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पटना हाईकोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरु करने को लेक जल्द होगी बैठक

फिजिकल कामकाज शुरू करने को लेकर पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी 21 सितम्बर 2021 को वकीलों के समन्वय समिति से मिलेगी। पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि समन्वय समिति जस्टिस ए अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली कमिटी से मिलेगा।

उस कमिटी से मिल कर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज प्रारंभ करने के मुद्दे पर बात चीत होगी। इससे पूर्व हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरू करने का अनुरोध किया था।

इसके बाद चीफ जस्टिस ने इस मामले में इन्हें हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी से मिलने को कहा है। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति की 9 सदस्यों की एक टीम कल मुलाकात कर इस विषय पर विचार विमर्श करेगा।

डवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व् अन्य सदस्य सुरक्षा कमिटी से भेंट कर वकीलों की समस्या रखेंगे।

पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी में जस्टिस ए अमानुल्लाह, जस्टिस मोहित कुमार शाह और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद शामिल हैं। हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से मिलने हेतु एक पत्र पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों की ओर से भेजा जा चुका है।

भ्रष्टाचार को लेकर सीएम आज भी दिखे असहज

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 123 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यकम‘ में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग तथा गन्ना (उद्योग) विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

मुख्यमंत्री ने जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। जनता दरबार में आये एक शख्स ने मुख्यमंत्री से दबंग मुखिया की करतूत की शिकायत करते हुए कहा कि मुखिया द्वारा सड़क का दो-तीन इंच ढलाई हुआ है और उसके बारे में बोलने पर हमको केस में फंसाया गया है। नल-जल का काम पूरा नहीं हुआ इसकी शिकायत पर वार्ड सदस्य एवं मुखिया के ससुर के द्वारा भी हमलोगों को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जितना काम मनरेगा का किया गया है, सभी काम जे0सी0बी0 से हुआ है। युवक की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गोपालगंज के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य श्री योगेंद्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री से कहा कि मैं रिटायर्मेंट के बाद से जनसेवा करता आ रहा हूं। गांव की भौगोलिक परिस्थिति साफ बताती है कि उसे बिहार की बजाए यूपी का अंग होना चाहिए। आपसे आग्रह है कि मेरे गांव को उत्तर प्रदेश में शामिल करा दिया जाए। मुख्यमंत्री भी इस मांग को सुनकर चौंक गए और आवेदक को संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेज दिया।

बगहा, पश्चिमी चंपारण के श्री आशुतोष मणि पाठक ने कहा कि बगहा-1 प्रखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझौवां के अंतर्गत मेरे गांव के पास डेढ़ कि0मी0 लंबे चैनल (तिरहुत मेन कैनाल) के भर जाने से गांव में फसल बर्बाद हो जाता है और बाढ़ भी आ जाता है। वहीं हरनौत, नालंदा के श्री धनंजय कुमार ने कल्याण बिगहा बहादुर पथ के अंतर्गत द्वारिका बिगहा महाने नदी पर पुल निर्माण के संबंध में अपनी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समस्याओं के समाधान करने का निर्देश दिया।

एंकगरसराय, नालंदा के श्री राजीव कुमार ने गेहूं अधिप्राप्ति की राशि नहीं मिलने की षिकायत की तो वहीं मनेर, पटना के श्री ओम प्रकाश ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कोचस, रोहतास के श्री अभिषेक कुमार ने राशन कार्ड बनवाने को लेकर धांधली होने की शिकायत के साथ-साथ रिश्वतखोरी कर फर्जी लोगों के राशन कार्ड बनवाए जाने की बात कही तो वहीं असरगंज, मुंगेर के श्री विद्यानंद सिंह ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत अपने यहां तालाबों के जीर्णोद्धार के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस संबंध में आवष्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

चौसा ग्राम पंचायत में कार्यरत एक महिला न्याय मित्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगायी कि मेरे ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में तब्दील कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद ग्राम कचहरी खत्म होने से मैं न्याय मित्र के पद पर काम नहीं कर पा रही हूॅ। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने नए सिरे से नियोजन में एडजस्ट किए जाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि ऐसे ग्राम पंचायत से जो अब नगर पंचायत में तब्दील हो चुके हैं और जहां ग्राम कचहरी की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। उन जगहों पर काम करने वाले न्याय मित्रों को दूसरी जगह नियोजित करने की कार्रवाई करें।

