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सम्राट अशोक राष्ट्रीय गौरव, लेखक की सफाई के बाद बंद होनी चाहिए बयानबाजी -सुशील कुमार मोदी

सम्राट अशोक पर आधारित उस पुरस्कृत नाटक में उनकी महानता की चर्चा भरी पड़ी है, औरंगजेब का कहीं जिक्र तक नहीं, लेकिन दुर्भाग्यवश, इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है।

86 वर्षीय लेखक दया प्रकाश सिन्हा 2010 से किसी राजनीतिक दल में नहीं हैं। उनके एक इंटरव्यू को गलत ढंग से प्रचारित कर एनडीए को तोड़ने की कोशिश की गई।

दया प्रकाश सिन्हा ने एक हिंदी दैनिक से ताजा इंटरव्यू मेंं जब सम्राट अशोक के प्रति आदर भाव प्रकट करते हुए सारी स्थिति स्पष्ट कर दी, तब एनडीए के दलों को इस विषय का यहीं पटाक्षेप कर परस्पर बयानबाजी बंद करनी चाहिए।

दया प्रकाश सिन्हा के गंभीर नाट्य लेखन और सम्राट अशोक की महानता को नई दृष्टि से प्रस्तुत करने के लिए उन्हें साहित्य अकादमी जैसी स्वायत्त संस्था ने पुरस्कृत किया। यही अकादमी दिनकर, अज्ञेय तक को पुरस्कृत कर चुकी है।

साहित्य अकादमी के निर्णय को किसी सरकार से जोड़ कर देखना उचित नहीं। सम्राट अशोक का भाजपा सदा सम्मान करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया था।

2015 में भाजपा ने बिहार में पहली बार सम्राट अशोक की 2320 वीं जयंती बड़े स्तर पर मनायी और हमारी पहल पर बिहार सरकार ने अप्रैल में उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की।

.हम अहिंसा और बौद्ध धर्म के प्रवर्तक सम्राट अशोक की कोई भी तुलना मंदिरों को तोड़ने और लूटने वाले औरंगजेब से कभी नहीं कर सकते।

अशोक ने स्वयं बौद्ध धर्म स्वीकार किया, लेकिन उनके राज्य में जबरन धर्मान्तरण की एक भी घटना नहीं हुई।
वे दूसरे धर्मों का सम्मान करने वाले उदार सम्राट थे, इसलिए अशोक स्तम्भ आज भी हमारा राष्ट्रीय गौरव प्रतीक है।

कमाल खान को रवीश की श्रद्धांजलि

जो भी टीवी देखता है, जो भी टीवी का दर्शक है वह जानता है कि कमाल खान कौन हैं. अपनी पत्रकारिता में वे किस तरह की शख्सियत रहे हैं .उन सभी करोड़ों दर्शकों के लिए, उनके सहयोगियों के लिए, परिवार के लिए तो बहुत दुखद खबर है ही . यकीन करना भी मुश्किल हो रहा है कि कमाल हमारे बीच में नहीं हैं. कमाल के बारे में बहुत सारी बातें की जा सकती हैं लेकिन इस वक्‍त ऐसा सदमा लगा है इस खबर से कि न तो कुछ याद आ रहा है, न कुछ समझ में आ रहा है कि उनके बारे में क्‍या कहा जाए. हर किसी के पास एक अलग-अलग कमाल खान हैं उनकी रिपोर्टिंग की अपनी यादें हैं. उन्‍होंने इस पेशे में जो अब बेहद खराब हो गया है और शर्मनाक पेशा हो गया है. आज टेलीविजन इससे बुरा तो कभी दुनिया में नहीं हुआ होगा जितना खराब इस देश में हो गया है. इसमें कुछ लोग हैं जो दिए की तरह टिमटिमा रहे थे, दिखाई दे रहे थे कि हां, यहां से भाषा, शराफत, शऊर को हासिल किया जा सकता है, यहां से ये चीजें बची हई नजर आती हैं।

इस कीचड़ हो चुकी चैनलों की दुनिया में वे कमल की तरह कमाल तरीके से खिले नजर आ रहे थे. जो हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन किसी को मुगालता नहीं होना चाहिए कि केवल माइक पकड़ लेने से, चैनल से जुड़ जाने से कोई कमाल खान बन जाता है. जब हम अपनी रिपोर्टिंग शुरू कर रहे थे तो कमाल के बारे में सुनते थे कि वे सफर में जाया करते थे तब अपनी गाड़ी में बहुत सी किताबें लेकर जाते थे. चार लाइन की स्क्रिप्‍ट लिखने के लिए वे कई बार घंटों लगा दिया करते थे. उन किताबों को पढ़ते थे, अपना रिफरेंस चुनते थे और बड़ी मेहनत के साथ] अपनी स्क्रिप्‍ट लिखते हैं. अब इस तरह की मेहनत की कद्र नहीं है. इस पेशे में ऐसे बहुत से लोग रहे जिन्‍होंने इस पेशे को खड़ा किया, जिन्‍होंने इसे देखने लायक बनाया, उसमें कमाल खान एक मजबूत बुनियाद के तौर पर हैं. इसके लिए उन्‍होंने कड़ी मेहनत की।

