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पप्पू यादव कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने से पहले राहुल गांधी से मिलकर कोई बड़ा डील करना चाहते हैं

पप्पू यादव कांग्रेस उम्मीदवार का प्रचार करने के बजाय आज अचानक कांग्रेस मुख्यालय दिल्ली पहुंच गए, वहां उनकी मुलाकात झारखंड के कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह से हुई लेकिन बिहार को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है।

कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं पप्पू यादव

हालांकि कांग्रेस पप्पू यादव की जो छवि है और राजद को लेकर जिस तरह के बयान दे रहे हैं उसको लेकर फिलहाल पप्पू यादव के कांग्रेस में एंट्री की सम्भावना कम है ।

इसी को देखते हुए पप्पू यादव किसी भी तरह से राहुल गांधी से मिलकर कोई ठोस आश्वासन लेना चाह रहा है जिसकी सम्भावना फिलहाल नहीं दिख रही है ।

ऐसे में पप्पू यादव क्या करते हैं इस पर सबकी नजर है क्यों कि बिहार विधानसभा के उपचुनाव का प्रचार अभियान 28 अक्टूबर को खत्म होने वाली है ।

कन्हैया के आने के साथ ही बिहार की राजनीति गरमाई

कन्हैया के कांग्रेस में शामिल होने का कितना फायदा कांग्रेस को मिलेगा ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन जिस तरीके से बिहार की राजनीति 30 वर्षों से एक खास मुहाने पर रुक सा गया था उसमें हलचल तो दिखाई देने लगा है।

जरा इन ट्वीट और बयानों पर गौर करिए

तेज प्रताप — ट्वीट कर कहा है- “जब से आए हो, अक्कड़-बक्कड़, कुच्छो बोलते जा रहे हो…! गैंग वाले थे, अब नेता बनने का शौक पाले हो का…? याद रखो कि अगर लालू यादव जी ना होते तो शायद तुम भी ना होते…

डाॅ रोहिणी—-लालू प्रसाद की पुत्री डॉ. रोहिणी जो इन दिनों अपने ट्विटर हैंडल के सहारे बिहार की राजनीति में फिरकी लेती रही है उन्होंने कन्हैया को लेकर एक ट्वीट किया है “बड़ी-बड़ी बातें जो बोलता है, एसी भी उखाड़ कर जो बेचता है..’। रोहिणी ने यह भी कहा है- “सिद्धांत का जो धनी नहीं, वो नेता तो क्या इंसान बनने के लायक नहीं।

सुशील मोदी —कांग्रेस और राजद के जूदा जूदा होने पर सुशील मोदी का बयान आया है ,एनडीए के वोट बैंक में सेंधमारी करने के लिए अलग अलग चुनाव लड़ रहा है ,राजद की पालकी को ढोने का काम कांग्रेस कर रही है और आगे भी करेगी,चुनाव बाद दोनों दल एक बार फिर एक हो जाएगा,जनता को भ्रम में रखने के लिए राजद कांग्रेस की रणनीति है ।

मनोज झा–(राजद प्रवक्ता )—-कन्हैया के बयान पर मनोज झा की बहुत ही सधी हुई प्रतिक्रिया आयी है मैं उनको शुभकामना देता हूं और मैं क्या हूं मैं क्या नहीं हूं इसका मूल्यांकन बिहार और देश के लोग करेंगे मैं राजनीति में भाषा की गरिमा का बहुत ध्यान रखता हूं हां उन्हें बहुत बहुत शुभकामना देता हूं और तरक्की करे और उच्चे जाये ।

सुशील मोदी और मनोज झा का यह बयान और लालू प्रसाद के परिवार का ट्वीट अपने आप में बहुत कुछ बया कर रही है, देखिए आगे आगे होता है क्या।

वैसे बिहार विधानसभा उपचुनाव का परिणाम जिसके भी पक्ष में हो बिहार की सियासत पर दूरगामी प्रभाव छोड़ेगा यह तय दिख रहा है ।

चुनाव ठेकेदारी है क्या –अभयानंद

चुनाव ठेकेदारी है क्या? **
विद्यार्थी जीवन में कानून से पाला नहीं पड़ा। विज्ञान एवं गणित से पड़ा था। नौकरी में फौजदारी कानून से वास्ता पड़ा, पुलिस की नौकरी जो कर ली थी।

वर्ष 2001 – 2003 के बीच IG (Provision) के रूप में टेंडर, कॉन्ट्रैक्ट, एग्रीमेंट, आदि शब्दों से रू-ब-रू हुआ। आदत के अनुसार हर चीज़ का कानूनी पहलू समझने के लिए “लॉ ऑफ़ कॉन्ट्रैक्ट” का अध्यययन भी यथासंभव कर लिया।

सहसा ध्यान आया कि चुनाव में भी तो राजनीतिक पार्टियाँ अपने मैनिफेस्टो के माध्यम से चुनाव आयोग के द्वारा निकाली गई अधिसूचना, जो टेंडर के समतुल्य मानी जा सकती है, अपना-अपना “कोटेशन” आम आदमी के सामने रखती हैं।

टेंडर नेगोशिएशन परचेज़ समिति के सामने होती है, जिसमें आजकल टेक्निकल और कमर्शियल बिड अलग-अलग फाइल की जाती है। उसी प्रकार चुनाव प्रचार और मीडिया के द्वारा स्थापित मंच पर बहस होती है, जो “टेंडर नेगोशिएशन” के सपेक्ष है।

अंततः जिस पार्टी का “बिड” आम आदमी अर्थात वोटर को सबसे अच्छा लगता है, उस पार्टी को “वर्क आर्डर” मिल जाता है। चुनाव आयोग उस विजयी पार्टी के उम्मीदवार को औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र देकर पार्टी और आम आदमी के बीच “कॉन्ट्रैक्ट” साइन होने का एलान कर देता है।

चुनाव और उसमें अपनाई गई प्रक्रिया से अधिक मौलिक, संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया शायद ही कोई हो। ऐसी परिस्थिति में चुनावी वादों को कानून के माध्यम से “एनफोर्स” कराने की व्यवस्था होनी ही चाहिए।
मुझे तो दीवानी तथा फौजदारी, दोनों आयाम दिख रहे हैं। समाज (सरकार नहीं) में कानूनविद इस विचार पर सोच कर देखना चाहेंगे?

