की पत्नी बैठी धरना पर सीएम के आने की माँग पर अड़ी


आरटीआई कार्यकर्ता की पत्नी मोनिका देवी, पुत्र रोहित अग्रवाल सहित सहित परिजन इंसाफ की मांग को लेकर धरने पर बैठी हुई है। उनका आरोप है कि उनके घर पर पूर्व में हुए हमले का आरोपित उच्च न्यायालय से जमानत खारिज होने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। ना तो पुलिस हत्यारोपितों की गिरफ्तारी कर रही है। ना ही अदालत को चार्जशीट सौंप रही है। उन्हें जिले के एसपी पर भी भरोसा नहीं है। काफी देर से जारी हंगामे की वजह से सड़क जाम हो गया और गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। पुलिस द्वारा समझाने के बावजूद परिजन लगातार मुख्यमंत्री के बुलाने के मांग पर अड़े हुए थे। जबकि हरसिद्धि पुलिस पहुचंकर जाम हटवाने के प्रयास में जुटी है।

पुलिस अपराधियों को बचा रही है –परिजन

क्या है RTI कार्यकर्ता की हत्या का मामला

24 सितंबर को दिनदहाड़े प्रखण्ड कार्यलाय के गेट के सामने आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल को अपराधियो ने गोलियों से भून दिया था। परिजनों द्वारा अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी थी।

विपिन अग्रवाल के परिजन उतरे सड़क पर

घटना के बाद एसपी नवीन चन्द्र झा द्वारा गठित एसआईटी टीम ने दो अपराधियो को हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं घटना में शामिल तीन अपराधियों के गिरफ्तारी के लिए अभी तक छापेमारी जारी है। एसपी का कहना था कि गिरफ्तार अपराधियो ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया था कि हरसिद्धि बाजार की कई एकड़ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए विपिन आधे दर्जन से अधिक मुकदमा भूमाफिया के खिलाफ लड़ रहे थे। कुछ की सुनवाई हुई थी, कुछ का फैसला आना बाकी था। इसी कारण 20 लाख में आठ लोगों द्वारा सुपारी देकर हत्या करवाई गई थी लेकिन दो सूटर के अलावे अभी तक किसी और कि गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है जिसको लेकर घर वाले काफी गुस्से में है ।

प्रशांत किशोर ने एक बार फिर आड़े हाथ लिया कांग्रेस को

एक बार फिर प्रशांत किशोर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है और इस बार देश की राजनीति में कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच रिश्तों पर चर्चा करते हुए प्रशांत किशोर का कहना है कि कांग्रेस BJP से लड़े ना लड़े, जीते हारे, एंटी BJP का स्पेस कांग्रेस का है।

प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को फिर लिया आड़े हाथ


जो लोग BJP से लड़के उसे हरा रहे हैं या हराने का प्रयास कर रहे हैं, वह यदि कांग्रेस को सूट नहीं करता है तो कांग्रेस उन्हें BJP का एजेंट करार दे देती है। जैसे देश में नेशनलिज्म का सर्टिफिकेट देने का ठेका BJP ने ले रखा है, वैसे ही देश में एंटी मोदी और सेकुलरिज्म का सर्टिफिकेट देने का नया ठेका भी कांग्रेस वालों ने ले रखा है।

आप चुनाव लड़ रहे हैं। आप 60 -70% सीटों पर BJP से लड़ रहे हैं तो उनको हराइए। क्यों छोटे-मोटे लोगों के चक्कर में आप पड़ रहे हैं।प्रशांत किशोर का यह बयान कही ना कही तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद के रूप में देखा जा रहा है क्यों कि जिस तरीके से देश दो ध्रुवों में बट गया है ऐसे में क्षेत्रीय दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उन्हें हमेशा यह साबित करना पड़ रहा है कि वो बीजेपी का बी टीम नहीं है ।

भ्रष्टाचारियों से लड़ना इतना मुश्किल क्यों होता जा रहा है

मुंबई के एक मित्र का दो दिन पहले फोन आया संतोष भैया सोनी लाइव पर एक सीरीज आया है व्हिसल ब्लोअर  जरूर देखिए व्यापम घोटाले में क्या क्या हुआ है उसी पर आधारित है।इतना ही नहीं संतोष भैया यह सीरिज देखे इसके लिए वो सोनी लाइव का अपना सब्सक्रिप्शन भी भेज दिया ।                                  

