मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में टेलीकॉलिंग सिस्टम शुरू किया गया, जिसके माध्यम से अब लोग घर बैठे कॉल करके डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं, और दवाइयां भी घर बैठे मंगा सकते हैं।
राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर बिहार के सभी सदर अस्पतालों में इसकी शुरुआत की जा रही है। सिविल सर्जन डा यू सी शर्मा ने बताया कि इसे सुमन योजना के तहत शुरू किया जा रहा है। इसका जिम्मा हैदराबाद की एक निजी एजेंसी को दिया गया है। इसका नंबर 104 रहेगा।
इस नंबर पर फोन करने बाद लोगों सारी जानकारियां मिल सकेंगी।वही सिविल सर्जन ने बताया कि कॉल सेंटर पर फोन करके लोगों को डॉक्टर और दवाओं की जानकारी मिलेगी। साथ ही एंबुलेंस की भी जानकारी मिल सकेगी।
जहानाबाद। केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ आज मंगलवार को जदयू के द्वारा जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय यथा जहानाबाद, काको,रतनी फरीदपुर,मखदुमपुर, घोसी, हुलासगंज एवं मोदनगंज में सतर्कता एवं जागरूकता मार्च निकाला गया।
जिला मुख्यालय में मार्च के बाद अम्बेडकर चौक पर एक सभा का आयोजन किया गया।
इस सभा को सम्बोधित करते हुए जिला प्रभारी संतोष कुशवाहा ने कहा कि भाजपा देश के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ रही है। इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए इस मार्च का आयोजन किया गया है।
कुशवाहा ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से भाजपा पूरे देश में अलग-थलग पड़ गई है।
वहीं सतर्कता एवम जागरूकता मार्च को संबोधित करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री कृष्णंदन वर्मा ने कहा की हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपक्षी एकता के प्रयासों से 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का पूरी तरह सफाया तय है।
कृष्ण नंदन वर्मा, पूर्व शिक्षा मंत्री, बिहार सरकार
भाजपा देश में सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के साथ ही संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद करने और विभिन्न जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने में लगी है।
सभा को सम्बोधित करते हुए जिला प्रभारी मनोरंजन गिरी ने कहा कि ये वही बीजेपी के कमल का फूल है जिसका बटन दबाने से सरकारी बैंक को प्राइवेट कर दिया गया और इनका विकास हिन्दू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद, पाकिस्तान यही तक सिमित रह गया!
यह वही कमल का फूल है। जिसका बटन दबाने से हर साल दस लाख रोजगार देने का वादा था लेकिन उसके बाद इन्होने लाखो नौकरिया छिन ली।
ये वही मोदी सरकार है। जो रेलवे एवं एयरपोर्ट को बेच रहा है। इस लिए भाजपा हटायो देश बचाओ।
इस मार्च में महेन्द्र कुमार सिंह, गोपाल शर्मा ,निरंजन केशव प्रिंस,रामभवन सिंह कुशवाहा, अमित कुमार उर्फ़ पम्मु, दिलीप कुशवाहा , दिलीप कुमार पटेल, रंगनाथ शर्मा,संभू शर्मा, सिया देवी,रंधीर पटेल, रामप्रवेश कुशवाहा, मो अरमान अहमद उर्फ गुड्डू,राकेश पांडेय,मुकेश शर्मा, प्रेम कुमार पप्पु,अनुज कुमार निराला,हरेराम शर्मा , विनोद केशरी ,रशीद प्रवेज, अजीत कुमार , कल्पनाथ कुमार, मूर्तजा अंसारी, कुंदन कुमार बिमल, धनन्जय दास आदि शामिल थे।
दरभंगा । डायन का आरोप लगा महिला की जमकर की पिटाई । अधमरे महिला को DMCH में करवाया गया भर्ती । तांत्रिक विद्या कर बच्चे की हत्या का महिला पर लगाया आरोप।
मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला की बचाई जान। बच्चे का शव आरोपित महिला के निर्माणाधीन मकान से मिलने के बाद नाराज हुए स्थानीय।