लालू के प्रचार अभियान में शामिल होने पर नीतीश हुए खामोश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रबी महाभियान (2021-22) का शुभारंभ एवं प्रसार रथों को हरी झंडी दिखाकर कर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे देश में 100 करोड़ लोगों को कोविड-19 के टीके दिए जाने पर खुशी जताई है और कहां कि बिहार में भी वैक्सीनेशन के इस मिशन को लेकर काफी बेहतर काम हो रहा है वहीं तमाम लोगों को अब दूसरे डोज के टीके भी लग रहे हैं सरकार लगातार इसको लेकर समीक्षा भी कर रही है और सभी लोगों को दूसरा डोज का टिका मिले इस पर काम भी कर रही है

कोरोना के दूसरे टीका को लेकर सरकार गम्भीर है।

वही उत्तराखंड त्रासदी में मारे गए लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो ₹200000 दिए जाने की घोषणा भी की है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तराखंड के त्रासदी को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पश्चिमी चंपारण जिले के कई लोगों की मौत हुई है जिसको लेकर सरकार काफी चिंतित है और तमाम अधिकारियों को भी सरकारी सहायता मुहैया कराय।

कांग्रेस और राजद के रिश्ते पर क्या बोले नीतीश जरा आप भी सुनिए

साथ ही महागठबंधन के बिखराव पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी तोडी…… बोले सीएम नीतीश कुमार ….यह महागठबंधन का अंदरूनी मामला है वे लोग जाने हम लोग महा गठबंधन वाले मामले पर ध्यान नहीं देते हैं

क्या बिहार की राजनीति में तरुप का इक्का साबित होगा कन्हैया

क्या बिहार की राजनीति में तुरुप का इक्का साबित होगा कन्हैया

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पहली बार पटना पहुंचे कन्हैया का जिस अंदाज में कांग्रेस के नेताओं ने स्वागत किया उससे संकेत साफ है कि आने वाले समय में गुजरात की तरह बिहार में भी कांग्रेस कन्हैया को बड़ी जिम्मेवारी दे सकती है।

वही कन्हैया जिस अंदाज में जातिवाद ,परिवारवाद और राजद के दिल्ली वाले एक नेता पर जिस तरीके से सीधा हमला बोला है उससे यह तय हो गया कि बिहार में अब कांग्रेस फ्रंटफुट पर खेलने का निर्णय ले लिया है। और इसका असर है कि लालू प्रसाद रविवार को पटना पहुंच रहे हैं।

1–कन्हैया को पहले कांग्रेसियों से लड़ना होगा
कन्हैया भले ही कांग्रेस में शामिल हुआ है लेकिन बिहार कांग्रेस के जो मठाधीश हैं उसको जब तक वो साथ लाने में कामयाब नहीं होंगे तब तक कन्हैया को बिहार की राजनीति में स्थापित होना बहुत ही मुश्किल है ।

कल सदाकत आश्रम में साफ दिख रहा था कि मंच पर बैठे अधिकांश नेता कन्हैया को लेकर असहज थे, इतना ही नहीं कई नेता तो इस काम में लगे हुए थे कि सदाकत आश्रम में कुछ ऐसा करा दिया जाये ताकि मीडिया में कन्हैया के स्वागत की खबर दब जाये ।

लेकिन कन्हैया के समर्थक को देख कर वो लोग साहस नहीं जुटा पाये फिर भी राहुल गांधी जिस तरीके से गुजरात में हार्दिक पटेल के साथ खड़े हैं ठीक उसी तरह से कन्हैया के साथ भी खड़े रहेंगे तभी कन्हैया कांग्रेस में कुछ जान फुक पायेगा ।

हालांकि बिहार कांग्रेस पूरी तौर पर टेबल पॉलिटिक्स तक सिमट कर रहा गया है साथ ही कोई भी ऐसा नेता नहीं बचा है जिससे कोई बड़ी उम्मीद लगायी जा सके, लेकिन ये सारे कांग्रेस के अंदर काफी प्रभावशाली हैं और तोड़ जोड़ के माहिर खिलाड़ी भी है साथ ही बिहार की राजनीति की समझ भी रखते हैं। ऐसे में कन्हैया के सामने पहली चुनौती है यही है कि ऐसे कांग्रेसियों का आर्शीवाद उन्हें कैसे प्राप्त हो।

क्यों कि सीपीआई में भी कन्हैया पार्टी के मठाधीश को साथ जोड़ने में कामयाब नहीं हुए थे और इस वजह से उन्हें लोकसभा चुनाव में बेगूसराय में पार्टी का उस तरह से साथ नहीं मिला,अगर साथ मिलता तो लड़ाई दिलचस्प हो जाता। हालांकि कन्हैया के साथ राहुल का आर्शीवाद है इसलिए मठाधीश को मनाना मुश्किल नहीं है फिर भी बड़ी चुनौती है क्यों कि कांग्रेस का जो भी संगठन बचा हुआ है उसमें नये लोगों को जोड़ कर ही कन्हैया बिहार कांग्रेस में धार पैदा कर सकता है ।

2–राजद के साथ कैसे रिश्ता रहता है इस पर भी कन्हैया का राजनीतिक भविष्य निर्भर करता है

कन्हैया के आने से बिहार कांग्रेस की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव आ जाएगा ऐसा सम्भव नहीं है, बिहार में कांग्रेस को राजद या जदयू का साथ चाहिए ही तभी वह बिहार की राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
कन्हैया के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती यही है।

राजद के अंदर कन्हैया को लेकर जो छवि बनायी गयी है उससे तेजस्वी असहज है और यही वजह है कि राजद बिहार विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं देकर हैसियत दिखाना चाह रही है ताकि आने वाले चुनाव में कन्हैया का दबाव ना रहे साथ ही जैसे पहले कांग्रेस को हाथ उठा कर सीट दे देते थे वैसे ही दे दें।

लेकिन राजद के इस व्यवहार पर पहली बार आलाकमान ने लालू प्रसाद के परिवार को लेकर अपना रुख बदलते हुए पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरने का कहा ,इतना ही नहीं कांग्रेस लालू प्रसाद के परिवार को हैसियत दिखाने के लिए पप्पू यादव तक को साथ आने का न्यौता दे दिया वही कन्हैया को आते आते मैदान में उतर दिया और इतना ही नहीं पहली बार कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दिया कि राजद से मेरा रिश्ता समाप्त हो गया ।

हालांकि कांग्रेस ऐसा रुख अख्तियार कर लेगा इसकी उम्मीद राजद के सलाहकार को नहीं था और कहां जा रहा है कि कांग्रेस को लेकर राजद प्रवक्ता मनोज झा का जो बयान आया है उससे लालू प्रसाद खासे नाराज है और यही वजह है कि लालू प्रसाद जो पूरी तौर पर अभी भी स्वस्थ नहीं है भागे भागे रविवार को पटना पहुंच रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि कांग्रेस के साथ छुटने से राष्ट्रीय स्तर पर जो नुकसान होगा सो होगा ही बिहार में भी एक नये तरीके का गठबंधन बन सकता है जिसका नुकसान राजद को होगा।क्यों कि राजद की ताकत अब सिर्फ मुस्लिम वोटर रहा है एमवाई समीकरण दरका तो फिर राजद की वापसी बेहद मुश्किल हो जायेंगी ।

वही कन्हैया के आने से जदयू और कांग्रेस के बीच नजदीकियां बढ़ सकती है क्यों कि कन्हैया का नीतीश से बहुत ही अंतरंग रिश्ता है और नीतीश भी चाह रहे थे कि कांग्रेस में ऐसा कोई नेता हो जिसके सहारे सीधे राहुल तक पहुंचा जा सके। क्यों कि जदयू पिछली बार भी जब राजद से नाता तोड़ रहा था उस समय अंतिम क्षण तक नीतीश का यह प्रयास जारी रहा कि कांग्रेस लालू प्रसाद पर दबाव बनाये और तेजस्वी पद छोड़ दे राहुल उस समय भी नीतीश के साथ खड़े थे लेकिन अहमद पटेल लालू प्रसाद की बात में आ गये और फिर राहुल चुप हो गया ।