अगर आप उनकी स्क्रिप्‍ट देखेंगे तो पता चलेगा कि कमाल खान होने का मतलब क्‍या होता है. यह हवा में कोई नहीं बन जाता है. एक-एक शब्‍द उन तस्‍वीरों के साथ, जिस समाज में वे बात कर रहे हैं जिस दायरे में से वे आ रहे हैं, इन सबके बीच कमाल खान एक खिड़की सी खोल देते थे कि भाषा, शराफत और शऊर की एक ऐसी भी दुनिया हो सकती है, जहां पर बहुत सी तल्‍ख बातें बहुत हल्‍के तरीके से कही जा सकती हैं. इस मकसद से कुछ गलत है तो उसे ठीक किया जाए और सभी की बेहतरी के लिए इसे ठीक किया जाए. कमाल ने अपनी जिंदगी के जो पल गुजारे हैं, उनके बारे में उनकी पत्‍न्‍नी और बच्‍चे ही बेहतर बता सकते है. कई बार लोग नहीं समझते हैं कि टीवी में अच्‍छा पत्रकार होना कितना मुश्किल काम है. कमाल खान होने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ती है. यह भी देखिए कि वे कि लखनऊ से आते, जिसकी तहजीब को लेकर कई किस्‍से हैं, किताबें है, इन सब के बीच कमाल खान भी तहज़ीब की एक अलग किताब की तरह थे.

काफी उम्र भी हो गई थी मगर शरीर को फिट भी रखते थे. उन्‍होंने बेहतरीन काम किया. कल तक ग्रुप में लिख रहे थे. उनका लिखने का अंदाज ऐसा था कि कई बार हंसी छूटती थी. कई बार समझ नहीं आता था कि कमाल साहब मजाक कर रहे हैं या गंभीरता से बात कर रहे हैं. कल मैं छुट्टी पर था तबीयत ठीक नहीं थी. कमाल की तबीयत के बारे में यह अंदाजा नहीं था. मैं सोचता कि उन्‍होंने अपने को फिट रखा है उनसे कुछ सीखना चाहिए लेकिन यह मौका नहीं मिला.

कल हमारे सहयोगी अनुराग द्वारी ने बताया कि उन्‍हें भोपाल में मुख्‍यमंत्री की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में नहीं बुलाया गया, उन्‍हें बुरा लगा. मैं अनुराग से कह रहा था कि आप धीरज रखिए. अगर सीएम आपको नहीं बुला रहे तो यह उनका हल्‍कापन है. आजकल की सरकारें ऐसी हो गई हैं जो जनता के बीच, जनता के सहयोग से इस मीडिया को खत्‍म करने में लगी हैं. मैंने अनुराग से यही कहा कि कमाल खान साहब को यह सब भुगतना पड़ता है, उनसे बात करके देखते हैं कि अगर वे बोलना चाहें तो आपकी बात को लेकर प्राइम टाइम पर दिखा सकता हूं। और यह सब लोगों को जानना चाहिए कि आप काम के दौरान कितनी बातों को झेलते हैं. क्‍या देश को इन बातों से शर्म आनी बंद हो गई है.

कमाल खान के बारे में मैं रात तक बोल सकता हूं. जितनी शिद्दत से और समझदारी से उन्‍होंने अयोध्‍या की रिपोर्टिंग की है पिछले 20-25 साल में तो सब जाकर देखने लायक है कि वे किस तरह के हिंदुस्‍तान के बारे में आवाज दे रहे थे. जब कमाल अपनी रिपोर्टिंग में लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह का उदाहरण देते थे कि ‘हजरत जाते हैं लंदन, कृपा करो रघुनंदन’…तो कमाल उस हिंदुस्‍तान को आवाज दे रहे थे, कि सभी तो इसी की मिट्टी से निकले हैं। लेकिन नफरत की ऐसी आंधी चली कि उनके जैसा पत्रकार अपने को हाशिये पर महसूस करने लगा था. वे अपने आपको रोकने लगते थे कि ऐसी खबर करूंगा तो लोग यकीन करेंगे या नहीं. फिर लोग कहेंगे कि कमाल खान के अलावा कुछ और है इसलिए उन्‍होंने यह स्‍टोरी की. समाज और सरकार ने कमाल के पास किस तरह का माहौल बनाया था, हमें यह भी देखना पड़ेगा. उस माहौल में कमाल खान किस तरह अपनी रिपोर्टिंग कर रहे हैं, किस तरह से लिख रहे हैं कि बात पहचान पर न आए, मजहब पर न आए और बात पत्रकारिता की हो. इस हालात में इतने बड़े देश में चार, पांच, दस पत्रकार बच गए और वे इतनी मुश्किल से गुज़र रहे हैं, क्या किसी को शर्म नहीं आती है?