कल रात देखने का मौका मिला जैसे जैसे सीरिज बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरी संवेदना शून्य होती जा रही थी और एक समय ऐसा आया कि टीवी बंद करके सोने चले गये लेकिन पूरी रात ठीक से सो नहीं सके बार बार मेरे जेहन में एक ही सवाल कुंद रहा था इसके लिए जिम्मेदार कौन है, शिवराज सिंह चौहान जिम्मेदार होते तो वो सरकार में नहीं होते उनकी जगह जेल में होता लेकिन ऐसा कुछ भी मध्यप्रदेश में नहीं हुआ तो फिर व्यापम पर आधारित सीरीज को देखने और व्यापम पर चर्चा करने का मतलब क्या है लेकिन सुबह जब उठा तो लगा नहीं व्यापम घोटाले को उजागर करने वाला व्हिसल ब्लोअर एक साधारण लड़का ही तो है आज भी साइकिल पर पुलिस बॉडीगार्ड के साथ इधर उधर घूमता रहता है ऐसे में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी ही चाहिए चाहे अंजाम सिफ़र ही क्यों ना रहे।भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इंदिरा गांधी ,राजीव गांधी और मनमोहन सिंह की सरकार चली गयी फिर भी भ्रष्टाचार कभी इस देश में राजनीतिक मुद्दा से आगे नहीं बढ़ पाया जबकि इस देश में भ्रष्टाचार के बढ़ कर दूसरी कोई समस्या नहीं हैं देश की एक सौ 25 करोड़ आबादी इस समस्या को रोजाना लड़ रहा है लेकिन इस पर कैसे नियंत्रण पाया जा सके इसको लेकर चर्चा तक नहीं होती है।                  

 2– आज बड़ी मछलियों के साथ पूरी व्यवस्था खड़ी  है 
इस देश में भ्रष्टाचारियों को क्या सजा मिले यह कानून के बजाय परिवार और समाज पर छोड़ दिया गया था जब तक परिवार और समाज जैसी संस्थान मजबूत रही भ्रष्टाचार नैतिक बल के सहारे नियंत्रित रहा लेकिन अब वो स्थिति नहीं है लोक लज्जा पूरी तौर पर खत्म हो गया  पहले परिवार समाज भ्रष्टाचारियों के साथ खड़े होने से परहेज करते थे लेकिन आज तो खुल कर साथ खड़े हो जाते हैं। इसलिए इस देश में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना है तो सबसे कड़े कानून बनाने की जरूरत है क्योंकि यही एक अपराध जिसको मजबूत ढांचा के सहारे नियंत्रित किया जा सकता है ।  कल कांपी घोटाले मामले में  मगध विश्वविद्यालय के विनोद कुमार लाइब्रेरी इंचार्ज प्रोफेसर जयनंदन प्रसाद सिंह, पुष्पेंद्र प्रसाद वर्मा रजिस्ट्रार और सुबोध कुमार असिस्टेंट को कल पुलिस ने गिरफ्तार किया है वही राजभवन कांपी घोटाले के किंगपिन कुलपति की छुट्टी स्वीकृत कर भागने का मौका दे रही है इतना ही नहीं  मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कुद्दू जो राजभवन में तैनात अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के साथ खड़े होने कि बात की तो उन्हें पद छोड़कर जाना पड़ा ।एक सप्ताह पहले निगरानी की टीम जिस लेबर एनफोर्समेंट अधिकारी (श्रम प्रवर्तन अधिकारी)दीपक शर्मा के घर से 2.25 करोड़ रुपए कैश बरामद किया था और इसके अलावा करोड़ों रुपए की कीमत वाले सोने के जेवरात, प्रॉपर्टी के पेपर और  कई बैंकों का अकाउंट डिटेल मिला था उस मामले में अपडेट यह है कि दीपक शर्मा की पत्नी निगरानी विभाग को डॉक्टर का एक रिपोर्ट सौपा है जिसमें लिखा है कि दीपक शर्मा का मेमोरी लॉस हो गया है इसलिए इनसे पूछताछ ना करे और अगर पूछताछ करते हैं तो उनकी तबीयत बिगड़ती है तो निगरानी के अधिकारी जिम्मेदार होंगे इस तरह का दुस्साहस कोई डॉक्टर कर रहा है तो समझ सकते हैं कि कितने बड़े स्तर पर भ्रष्ट अधिकारियों के साथ सिस्टम खड़ा है ।