लेकिन कन्हैया के आने से इस बार स्थिति भिन्न है कमान राहुल के हाथ में है, वही देश की राजनीति जिस दिशा में बढ़ रही है ऐसे में नीतीश बीजेपी के साथ सहज नहीं है ।

ऐसे में कन्हैया के आने से नीतीश का गठबंधन से अलग होने का रास्ता मिल गया है क्यों कि कन्हैया जिस तरीके से राजद और लालू प्रसाद को लेकर हमलावर है ऐसे में कांग्रेस अगर कन्हैया को बिहार की जिम्मेवारी सौपता है तो नीतीश को राजद से साथ हाथ मिलाने में कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि इस बार कांग्रेस पहले कि स्थिति में ज्यादा मजबूत और निर्णय लेने की स्थिति में है इसलिए आने वाले समय में बिहार की राजनीति में कन्हैया तुरुप का इक्का साबित हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

साइबर क्राइम मामले में हाईकोर्ट ने दिखाया सख्त रुख कहां ऐसे मामले में आरोपी को बेल नहीं दी जा सकती

पटना हाईकोर्ट ने आम लोगों ठगने के लिए 28 पृष्टों में मोबाइल फ़ोन नंबर पकड़े जाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शिव कुमार को अग्रिम जमानत नहीं दिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आज के दिनों में इस प्रकार का अपराध समाज में अनियंत्रित हो गया है, जब अपराधी लोगों को फ़ोन करके उनसे बैंक आदि के डिटेल्स ले कर ठग रहे हैं।

शिव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संदीप कुमार ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने ससमय आत्मसमर्पण नहीं करने की स्थिति में नवादा के पुलिस अधीक्षक को इस मामले में याचिकाकर्ता समेत इस मामले के सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का भी आदेश दिया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में नवादा के पुलिस अधीक्षक को केस के अनुसंधान अधिकारी (आई ओ )को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है कि आखिर इस मामले के अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभी तक क्यों नहीं कि गई है,जबकि यह मामला वर्ष 2020 का है।

कोर्ट ने इस बात की जानकारी मांगी है कि इनकी गिरफ्तारी को लेकर क्या कार्रवाई अभी तक कि गई है। इतने लंबे समय तक इनकी गिरफ्तारी पुलिस द्वारा क्यों नहीं कि गई है।

कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि इस तरह के अपराध वारीसलीगंज पुलिस थाना क्षेत्र में अनियंत्रित ढंग से फैला हुआ है। कोर्ट नवादा को दूसरा जामताड़ा होने की अनुमति नहीं देगा।

आदेश का अनुपालन को लेकर इस आदेश की प्रति को फौरन नवादा के पुलिस अधीक्षक को फैक्स के जरिये भेजने का आदेश कोर्ट द्वारा दिया गया है। कोर्ट के आदेश का अनुपालन रिपोर्ट नवादा के पुलिस अधीक्षक के व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ पेश करने को कहा गया है।

मामला वारीसलिगंज थाना कांड संख्या – 163 / 2020 से जुड़ा हुआ है, जिसमें आई पी सी की धारा 419/ 420 व आई टी एक्ट की धारा 66( बी) के तहत केस दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता के पास से कथित तौर पर 28 पृष्टों में आम लोगों को ठगने के लिए मोबाइल फ़ोन नंबर पाया गया था।
इस मामले पर आगे की सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।

हाईकोर्ट ने 67 वीं बीपीएससी परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दिए जाने के मामले पर सुनवाई पूरी निर्णय सुरक्षित ।

पटना हाईकोर्ट ने 67 वीं बीपीएससी परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दिए जाने के मामले पर सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रख लिया है ।

जयदीप अभय व अन्य की ओर से दायर रिट याचिकाओं पर जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह ने सभी पक्षों का बहस सुनने के बाद सुरक्षित रखा। याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य में पिछले 15 वर्षों से लोक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा को , हर साल लेने की जगह दो तीन वर्षों की परीक्षा एक साथ संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित किया जाता है।

हर वर्ष बहाली के लिए परीक्षा आयोजित नही होने के कारण अभ्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का समान अवसर नही मिलता है।अगर हर वर्ष परीक्षा आयोजित किया जाता,तो उम्मीद्वार को पूरा अवसर मिलता।
साथ ही संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने पर अवसर कम मिल पाएंगे।

परीक्षा में शामिल होने की उम्र सीमा खत्म होने के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं प्राप्त होता है। उन्हें समान अवसर नहीं प्राप्त मिलने के कारण उनके साथ न्याय नहीं हो पाता है।

वहीं बीपीएससी की तरफ से इन याचिकाओं का विरोध करते हुए अधिवक्ता संजय पाण्डेय ने कोर्ट को बताया गया संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में अधिकतम उम्र में छूट दी जाती रही है ।

साथ ही उन परीक्षाओं में हर वर्ष की रिक्तियां भी एकसाथ सम्मिलित रहती है । अभ्यार्थियों को उचित अवसर मिलता मिलता है ।हाई कोर्ट ने सभी पक्षों का बहस सुनने के बाद इस मामले पर निर्णय सुरक्षित रख लिया ।

तीन दिवसीय दौरे से दिल्ली लौटे राष्ट्रपति जाते जाते हुए भावुक

बिहार विधानसभा भवन शताब्दी समारोह में भाग लेने आये राष्ट्रपति रामनाथ कोविद आज वापस दिल्ली लौट गये हलाकि लौटने के दौरान पटना एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति काफी भावुक हो गये थे और कुछ देर तक नीतीश कुमार का हाथ पकड़े रहे कल के संबोधन में भी उन्होंने कहा था कि बिहारी कहलाना मुझे अच्छा लगता है और बिहार के विरासत को ही मैं राष्ट्रपति भवन में आगे बढ़ा रहा हूं ।

राष्ट्रपति पटना छोड़ते छोड़ते भावुक हो गये

तीन दिनों के यात्रा पर आये थे राष्ट्रपति रामनाथ कोविद
यात्रा के समापन के बीच आज सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविद 8:25 मत्था टेकने श्री हरमंदिर साहब पहुंचे थे। प्रबंधक समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह हित, वरीय उपाध्यक्ष जगजोत सिंह, कनीय उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह, महासचिव इंद्रजीत सिंह तथा सचिव हरवंश सिंह ने उनका स्‍वागत किया।

20 मिनट से अधिक समय तक वो वहां रुके उसके बाद राष्ट्रपति महावीर मंदिर पहुंचे जहां स्वागत के लिए किशोर कुणाल खुद मौजूद थे महावीर मंदिर की और से उन्हें महावीर मंदिर का प्रतिक चिन्ह भेट किया गया और बाद राष्ट्रपति बुद्धा स्मृति पार्क गये और वहां से राष्ट्रपति रामनाथ कोविद 10.25 बजे गांधी मैदान स्थित खादी मॉल पहुंचे।

उन्होंने अपने लिए पैजामा-कुर्ता और पत्नी के लिए खादी की दो साड़ियां खरीदीं। राष्ट्रपति ने बिहार खादी ग्रामोद्योग द्वारा संचालित मॉल को देखने के बाद कहा कि ऐसा मॉल हर जगह होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। खादी के विस्तार के लिए वे प्रयासरत हैं।