ये मुख्‍यमंत्री स्‍तर के लोग अपने आप को क्‍या समझने लगे हैं कि पत्रकारों को प्रेस कान्‍फ्रेंस से बाहर रखें. दिन भर से ये गोदी मीडिया के बीच में बैठे रहते हैं. इन सबके बीच लखनऊ में कमाल स्‍तंभ के रूप में खड़े रहे. हम उनके दिन और रात की तकलीफों को नहीं जानते. लखनऊ जो बदल गया, उसमें कोई कमाल खान कैसे बचा हुआ है? उनकी चिंताएं किस तरह की रहीं, हम नहीं जानते. यह सामान्‍य नुकसान नहीं है. आप समझ नहीं सकते कि कितने लोगों के दिल में, जेहन में कमाल बसे हुए हैं, उनकी रिपोर्टिंग की यादें बसी हुई हैं. आप क्‍या रिपोर्टिंग देखेंगे, आपको बोलने का तरीका बदल जाएगा, इसलिए वे कमाल खान हैं. इस उम्र में भी उन्‍होंने अपने को दुरुस्‍त-तंदुरुस्‍त रखा , यह यकीन के बाहर कि बात है कि उन्‍हें ऐसा हुआ. उन्‍हें कोरोना भी हुआ वे ठीक भी हुए इसके बाद भी काम करते रहे. जो भी अच्‍छी पत्रकारिता को समझने वाले दर्शक देश में बचे हैं जो दो चार सहयोगी पत्रकार जो समझते हैं कि कमाल खान का होना क्‍या है वे जानते हैं कि उनका जाना कितना बड़ा नुकसान हैं. बाकी सबके लिए यह औपचारिकता है।

कोराना का कहर दूसरे लहर से भी बड़ा खतरे का संकेत सरकार ने बुलाई आपात बैठक

#Covid19 बिहार में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और ये स्थिति रही तो दूसरे लहर से भी खतरनाक हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 6541 नए मरीज मिले है. इनमें राजधानी पटना में सबसे ज्यादा 2116 कोरोना संक्रमित पाए गए है.

पटना में संक्रमण की रफ्तार हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रही है। यहां कोरोना की जांच कराने वाला हर चौथा इंसान संक्रमित है। 24 घंटे में हुई 9882 लोगों की जांच में 2275 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

इससे संक्रमण की दर अब तक की सबसे अधिक 23.02 प्रतिशत हो गई है। बिहार में 24 घंटे में 6541 नए मामले आए हैं। इनमें पटना में 2116, मुंगेर में 298, मुजफ्फरपुर में 427 नए मामले आए हैं। जिससे संक्रमण की दर अब 3.51 प्रतिशत हो गई है।

पटना में कुल 2116 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है हालांकि, 24 घंटे में राज्य के 3671 संक्रमितों ने कोरोना को मात दी है। इसके बाद भी एक्टिव मामलों का आंकड़ा कोई बहुत कम नहीं हुआ है, राज्य में अभी भी 31,374 एक्टिव मामले हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी संक्रमित हो गए हैं।

वह होम आइसोलेट रहेंगे। पटना में कुल 2116 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
वही तीसरी लहर में 30 दिसंबर से अब तक राज्य के 590 से अधिक डॉक्टरों और 5,000 से अधिक हेल्थ वर्करों को संक्रमित कर चुका है।

पटना AIIMS, IGIMS से लेकर PMCH और NMCH में रोज डॉक्टर पॉजिटिव हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। IMA का मानना है कि अगर हेल्थ वर्करों के संक्रमित होने की यही रफ्तार रही तो आगे मरीजों को इलाज मिलने में परेशानी हो सकती है।

उतार-चढ़ाव भरे सत्र में सेंसेक्स, निफ्टी सपाट बंद हुए

शुक्रवार को, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार सपाट बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 12.27 अंक की गिरावट के साथ 61,223.03 पर बंद हुआ, एनएसई निफ्टी 2.05 अंक की गिरावट के साथ 18,255.75 पर बंद हुआ । सेंसेक्स ने अपने इंट्राडे लो 60,757 से 450 अंक से अधिक की रिकवरी की।