सकतरपुर थाना क्षेत्र के शेरपुर नारायणपुर दरगाह टोल का है घटना। आज महिला का अस्पताल में किया भर्ती।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का मोहलत दिया है।
इस मामलें में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरा रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया था।कोर्ट ने पूरा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में निदेशक प्रमुख,स्वास्थ्य सेवा और सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर द्वारा हलफनामा नहीं दायर करने को गम्भीरता से लिया थ।पूर्व की सुनवाई में मुजफ्फरपुर के एस एस पी को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोर्ट ने निर्देश दिया था।मुकेश कुमार ने ये जनहित याचिका दायर की है।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वी के सिंह ने कोर्ट को बताया था कि इस मामलें में दर्ज प्राथमिकी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
इसमें कोर्ट को यह भी बताया गया था कि आँखों की रोशनी गवांने वाले पीडितों को बतौर क्षतिपूर्ति एक एक लाख रुपए दिए गए हैं।साथ ही मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल को बंद करके एफ आई आर दर्ज कराया गया था,लेकिन अब तक दर्ज प्राथमिकी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई ।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर आई हॉस्पिटल के प्रबंधन व राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा बरती गई अनियमितता और गैर कानूनी कार्यों की वजह से कई व्यक्तियों को अपनी आँखें की रोशनी खोनी पड़ी।
याचिका में आगे यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों व अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज करनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं की लापरवाही की वजह से सैकड़ों लोगों को अपनी ऑंखें गंवानी पड़ी।
इस मामले पर अगली सुनवाई दुर्गापूजा अवकाश के बाद की जाएगी।
उत्तर भारतीयों में सरकारी नौकरी को लेकर एक अलग ही क्रेज देखने को मिलता हैं, खासकर बिहार में युवाओं की पहली कोशिश सरकारी नौकरी पाने की ही होती है। लेकिन मुजफ्फरपुर का एक ऐसा गांव हैं जहाँ आजादी के बाद से एक भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं हुई। लेकिन अब जब गांव के एक युवा ने इस रिकॉर्ड को तोड़ा है तो गांव में जश्न का माहौल है।
हम बात कर रहें हैं मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के सोहागपुर गांव की जहाँ पहली बार किसी युवक को सरकारी नौकरी मिली है, इसको लेकर परिवार और गांव में ख़ुशी का माहौल है. आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर भी पूरे गांव में किसी को सरकारी नौकरी नही मिल पाई थी, लेकिन अब गांव के ही युवक राकेश कुमार ने इस मिथक को तोड़ दिया है और अब वो सरकारी शिक्षक बन गए है।
आपको बता दें कि यह गांव लगभग 2000 लोगों की आबादी वाला है लेकिन आज तक किसी को सरकारी सेवक बनने की सफलता हाथ नहीं लगी थी. गांव के स्वर्गीय राम लाल चौधरी के पुत्र राकेश कुमार ने अपनी सच्ची लगन और मेहनत के बदौलत मुकाम को हासिल कर दिखाया है. राकेश गांव में शिक्षा दीक्षा के बाद MCom की पढ़ाई जिला दरभंगा के यूनिवर्सिटी से किया और उसके बाद राजस्थान से B.Ed की परीक्षा पास की।
वही इस सफलता की बात सुनकर स्थानीय लोग काफी खुश हैं और गांव वालों का कहना है कि आजादी के ही बाद यह पहला लड़का है जो अपनी मेहनत और लगन के बदौलत अपने गांव का नाम रोशन किया, इससे अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी।
आपको बता दें कि राकेश कुमार की नियुक्ति मुजफ्फरपुर के जिले के तुर्की के प्राथमिक विद्यालय बरकुरवा में हुई है जहां वे अब बच्चों को शिक्षा देंगे।