शेखपुरा के बरबीघा से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उद्योग विभाग में मेरी पत्नी के नाम पर फर्जी दस्तखत करके सब्सिडी की निकासी करा ली गई है। यह बड़ा घोटाला है और तत्कालीन उद्योग मंत्री और राजद नेता की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। राजद नेता के बेटे के नाम पर कंपनी है उसी ने घोटाला किया है। यह सुन मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिये।

पटना के एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है। फरियादी ने आगे बताते हुए कहा कि उस समय उद्योग विभाग के मंत्री से हमने इस बात की शिकायत की तो आरोपी ने मंत्री से मिलकर मामले को रफा-दफा करा दिया। यह शिकायत सुन मुख्यमंत्री ने तुरंत उद्योग विभाग को निर्देष दिया कि इस मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई करें।

शेखपुरा से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से शिकायत किया कि पैक्स में धान बेचने के सालभर बाद भी पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस समस्या के समाधान करने का निर्देश दिया।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री रामप्रीत पासवान, पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चौधरी, सहकारिता मंत्री श्री सुबाष सिंह, गन्ना उद्योग मंत्री श्री प्रमोद कुमार, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री मुकेश सहनी, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत चौधरी, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री नीरज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0सिंघल, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, संबंधित विभागों के अन्य वरीय अधिकारी, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेंद्र शर्मा उपस्थित थे।

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के पष्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि हमलोग शुरु से कह रहे हैं कि छह माह में छह करोड़ से ज्यादा टीकाकरण करेंगे। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर हमलोगों ने तय किया था कि कम से कम 30 लाख टीकाकरण करेंगे लेकिन इस लक्ष्य को पार करते हुए 33 लाख से अधिक टीकाकरण किया गया। टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। हमलोग निश्चित रुप से वैक्सिनेशन का काम तेजी से जारी रखेंगे। केंद्र सरकार से जो वैक्सीन मिलनी चाहिए वो मिल रही है।

इसको लेकर हमारी सरकार के लोग केंद्र से बातचीत करते रहते हैं। निरंतर केंद्र से वैक्सीन की सप्लाई हो रही है। वैक्सीनेशन का काम तेजी से काम किया जा रहा है। इसको लेकर सभी लोग अलर्ट और सक्रिय हैं। वैक्सीनेशन महाअभियान की हमलोग लगातार जानकारी लेते रहे। 17 सितंबर की रात में ही 30 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन होने की जानकारी मिल गई थी। अगले दिन सुबह में हमलोगों को बताया गया कि एक दिन में 33 लाख से ऊपर वैक्सिनेशन हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग शुरु से ही इस बात पर जोर देते रहे हैं कि कोरोना की जांच के लिए भी निश्चित तौर पर काम करते रहना है। कोई बाहर से आ रहा है उसकी वजह से 6-7 केस कहीं-कहीं से निकल जा रहा है। कोरोना से ज्यादा प्रभावित राज्यों से आने वाले लोगों के जांच का प्रबंध किया गया है ताकि इसकी पहचान हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण का डोज छह करोड़ से भी ज्यादा बढ़ेगा। आप समझ लीजिए कि फर्स्ट डोज जिसका हो चुका है उसके सेकेंड डोज का भी तो टीकाकरण चल रहा है। दूसरे डोज के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि सभी लोगों को दूसरी डोज भी पड़ जाए।

मगही और भोजपुरी भाषा को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री के बयान से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को इसका एहसास नहीं कि बिहार एक था बिहार तो 2000 में दो हिस्से में बंटा। बिहार के लोगों को झारखंड के प्रति पूरा का पूरा प्रेम है और झारखंड के लोगों को भी बिहार के प्रति प्रेम है। पता नहीं पॉलिटकली लोग क्या बोलते हैं ये बात समझ में नहीं आती। झारखंड के एक एक आदमी के प्रति हमलोगों की श्रद्धा है। बिहार-झारखंड तो भाई है, एक ही परिवार के सबलोग हैं। वैसे तो पूरा देश के लोग एक परिवार के हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब बिहार और झारखंड एक था तब लोग काम करने झारखंड जाते थे लेकिन अब कोई नहीं जाता है। बिहार का बंटवारा होने के बाद बिहार के लोगों में काफी मायूसी आ गयी थी। झारखंड के अलग हो जाने के बाद लोगों को लगा था कि बिहार बर्बाद हो जायेगा, बिहार में कुछ नहीं बचेगा लेकिन ये सब धारणायें गलत साबित हुई। बिहार का तेजी से विकास हो रहा है। बिहार में कई संस्थानों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को झारखंड के प्रति कोई गलत धारणा नहीं है। लोग एक दूसरे की इज्जत करते हैं। इसी तरह झारखंड के लोगों का भी बिहार के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव है। पता नहीं लोग ऐसी बात क्यों बोलते हैं?