सेंसेक्स चार्ट (14.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। सेक्टरों में आईटी, कैपिटल गुड्स और रियल्टी इंडेक्स में 1 फीसदी की तेजी आई, जबकि ऑटो, फार्मा, बैंक, एफएमसीजी सेक्टरों में बिकवाली देखी गई।

सेंसेक्स 30 में एशियन पेंट्स 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष स्थान पर रहा, इसके बाद एक्सिस बैंक, एचयूएल, एमएंडएम, विप्रो, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा। टीसीएस, इंफोसिस, लार्सन एंड टुब्रो, टेक महिंद्रा , एचडीएफसी बैंक लाभ पाने वालों में से थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 12 शेयर बढ़त के साथ और 18 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 99 अंक या 0.26% गिरकर 38,370 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप शेयर मिश्रित नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.02 फीसदी की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.75 फीसदी की तेजी आई।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, यूपीएल, एचयूएल और ओएनजीसी निफ्टी में गिरावट के साथ शीर्ष पर रहे, जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आईओसी, टीसीएस, इंफोसिस और अदानीपोर्ट्स लाभ में रहे।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 30 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 20 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

उड़ान पर मौसम का असर एक दर्जन से अधिक फ्लाइट हुआ कैंसिल

आज पटना का मौसम साफ है इस कारण पटना एयरपोर्ट पर शुरूआत की फ्लाइट्स टाइम पर आईं और वापस भी गईं। लेकिन दिल्ली, मुम्बई और बेंगलुरु की कुछ फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से इन शहरों को जाने वाली कुछ फ्लाइट्स कैंसिल हुई है ।

अरावइल और डिपार्चर को मिलाकर आज कुल 12 फ्लाइट्स कैंसिल की गई है। इसमें दिल्ली की 8, बेंगलुरु की 2 और मुम्बई की 2 फ्लाइट शामिल है। वहीं, बेंगलुरु से आने वाली 1 फ्लाइट लेट हुई है। जबकि, डिपार्चर में दिल्ली व बेंगलुरु की 1-1 फ्लाइट रिशिड्यूल हुई है।

अराइवल में कैंसिल हुई फ्लाइट
सुबह 10:40 की दिल्ली से आने वाली G8-143
दोपहर 1:10 पर दिल्ली से आने वाली G8-131
दोपहर 1:45 पर मुम्बई से आने वाली G8-351
दोपहर बाद 3:00 बजे दिल्ली से आने वाली SG-2043
दोपहर बाद 3:25 पर बेंगलुरु से आने वाली AI-573
दोपहर बाद 3:35 की दिल्ली से आने वाली G8-231
लेट आने वाली फ्लाइट
बेंगलुरु से आने वाली G8-274 दोपहर 2:10 की जगह 3:10 बजे तक आएगी।
पटना से कैंसिल हुई फ्लाइट
सुबह 11:20 पर दिल्ली जाने वाली G8-144
दोपहर 1:40 पर दिल्ली जाने वाली G8-229
दोपहर 2:20 पर मुम्बई जाने वाली G8-352
शाम 4:05 पर दिल्ली जाने वाली G8-132
शाम 4 :20 बजे बेंगलुरु जाने वाली AI-574
लेट जाने वाली फ्लाइट
दिल्ली जाने वाली दोपहर 12:50 की फ्लाइट G8-2512 आज दोपहर 2:35 पर जाएगी
बेंगलुरु जाने वाली दोपहर 2:45 की G8-273 आज 3:45 पर जाएगी

संघ का कहीं पे निगाहें कहीं पर निशाना

संघ सम्राट अशोक के बहाने भारत की आत्मा पर चोट पहुँचाना चाह रहा है ।
संघ की कही पे निगाहें कही पे निशाना

संघ किस तरीके से काम करती है उसके सौ वर्षो के इतिहास पर गौर करेंगे तो राम जन्मभूमि,धारा 370 ,कॉमन सिविल कोर्ट ,धर्मांतरण,जनसंख्या नियंत्रण उनका राजनीतिक एजेंडा रहा है जिसका नेतृत्व बीजेपी करती है।

लेकिन संघ का एक दर्जन से अधिक ऐसी अनुषांगिक संस्था है जो संघ के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की सोच के तहत भारतीय इतिहास ,संस्कृति और भारतीय सोच को बदलने को लेकर काम कर रही है ।जो इनका स्लीपर सेल है, जिसकी कोई पहचान नहीं है लेकिन अंदर ही अंदर उसके सहारे काम चलता रहता है।