राष्ट्रपति खादी के प्रति जतायी अस्था

बिहार विधानसभा उपचुनाव में पप्पू यादव ने कांग्रेस को समर्थन देने का किया एलान

उप चुनाव के बहाने ही सही कांग्रेस बिहार में राजद से दूरी बनाना शुरु कर दिया है और इसके लिए पार्टी उप चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दिया है और खबर आ रही है कि पप्पू यादव कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश तारापुर और कुशेश्वरस्थान में साथ मंच शेयर करेंगे वैसे कांग्रेस पहले ही पूर्व सांसद रंजीत रंजन को कुशेश्वरस्थान स्थान का पर्यवेक्षकों नियुक्त कर संकेत दे दिया था कि पप्पू और रंजीता वर्षो बाद एक साथ दिखेगी

1—कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे पप्पू यादवपप्पू यादव की छवि को देखते हुए टीम राहुल फिलहाल पप्पू यादव को पार्टी में शामिल करने से परहेज कर रही है लेकिन पप्पू यादव बिहार में कांग्रेस के लिए काम करे इसके लिए दिल्ली के निर्देश पर ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पप्पू यादव से उप चुनाव में समर्थन मांगा था ।

पप्पू यादव कांग्रेस के लिए प्रचार करेगा ।

पप्पू यादव ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा के आग्रह को स्वीकार करते हुए दोनों सीटों पर कांग्रेस का समर्थन की घोषणा करते हुए कांग्रेस के लिए प्रचार करने की घोषणा की है।पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और देश की जो वर्तमान स्थिति है, उससे कांग्रेस बेहतर तरीके से लड़ाई लड़ रही है। UP और बॉर्डर इलाके में भी कांग्रेस काफी मेहनत कर रही है, इसलिए देश हित और बिहार की स्थिति को देखते हुए, कांग्रेस का 100 प्रतिशत सहयोग करेंगे।

हमारी पार्टी के कार्यकर्ता कुशेश्वरस्थान में लगेंगे। मैं खुद कैम्प करूंगा। हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि हर परिस्थिति में हम बिहार में कांग्रेस के साथ हैं।

2–तेजस्वी पर साधा निशानापप्पू ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतना कमजोर विपक्ष और बहुरूपिया हमने कहीं नहीं देखा है।

विपक्ष को मछली मारने और धान के खेत में जाने से फुर्सत नहीं है। वहीं, पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार आड़े हाथों लिया और कहा कि कश्मीर मामले में केंद्र और बिहार सरकार चुप है।

पप्पू यादव ने बिहारियों को सुरक्षित बिहार लाने को लेकर सरकार को कोसा

3—पप्पू यादव ,कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश कई सभा साथ करेंगे कांग्रेस उप चुनाव को दिलचस्प बनाने के लिए अपनी पूरी युवा बिग्रेड को मैदान में उतार दिया है कल से कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश के साथ साथ पप्पू यादव भी कांग्रेस के लिए वोट मांगेंगे।

इस युवा बिग्रेड का तारापुर पर कितना प्रभाव पड़ेगा कहना मुश्किल है लेकिन इस टीम के मैदान में उतरने से कुशेश्वरस्थान में राजद की मुश्किलें बढ़ सकती है । हालांकि कांग्रेस की पूरी कोशिश चल रही है कि पप्पू यादव के सहारे यादव वोटर में और कन्हैया के सहारे मुस्लिम वोटर में इतना बड़ा डिभिजन करा दे कि राजद को कांग्रेस की शर्तों पर गठबंधन करने पर मजबूर होना पड़े ।

दशरथ मांझी का सपना, सपना ही रह गया

बिहार के विकास से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हैं आपको ,बिहार के गया जिला में महादलित की एक बस्ती है गहलौर जहां 14 जनवरी 1929 को दशरथ मांझी का जन्म हुआ था , एक दिन की बात है दशरथ मांझी पहाड़ पर लकड़ी काट रहे थे ,दोपहर हुआ तो उनकी पत्नी मांझी के लिए खाना लेकर पहाड़ पर चढ़ने लगी उसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वो घायल हो गयी ।लेकिन समय पर दवा और अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गयी।

दशरथ मांझी का सपना सपना ही रह गया

मांझी को लगा कि गांव के सामने जो पहाड़ है वहां से अगर रास्ता होता तो मेरी पत्नी बच सकती थी बस क्या था एक हाथ में हथौड़ा और दूसरे हाथ में छेनी लेकर मांझी पहाड़ को काटने चल दिये और 22 वर्षो तक निरंतर काटते हुए रास्ता बना कर ही दम लिये ।

2005 के बाद बिहार की सियासत का मिजाज बदला और राजनीति दलित से महादलित पर पहुंच गया ऐसे में सरकार को महादलित में एक चेहरा चाहिए थे जिसके सहारे उस वक्त की राजनीति को साधा जा सकता था , बस फिर क्या था गुमनामी में जी रहे दशरथ मांझी रातो रात मसीहा बन गये और उन्हें एक नया नाम दिया गया ‘माउंटेन मैन’ ।

दशरथ मांझी का सपना आज भी अधूरा ही है

उनकी इस उपलब्धि के लिए बिहार सरकार ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में 2006 में पद्मश्री हेतु उनके नाम का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा। लेकिन वह सम्मान आज तक दशरथ मांझी को नहीं मिला।

नीतीश कुमार ने उन्हें पटना बुलाया और अपनी कुर्सी पर बिठा कर सम्मानित किया तो एक बार फिर दुनिया की नजर ‘माउंटेन मैन’ की और आकृष्ट हुआ ।

उनके जीवन पर आधारित फिल्में बननी शुरु हो गयी और फिर घोषणाओं का जो दौर शुरू हुआ वह उनके मरने के बाद ही थमा ,लेकिन आज भी मांझी का वो सपना अधूरा ही है, नीतीश कुमार से मिलने जब वो पटना आये थे तो मांझी ने नीतीश को कहां था पहाड़ काट करके सड़क तो बना दिये लेकिन अभी भी लोगों का आने जाने में बहुत परेशानी हो रही है। ऐसे में पहाड़ को काटकर गांव की सड़क जितनी ऊंची है उस लेवल पर सड़क बनवा दीजिए।

मांझी की इसी इच्छा की पूर्ति के लिए विकास का खेल शुरू हुआ, समाधि स्थल चार वर्ष पहले ही बना है किस हाल में है मांझी का समाधि स्थल जरा आप भी सुनिए समाधि का देखभाल कर रहे राम मांझी की जुवानी ,वही जहां तक पहाड़ की ऊंचाई को कम करने की बात है उसके लिए विकास किसी तरीके से रुप बदला जरा आप भी सुनिए मांझी के गांव वालों की जुबानी ।

दशरथ मांझी के समाधि स्थल का देख रेख करने वाला

यही बिहार के विकास की कहानी है दशरथ मांझी ने पहाड़ तोड़ कर अपनी फाल्गुनी के लिए ताजमहल से कम बड़ी निशानी छोड़कर नहीं गये हैं लेकिन राजनीतिक जरूरत थी तो हर किसी ने दशरथ को याद किया लेकिन जैसे ही राजनीतिक जरूरतें पूरी हुई विकास भी उन्हें भुल गया ।

चौथे चरण के पंचायत चुनाव के दौरान गड़बड़ी की शिकायत पर आयोग ने छह मतदान केन्दों पर फिर से चुनाव कराने का दिया आदेश

