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पटना हाईकोर्ट ने पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई की

जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा है कि उन्होंने दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की है।

साथ ही याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट के समक्ष लगभग तीन हज़ार से भी आवेदन आवदेकों के नाम,भू-खंडों व अन्य रिकॉर्डों के साथ प्रस्तुत किये गए।कोर्ट ने इस सम्बन्ध में राज्य सरकार और आवास बोर्ड को अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा कि अब तक पटना में उसने कितनी कॉलोनियों का निर्माण और विकास किया हैं।साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को एमिकस क्यूरी संतोष सिंह द्वारा प्रस्तुत दलीलों का अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया था।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के दोषी अधिकारियों और जिम्मेवार पुलिस वाले के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा था। कोर्ट ने कहा कि इनके रहते इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन कर मकान बना लिए गए।इस सम्बन्ध में हलफनामा दायर कर कार्य योजना पेश करने का निर्देश दिया था।

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इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी संतोष सिंह ने कोर्ट के समक्ष बहस किया।उन्होंने कहा था कि राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में हटाने की कार्रवाई सही नहीं थी। हटाने के पूर्व संचार माध्यमों में उन्हें नोटिस दे कर जानकारी देना चाहिए था।उन्होंने कहा था कि नागरिकों को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि या तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए या उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 27 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया व बिहार राज्य बार कॉउंसिल द्वारा 24 सितम्बर,2022 को पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार का आयोजन किया गया है

आज इस पर पूरी जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया। बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर बिहार में कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है।

इसमें सेमिनार का विषय समाज निर्माण में वकीलों की भूमिका और योगदान। उन्होंने बताया कि इस समारोह में भारत के चीफ जस्टिस यू यू ललित,केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू,सुप्रीम कोर्ट के कई जज, पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस समेत अन्य जज समेत बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथिगण इसमें भाग लेंगे।

24 सितम्बर,2022 को यह कार्यक्रम दस बजे दिन में प्रारम्भ होगा।ये सत्र दिन में डेढ़ बजे तक चलेगा।दूसरे सत्र में युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।इसके बाद इन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएँगे।

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने जानकारी दी इस समरोह में पाँच हज़ार से अधिक वकील शामिल होंगे। इनमेंं बाहर से बड़ी संख्या मेहमानों के शामिल होने की संभावना है।

पटना हाईकोर्ट में स्थानीय निकायों में अन्य पिछडा वर्गों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर सुनवाई अधूरी रही

सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

इससे पूर्व इस मामलें पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर 23 सितम्बर,2022 तक सुनवाई कर ले,तो उपयुक्त रहेगा।

दिसंबर,2021 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती,जब तक कि सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित तीन जांच की अर्हता पूरी नहीं कर लेती।

तीन जांच के प्रावधानों के तहत ओबीसी के पिछडापन पर आंकडे जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफरिशों के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत हैं।

साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीटों का पचास प्रतिशत की सीमा नहीं पार करें।

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कोर्ट ने कहा कि जब तक तीन जांच की अर्हता नहीं पूरी कर ली जाती,ओबीसी को सामान्य श्रेणी के सीट के अंतर्गत पुनः अधिसूचित किया जाए।

कोर्ट ने ये भी कहा कि बिहार मे नगर निकायों का चुनाव 10 अक्टूबर, 2022 को चुनाव होने हैं।इसके पूर्व पटना हाईकोर्ट को इस मामलें पर सुनवाई कर ले, तो उपयुक्त रहेगा।

आज पटना हाईकोर्ट में इस मामलें लम्बी सुनवाई हुई,पर सभी पक्षों को बहस करने का अवसर नहीं मिल पाया।इस मामलें पर अगली सुनवाई 28 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

शादी के बाद पहली बार ससुराल जाएंगी राजश्री, फुलवारिया में तैयारी शुरू

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 24 सितंबर को अपने पैतृक गांव गोपालगंज के फुलवरिया में होंगे। शादी के बाद पहली बार तेजस्वी यादव अपनी धर्म पत्नी राजश्री यादव के साथ अपने घर पहुंचेंगे। और कुल देवता की पूजा-अर्चना करेंगे। परिवार के सदस्यों से भी तेजस्वी यादव और उनकी पत्नी राजश्री मिलकर आशीर्वाद लेंगे।