संघ के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में सम्राट अशोक,चाणक्य, बुद्ध, महावीर ,कबीर ,रैदास ,मीरा ,गांधी,विवेकानंद, नेहरू और अम्बेडकर जैसे शासक,राजनीतिक विचारक,समाज सुधारक ,साहित्यकार और कवि फिट नहीं बैठते हैं, उन्हें भारतीय तिरंगा और राष्ट्रगान भी पसंद नहीं है उन्हें राष्ट्र गीत भी पसंद नहीं है लेकिन वह गीत मुसलमान के भावना को ठेस पहुंचता है इसलिए उसको अपने राजनीतिक मंच से उठाता रहते है।

आजादी के बाद गांधी इनके निशाने पर हैं क्यों कि संघ के सांस्कृति राष्ट्रवाद के फैलाव में गांधीवाद बड़ा बाधक है इसी तरह नेहरु का विचार और पीएम के रूप में किया गया काम संघ के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतिकूल है इसलिए एक रणनीति के तहत गांधी और नेहरू को भारतीय सोच से बाहर निकालने के लिए संघ बड़े स्तर पर काम कर रही है ।
भारत के आजादी के आन्दोलन में जब तक गांधी और नेहरू के योगदान की चर्चा होती रहेगी संघ अपने एजेंडे को आगे नहीं बढ़ पाएगी ।

इस तरह के काम के लिए संघ का अपना एक अलग तरीका है गांधी और नेहरू पर हमला किस तरीके से किया जा रहा है इसे आप महसूस कर रहे होगे।

लेकिन सम्राट अशोक पर हमला भी संघ के एक रणनीति का हिस्सा ही है और संघ जिस तरीके से काम करती है उसका यह पहला चरण है ।

जिस व्यक्ति ने सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से किया है वो व्यक्ति यूपी कैडर के रिटाइर आईएस अधिकारी है फिलहाल बहुत बिमार है और बड़ी मुश्किल से बात कर पा रहे हैं।

जिस नाटक में सम्राट अशोक को औरंगजेब से तुलना किया गया है उस नाटक को पहले साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया हाल ही में उन्हें साहित्य के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए पदम श्री दिया गया।

जैसे ही सिन्हा जी का पहचान बना उनके नाटक को लेकर एक खबर प्रकाशित करवाया गया ताकि इसको लेकर क्या प्रतिक्रिया आती है उसको देखा जाए । संघ का काम करने का यह तरीका है पहले किसी गुमनाम व्यक्ति से मुद्दा जनता के बीच परोसता है फिर उसको लेकर क्या प्रतिक्रिया आयी उस पर नजर रखता है ।

और सम्राट अशोक के मामले में जैसे ही तीव्र प्रतिक्रिया आयी संघ और बीजेपी दोनों दया प्रकाश सिन्हा से पल्ला झार लिया और बिहार बीजेपी एक कदम आगे बढ़ाते हुए सिन्हा जी पर मुकदमा भी दर्ज कर दिया। लक्ष्य कुछ ओर है इसलिए यह खेल यही नहीं रुकेंगा देखते रहिए एक सप्ताह के अंदर उड़ीसा के किसी विद्वान के हवाले से इसी तरह की प्रतिक्रिया सम्राट अशोक को लेकर आयेगी इंतजार करिए, संघ के काम करने का यही तरीका है ।


लेकिन आपका यह सवाल स्वाभाविक होगा कि इस समय सम्राट अशोक का औरंगजेब से तुलना करने की वजह क्या है, जी है सवाल आपका लाजमी है और मौजू भी है।


ऐसा है केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जो नया संसद भवन बनया जा रहा है उसमें लोकसभा अध्यक्ष के पीछे लगा अशोक स्तम्भ और सत्यमेव जयते को हटा दिया गया है क्यों कि यह प्रतीक संघ के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अनुकूल नहीं है और संघ के निर्देश पर यह काम किया गया है ,संसद भवन का काम अंतिम चरण में है और 2022 में इस भवन का उद्घाटन होना है ऐसे में उस समय किस स्तर तक हंगामा हो सकता है उसी को देखते हुए दया प्रसाद सिन्हा द्वारा सम्राट अशोक पर लिखा गया नाटक से जुड़ी खबर चलवा कर टेस्ट ले रहा है ।

कोरोना को लेकर राज्य सरकार हुआ सख्त गंगा स्नान तक पर लगायी रोक

#Covid19 भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले तो तेजी से बढ़ ही रहे हैं, अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. पहले कोरोना से संक्रमित 10-15 मरीज हर दिन अस्पताल में आते थे, आज 35-40 मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. यानी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तीन गुणा तक बढ़ गयी है इसको देखते हुए पीएम मोदी ने आज देश के सभी मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ कर हालात का जायजा लिये ।वही नीतीश कुमार के कोरोना संक्रमित होने कि वजह से स्वास्थ्यमंत्री मंगल पांडेय बैठक में भाग ले रहे हैं ।