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के चौथे चरण के दौरान हुई गड़बड़ी को देखते हुए 6 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है ।इसमें पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 हरदी नदवा पंचायत के वार्ड संख्या 8 की बूथ संख्या 227 है।

यहां पंच पद के मतपत्र गलत छप जाने के कारण पुनर्मतदान होगा। पूर्वी चंपारण, ढाका के भगवानपुर में ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वार्ड संख्या 3 के बूथ संख्या 179 पर ईवीएम कमीशनिंग में गलत मतपत्र लग जाने के कारण पुनर्मतदान होगा।

समस्तीपुर के विभुतिपुर में देशरी कर्रख पंचायत के वार्ड संख्या 21 की बूथ संख्या 226 पर पंचायत समिति सदस्य के लिए हुई वोटिंग में ईवीएम के त्रुटिपूर्ण कमीशनिंग के कारण पुनर्मतदान होगा।

वहीं, सारण जिले के पानापुर प्रखंड की धेनुकी पंचायत में पंचायत समिति सदस्य, वार्ड संख्या 8 की बूथ संख्या 63 ईवीएम में प्रा.नि.क्षे.सं. 7 का सदस्य मतपत्र लग जाने के कारण पुर्नमतदान होगा।

वही अररिया के नरपतगंज प्रखंड की फरही में बूथ संख्या 344- 345 पर असामाजिक तत्वों द्वारा बोगस मतदान करने एवं मतदान को प्रभावित किए जाने के कारण फिर से मतदान कराने का निर्देश आयोग द्वारा जारी किया है ।


जमीन पर ईवीएम रखने के मामले में दोषी पर आयोग ने कार्रवाई का दिया निर्देश
कटिहार के फलका प्रखंड की सालेहपुर पंचायत की बूथ संख्या 135 पर जमीन पर ईवीएम रखने मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया।

आयोग के मुताबिक भवन की कुर्सियां और टेबल एक कमरे में बंद कर रख दी गई थीं। जिसकी वजह से ये परेशानी सामने आई थी। ईवीएम जमीन पर होने के कारण वोटर भी यहां मजबूरी में जमीन पर बैठ कर वोट डालते दिखे थे।

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण की मतगणना शुरु, मतगणना से पूर्व ही 3220 प्रत्याशी निर्विरोध हो चुके हैं निर्वाचित

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण की मतगणना शुरु हो गयी है हालांकि मतगणना से पहले ही 3,220 निर्विरोध निर्वाचित हो चुका है इनमें 3,104 पंच; 1 मुखिया और 115 पंचायत सदस्य भी शामिल है राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 3,104 पंच निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। चौथे चरण में कुल 24 हजार 586 पदों के लिए चुनाव हुआ है ।

चौथे चरण के 147 पदों पर किसी ने नहीं किया नामांकन ।

चौथे चरण में जिन सीटों पर वोटिंग हुई है, उनमें से 147 पदों पर किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। कोई भी नामांकन दाखिल नहीं होने के कारण ये सीटें खाली रह गई हैं। इसमें सबसे अधिक 140 पद ग्राम कचहरी के पंच का है। इसके साथ ही 7 पद ग्राम पंचायत सदस्य का है।

जज की संख्या बढ़ने से हाई कोर्ट के कामकाज में आयी तेजी

पटना हाई कोर्ट में नए जजों के आने से अब लंबित पड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई रफ्तार पकड़ने संभावना को बल मिला है । पिछले कुछ दिनों मे स्थानांतरण व नई नियुक्तियों के होने से पटना हाई कोर्ट जजों की संख्या 17 से बढ़ कर 26 हो गई हैं।
पूजा अवकाश के बाद कोर्ट खुलते ही पटना हाई कोर्ट में वकीलों में उत्साह दिखाई देने लगा। लेकिन वे इस बात को लेकर चिन्तित दिखें कि एक लाख से अधिक लम्बित पड़े सिविल मामलों की सुनवाई के लिए केवल 5 एकलपीठ ही गठित हुए हैं।

गौरतलब हैं कि दूसरे हाई कोर्ट से स्थानांतरित होकर आए तीन जज जहां डिवीजन बेंच में बैठे ,वहीं नवनियुक्त छह जजों ने एकलपीठ में बैठकर पुराने लम्बित ज़मानत अर्ज़ियाँ पर सुनवाई किया।

वही दूसरी ओर रिट समेत सिविल मामलों पर सुनवाई करने के लिए बहुत कम जज होने के कारण वकीलों ने निराशा जताई ।
हाई कोर्ट में आपराधिक मामलों पर सुनवाई हेतु जहां एक ओर 16 एकलपीठ गठित हुई है।

वहीं रिट याचिकाओं समेत अन्य सिविल मामलों पर सुनवाई के लिए सिर्फ 5 जज ही हैं। इसमें भी अभी सिर्फ चार ही कार्यरत हैं । जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय की बीमारी की वजह से उनकी एकलपीठ फिलहाल सुनवाई नही कर रही है।

भागलपुर स्मार्ट सिटी के टेंडर को लेकर हाईकार्ट सख्त सरकार से मॉगी रिपोर्ट

पटना हाई कोर्ट ने भागलपुर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इंटग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेन्टर के संबंध में टेंडर के कागजात को पेश करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की।जस्टिस मोहित कुमार शाह ने इस मामले पर सुनवाई करते मेसर्स भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक/ सी ई ओ, टेंडर कमेटी और मेसर्स शपूरजी पलोनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट ने टेलिकम्युनिकेशनस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि उक्त मामले में निविदा प्रक्रिया का अंतिम निष्कर्ष इस रिट याचिका के फलाफल पर निर्भर करेगा।

याचिका में 25 मार्च, 2021 के टेंडर नंबर – बी एस सी एल/ आई सी सी सी एस / 2024/48 से संबंधित सभी कागजातों को पेश करने को लेकर आदेश देने के लिए कोर्ट से आग्रह किया गया है।साथ ही याचिका में टेंडर देने के संबंध में टेंडर कमेटी द्वारा लिये गए निर्णय को रद्द करने का भी आग्रह किया गया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूरी टेंडर प्रक्रिया को पक्षपात तरीके से मैनेज किया गया है और याचिकाकर्ता कंपनी को अयोग्य ठहराया गया है,जो संचार मंत्रालय के अधीन सेंट्रल गवर्नमेंट पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज है।

देश में 100 करोड़ कोरोना के टीकाकरण में बिहार का रहा सबसे बड़ा सहयोग 8 करोड़ लोगों को लग चुका है टीका

टीकाकरण का ऐतिहासिक दिन सबों के सामूहिक प्रयास का नतीजाः मंगल पांडेय
31 दिसम्बर 2021 तक आठ करोड़ से अधिक टीकाकरण का आंकड़ा होगा पार
 
पटना। देश मे कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा सौ करोड़ के पार होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने देशवासियों, राज्यवासियों समेत इससे जुड़े स्वास्थकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और कोरोना वारियर्स को शुभकामनाएं दी है। साथ ही इस ऐतिहासिक कार्य के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का आभार जताया है।

श्री पांडेय ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा इस टीकाकरण अभियान की सफलता का श्रेय माननीय प्रधानमंत्री को जाता है, जिनके कारण देशवासियों को मुफ्त में कोरोना का टीका उपलब्ध हो सका।