बिहार की परंपरा है कि शादी कहीं भी हो लेकिन बहू जब अपनी ससुराल पहुंचती है तो कुल देवता की पूजा की जाती है और घर की महिलाएं शिव गीत गाती हैं… आज भी इस परंपरा को लालू प्रसाद का परिवार कायम रखा है।

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उनकी धर्मपत्नी राजश्री यादव के ससुराल पहुंचने से पहले घर की महिलाएं शिव गीत गाकर नई बहू की आगमन की तैयारी कर रही हैं।

बिहार के समस्तीपुर में पेट्रोल पंप संचालक ने पत्नी के धारदार हथियार से की हत्या

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में विद्यापति नगर थाना इलाके में दिल दहला देने वाली वारदात। पेट्रोल पंप संचालक ने पत्नी के धारदार हथियार से की हत्या ।

बीच-बचाव करने के दौरान 1 पुत्र एक पुत्री और पेट्रोल पंप संचालक की मां गंभीर रूप से जख्मी। पेट्रोल पंप संचालक ने खुद किया ट्रेन से कटकर सुसाइड।

पेट्रोल पंप संचालक का शव फतेहा हॉल्ट के पास से बरामद। विद्यापति नगर थाना के शाहिट बृंदावन गांव की घटना।

मसौढ़ी में दिनदहाड़े एक युवक की हत्या, शर्मा गुमटी के पास वारदात

मसौढ़ी में एक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दिया गया है। घटना शर्मा गुमटी के समीप घटित हुई है। बताया जाता है कि मसौढ़ी के दुबहारा के रहने वाले मृतक मुन्ना कुमार का उसके पाटीदार से ही जमीनी विवाद चल रहा था। और इसको लेकर के पहले भी मुन्ना कुमार पर गोली चली थी, जो हाथ से रोक लिया था। उस समय उसकी जान बच गई थी लेकिन आज अपने गांव से मोटरसाइकिल से मसौढ़ी की ओर जा रहा था तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने एक के बाद एक दो गोली उसके सीने में उतार दिया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी के बाद उसके परिजन मौके पर पहुंचे और अपने लाल के खून से लथपथ देख कर के रोना धोना शुरू कर दिया मसौढ़ी पुलिस को भी सूचना दिया मसौढ़ी पुलिस भी घटनास्थल पर तुरंत पहुंची और जांच में जुट गई।

राहगीरों ने बताया कि एक के बाद एक दो गोली चली थी जिसमें दोबहारा के रहने वाले मुन्ना कुमार को गोलियां लगी अपराधी फरार हो गए वहीं पर मुन्ना कुमार तड़पने लगा हम लोग अस्पताल ले जाने लगे लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है परिजन जमीनी विवाद का मामला बता रहे हैं जिसमें गांव के ही रहने वाले विजेंद्र कुमार के बेटा पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है । फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है दिनदहाड़े हुई इस हत्या की वारदात से इलाके में दहशत का माहौल भी बना हुआ है।

वही घटना से आक्रोशित लोगों ने मसौढ़ी पटना मुख्य सड़क को जाम कर हंगामा कर रहे है।

बिहार में डेंगू का कहर- मुजफ्फरपुर में अबतक मिले 5 मरीज, ना छिड़काव ना फॉगिंग, नरक बना हुआ हैं शहर

पूरे बिहार में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, वहीं मुजफ्फरपुर में भी करीब आधा दर्जन मरीज डेंगू से ग्रसित मिले हैं. वहीं शहर की हालत नारकीय हो चुकी है, लेकिन ना तो स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर तत्पर हैं ना ही नगर निगम।

शहर के अधिकांश हिस्सों में जलजमाव है, डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है. लेकिन अब तक ना तो शहर के किसी हिस्से में फॉगिंग की जा रही हैं, ना ही छिड़काव किया गया हैं।

नगर निगम के अधिकारियो चुनाव में बिज़ी हैं, वहीं सिविल सर्जन डॉ उमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि जल्द ही तमाम क्षेत्रों में छिड़काव कराई जाएगी, साथ ही उन्होंने सभी को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है।

क्या नीतीश वीपी सिंह के नक्शे कदम पर बढ़ रहे हैं?