वहीकोरोना की तीसरी लहर में पहली बार ऐसा हुआ है जब मौत के आंकड़ों ने डरा दिया है। महज 3 दिनों में 16 लोगों की मौत ने वायरस को हल्के में लेने वालों के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। संक्रमण के आंकड़ों के साथ बढ़ता मौत का मामला यह संकेत दे रहा है कि कभी भी वायरस खतरनाक हो सकता है।

वही आज मुख्यसचिव ने सूबे के सभी डीएम, एसएसपी और एसपी को आदेश दिया है कि वह स्वयं या अधीनस्थ पदाधिकारियों का दल गठित कर कोरोना को लेकर जारी प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे और इसको लेकर प्रतिदिन जांच किए गए व्यक्तियों की संख्या और उनसे वसूली गई रकम को लेकर रिपोर्ट भी भेजे।यह विशेष अभियान आज से तीन दिनों तक पूरे राज्य में चलेगा वही पटना DM चंद्रशेखर ने आदेश जारी किया है कि इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर मेला, गंगा स्नान और पतंबाजी पर रोक रहेगा जो भी इस नियम को नहीं मानेंगे उन पर कड़ी

उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में उछाल जारी; सेंसेक्स 85 अंक ऊपर, निफ्टी 18,250 के ऊपर बंद हुआ

गुरूवार को साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन भारतीय इक्विटी बाजार में उछाल जारी रहा । सेंसेक्स 85.26 अंक ऊपर 61,235.30 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 45.45 अंक बढ़कर 18,257.80 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (13.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर, धातु, फार्मा, बिजली, तेल और गैस और पूंजीगत सामान सूचकांक 1-3 प्रतिशत बढ़े, जबकि बैंक और रियल्टी सूचकांक 0.5 प्रतिशत से अधिक गिरे।

टाटा स्टील, सन फार्मा, एल एंड टी सेंसेक्स में शीर्ष पर रहे। दूसरी ओर, विप्रो, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंडसइंड बैंक पिछड़ गए।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 19 शेयर बढ़त के साथ और 11 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 257.60 अंक या 0.67% गिरकर 38469.95 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप शेयर सकारात्मक नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.65 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.61 प्रतिशत बढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 36 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 14 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

बिहार सरकार का बाल ह्दय योजना के तहत चयनित 219 बच्चों को हो चुका है सफल सर्जरी

बाल ह्ृदय योजना के तहत और 19 बच्चे सर्जरी के लिए गए अहमदाबादः मंगल पांडेय
कोरोनाकाल में भी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं प्राथमिकताओं में हर माह अहमदाबाद भेजे जा रहे बच्चे, अब तक 219 सफल सर्जरी ।

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरानाकाल में भी राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण योजनाआें को प्राथमिकता दी जा रही है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाल हृदय योजना के तहत इस सप्ताह 8 जनवरी को राज्य के विभिन्न जिलों से चिह्नित 19 दिल में छेद वाले बच्चों को मुफ्त सर्जरी के लिए अहमदाबाद भेजा गया। विभाग की यह योजना बच्चों को न सिर्फ नया जीवन दे रही है, बल्कि उनके परिवार में एक नई उम्मीद जगा रही है। खासकर गरीब एवं मध्यम वर्ग के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।

श्री पांडेय ने कहा कि इन बच्चों को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सर्जरी के लिए भेजा जा रहा है। भेजने के पूर्व बच्चे और उनके अभिभावक की आरटीपीसीआर जांच करायी जा रही है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही इन लोगों को भेजा जाता है। पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में स्क्रीनिंग में गंभीर रूप से हृदय रोग से ग्रसित बच्चों की पहचान की गई। जिन्हें सर्जरी की आवश्यकता है, उन्हें अहमदाबाद के सत्य सांई अस्पताल भेजा गया। विभाग द्वारा हर माह दो-तीन बार बच्चों को सामूहिक इलाज के लिए भेजने की प्रक्रिया जारी है। अब तक 286 बच्चे भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 219 का सफल आपरेशन हो गया है।

श्री पांडेय ने कहा कि राज्य में हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए बाल हृदय योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के क्रियान्वायन के लिए आईजीआईएमएस एवं इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान पटना को चिन्हित किया गया है। इसमें सत्य सांई हृदय अस्पताल अहमदाबाद के डॉक्टर सहयोग दे रहे हैं। इस योजना के तहत जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के आयु वाले बच्चों व किशोरों को हृदय रोग से बचाया जा सकता है।