मगही और भोजपुरी बोलने वालों को झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा दबंग कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई दबंग नहीं है। ऐसी बात नहीं सोचनी चाहिए। अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग विभिन्न राज्यों में रहते हैं। बिहार के ही कुछ इलाकों में बंगाल की भाषा बोली जाती है। इसी तरह उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ इलाकों में भी बिहार की भाषा बोली जाती है। भाषा को लेकर ऐसी सोच ठीक नहीं है। अगर किसी को कोई राजनीतिक लाभ लेना है तो वह अलग बात है। हमलोग ऐसी बात कभी नहीं सोचते हैं। हमलोगों का झारखंड के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव है।

बिहार को दहलाने की रची गयी है साजिश दिल्ली पुलिस का बडा खुलासा

बिहार को दहलाने की साजिश का खुलासा दिल्ली पुलिस ने किया है । दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए दो ISI एजेंट से प्राप्त इनपुट के आधार पर समस्तीपुर रेल मंडल अलर्ट पर है। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल ने आतंकी कार्रवाई को लेकर 13 जिलों के SP सहित रेल पुलिस को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, सुपौल, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, मधुबनी, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया SP सहित रेल पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर व कटिहार को पत्र जारी कर भेजा है। इसमें उन्होंने अपने स्तर से सुरक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों और थानाध्यक्ष को निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

RPF के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने जारी पत्र में लिखा है- ‘दिल्ली पुलिस ने दो ISI पाकिस्तानी आतंकी को पकड़ा है। इनके हवाले से पता चला है कि देश के विभिन्न जगहों पर पुल-पुलिया, रेलवे ट्रैक, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर RDX विस्फोटक का प्रयोग कर उन्हें क्षतिग्रस्त करने की मंशा है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल की यह कोशिश है कि किसी तरह की भी घटना नहीं घटे। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करें।’

सबसे बड़ी बात यह है कि इस समय बिहार में दुर्गापूजा दिपावली और छठ होता है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आते हैं । ऐसे में ट्रेनों के माध्यम से आवाजाही काफी अधिक बढ़ जाती है। इस संबंध में मंडल सुरक्षा आयुक्त ए.के लाल का कहना है- ‘रेलवे के पुल-पुलिया, ट्रैक के कई दायरे राज्य सुरक्षा के अधीन आते हैं। ऐसे में रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है।’

मेरे गांव को यूपी में मिला दीजिए कोई बुनियादी सुविधा नहीं है

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान आज 143 शिकायत आई जिसमें अधिकांश सेवा से सम्बन्धित मामले था आज ग्रामीण कार्य ,पंचायती राज,पथ निर्माण,कृषि विभाग से जुड़ी शिकायतें सुनी गयी लेकिन एक ऐसा मामला आया जिसको सूनकर सीएम हैरान रह गये ।

गोपालगंज से आए इंटर कॉलेज के रिटायर प्राचार्य योगेंद्र मिश्र ने अपने गांव को उत्तर प्रदेश राज्य में मिलाने की मांग रख दी। पूर्व शिक्षक ने बताया- ‘मेरे गांव से उत्तर प्रदेश का कुशीनगर जिला महज 1 किलोमीटर की दूरी पर है। गांव की भौगोलिक स्थिति इस बात का संकेत देती है कि उसे बिहार के बजाय UP में होना चाहिए।’

पूर्व प्राचार्य योगेंद्र मिश्र ने बताया- ‘1978 से लगातार जन सेवा कर रहे हैं। अपने वेतन के पैसे से गांव की सड़क की मरम्मत करते रहे हैं। अब पेंशन पर हैं, फिर भी जनसेवा लगातार जारी है।’ वह जब CM के सामने पहुंचे तो अपना परिचय एक कविता सुना कर दिया।

CM ने पहले उनकी पूरी बातों को गंभीरता से सुना, लेकिन अंत में उन्होंने जब यह कहा कि उनके गांव को UP में शामिल करा दिया जाए तो वह हंसने लगे और फिर उन्हें पथ निर्माण विभाग के पास जाने को कहा।हलाकि इस तरह की समस्या कैमूर के लोग भी झेल रहे हैं

आज से शुरु हो गया विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला लेकिन इस बार सिर्फ पिंडदान का होगा कार्यक्रम