क्या देश नीतीश में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह वाली छवि देख रही है!
मीडिया के एक सवाल के जवाब में ललन सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार को फूलपुर और मिर्जापुर के साथ साथ कई जगह से चुनाव लड़ने का संदेशा आया है लेकिन लोकसभा चुनाव में अभी बहुत वक्त है और नीतीश जी चुनाव लड़ेंगे इस पर अभी तक कोई विचार नहीं हुआ है इसलिए इस तरह के सवाल का कोई मतलब नहीं है।

लेकिन मीडिया ने इस खबर को ऐसा परोसा मानो ललन सिंह ने फूलपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दिया खबर ब्रेक होते ही राष्ट्रीय मीडिया में भूचाल आ गया शाम का सारा प्राइम डिबेट फूलपुर पर आकर ठहर गया देखते देखते सारा राष्ट्रीय चैनल फुलपूर की और प्रस्थान कर गया और गांव गांव ,चौक चौक पर लोगों से सवाल करने लगा नीतीश चुनाव लड़ने आ रहे हैं, आपकी क्या राय है।

खबरे भले ही 2024 का नब्ज टोटलने को लेकर जदयू द्वारा प्रायोजित किया गया था लेकिन मीडिया जब फूलपुर पहुंची तो ऐसे लगा जैसे उनके पहुंचने से पहले गांव गांव मे नीतीश के चुनाव लड़ने की चर्चा शुरु हो गयी है, सारे चैनल के रिपोर्ट को देखे तो बिहार से कही ज्यादा यूपी वाले इस खबर को लेकर उत्साहित हैं।

एक राष्ट्रीय चैनस का पत्रकार चलते चलते एक दरवाजे पर रुकता है और वहां बैठे लोगोंं से सवाल करता है नीतीश आ रहे हैं क्उया कहना है आपका उस व्यक्ति ने नीतीश के सहारे जो बाते कही रिपोर्टर साहब सोच में पड़ गये, गांव वालों ने गठबंधन अभी हुआ भी नहीं है लेकिन नाम भी रख दिया संयुक्त मोर्चा के उम्मीदवार नीतीश जी आय़ेंगे तो मोदी जी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा । जिस अंदाज में वहां बैठे लोग बोल रहे थे कि रिपोर्टर को रहा नहीं गया और उक्त व्यक्ति की जाति जानने के लिए नाम पुंछ डाला वहां बैठे सारे के सारे व्यक्ति ब्राह्मण थे रिपोर्टर हैरान आप लोग नीतीश की तारीफ कर रहे हैं मतलब नीतीश के नाम की चर्चा के साथ ही यूपी की राजनीति में भी एक अलग तरह माहौल अभी से ही बनना शुरू हो गया । इस खबर को जिस तरीके से राष्ट्रीय मीडिया ने कवर किया है अगर लड़ाई आमने सामने हुई तो मोदी का मीडिया मैनेजमेंट बहुत प्रभावित नहीं कर सकता है ऐसा नीतीश के बिहार से बाहर निकलने के बाद दिखने लगा है ।

Nitish Kumar

वैसे अधिकांश मीडिया हाउस के टॉप लेवल पर कोई ना कोई है जिनसे नीतीश कुमार को बेहतर रिश्ता रहा हैं साथ ही मोदी से जो प्रताड़ित वर्ग है वो पूरी तौर पर नीतीश के साथ होते जा रहा है जिस वजह से नीतीश को राष्ट्रीय स्तर पर फंड से लेकर अन्य स्रोतों तक पहुंच काफी तेजी से बढ़ती जा रही है फिर भी नीतीश काफी सावधान है और इस इमेज से बचना चाह रहे हैं कि नीतीश कुमार 2024 के पीएम उम्मीदवार है क्योंकि उनको पता है जब तक विपक्ष अलग अलग रहेंगा इसका कोई मतलब नहीं है।