मकर संक्रान्ति को लेकर इस बार भी एक मत नहीं हैं विद्वान

मकर संक्रान्ति, 14 जनवरी, 2022 ई :

वर्ष भर में 12 राशियों की संक्रान्तियाँ होतीं हैं। इनमें मकर संक्रान्ति से छह महीने तक सूर्य उत्तरायण रहते हैं तथा कर्क राशि की संक्रान्ति से दक्षिणायन सूर्य आरम्भ होते हैं। उत्तरायण सूर्य में यज्ञ, देवप्रतिष्ठा आदि के लिए शुभ मुहूर्त होते हैं। ऐसी मान्यता है कि जबतक सूर्य उत्तरायण रहते हैं तब तक छह महीनों के लिए देवताओं का दिन रहता है तथा दक्षिणायन सूर्य के महीनों में देवताओं की रात रहती है। अतः मकर संक्रान्ति का यह दिन देवताओं के लिए प्रातःकाल माना जाता है। दिन भर में जो धार्मिक महत्त्व प्रातःकाल का होता है, वैसा ही महत्त्व मकर संक्रान्ति का भी वर्ष भर में होता है।

इस वर्ष दिनांक 14 जनवरी की रात्रि 8.34 मिनट पर संक्रमण हो रहा है। चूँकि संक्रमण काल रात्रि में भी हो सकता है; अतः धर्मशास्त्रियों ने संक्रमण काल के आधार पर पुण्यकाल तथा पुण्याह की व्यवस्था की है।

गणित-ज्योतिष के अनुसार संक्रान्ति के पहले या बाद 8 घंटा तक सूर्य का बिम्ब उस संक्रान्ति-बिन्दु पर रहता है। अतः संक्रमण-काल से 8 घंटा पहले अथवा बाद, जब भी उदित सूर्य मिलें, पुण्यकाल माना जायेगा। इस वर्ष रात्रि 8:34 बजे संक्रमण के पूर्व दिनांक 14 को हमें सूर्य-संक्रान्ति का बिम्ब प्राप्त होगा, अतः संक्रान्ति सम्बन्धी गणित के अनुसार भी 14 को ही मनाया जाना चाहिए।

मिथिला के सभी निबन्धकारों ने एकमत से निर्णय दिया है कि आधी रात से पहले यदि संक्रमण है, तो पुण्यकाल पूर्वदिन मध्याह्न के बाद होगा तथा वह पूरा दिन पुण्याह कहलायेगा। इन सभी प्रमाणों का संकलन कर म.म. मुकुन्द झा बख्शी ने ‘पर्वनिर्णय’ में यही व्यवस्था दी है। अतः मिथिला से प्रकाशित पंचाङ्ग में दिनांक 14 को मकर संक्रान्ति माना गया है।

निर्णयसिन्धु में कमलाकर भट्ट ने मकर-संक्रान्ति के सम्बन्ध में सभी मतों को उद्धृत कर दिया है, जिनमें माधव का मत है कि यदि रात्रि में संक्रमण हो तो दूसरे दिन पुण्यकाल माना जाए। किन्तु अनन्तभट्ट के अनुसार यदि आधी रात से पूर्व संक्रमण हो तो पूर्व दिन माना जाए। इस प्रकार कमलाकर में अपना कोई निर्णय नहीं दिया है। धर्मसिन्धुकार का मत है कि रात्रि के पूर्वभाग, परभाग अथवा निशीथ में संक्रमण हो तो दूसरे दिन पुण्यकाल होगा। इस मत से दिनांक 15 को मकर संक्रान्ति होगी।

इस विषय में कमलाकर भट्ट ने भी क्षेत्रीय परम्पराओं का महत्त्व दिया है, अतः धर्मशास्त्र के अनुसार जिनकी जो परम्परा है उस दिन मनाये

लेखक–आचार्य किशोर कुणात

शराबबंदी कानून को लेकर राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका कहां बेवजह कोर्ट का समय जाया ना करे

शराबबंदी को लेकर राज्य सरकार के जिद्द को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है मंगलवार को राज्य के कड़े शराबबंदी कानून के तहत आरोपियों को अग्रिम और नियमित जमानत देने को चुनौती देने वाली विभिन्न अपील को यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया कि इन मामलों ने अदालतों के काम पर असर डाला है।पटना हाईकोर्ट के 14 से 15 जज केवल इन मामलों की ही सुनवाई कर रहे हैं. सीजेआई एन वी रमण के नेतृत्व वाली पीठ ने बिहार सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया कि आरोपियों से जब्त की गई शराब की मात्रा को ध्यान में रखते हुए जमानत आदेश पारित करना सुनिश्चित करने के लिए दिशा निर्देश तैयार किए जाएं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘आप जानते हैं कि इस कानून (बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016) ने पटना हाईकोर्ट के कामकाज पर कितना प्रभाव डाला है और वहां एक मामले को सूचीबद्ध करने में एक साल लग रहा है, सभी अदालतें शराब से संबंधित जमानत मामलों से भरी पड़ी हैं.’