श्री पांडेय ने इस मौके पर गुरुवार को राजधानी के पाटलीपुत्रा कॉलोनी स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज टीकाकरण केन्द्र पहुंचकर स्वास्थ्य एवं टीकाकर्मियों की हौसला आफजाई की और टीका ले रहे लाभार्थियों से रू-ब-रू हुए। श्री पांडेय ने कहा कि आज का यह ऐतिहासिक दिन सबों के सामूहिक प्रयास का नतीजा है, जो गर्व और गौरव को विषय है।

बिहार ने जहां अपने लक्ष्य के मुताबिक समय से पूर्व छह करोड़ टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लिया है, वहीं 31 दिसम्बर, 2021 तक जनता के सहयोग से 8 करोड़ से अधिक टीकाकरण का आंकड़ा अवश्य पार कर लेगा। देश में टीकाकरण का आंकड़ा 100 करोड़ के पार होने पर राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दिवाली जैसा दृश्य आयोजित किया जा रहा है।

सभी टीकाकरण केंद्रों पर इस विशेष उपलब्धि पर रोशनी से सजावट कर लोगों को जागरूक करने के लिए संदेश देने का निर्देश राज्य के सभी सिविल सर्जनों को दिया गया है।

श्री पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयास और माननीय मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर राज्य में न सिर्फ कोरोना जांच, बल्कि टीकाकरण अभियान को भी गति दी जा रही है। इसका परिणाम है कि बिहार पिछले कई मौकों पर टीकाकरण के मामले में कई राज्यों को पछाड़ देश में सबसे आगे रहा। टीकाकरण अभियान 16 जनवरी 2021 से प्रारंभ हुआ था और करीब 9 माह में देश ने इस विशेष उपलब्धि को हासिल किया।

बिहारी राष्ट्रपति कहे जाना पर मुझे बहुत सकून देता है – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज बिहार विधान भवन शताब्दी वर्ष समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के पूर्व बिहार विधानसभा परिसर में महामहिम राष्ट्रपति ने शताब्दी स्मृति स्तंभ का शिलान्यास किया और पवित्र बोधि वृक्ष के शिशु पौधे का भी रोपण किया।

महामहिम राष्ट्रपति ने सामाजिक संकल्प अभियान के शिलापट्ट का भी रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया। महामहिम राज्यपाल श्री फागू चौहान ने बिहार विधानसभा की 100 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पर आधारित एक स्मारिका का भी विमोचन किया जिसकी पहली प्रति महामहिम राष्ट्रपति को भेंट की गयी। बिहार विधान भवन शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में सदन में विमर्श ही संसदीय

प्रणाली का मूल है’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राष्ट्रपति ने बिहार के प्रति अपने लगाव को इंगित करते हुए यहां के गौरवशाली इतिहास की चर्चा की। उन्होंने यहां के लोगों की प्रशंसा करते हुये कहा कि बिहार प्रतिभावान लोगों की धरती है।

राष्ट्रपति महोदय ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल रहने के दौरान मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का हमेशा सहयोग मिला और अब भी सहयोग मिल रहा है।

कार्यक्रम को महामहिम राज्यपाल श्री फागू चौहान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार विधान सभा भवन के 100 साल पूरा होने पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है इसके लिए विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा को धन्यवाद देते हैं।

आदरणीय राष्ट्रपति महोदय ने इसके लिए जो समय दिया, सबलोगों के अनुरोध को स्वीकार किया उसके लिये मैं उन्हें हृदय से धन्यवाद देता हूं और अभिनंदन करता हूं। राष्ट्रपति महोदय का यहां से बहुत पुराना रिश्ता है। हमारे राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के बारे में सबको मालूम है कि ये बिहार में लगभग 2 साल के लिए राज्यपाल रहे थे।

राज्यपाल के बाद पहली बार राष्ट्रपति बनने का इन्हें अवसर मिला। हम बिहारी लोग तो इनको बिहारी भी कहते हैं, क्योंकि ये बिहार के राज्यपाल रहते हुए राष्ट्रपति बने। इतनी बड़ी प्रतिष्ठा मिलने के बाद हमलोगों को बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि स्व० जाकिर हुसैन साहब पहले यहां के राज्यपाल थे, लेकिन पहले वे उपराष्ट्रपति बने और तब राष्ट्रपति बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद ये पहली बार तीसरा कृषि रोडमैप की शुरुआत करने के लिए 9 नवंबर 2017 को बिहार आए थे। इसके बाद 15 नवंबर 2018 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आए थे। 25 अक्टूबर 2019 को विश्व शांति स्तूप, राजगीर के 50 वें वार्षिकोत्सव में हमारे विशेष आग्रह पर ये यहां पधारे थे।

उन्होंने कहा कि जापान के फूजी गुरु जी ने विश्व शांति स्तूप का निर्माण कराया था। विश्व शांति स्तूप का शिलान्यास 06 मार्च 1965 को उस समय के राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने किया और 25 अक्टूबर 1969 को राष्ट्रपति श्री वी०वी०गिरी जी ने इसका उद्घाटन किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा जी ने बहुत सारी बातों की जानकारी दी है। आप सबलोग जानते हैं कि बंगाल से 22 मार्च 1912 को बिहार अलग हुआ था। उसमें बिहार के साथ उड़ीसा भी उसका हिस्सा था। जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो वर्ष 2009 से ही 22 मार्च को बिहार दिवस के रुप में मनाना शुरु किया। वर्ष 2012 में बिहार राज्य के 100 साल पूरा होने पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ था।

उस समय के सभापति स्व० ताराकांत झा जी द्वारा कार्यक्रम के लिए किए गए मेहनत को हमेशा याद किया जाना चाहिए। 22 मार्च 2011 से विधायी परिषद बनी थी, उसके लिए कार्यक्रम शुरु किया गया था। उस कार्यक्रम में उस समय की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल जी शामिल हुई थीं। पूरे एक साल तक कार्यक्रम चला था। 03 मई 2011 को पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम साहब को बुलाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायी परिषद् की पहली बैठक पटना कॉलेज में 20 जनवरी 1913 को हुई थी। 100 वें साल में हमलोगों ने वर्ष 2012 में पटना कॉलेज में एक कार्यक्रम किया था। बिहार विधानसभा का भवन बना जिसमें 1920 में परिषद् भवन का निर्माण कराया गया। परिषद् भवन अब बिहार विधानसभा भवन कहलाता है। उसके 100 साल पूरा होने पर आज कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि उस समय के विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार चौधरी ने 07 फरवरी 2016 से इसके लिए कार्यक्रम की शुरुआत की थी। वे भी इसके लिए बधाई के पात्र हैं। उस समय के नए 98 विधायकों को बहुत सारी चीजों की जानकारी दी गई थी। हमलोगों ने बिहार विधान सभा भवन का विस्तारीकरण भी कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्रपति जी ने शताब्दी स्मृति स्तंभ का शिलान्यास किया है। जब यह बनकर के तैयार होगा, तो बहुत सुंदर लगेगा। इस अवसर पर बोधगया से लाए गए शिशु बोधि वृक्ष का भी आज रोपण किया गया। उन्होंने कहा कि बोधि वृक्ष के पास भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। बोधि वृक्ष के यहां रहने से यहां के जो प्रतिनिधि आएंगे, उन सबका ज्ञान और बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि हमलोगों ने बुद्ध स्मृति पार्क बनाया, जिसमें अनेक चीजों का निर्माण कराया गया। यहां पर बोधगया, श्रीलंका और अनुराधापुर का बोधि वृक्ष लगाया गया। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में 14 साल तक भगवान बुद्ध रहे थे। वहां से भी बोधि वृक्ष मंगवाकर यहां लगवाया गया। परम पावन दलाई लामा जी जब भी यहां आए उन्होंने बोधि वृक्ष का रोपण किया।