इसलिए नीतीश कुमार की कोशिश यह है कि वीपी सिंह के नेतृत्व में जिस तरीके से 1989 में देश के सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ मिलाकर जनता दल बनाया था ठीक उसी तरह से पहले देश स्तर पर बिखरे सारे विपक्ष को एक दल में विलय करा जाए ताकि टुकड़े टुकड़े में जीत कर आने के बाद पीएम पद की दावेदारी में वो मजबूती नहीं रहेंंगी जैसे विलय के बाद एक दल के रूप में जीत कर आने के बाद वो मजबूती नहीं रहेंगी इसलिए मीडिया जब फूलपुर से चुनाव लड़ने की बात कि तो नीतीश सिरे से खारिज कर दिया और कहां कि मेरी प्राथमिकता विपक्ष को पहले एक करना है ।

हालांकि जो खबर आ रही है राजद,जेडीएस और ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी से सहमति दे दी है और सपा से बातचीत चल रही है वैसे कल युवा चेहरे को आगे करने की बात कर नीतीश ने एक बड़ा दाव खेल दिया है वैसे 25 सितंबर को देवीलाल के जयंती के मौके पर आयोजित रैली में विपक्षी एकता को लेकर बड़ी घोषणा हो सकती है।

भारत में सुप्रीम और हाईकोर्ट में जजों की बहाली में कालेजियम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है: योगेश चंद्र वर्मा

भारत में न्यायपालिका की स्वतन्त्रता,पारदर्शिता और निष्पक्षता को पूरी दुनिया में सराहा और माना जाता है। भारतीय न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और मर्यादा को बढ़ाने में यहाँ के जजों और वकीलों की काफी बड़ी भूमिका है।

पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष व वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि भारत में सुप्रीम और हाईकोर्ट में जजों की बहाली में कालेजियम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जजों की योग्यता,क्षमता और कानूनी ज्ञान के मद्देनजर ही जजों की नियुक्ति होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए अपनाए गए वर्तमान कॉलेजियम व्यवस्था में पर सवाल खड़ा करते हुए इसे अपारदर्शी व अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में कॉलेजियम नाम की कोई व्यवस्था ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के जरिये समाज के सभी लोगों को प्रतिनिधित्व उनके सक्षम होने के बावजूद नहीं मिल पाता है, क्योंकि उनके नामों को आगे बढ़ाने वाला कोई नहीं होता है। श्री वर्मा ने आगे कहा कि संविधान के अनुसार न्यायपालिका को स्वतंत्र,स्वतन्त्रता और पारदर्शिता होनी चाहिए।

लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायपालिका में जो नियुक्तियां हो रही है, वह प्रभावित प्रतीत होता हैं।संभवतः इस कारण जजों की बहाली में स्वतन्त्रता और पारदर्शिता में कमी नज़र आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि जजों की बहाली में जो वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक बदलाव जरूरी हैं।जजों नियुक्तियों की व्यवस्था में वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश किये जाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति के ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए,जिसमें समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जजों की बहाली में हर तबके के वकीलों के बेस्ट ब्रेन को ध्यान में रखा जाए।साथ ही वर्तमान में जजों की सेवानिवृति की उम्र सीमा बढ़ाने की आवश्यकता नहीं लग रही हैं।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध रूप से चलने वाले ईंट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के मामलें पर सुनवाई की

अनमोल कुमार की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने करते हुए सख्त टिप्पणी की।

कोर्ट ने कहा कि आपने सभी 102 ईट भट्टों को बंद करा दिया,लेकिन आपके होते हुए इतनी बड़ी संख्या में ये ईट भट्टे चल कैसे रहे थे।बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर कोर्ट को बताया गया कि अवैध रूप से चल रहे 102 ईट भट्टे को बंद करा दिया गया।

साथ ही ये भी कोर्ट से ये भी कहा गया कि आगे अगर ऐसे
अवैध रूप से ईट भट्टे चालू पाये गए,तो उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एमिकस क्यूरी अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने कोर्ट को बताया कि राज्य में ईट भट्टे चलाने के क्रम में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया।उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में तो ईट भट्टे ऐसे भी बंद ही रहते है।

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उन्होंने कहा कि इन ईट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के कारण वातावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता हैं।

इस मामलें पर फिर अगली सुनवाई 29 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में पुलिस द्वारा सही ढंग और स्तरीय जांच नहीं किये जाने के कारण अपराधियों के सजा से बच जाने के मामलें पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया

जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने अधिवक्ता ओम प्रकाश की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट ने मामलें पर सुनवाई करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अपराधियों के सजा पाने से बच जाने के कारण लोगों का आपराधिक न्याय व्यवस्था पर विश्वास कम होते जा रहा है।पुलिस अधिकारियों द्वारा किये जा रहे जांच में त्रुटियों और कमी के कारण अपराधियों को सजा से बच जाते है।

बिहार पुलिस एकेडमी के निदेशक ने कोर्ट को बताया कि पुलिस अधिकारियों को जांच और अन्य आपराधिक मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है।उनका समय समय पर परीक्षा ली जाती हैं और उनके प्रगति का मूल्यांकन होता है।इसमें लगातार सुधार किया जा रहा हैं।

पुलिस आधुनकिकरण के ए डी जी के के सिंह ने कोर्ट को बताया कि पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण और त्रुटियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण भी समस्याएं हैं।फॉरेंसिक लेबोरेट्री में आवश्यक सुधार और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत हैं।एक फॉरेंसिक लैब पटना में है।दो क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी है।दरभंगा में फॉरेंसिक लैब की स्थापना होने जा रहा है।

कोर्ट ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था को प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए पुलिसकर्मियों सही ढंग से प्रशिक्षित करने की जरूरत हैं।साथ ही उनकी जांच में जिम्मेदारी तय करना भी आवश्यक है।

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बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि अपराधियों को सजा देने का अनुपात बढ़े।पुलिस कि संवेदनशील बनाने के साथ ही उनकी कार्यक्षमता और कुशलता बढ़ाने के समय समय पर वर्कशॉप का आयोजन किया जाए

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि पुलिस के जांच की स्तर सुधारने के लिए क्या हो रहा हैं।कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा सही ढंग, वैज्ञानिक और स्तरीय जांच नहीं करने के कारण अपराधियों को सजा नहीं मिलने पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

उन्होंने कहा था कि जहां पुलिस अधिकारियों को सही ढंग से आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।सही तरीके से जांच करने,ठोस सबूत और पक्के गवाह उपलब्ध कराने पर ही अपराधियों को कोर्ट द्वारा सजा दी जा सकेगी।

कोर्ट ने कहा था कि जबतक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी,कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता हैं।इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस के जांच आधुनिक,स्तरीय और वैज्ञानिक हो,जिसमें अपराधियों को सजा मिलना सुनिश्चित हो।

पटना हाईकोर्ट ने शराबबन्दी कानून के तहत जब्त गाड़ियों को छुड़ाने हेतु बढ़ रहे रिट याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जाहिर की

चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट ने इस स्थिति पर सख़्त टिप्पणी करते हुए राज्य के उत्पाद आयुक्त को निर्देश दिया कि वो एक हफ्ते मे कोर्ट को विस्तृत आंकड़े दे, जिसमे ये जानकारियां हो कि पिछले तीन माह मे राज्य मे कितने लोगों को शराबबन्दी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

साथ ही कोर्ट को यह भी बताना है की हरेक ज़िलों मे ज़ब्त हुई गाड़ियों के जब्ती हेतु कितने मामले लम्बित पड़े हैं ।कोर्ट ने यूनाइटेड स्पिरिट्स की रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया।

कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महज देढ़ लीटर शराब पाए जाने पर पूरे गाड़ी को सालों भर जब्त कर रखा जाना न्यायसंगत है क्या। साथ ही उसे छुड़ाने हेतु दायर आवेदन को कलेक्टर एक घिसे पिटे ढंग से रद्द कर देते है।

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कलेक्टर के आदेश को ही अपीलीय और रिविजिनल प्राधिकार बिना विवेक का इस्तमाल किये और घिसे पिटे तरीके से संपुष्ट कर देते हैं।

अपील और रिविजन के आदेश समान ही दिखते है , कलेक्टर के आदेश से ऐसा मेल खाते हैं। जो त्रुटि कलेक्टर के आदेश मे दिखती है, वही गलती अपील व रिविजन प्राधिकार के आदेश में भी नजर आती है।
मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