पिछले 2 साल से कोरोना की मार ने एक तरफ जहां देश की अर्थव्यवस्था तक हिला कर रख दी तो वहीं छोटे से बड़े कारोबारी एवं रोजगार करने वाले मजदूरों तक इसका असर देखने को मिला।
खासकर आवाजाही की मनाही के बाद मूर्तिकारो पर इसका खासा असर दिखा। जब मूर्तिकार को रोजगार ही मिलना बंद हो गया। लेकिन इस बार कोरोना के प्रकोप में कमी के बाद दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाने की इजाजत लोगों को मिली तब मूर्तिकारों को भी एक बार फिर रोजगार मिलना शुरू हुआ और उनकी दिनचर्या भी सामान्य होने लगी तथा जिंदगी पटरी पर लौटने लगी ।
शहरों में कई इलाके में मूर्ति कारों की बड़ी तादाद है जो जिले ही नहीं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में घूम घूम कर मूर्ति का निर्माण करते हैं एवं अपने परिवार का प्रतिपालन करते हैं ।
मूर्तिकारों ने बताया कि पिछले 2 साल से जब वह कहीं बाहर जाते थे तो वहां से उन्हें वापस कर दिया जाता था और इसकी सबसे बड़ी वजह थी की कोरोना का असर लोगों की आस्था पर भी दिखने लगा था और लोग सरकार के निर्देश के आलोक में पूजा पाठ से भी दूर होते जा रहे थे ।
कई जगहों पर मूर्ति के निर्माण तक नहीं हुए जिससे उन लोगों के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई थी । लेकिन अब जब जिंदगी दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं तो मूर्तिकारों में भी खुशी है एवं उन्हें आशा के साथ साथ विश्वास भी है कि अब वे अपने रोजगार को पुनः एक बार फिर जीवंत कर सकेंगे और अपने परिवार का पालन सही ढंग से कर सकेंगे । साथ ही साथ देश के उत्थान में भी अपना हाथ बटाएंगे ।
जहानाबाद । शराब बेचने वालों और पीने वालों के खिलाफ उत्पाद विभाग के साथ ही जहानाबाद पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है। झारखंड से शराब लाकर दुर्गा पूजा एवं नगर निगम चुनाव में हुड़दंग मचाने के प्रयास में जुटे शराब तस्कर तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर झारखंड से शराब बिहार ला रहे हैं।
जहानाबाद की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक कार और बस से भारी मात्रा में शराब की खेप को बरामद किया है। जिस कार से खराब मिली है उसपर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा है। इस मामले मे पुलिस ने बस के ड्राइवर और खलासी समेत कार सवार 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में जुटी है।
बीजेपी का झंडा लगी कार से शराब मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से शराब की बड़ी खेप बिहार पहुंची है। जिसके बाद पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र स्थित कोर्ट स्टेशन गुमटी के वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान रांची से पटना जा रही बस और बीजेपी का झंडा लगी कार से 400 से ज्यादा बोतल शराब को बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के पास से 77 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस की मानें तो बस की छत पर सामानों के बीच में शराब की खेप छिपाकर रखा गया था। छापेमारी के दौरान बस से कई कार्टन शराब बरामद किया गया है जबकि लग्जरी कार से भी काफी मात्रा में शराब पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस को शक है कि लग्जरी कार पर सवार लोगों द्वारा ही बस से शराब की बड़ी खेप बिहार लाई जा रही थी।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ी पूछताछ में जुटी है। जहानाबाद जिले में 2 दिनों के अंदर भारी मात्रा में शराब की बरामदगी बिहार में शराबबंदी कानून पर सवाल खड़ा कर रहा है।
दानापुर के फुलवारी शरीफ में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक बड़ा हादसा हुआ है रोड किनारे मौजूद लंबा तार का पेड़ ऑटो पर गिर गया है ।