बुद्ध स्मृति पार्क में करुणा स्तूप का बुद्ध स्मृति संग्रहालय का निर्माण कराया गया। उसमें पहले हमलोगों ने मेडिटेशन केंद्र बनाया था। बुद्ध स्मृति पार्क में करुणा स्तूप बना है। करुणा स्तूप में 5 देशों से जापान, म्यांमार, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका एवं थाईलैंड से लाए गए भगवान बुद्ध के अवशेष को रखा गया है।

इसके अलावा परम पावन दलाई लामा जी द्वारा लाए गए बोधि वृक्ष भी यहां पर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर विपश्यना केंद्र भी बनाया गया है। मेडिटेशन केंद्र को ही एक्सटेंशन करके विपश्यना केंद्र बनाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि कल श्रद्धेय राष्ट्रपति जी बुद्ध स्मृति पार्क और विपश्यना केंद्र को देखने जाने वाले हैं। 03 जुलाई 2018 से विपश्यना केंद्र का नियमित संचालन हो रहा है। करीब-करीब 1200 लोग इसमें भाग ले चुके हैं। हमलोग चाहते हैं कि जितने भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी हैं वे विपश्यना केंद्र में जाएं और उसका अनुभव प्राप्त कर लें। जो सरकारी कर्मचारी और अधिकारी वहां जाएंगे उनको 15 दिन का अवकाश दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदय वहां जाएंगे और कोई उनका सुझाव आएगा तो हमलोग उस पर काम करेंगे और इसे और बेहतर बनाएं। विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से यहां हर बार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इनकी कोशिश है कि आगे आदरणीय प्रधानमंत्री जी को भी यहां लाएंगे, कार्यक्रम कराएंगे।

कार्यक्रम को बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद् के कार्यकारी सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह ने भी संबोधित किया।

चौथे चरण का चुनाव सम्पन्न

पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बावजूद मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला है आज चौथे चरण पंचायत चुनाव में 58.65 प्रतिशत वोटिंग हुई है महिला ने 63,05 प्रतिशत और पुरूष ने 54,26 प्रतिशत मतदान किया है।

हलाकि रोहतास .वैशाली ,सहित कई जिलों से छुटपुट हिस्सा की भी खबर आयी लेकिन समान्य तौर पर मतदान पूरी तरह शांतिपूर्वक रहा ।

1–वैशाली में लालगंज के घटारो में बूथ पर झड़प के बाद बर्चस्व को लेकर दो पक्षों में चली गोली। एक युवक घायल, हाजीपुर-लालगंज मुख्य मार्ग को भी किया गया जाम, बूथ नम्बर 196,197 पर चली गोली से पंकज कुमार नामक युवक घायल हुआ है।

2–गोपालगंज में पंचायत चुनाव के दौरान पंचदेवरी व कटेया प्रखंडों के विभिन्न मतदान केंद्रों से मारपीट करने व मतदाताओं को धमकाने के आरोप में पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। यहां दोपहर एक बजे तक करीब 29 फीसदी मतदान हुआ है।

3–रोहतास में शिवपुर के मुखिया प्रत्याशी श्वेता सिंह और उनके समर्थकों पर हमला हुआ है। मुखिया प्रत्याशी की गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया गया है। हमला का आरोप दूसरे पक्ष पर लगा है।

4— बक्सर के बड़का गांव में मतदान के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठियां भांजने का आरोप लगाया है।

5—सीतामढ़ी के मिर्जापुर पंचायत में EVM के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यहां EVM से प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह ही गायब हो गया है। पंचायत समिति के सदस्य के चुनाव चिन्ह में उलट-फेर किया गया है।

6—बिहटा प्रखंड के मूसेपुर पंचायत से पुलिस ने भारी मात्रा में वोटर आईडी कार्ड एवं दो डैमो ईवीएम को एक घर से किया बरामद. बोगस वोटिंग के लिए पंचायत में नहीं रहनेवाले लोगों का पहचान पत्र किया जा रहा था इस्तेमाल. दो लोग गिरफ्तार ।

बिहार में पर्यटन के क्षेत्र में अभी भी बहुत कुछ करने की जरुरत है

मैं पिछले तीन दिनों से नालंदा ,राजगीर और बोधगया घूम रहा हूं , मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह इलाका है और नीतीश कुमार पर्यटन और पर्यावरण में दिलचस्पी भी रखते हैं और पर्यटन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा पैसे खर्च करने कि बात करे तो वो इलाका भी यही है फिर भी राष्ट्रीय स्तर पर भी हम लोग कम्पीट नहीं कर सकते हैं।

तीन दिनों की यात्रा के दौरान मुझे महसूस हुआ कि नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री हैं जीतन राम मांझी का एक वर्ष से अधिक का कार्यकाल छोड़ दे तो फिर भी नालंदा ,राजगीर और बोधगया में पर्यटकों के लिए सामान्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं है ।

राजगीर का जो पुराना रोपवे है उसका हाल यह है कि मेरे सामने दो व्यक्ति बाल बाल बच गये और मैं कैसे बच गया उपर वाले को ही पता है। इतना खतरनाक रोपवे मैंने नहीं देखा हरिद्वार का अनुभव था मुझे इसलिए परिवार और बच्चों के साथ चले गये ।

बिहार पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी इकोनॉमी खड़ी कर सकता है

लेकिन रोपवे पर चढ़ने और उतरने के दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों से थोड़ी सी भी चूक हुई तो दुर्घटना तय है ।लम्बें लोगों के लिए तो और भी मुश्किल है देश का यह एकलौता रोपवे हैं जहां भागते हुए रोपवे पर आपको चढ़ना है और भागते हुए रोपवे पर से उतरना है ।यहां आप रोपवे पर चढ़ रहे हैं या फिर उतर रहे हैं रोपवे रुकता नहीं है उसी स्पीड से आपको उस पर बैठ जाना है और उसी स्पीड से आपको उतरना है थोड़ी सी भी चूक हुई तो चोट लगना तय है ।

जबकि 2005 से अभी तक राजगीर में भवन निर्माण विभाग हजारों करोड़ की लागत से इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर ,पुलिस एकेडमी भवन सहित दर्जनों भवनों का निर्माण सरकार ने कराई है ।राजगीर में कंक्रीट का जाल बिछा गया है लेकिन आपको राजगीर पहुंचने के लिए आज भी आपको उसी तरह जाम में घंटो फसना है जैसे पांच वर्ष पहले था ।पटना बाईपास से बिना जाम में फंसे निकल गये तो फतुहा वाली सड़क पर जो जाम मिलना तय है रेलवे का फ्लाईओवर अभी तक बन नहीं पाया है आगे बढ़ गये तो फिर बिहारशरीफ जाम से निकल गये तो आप भाग्यशाली है सड़क का हाल सामान्य स्तर का है ।