पटना हाईकोर्ट में बिहार के गर्भाशय घोटाले के मामलें पर सुनवाई अब 20 सितम्बर,2022 को होगी

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा हलफनामा पर दायर करने का निर्देश दिया था।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने वेटरन फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

कोर्ट ने मुख्य सचिव को ये भी बताने को कहा था कि आगे इस मामलें में क्या कार्रवाई करने की योजना है। कोर्ट में उपस्थित एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि इस जनहित याचिका में दिए गए तथ्य वास्तविक नहीं हैं।

उन्होंने बताया था कि बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष साढ़े चार सौ इस तरह के मामलें आए थे। राज्य सरकार के जांच के बाद नौ जिलों में गर्भाशय निकाले जाने के सात सौ दो मामलें आए थे।

इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और आगे की कार्रवाई चल रही है।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि पीड़ित महिलाओं को क्षतिपूर्ति राज्य सरकार ने पचास पचास हजार रुपये पहले ही दे दिए।इसके बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने आदेश दिया था कि यह राशि बढ़ा कर डेढ़ और ढाई लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाए।

महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि क्षतिपूर्ति की राशि देने के लिए राज्य सरकार ने 5.89 करोड़ रुपए निर्गत कर दिए गए है।

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कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि किन किन धाराओं के दोषियों के विरुद्ध मामलें दर्ज किये गए।मानव शरीर से बिना सहमति के अंग निकाला जाना गंभीर अपराध है।इसलिए उनके विरुद्ध नियमों के तहत ही धाराएं लगानी जानी चाहिए।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया था कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।

इसमें ये आरोप लगाया गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का गलत लाभ उठाने के लिए बिहार के विभिन्न अस्पतालों/डॉक्टरों द्वारा बड़ी तादाद में बगैर महिलाओं की सहमति के ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल लिए गए थे।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 20सितम्बर,2022 को की जाएगी।

मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े बैंक से 15 लाख की लूट, गोबरसही में ICICI बैंक में तीन अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम

मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में बैंक लूट की बड़ी घटना को अपराधियों ने अंजाम दिया है। गोबरसही के ICICI बैंक में हथियारबंद तीन अपराधीयों ने बैंककर्मियों को बंधक बनाकर 15 लाख से अधिकारी रूपये लूट लिए और फरार हो गए।

घटना के बाद मौके पर पहुंची सदर थाना की पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं नगर डीएसपी रामनरेश पासवान ने भी बैंक जाकर घटना की जानकारी ले रहें हैं. उन्होंने बताया कि 15 से 16 लाख रूपये लूट की बात सामने आई है, फिलहाल मामले की जांच कर रहें हैं।

वहीं ब्राँच की डिप्टी मैनेजर सुनीता कुमारी ने बताया कि जब वो फिल्ड से बैंक में लौटी तो तीन की संख्या में अपराधी अंदर पहुंचे हुए थे और सबको बंधक बना चुके थे, काउंटर पर रखा कारोबार 14 लाख और अन्य ग्राहकों के पैसे लेकर अपराधी फरार हो गए।

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पटना हाईकोर्ट में राज्य में पुलिस द्वारा सही ढंग और स्तरीय जांच नहीं किये जाने के मामलें पर सुनवाई कल तक के लिए टल गई

जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई कर रही है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि पुलिस के जांच की स्तर सुधारने के लिए क्या हो रहा हैं।कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा सही ढंग, वैज्ञानिक और स्तरीय जांच नहीं करने के कारण अपराधियों को सजा नहीं मिलने पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पुलिस द्वारा जांच में त्रुटि और कमियों के कारण बड़ी संख्या में अपराधी सजा पाने से बच जाते है।कोर्ट ने इस पर काफी गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह के जांच से अपराधियों को सजा नहीं मिल पाना गलत संदेश जाता है।

उन्होंने कहा था कि जहां पुलिस अधिकारियों को सही ढंग से आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।सही तरीके से जांच करने,ठोस सबूत और पक्के गवाह उपलब्ध कराने पर ही अपराधियों को कोर्ट द्वारा सजा दी जा सकेगी।