जिसमें ड्राइवर सीट के बगल में बैठे हैं तीन की मौत हो गई है जब 5 लोग गंभीर घायल हो गए जिसमें से भी एक की मौत इलाज के दौरान हो गया। घटना में 3 लोगों की मौत हुई है।
घटना फुलवारीशरीफ के महावीर कैंसर संस्थान के पास घटित हुई है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तार के पेड़ को ऑटो से हटाया और सभी गंभीर घायालाओं को अस्पताल पहुंचाया है।
घटना की जानकारी के बाद फुलवारी शरीफ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। घटना स्थल पर भीड़ लगाने से जाम की स्थिति बनी हुई है। ऑटो की स्थिति देख कर दिल दहल जा रहा था ।
जहानाबाद । शराब के खिलाफ एक बार फिर जहानाबाद जिले में उत्पाद विभाग के द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। मद्य निषेध के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर अरवल से आयी उत्पाद विभाग के अधिकारियों की टीम और जहानाबाद की टीम ने संयुक्त रुप से कार्रवाई की ।
संयुक्त कार्रवाई जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक के भीतर 63 लोगों को गिरफ्तार किया । जिसमें 6 महिलाएं समेत 14 कारोबारी शामिल हैं। 49 लोग शराब के नशे की हालत में पकड़े गए हैं। इस दौरान 25 लीटर महुआ शराब जब्त की गई।
जहानाबाद के एक्साइज सुपरिंटेंडेंट अश्विनी कुमार ने सोमवार को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश पर लगातार जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अश्विनी कुमार, उत्पाद अधीक्षक, जहानाबाद
इसी क्रम में जहानाबाद जिले के टेहटा, मखदुमपुर, नगर थाना, परस विगहा, घोसी, शकूराबाद थाना क्षेत्र के अलावा अन्य ओपी क्षेत्र में सघन अभियान चलाया गया जिसमें 63 लोग पकड़े गए। दो महिलाएं एवं दस पुरुष शराब बेचने के जुर्म में गिरफ्तार किए गए।
उक्त सभी स्थलों से 49 वैसे लोग पकड़े गए जो शराब पीकर शोर मचा रहे थे या भागने की कोशिश कर रहे थे।
छपरा । छपरा में पिछले 5 सितंबर को हुए 60 लाख लूट कांड में गिरफ्तार दोनों पुलिसकर्मियों को पुलिस कार्यालय लाया गया जहां एसपी ने प्रेस को संबोधित किया ।
शशि भूषण सिंह और पंकज पटना में गिरफ्तार किए गए थे जिनके पास से 14 लाख रुपये मूल्य के लूट का माल बरामद किया गया है। गिरफ्तार शशि भूषण सिंह बीएसएपी 5 पटना में वही पंकज परमार बीएसएपी 14 पटना में कार्यरत है। दोनों आरोपियों ने पिछले दिनों छपरा के गरखा में भी ऐसे ही घटना को अंजाम दिया था। उस मामले में भी पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।
पुलिस इनके द्वारा किए गए अन्य किये गए अन्य मामलों की जांच भी कर रही है।
पटना, 24 सितंबर 2022। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस यू यू ललित ने वकीलों के शक्ति की रेखांकित करते हुए कहा कि आम लोगों से जुड़े मुद्दे को उठाने की ताकत वकीलों में ही हैं। बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया और बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा संयुक्त रूप से पटना के बापू सभागार में वकीलों के सामाजिक दायित्व के विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया।
चीफ जस्टिस ललित ने कहा कि वकीलों की सामाजिक भूमिका काफी बड़ी हैं,लेकिन उन्हें आम लोगों से सम्बंधित मुद्दे उठाने की बड़ी ताक़त है।उन्होंने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम में अग्रिम पंक्ति में वकीलों ने ही स्वतन्त्रता संग्राम को नेतृत्व दिया।
केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि विधायिका,कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक टीम की तरह देश के कल्याण के लिए काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश में लगभग चार करोड़ अस्सी लाख मामलें पूरे देश की अदालतों में मामलें सुनवाई के लिए लंबित है।उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और हाईकोर्ट और वकील के सहयोगी इन्हें काफी हद तक कम किया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि लगभग नौ हज़ार करोड़ रुपए निचली अदालतों में बुनियादी सुविधाएँ के लिए रखे गए,लेकिन उस राशि का पूरा उपयोग नहीं किया गया।ये अफ़सोस की बात है।
बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज बिहार के वकीलों ने उत्साह दिखाया,वह अद्भुत हैं।उन्होंने समाज में वकीलों की भूमिका इंगित करते हुए कहा कि वकील न सिर्फ पेशेगत कार्य करते है,बल्कि आम लोगों की सेवा और कानूनी सहायता देते हैं।
उन्होंने राज्य के वकीलों के की दशा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के सिविल और अन्य अदालतों में बुनियादी सुविधाओं का काफी अभाव है।न उनके बैठने की सही व्यवस्था है,न शौचालय की।
महिला अधिवक्ताओं की दशा और भी बुरी है।इन्ही स्थितयों के कारण इन कोर्ट में महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी काफी कम है।उन्होंने ने कहा कि वकीलों के साथ बदसलुकी और हत्याओं की काफी घटनाएं होती है।इसके लिए एडवोकेट एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत हैं।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय कॉल,जस्टिस एम आर शाह,जस्टिस बी आर गवई,जस्टिस माहेश्वरी,जस्टिस एम एम सूंदरश ने भी इस सेमिनार को सम्बोधित किया।पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल ने भी सेमिनार को सम्बोधित किया।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस यू यू ललित,किरण रिजिजू समेत अन्य अतिथियों कार्यक्रम सभागार और व्यवस्था की भूरी भूरी प्रशंसा की।
मुजफ्फरपुर। बिहार की नगर निकाय चुनाव में दो बच्चों से अधिक वालों को चुनाव में लडने में अयोग्य घोषित किए जाने के सरकार के फैसले के विरुद्ध जनहित याचिका दर्ज कराया। मुजफ्फरपुर के सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने अब पटना हाई कोर्ट में दायर किया याचिका।
बिहार राज्य में होने वाली नगर पालिका चुनाव 2022 के सरकार द्वारा दो बच्चों से अधिक वालों को निकाय चुनाव के उम्मीदवारी के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के फैसले को आज हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है और इसको मुजफ्फरपुर के रहनेवाले सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने दिया है और पटना हाई कोर्ट में दायर याचिका में यह आरोप लगाया है की बिहार सरकार का यह कानून आमलोगों के हित के नही है तो इससे बहुत सारे लोग चुनाव लडने से वंचित रह जायेंगे।
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तमन्ना हाशमी ने बताया की जब सरकार ने इस मामले में वर्ष 2011 में ही नियम को लाया था तो इतने वर्ष के बाद से इसको लाने का क्या औचित्य और यह नियम अब तक के विधान सभा चुनाव पंचायत चुनाव में क्यों नहीं लागू किया गया था अब इसको लेकर सवाल उठाया है।
मुजफ्फरपुर। बारिश और ठनका का कहर मुजफ्फरपुर में जारी । एक व्यक्ति की ठनका के गिरने से मौत, मचा कोहराम। मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र की घटना।
जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के ओइये SKMCH भेजा। घटना के बाद मौके पर उमड़ी स्थानीय लोगों की भीड़, परिजन का रो रो कर हुआ बुरा हाल। मृतक की पहचान 22 वर्षीय धीरज के रूप में किया गया है।
वहीं गोपालगंज के अलग-अलग जगहों पर हुआ हादसा। वज्रपात से दो लोगों की मौत। 3 महिला समेत चार लोग झुलसे। सदर अस्पताल में सभी का चल रहा है ईलाज।
बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर बिहार में कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है।इस सेमिनार का विषय समाज निर्माण में वकीलों की भूमिका और योगदान।