बिहार में पर्यटन क्षेत्र

हां कुछ अच्छे होटल जरुर बने हैं फिर भी खाने और रहने की कोई व्यवस्था नहीं है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की तो छोड़िए भारतीय स्तर का भी हो । मैं 2010 से राजगीर जा रहा हूं जहां तक मुझे लगा राज्य सरकार पर्यटन के क्षेत्र में 100 करोड़ का भी निवेश नहीं किया है , इसी वर्ष नए रोपवे के निर्माण में ₹ 20 करोड़ 18 लाख 57000 खर्च हुआ हैं। रोपवे में कुल 20 केबिन लगाए गए हैं, इनमें 18 केबिन पर्यटकों के लिए है लेकिन अभी चालू नहीं है ।वही एक सफारी पार्क बनाया गया है जिस पर कुल 19 करोड़ 2900000 रुपया खर्च हुआ है लेकिन कल बारिश हो गयी तो वहां पहुंचना ही मुश्किल हो गया। एक पांडव पार्क बना है जहां बच्चों के साथ एक दो घंटा रह सकते हैं ।

नालंदा विश्वविद्यालय को सुरक्षित रखने के लिए जो नये स्ट्रक्चर बनाये गये हैं वो कब गिर जायेगा कहना मुश्किल है ,विश्वविद्यालय की जो दीवार बची है उस पर घास और कजरी जम गया है ,वही स्थिति जरासंध गुफा का भी है ऐसा नहीं है कि काम नहीं हुआ है लेकिन 15 -16 वर्षो में जो होना चाहिए था वो दूर दूर तक नहीं दिख रहा है, नीतीश कुमार के कार्यकाल में जितनी राशि भवन निर्माण में खर्च की गयी है मुझे नहीं लगता कि आजादी के बाद सरकार द्वारा अभी तक इतनी राशि खर्च हुई होगी भवन निर्माण के क्षेत्र में ।

गया और बोधगया का भी यही हाल है इस बार पिंडदान करने आये हजारों श्रद्धालुओं को होटल उपलब्ध नहीं रहने के कारण बस में रहने को मजबूर हुए ,गया में अभी तक बाईपास ठीक से नहीं बन पाया है जहां से आप सीधे बौद्ध गया या फिर शहर के बाहर बाहर आप निकल जाये। बौद्ध गया में इस बार संसद भवन जैसा एक मीटिंग हॉल बनते देखा और उसी कैम्पस में सरकार फाइव स्टार होटल बनवा रही है और पुलिस विभाग में करोड़ों का भवन बन रहा है। सामान्य सुविधा की ही बात करिए बौद्ध गया से लेकर मंदिर जाने के रास्ते में एक वास रुम और शौचालय नहीं है समझ में नहीं आता है सोच क्या है,राजगीर का भी यही हाल है परिवार साथ में हैं तो आप परेशान हो जायेंगे ।

वैसे यह सब इसलिए सामने ला रहे हैं ताकि बिहार से जुड़े जो भी लोग इस फील्ड में काम कर रहे हैं वो इन इलाकों के बेहतरी के लिए क्या किया जा सकता है जिससे भारतीय और विदेशी पर्यटक ज्यादा से ज्यादा आ सके इस पर सोचे क्यों कि जहां तक मैं देख रहा हूं बिहार में जिस तरह से सभी धर्मों का मुख्य केन्द्र के साथ साथ ऐतिहासिक स्थल मौजूद है ऐसे में बिहार पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी इकोनॉमी खड़ी कर सकता है ।

बाजार में गिरावट बढ़ी – सेंसेक्स 456 अंक, निफ्टी 152 गिरा; आईआरसीटीसी 19% गिरा

बीएसई सेंसेक्स 456.09 अंक टूटकर 61,259.96 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 50 152.20 अंक की गिरावट के साथ 18,266.60 पर बंद हुआ। इंट्राडे ट्रेड में सेंसेक्स ने 61,880 के इंट्रा-डे हाई और 61,109 के निचले स्तर के बीच कारोबार किया, निफ्टी ने 18,458 के इंट्रा-डे हाई और 18,209 के निचले स्तर के बीच कारोबार किया ।

सेंसेक्स चार्ट (20.10.21) एक नजर में

बीएसई मिडकैप 1.9% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.3% फिसले। सेंसेक्स पर भारती एयरटेल 4.03% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रही, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा।

टाइटन सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेंसेक्स स्टॉक था, जिसमें 2.97% की गिरावट आई, इसके बाद एचयूएल, एनटीपीसी और बजाज फिनसर्व का स्थान रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 7 शेयर बढ़त के साथ और 23 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

घरेलू संस्थानों ने अपनी भारी बिकवाली जारी रखी। मंगलवार को उन्होंने 2,500 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे जबकि एफपीआई ने 506 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे।

निफ्टी मिडकैप 50 इंडेक्स 1.19% गिर गया जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 2.42% गिर गया। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.44% गिरा ।

हिंडाल्को, टाइटन कंपनी, एचयूएल, बीपीसीएल और बजाज फिनसर्व निफ्टी के प्रमुख हारने वालों में से थे। लाभ में भारती एयरटेल, एसबीआई, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 11 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 39 लाल निशान में बंद हुए।

दरभंगा, भागलपुर और बक्सर आयुर्वेदिक कालेज फिर से होंगे शुरू

आयुष चिकित्सा के विकास को राज्य सरकार प्रतिबद्धः मंगल पांडेय
दरभंगा, भागलपुर और बक्सर आयुर्वेदिक कालेज फिर से होंगे शुरू

पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। दरभंगा, भागलपुर और बक्सर के आयुर्वेदिक कॉलेजों में फिर से पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसके लिये प्रयास तेज कर दिए गये हैं। पटना और गोपालगंज में 50-50 बेड की क्षमता के आयुष अस्पताल स्थापित किये जाएंगे।

श्री पांडेय ने कहा कि पटना सिटी स्थित नवाब मंजिल में आयुष अस्पताल का निर्माण शुरू हो गया है। इसके डेढ़ साल में तैयार होने की संभावना है। यहां पर आयुर्वेद, होमियोपैथी, यूनानी और योगा पद्धति से इलाज किये जाएंगे। केंद्र सरकार के सहयोग से गोपालगंज में आयुष अस्पताल खोले जाएंगे।

आयुर्वेदिक, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा कालेजों की शैक्षिक और आधारभूत संरचना की कमियां दूर की जाएगी। बेगूसराय और दरभंगा के राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में दो नये भवन बनेंगे। मुजफ्फरपुर स्थित राय बहादुर टुंकी साह शासकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के परिसर में भी एक नया भवन बनाया जाएगा।

श्री पांडेय ने कहा कि आयुर्वेद और यूनानी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) सीटों की संख्या भी बढ़ाई गई है। राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज ने यूजी सीटों की संख्या 40 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है और पांच अलग-अलग विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू की गई। स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष डॉक्टरों और जीएनएम की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की गई। सूबे में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और वेलनेस सेंटर पर भी आयुर्वेदिक इलाज की सुविधा जनता को दी जाएगी।