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कोर्ट ने सही ढंग से पुलिस द्वारा जांच नहीं करने,ठोस सबूत और गवाहियां प्रस्तुत करने पर अपराधियों के सजा से बच जाने के उदाहरण भी दिया।ऐसा ही मामला गोपालगंज जहरीली शराब पीने से हुए मौत का मामला है,जहां पुलिस जांच में कमियों के कारण कई अभियुक्त सजा से बच गये थे।

कोर्ट ने कहा कि जबतक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी,कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता हैं।इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस के जांच आधुनिक,स्तरीय और वैज्ञानिक हो,जिसमें अपराधियों को सजा मिलना सुनिश्चित हो।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 20 सितम्बर,2022 को की जाएगी।

शाह ने नीतीश की घेरेबंदी शुरु की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के सहारे लोकसभा 2024 का आगाज करने 23 और 24 सितंबर को पूर्णिया और किशनगंज के दौरा पर आ रहे हैं स्वाभाविक है यह इलाका बीजेपी के हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव में पूरी तरह से फिट बैठता है।
ऐसे में नीतीश कुमार के अलग होने के बाद बिहार की राजनीति में बने रहने के लिए अभी से ही यूपी की तरह यहां भी कैराना की खोज बीजेपी ने शुरु कर दी है हालांकि सीमांचल के अररिया, किशनगंज कटिहार और पूर्णिया इलाके में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो इसके लिए संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 1981 से ही कोशिश कर रहा है लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।

वैसे बीजेपी का कोई बड़ा नेता पहली बार बिहार के इन इलाकों में सेंधमारी करने की मुहिम शुरू करने जा रहा है कितना सफल होगा कहना मुश्किल है लेकिन पहली बार बड़ी कोशिश शुरु होने वाली है ये जरूर दिख रहा है और निशाने पर नीतीश है । क्यों कि इस इलाके में अभी भी नीतीश की पकड़ मजबूत है पिछले विधानसभा चुनाव में इन्ही इलाकों मेंं चिराग फैक्टर भी प्रभावी नहीं रहा था। सीमांचल के चुनावी समीकरण की बात करे तो यहां चार लोकसभा क्षेत्र हैंं जहां बिहार का सर्वाधिक मुस्लिम वोटर है ।किशनगंज यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या 67 फीसदी है, कटिहार जहां मुस्लिम वोटर की संख्या 38 फीसदी, अररिया जहां 32 फीसदी है और पूर्णिया जहां 30 फीसदी मुस्लिम आबादी है।

इन लोकसभा क्षेत्र की बात करे तो एनडीए के साथ जब जब नीतीश साथ रहे 2009 के लोकसभा चुनाव में और 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए जीत हासिल की है । नीतीश अकेले चुनाव लड़े तो 2014 के मोदी लहर में भी ये सारी सीटें बीजेपी हार गयी थी ,मतलब इन इलाको में मुस्लिम वोटर के अलावे बड़ी संख्या में अति पिछड़ा वोटर है और जब तक अति पिछड़ा वोटर को साधने में बीजेपी कामयाब नहीं हो जाती है तब तक बहुत मुश्किल है इन इलाकों में बीजेपी की वापस । वैसे ये जो इलाका है पूरी तौर पर कृषि आधारित इलाका है और शहरीकरण नहीं के बड़ाबड़ हुआ है ।वहीं यादव जो हिन्दू में मजबूत तबका है उसमें अभी भी लालू परिवार का तिलिस्म पूरी तौर पर खत्म नहीं हुआ है यू कहे तो अभी भी मजबूत स्थिति में है ऐसे में इन इलाकों में हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव को आगे बढ़ना बहुत ही मुश्किल है साथ ही इन इलाकों में बीजेपी का वैसा जमीनी नेता पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति में नहीं है जो माहौल बना सके ।