उन्होंने बताया कि इस समारोह में भारत के चीफ जस्टिस यू यू ललित,केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू,सुप्रीम कोर्ट के कई जज, पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस समेत अन्य जज समेत बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथिगण इसमें भाग लेंगे।
इसके साथ दूसरे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, जज और पूर्व जज भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।बड़ी संख्या मे राज्य के बाहर से भी वकीलों के आने का हैं।
24 सितम्बर,2022 को यह कार्यक्रम दस बजे दिन में प्रारम्भ होगा।ये सत्र दिन में डेढ़ बजे तक चलेगा।दूसरे सत्र में युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।इसके बाद इन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएँगे।
बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने जानकारी दी इस समारोह में पाँच हज़ार से अधिक वकील शामिल होंगे। इनमेंं बाहर से बड़ी संख्या मेहमानों के शामिल होने की संभावना है।
जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की ने सरोज कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।
ये मामला मुज़फ़्फ़रपुर थाना कांड संख्या- 258/22 के मामले में से सम्बंधित है।इसमें धारा- 363, 364, 376, 302, 328 व पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6 एवं 8 में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए प्राथमिकी दायर की गई थी।
मृतिका निर्भया कुमारी (काल्पनिक नाम) के परिजन द्वारा याचिका पर सुनवाई के बाद अपना यह आदेश दिया।ये याचिका अधिवक्ता ओम प्रकाश ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की थी।
उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया गया है कि केस में नामजद अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, नहीं तो केस को किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाया जाए।इस केस में काम नहीं कर रहे पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही चलाया जाए।
अधिवक्ता ओमप्रकाश ने बताया कि इस मामले की जल्द सुनवाई के लिए हाइकोर्ट से आग्रह किया गया था। घटना दिनांक 26 अप्रैल, 2022 की है, जब याचिकाकर्ता की पुत्री अपने घर से बाहर गयी थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने अपनी पुत्री को बहुत खोजबीन किया, परन्तु वह नहीं मिली।
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उसी दिन रात्रि 12.47 बजे एक कॉल आया, जिसमें याचिकाकर्ता की पुत्री की आवाज सुनाई दी और वह दर्द से कराह रही थी। इसके बाद फोन कट गया और फिर प्रयास करने पर मोबाइल बंद मिला। सुबह में ग्रामीण ने बताया कि याचिकाकर्ता की पुत्री की बॉडी पोखर में पड़ी हुई है। इसके बाद परिजन घटना स्थल पर जाने के क्रम में देखे कि गांव के ही मोहम्मद वसीम खान के द्वारा याचिकाकर्ता की पुत्री को बोलेरो कार से लेकर कहीं ले जाया जा रहा था ।
वह बोलेरो मोहम्मद वसीम के घर पर जाकर रुकी और फिर मोहम्मद वसीम के परिवार वाले गाड़ी में बैठते है। फिर, वैष्णवी हॉस्पिटल, मुज़फ़्फ़रपुर याचिकाकर्ता की पुत्री को लेकर जाते हैं, जहाँ याचिकाकर्ता की पुत्री के परिजन भी पहुचते हैं और अपनी पुत्री से बात करते हैं, तो याचिकाकर्ता की पुत्री द्वारा बताया जाता है कि लगभग 8 लोग द्वारा बलात्कार किया गया और जहर पिलाया गया, जिसमें संध्या ने 4 लोगों का नाम भी लिया था।
इसमें से एक व्यक्ति मोहम्मद वसीम खान को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अभी भी तीन नामजद अभियुक्त पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं।
अमरजीत की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते सुल्तान पैलेस को तोड़ने पर फिलहाल रोक लगाते हुए राज्य सरकार को 8 सप्ताह में जवाब देने को कहा।