आज से विश्व प्रसिद्ध गया पितृपक्ष मेला फल्गु नदीं में स्नान के साथ ही शुरु हो गया है हलाकि इस बार भी कोरोना का असर मेले पर साफ दिख रहा है। बाहर के प्रदेशों से लोगों का इस बार भी आना कम ही हुआ है ।पिंडदान कर्मकांड अगले 17 दिनों तक यानि 6 अक्टूबर को अंतिम स्नान के साथ समाप्त हो जायेंगा हलाकि कर्मकांड से जुड़े पंडितों का कहना है कि दो तीन दिनों में पहले जैसा रोनक देखने को मिलेगा।


प्रशासन के सख्त निर्देश को देखते हुए इस बार कोविड-19 गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। मास्क, सैनिटाइजर व आपस में दूरी रखने की सलाह तीर्थयात्रियों को दिया जा रहा है। एक जगह पर तीर्थयात्रियों की भीड़ ज्यादा ना हो इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है।

विगत 2 सालों से कोरोना के कारण पिंडदान कर्मकांड बंद था, जिस कारण इस कार्य में लगे पंडित की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। इस बार पितृपक्ष मेला की स्वीकृति नहीं दी गई, लेकिन पिंडदान कर्मकांड की स्वीकृति सरकार ने दी है, इससे लोगों को थोड़ी आस जगी है।

जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेला नहीं लगेगा, लेकिन गया आने वाले पिंडदानियों को कर्मकांड करने से नहीं रोका जाएगा। उन पिंडदानियों को कोरोना गाइडलाइन के तहत कर्मकांड करना है और इसकी निगरानी भी की जाएगी। नगर आयुक्त सावन कुमार ने बताया कि मेला नहीं लगेगा, लेकिन पिंडदानियों के आगमन की संभावना को देखते हुए मेला क्षेत्र में सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई स्थानों पर शिविर लगाकर कोरोना जांच व टीकाकरण किया जाएगा।

राजनीति में आधी आबादी और युवा कैसे अपनी जगह बनाये लोकत्रंत के सामने ये बड़ी चुनौती है

बात कोई दो वर्ष पूरानी है एक दिन दिल्ली से किसी महिला अधिकारी का बिहार के किसी मामले को लेकर फोन आया बात आयी चली गयी। कुछ दिनों के बाद फिर कोई ऐसा वाकया बिहार से जुड़ा हुआ था उसको लेकर बातचीत हुई और फिर धीरे धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ता चला गया ।

एक दिन वो बतायी की मैं बिहार आ रही हूं मैंने पुंछा क्यों वो बतायी की मेरा कांलेज शिक्षक में हो गया है कल दिल्ली वाली नौकरी से रिजाइन भी दे दिए हैं अगले माह ज्वाइन कर लेगें चलते चलते मैं सिर्फ इतना ही कहा यह निर्णय सही है ।दस मिनट बहस भी हुई उसका तर्क यही था कि बिहार के बदलाव में मैं भी कुछ योगदान करना चाहती हूं ।

एक वर्ष से अधिक हो गया उसका बिहार आये हुए, बदलाव को लेकर जिस सोच के साथ वो आयी थी उसको लेकर नीत नयी प्रयोग करती रहती है। इस दौरान क्या समस्याएं आ रही है उस पर अक्सर बात होती रहती है एक महिला को बिहार के प्रवेश में अकेले रहना आज भी कितना मुश्किल है इसको लेकर कई घटनाओं का जिक्र मुझसे कि है, मैं तो हैरान हूं कितना मुश्किल है आज भी बिहार में अकेले महिला को घर छोड़कर बाहर नौकरी करना हलाकि इस पर चर्चा बाद में करेंगे ।

राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर हैं तो स्वभाविक है चर्चा के केन्द्र में राजनीति रहेगा ,अक्सर वो बिहार की राजनीति को लेकर मुझसे सवाल करती रहती है मैं सिर्फ बिहार की राजनीति से जुड़ी सूचना देता हूं ।कुछ दिन पहले दरभंगा के ग्रामीण कार्यविभाग में कार्यरत इंजीनियर के पास से बरामद पैसे को लेकर मैं स्टोरी चला रहा था ।

एक दिन उसका फोन आया इस इंजीनियर पर सरकार कारवाई क्यों नहीं कर रही है मैंने उसे बता दिया कि सरकार के मजबूत नेता का इसको संरक्षण प्राप्त है> मुझे नहीं मालूम था कि उस नेता को लेकर उसके मन में बड़ा आदर भाव है ,इसी तरह से सवाल करती रहती है कभी प्रशांत किशोर को लेकर तो कभी कन्हैया को लेकर तो कभी रितू जयसवाल को लेकर तो कभी माले के नवनिर्वाचित विधायक को लेकर मुझे इन सब के बारे में जो इनसाइड स्टोरी है वो बताते रहते हैं ।