अररिया के सांसद जरुर अति पिछड़ी जाति से आते हैं लेकिन वो उतने प्रभावी नहीं हैं और क्षेत्र से भी बाहर ही रहते हैं ।वैसे यह इलाका कभी राजद का गढ़ माना जाता था लेकिन नीतीश कुमार यादव के खिलाफ अति पिछड़ों की राजनीति करके राजद को इन इलाकों से सफाया कर दिया था और अभी भी जदयू का सबसे मजबूत किला यही इलाका है, कटिहार और पूर्णिया में जदयू का सांसद है और आज भी जदयू का सबसे अधिक विधायक इन्ही इलाकों से जीत कर आया है ।इसलिए बीजेपी के लिए और भी बड़ा चुनौती है क्यों कि नीतीश कुमार के साथ जो वोटर है उसको हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव में बांटना यादव की तुलना में मुश्किल है वैसे अमित शाह की यात्रा को लेकर जदयू कुछ ज्यादा ही सचेत है क्योंकि उन्हें पता है कि इस इलाके में नीतीश की पकड़ कमजोर हुई तो नीतीश की सियासत ही खत्म हो जायेंगी और यही वजह है कि अमित शाह के दौरा के बाद महागठबंधन इन इलाकों में गांव गांव में सम्मेलन करने का निर्णय लिया है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में ICICI बैंक में 15 लाख की लूट बड़ी वारदात

मुजफ्फरपुर। लूट की बड़ी घटना, सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में ICICI बैंक में लूट की बड़ी वारदात, 15 लाख की लूट की घटना।

तीन की संख्या में आये थे अपराधी, नगर डीएसपी राम नरेश पासवान ने की पुष्टि ।

पुलिस कर रही मामले की जांच।

हाजीपुर के जोहरी बाजार स्थित नर्सिंग होम में लगी आग, अफरा-तफरी का माहौल

बड़ी खबर हाजीपुर से है जहां नगर थाना क्षेत्र के जोहरी बाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम में अचानक आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई है। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।

हाजीपुर का जोहरी बाजार मैं दर्जनों निजी नर्सिंग होम है और यहां सैकड़ों मरीज और उनके परिजन कई नर्सिंग होम में है। ऐसे में आग लगने से अफरा तफरी मच गया है.आग धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है लेकिन अभी तक मौके पर न तो नगर थाना के पुलिस पहुंची है और ना ही दमकल की गाड़ियां. हालांकि आग से किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है।

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आसपास के लोग और निजी नर्सिंग होम के लोग खुद से ही आग पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले ही यह नया निजी नर्सिंग होम खोला गया था। जहां अचानक आग लगी है। आग लगने की सूचना के बाद मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए हैं।

वहीं आसपास के नर्सिंग होम से भी लोग भयभीत होकर बाहर निकल रहे हैं।

बीच सड़क पर गुत्थम गुत्था हुईं कोचिंग की दो छात्राएं, वीडियो हो रहा वायरल

छपरा में परसा के दरोगा राय चौक से पीछे उत्तर गली चेतन परसा रोड स्थित कोचिंग सेंटर की दो छात्राएं बीच सड़क पर्वआपस में लड़ने लगी। छात्राओं ने सड़क पर एक-दूसरे की मारपीट की उसी दौरान तमाशबीन छात्रों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

घटना के सम्बंध में स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि चेतन परसा रोड में संचलित एक्सलेंट कोचिंग के नीचे छात्राएं क्लास अटैंड करने बाद बाहर निकलीं तो दोनों लड़कियों के बीच किसी बात को लेकर नोंकझाेंक हुई। एक छात्रा ने दूसरी छात्रा को थप्पड़ मारा तो दोनों के बीच सिर के बाल पकड़कर मारपीट शुरू हाे गई।

छात्राओं के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में पंखे से लटककर छात्रा ने की आत्महत्या

मुजफ्फरपुर । पंखे से लटककर छात्रा ने की आत्महत्या। बेतिया की रहने वाली 25 वर्षीय सलोनी ने मुजफ्फरपुर में किराए के मकान में दी जान ।

बीएड का फॉर्म भरने के नाम पर निकली थी छात्रा। मुजफ्फरपुर के काजीमुहम्मदपुर थाना क्षेत्र के रामदयालु मुक्तिनाथ मंदिर के निकट की घटना।

पुलीस ने दरवाजा तोड़कर निकाला शव, पंखे से लटक रहा था शव। सुसाइड नोट भी बरामद – हम अच्छी बेटी नहीं बन पाए।

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शव को पोस्टमार्टम के लिए SKMCH भेजा गया।