इस जनहित याचिका में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसने सुल्तान पैलेस को तोड़े जाने का निर्णय लिया गया।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री रामकृष्ण ने कोर्ट को बताया कि ये ऐतिहासिक महत्व का स्मारक है और लगभग सौ साल पुराना हैं।
ऐसे भवन के देखभाल और उसे सही स्थिति में रखने की जगह उसे तोड़े जाने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है,जो सही नहीं है।
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कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि सौ साल पुराने ऐतिहासिक स्मारक को क्यों तोड़ने का निर्णय लिया गया है।कोर्ट ने इस जनहित याचिका में उठाए गए मामला की सराहना करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने के लिए आठ सप्ताह का मोहलत दिया।
छपरा में मढौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नौतन बहेड़ा गाछी के समीप एसएच -73 पर अपराधियों ने एक सीएसपी संचालक को चाकू घोंपकर डेढ लाख रूपये लूट की घटना को अंजाम दिया है।
लूट की घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी आसानी से फरार हो गये। जिसके बाद जैसे तैसे सीएसपी संचालक भाग कर अपने घर पहुंचा और घरवालों के द्वारा उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सक ने उसे पीएमसीएच रेफर किया गया है।
जख्मी सीएसपी संचालक तरैया थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी निरसु नारायण सिंह का 45 वर्षीय पुत्र सघनदेव सिंह बताया गया है। वह मढौरा के भावल पुर गांव में सीएसपी चलाते है.
बताया जाता है कि मढौरा के कर्णपुरा ग्रामीण बैंक से 2.5 लाख रुपया लेकर वह साइकिल से घर लौट रहा था।तभी, थाना क्षेत्र अंतर्गत बहेड़ा गाछी के पास पहले से घात लगाए बैठे चार अपराधियो ने उसे रोक कर बैग छीनना शुरू कर दिया। बैग नही देने पर अपराधियों ने उसके उपर दो-तीन बार चाकू से वार कर दिया, जिससे वह गिरकर तड़पने लगे और अपराधी बैग से रूपया निकाल फरार हो गए।
जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की खंडपीठ ने नसरा खातून की अपील को मंजूर करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया । अपीलार्थी महिला पर उसकी चार साल की भतीजी की हत्या करने का आरोप था।
आरोपी भिखारिन के समुदाय से थी, जो भीख मांगकर जीवन व्यतीत करते हैं। 20 जुलाई, 2010 को गाँव वालों की भीड़ ने हत्या का आरोप लगाते हुए इसे पुलिस को सौंपा था । उस दिन से ही वो जेल गयी ,तो फिर कभी बाहर नही निकली। दरभंगा की एक निचली अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और पांच हज़ार रुपये जुर्माना भरने की सजा 2013 में सुनाया। जिसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में अपील दायर किया। उक्त अपील को हाई कोर्ट ने एडमिट तो कर लिया, लेकिन अपीलार्थी की सजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।
गौरतलब है कि अपीलार्थी जेल के अंदर ही एक बच्चे की माँ बनी और इसी आधार पर उसकी सजा पर रोक लगाने की गुहार लगाई गयी थी। अपील के ज्यादा वर्षों से लंबित रहने उसकी तरफ से कोई वकील खड़ा नही रहने और अपीलार्थी की गरीबी को देखते हुए हाई कोर्ट ने इस मामले में एडवोकेट आशहर मुस्तफा को कोर्ट मित्र नियुक्त करते हुए लगातार सुनवाई जारी रखा ।
एडवोकेट मुस्तफा ने कोर्ट का ध्यान पूरे मामले का कमजोर परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ओर खींचा। उन्होंने अभियोजन के गवाहों में विरोधाभास निकालते हुए बताया कि इस हत्या का कोई चश्मदीद नही था। हाई कोर्ट ने इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हुए अपीलार्थी को बरी कर दिया।