कैसे कन्हैया को बेगूसराय में हराने के लिए बिहार के सारे वामपंथी पार्टियां एक साथ खड़ी थी और इस खेल में राजद क्यों शामिल था ,अंबानी ग्रुप इस खेल कैसे शामिल हुआ ये सब बताते रहते हैं ।प्रशांत किशोर की राजनीति का जो माँडल है उस माँडल के लिए प्रयाप्त पैसा चाहिए ऐसे में कल इस देश का पीएम अंबानी और अंडानी का बेटा बन जाये तो कोई बड़ी बात नहीं है, क्यों कि देश की राजनीति जिस मॉडल पर आगे बढ़ रही है आने वाले समय में इस देश में लोहिया ,कर्पूरी ठाकुर ,रामविलास पासवान और लालू ,मुलायम ,नीतीश और सुशील मोदी जैसे साधारण परिवार जन्मे व्यक्ति जिस उंचाई तक पहुंच गये अब वो होने वाला नहीं है ।

आज बिहार की राजनीति में परिवार के बाहर कही किसी कोने से थोड़ी सी भी जो उम्मीद की किरणें दिख रही है उसके पीछे का सच वहीं है जो आप आज की राजनीति में देख रहे हैं टिकट के लिए पैसा देना होगा। फिर चुनाव लड़ना है तो पांच करोड़ खर्च करने होंगे।

बिहार में जो भी युवा चेहरा दिख रहा है जो कुछ बदलाव की बात कर रहा है उन सबके पीछे का सच यही है कि वो किसी ना किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ना चाह रहा है ।ताकी वो विधायक ,सांसद बन सके।

मेरा अनुभव तो यह है कि ऐसे युवा चेहरा आज की राजनीति में जो लोग हैं उन्हें लोकतंत्र में कोई बदलाव हो इससे कोई मतलब नहीं है लोकतांत्रिक संस्थान से कोई मतलब नहीं है बस पावर कैसे मिले उसकी सोच इससे आगे नहीं है ।क्यों कि आपका साध्य – वह लक्ष्य , मंज़िल या मुकाम है -जहाँ आप पहुँचना चाहते हैं साधन -वह सब जिसका उपयोग आप करते हैं उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए। वो ईमानदार नहीं रहेंगा तो फिर उससे बदलाव की उम्मीद करना बेमानी है ।

बिहार की राजनीति को लेकर इस तरह की चर्चा इससे अक्सर होती रहती है संयोग से किसी बात को लेकर मैं उसको कल फोन किया बातचीत चल ही रहा था कि उसने ऐसी बात कह दी कि मैं हैरान रह गया । पहली बार मुझे पता चला कि दिल्ली में सरकारी नौकरी छोड़कर ये बिहार इसलिए आयी थी कि वो सक्रिय राजनीति में शामिल होना चाहती थी और इसी उदेश्य को प्राप्त करने के लिए प्रोफेसर की नौकरी ज्वाइन की थी लेकिन अब इसका इरादा बदल गया है एक सप्ताह पहले इसके पति जो सरकारी अधिकारी है मिलने आये थे ।

तचीत में बोली की अब राजनीति में नहीं जाना है, जनाब हैरान थे जिस वजह से ये दिल्ली की नौकरी छोड़ी, शादी के शर्त में एक शर्त ये भी था की मुझे आप सक्रिय राजनीति में जाने से रोक नहीं सकते हैं .वो लड़की अचानक आज कह रही है कि राजनीति मेरे बस की बात नहीं है आज की राजनीति में कुछ भी बदलाव की बात सोचना बेमानी है अब कुछ अलग तरीके से सोच रहे हैं पति महोदय हैरान थे आखिर इसका आत्म परिवर्तन कैसे हो गया पता चला पत्रकार संतोष सिंह का प्रभाव है ।

खैर ये अलग बात है लेकिन यह सच्चाई है कि आज की जो युवा पीढ़ी है वो बदलाव चाहता है लेकिन हर फिल्ड में सिस्टम इतना मजबूती के साथ खड़ा है कि वहां आप कुछ कर नहीं सकते हैं आज की युवा पीढ़ी के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है ।इसलिए जो जहां हैं सिस्टम में बदलाव को लेकर कोशिश जारी रखिए यही मूलमंत्र होगा देश को बदलने के लिए क्यों कि अब इस देश में फिलहाल किसी बड़े बदलाव या बड़े आन्दोलन की दूर दूर तक सम्भावना नहीं दिख रहा है जिससे निकले व्यक्ति से कुछ उम्मीद किया जा सके ।