 मोतिहारी के आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या को लेकर उसके परिवार वालो का आये दिन मैसेज करते रहते हैं अभी अभी मैसेज आया है कि हम लोग आज फिर सड़क पर उतर गये हैं क्यों कि अभी तक गिरफ्तार अपराधी के खिलाफ पुलिस चार्जशीट दायर नहीं किया और ना ही इस मामले में जिस नेता का नाम सामने आया उसे गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस पुछताछ करने को तैयार नहीं है ।            

मतलब सिस्टम भ्रष्ट हो गया है  बात यही नहीं रहा बात इससे अब बहुत आगे निकल गया है सिस्टम अब भ्रष्ट लोगों के साथ खुल कर खड़ी हो गयी है ऐसे में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना मुश्किल होता जा रहा है ।ऐसे में जरूरी है कि आये दिन भ्रष्टाचार से तबाह हो रहे लोग एक साथ खड़े हो तभी ये लड़ाई जीती जा सकती है नहीं तो यह बीमारी इस तरह फेल रहा है कि आने वाले समय में लाइलाज हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

जीतन राम मांझी के बयान पर बिफरे कामेश्वर चौपाल कहा ब्राह्मण एक जाति नही, इंस्टिट्यूशन है।

जीतन राम मांझी के बयान पर राम मंदिर का शिलान्यास कर्ता और बीजेपी के कभी दलित चेहरा रहे कामेश्वर चौपाल ने जमकर खरी खोटी सुनाई है उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय जीतन राम मांझी जी,ब्राह्मण समाज और राम पर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।उनकी समस्या है कि वह ब्राह्मण को जाति के रूप में और श्रीराम को एक सामान्य मनुष्य के रूप में देखते हैं , ब्राह्मण एक जाति नही, इंस्टिट्यूशन है।

ज्यादातर आंदोलन और बदलाव ब्राह्मणों के नेतृत्व में हुए। इतिहास देखिए, भगवान बुद्ध के शुरुआती शिष्य ब्राह्मण रहे।भगवान महावीर के आचार्य और गणधर भी ब्राह्मण ही थे।हिंदुस्तान में सुधारवादी आंदोलन का नेतृत्व रामानन्दाचार्य ,बसवेश्वर ने किया तो सामाजिक सुधार के लिए राजाराम मोहनराय ,स्वामी दयानन्द सरस्वती, गोविन्द महादेव रानाडे ने ब्राह्मण होते हुए भी ब्राह्मणों के खिलाफ आंदोलन चलाए।देश मे सेकुलर मूवमेंट चलनेवाले गोपालकृष्ण गोखले, गोविन्द वल्लभ पंत,राष्ट्रवादी आंदोलन में वासुदेव बलबन्त फड़के, वीर सावरकर, डॉ हेडगेवार, गोलवलकर और कम्युनिस्ट आंदोलन की अगुवाई करने वाले बी एल जोशी, नामुदारीपाद बहुत से नाम शामिल हैं ।

इसीलिए ब्राह्मण को केवल पुराणपंथी या समाज मे उत्पन्न सभी समस्याओं का जड़ समझना अज्ञानता है। इस प्रकार की ओछि और निम्नस्तरीय चर्चा केवल बौद्धिक दिवालिया पन को ही प्रकट करता है। हर समाज मे वन्दनीय ,पूज्यनीय और प्रेरणा देने वाले श्रेष्ठ और जेष्ठ महापुरुष हुवे हैं उनमें से अच्छाई ग्रहणकर ही हम गौरवशाली समाज की रचना कर सकते हैं।

मैं माननीय Jitan Ram Manjhi जी से पूछना चाहूंगा की आप जिस महामानव बाबा साहब अंबेडकर की कृपा भारतीय संविधान की वजह से आप और हमारे जैसे लोग भारत में सम्मान पा रहे हैं ,उन्होंने कैसे भारतीय संविधान के प्रथम पृष्ठ पर राम दरबार का चित्रण किए हैं ? भारत के राष्टपिता परम् पूज्य बापू ने कैसे भारत के लिए “रामराज्य” की कल्पना किये ? जबकि उनके कथनानुसार राम काल्पनिक हैं !

“जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 135 लोगों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

“जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 135 लोगों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 135 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर एवं विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, गन्ना (उद्योग) विभाग एवं विधि विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल होकर 135 लोगों की शिकायतें सुनीं। गोपालगंज से आए एक युवक ने बताया कि सर्किट हाउस की मरम्मती का काम 1998 में उनके पिता ने कराया था, जिसका भुगतान अब तक लंबित है। विभाग ने भुगतान लटका दिया तो मामला कोर्ट में गया और कोर्ट का निर्णय आने के बाद भी आज तक भुगतान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को समस्या के समाधान करने का निर्देश दिया।
अरवल से आए एक व्यक्ति ने कहा कि करपी प्रखंड के अंतर्गत पुराण पैक्स में धान खरीद में अनियमितताएं हो रही हैं। वहीं लखीसराय से आए एक व्यक्ति ने सड़क निर्माण में उनके अधिग्रहीत जमीन का भुगतान नहीं किए जाने को लेकर शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मधुबनी जिले से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि लोक सेवा अधिकार काउंटर पर कार्यरत कर्मचारी बिना पैसे का काम नहीं करते हैं, इसको लेकर कई बार शिकायत भी की गई। मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में आवेदन करने की बात पर कहा गया कि मुख्यमंत्री तक भी जाने से कुछ नहीं होगा। युवक की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गया सदर के एक व्यक्ति ने सब्जी उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने के लिए परैया प्रखंड में सब्जी मंडी बनाए जाने की मांग की। वहीं समस्तीपुर के एक व्यक्ति ने बाढ़ के कारण प्रभावित खरीफ फसलों की क्षति के बदले अभी तक अनुदान नहीं मिलने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कौवाकोल, नवादा के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि अंबा मोड़ से अफरडीह ग्राम तक पक्की सड़क का निर्माण अभी तक नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। वहीं कैमूर के नुआंव से आए एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि जिस सड़क का शिलान्यास मुख्यमंत्री जी ने जल-जीवन-हरियाली के दौरान किया था, वहां सड़क निर्माण हुआ लेकिन गांव के लोगों की मांग के बाद भी वहां वृक्षारोपण नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

फुलवारीशरीफ की एक महिला ने राशन कार्ड नहीं बनाए जाने की शिकायत की। वहीं फुलवारीशरीफ से ही आए एक व्यक्ति ने कहा कि वह पटना नगर निगम के अंतर्गत टैक्स भुगतान करता है लेकिन उसके इलाके में आज तक सड़क और नाली का निर्माण नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कुटुंबा, औरंगाबाद के एक व्यक्ति ने बिजली बिल में अनियमितता के संबंध में शिकायत की। वहीं शेखपुरा, बरबीघा के एक व्यक्ति ने निजी जमीन पर सरकारी नलकूप लगा देने के बाद बाकी खेत में जलजमाव की स्थिति बने रहने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

करगहर, रोहतास के एक व्यक्ति ने जन वितरण प्रणाली विक्रेता की अनुज्ञप्ति में अनियमितता के संबंध में शिकायत करते हुए कहा कि प्रथम स्थान पर रहने के बावजूद पांचवे स्थान पर रहने वाले आवेदक को लाइसेंस दिया गया। वहीं रजौन, बांका की एक महिला काष्ठ आधारित लाईसेंस निर्गत करने की मुख्यमंत्री से आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस पर जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सीतामढ़ी के बेलसंड प्रखंड से आए युवक ने कहा कि उनके गांव तक आज भी सड़क नहीं बनाया गया है। वहीं भागलपुर के एक व्यक्ति ने चौर विकास योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण एवं बिजली आपूर्ति में हो रही बाधा के संबंध में अपनी शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।