राज्य सरकार के अपील को खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि इन मामलों में 2017 में उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दी गई थी, इसलिए अब इसके लिए याचिकाओं से निपटना उचित नहीं होगा, चीफ जस्टिस ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि आपके हिसाब से हमें सिर्फ इसलिए जमानत नहीं देनी चाहिए, क्योंकि आपने कानून बना दिया है।

पीठ ने तब हत्या पर भारतीय दंड संहिता के प्रावधान का हवाला दिया और कहा कि जमानत और कभी-कभी, इन मामलों में अदालतों द्वारा अग्रिम जमानत भी दी जाती है. पीठ ने कहा कि राज्य में इन मामलों की वजह से अदालतों का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।पीठ ने राज्य सरकार से मुकदमे आगे बढ़ाने को कहा है, क्योंकि उसने जांच पूरी करने के बाद इन मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का बिहार में शराबबंदी कानून पर दूरगामी परिणाम सामने आयेंगा और आने वाले समय में इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्त राहत मिल सकती है ।

भाकपा माले यूपी ,उत्तराखंड और पंजाब में उतारेगा अपना उम्मीदवार

भाकपा-माले ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है । आज पटना (Patna) में भाकपा-माले (CPI-ML) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य (Dipankar Bhattacharya) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा कि और कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के साथ हमारी बातचीत चल रही है । हमें उम्मीद है कि यहां बीजेपी को शिकस्त देने के लिए एक व्यापक गठबंधन बनेगा ।

उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में हमारी पार्टी चुनाव लड़ेगी । यूपी में बदलाव दिख रहा है, बिहार में आकर जहां मामला फंसा था और हम जीतते-जीतते रह गए थे, उससे यूपी ने बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने कहा कि इस बार बीजेपी को कोई मौका नहीं मिलने वाला है । यहां रोजगार बड़ा मुद्दा है. यूपी में जिस प्रकार से दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों का दमन किया गया और पुलिस राज कायम किया गया, उसके खिलाफ वहां की जनता लोकतंत्र के पक्ष में अपना फैसला सुनाएगी ।

माले महासचिव ने यह भी कहा कि पंजाब के चुनाव में किसान आंदोलन की आवाज सुनी जाएगी । किसानों के मुद्दों के साथ-साथ दलितों, मजदूरों, भूमिहीन गरीबों के सवाल जबरदस्त तरीके से मुद्दे बने हैं । वहां सरकार की ओर से घोषणाएं हुई हैं, लेकिन जमीन पर काम कम हुआ है।

बिहार में कोरोना का कहरा जारी 48 घंटे में हुई 12 मौत

#Covid19 बिहार में कोरोना का कहर जारी है पिछले 24 घंटे में 6413 कोरोना के मरीज मिले हैं जिसमें पटना में सबसे ज्यादा 2014 मरीज मिले है और इसके साथ ही राज्य में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 28659 हुई। वही पिछले 48 घंटे में 12 लोगों की मौत हो गयी है ।

कोरोना की तीसरी लहर में पहली बार एक साथ 7 मौत हुई है। पटना AIIMS में 67 साल की संक्रमित महिला की मौत हुई है। वह सारण की रहने वाली थी। 10 जनवरी को उन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया था और 11 को मौत हो गई। नालंदा मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 3 मौतें हुई हैं। इनमें आलमगंज पटना के 70 साल के संक्रमित, जमुई के 70 साल के संक्रमित और पटना के गौर हट्‌टा के 68 साल के संक्रमित शामिल हैं।

1–हलके में ना ले कोरोना को घातक साबित हो सकता है

मौत का यह आकड़ा कोरोना की दूसरी लहर में भी शुरुआती दिनों में ऐसा ही था हालांकि इस बार की चुनौती दोहरी है। क्योंकि कोरोना के एक नहीं 2 वैरिएंट से लड़ाई है। इसमें एक डेल्टा है, जिसने दूसरी लहर में तबाही मचाई। वहीं, दूसरा ओमिक्रॉन, जो संक्रमण की रफ्तार को कम्युनिटी स्प्रेड कर दिया है। ऐसे में अब खतरा बढ़ रहा है। वैक्सीनेशन और कोरोना प्रोटोकाॅल में लापरवाही भारी पड़ सकती है। क्योंकि वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग भी वायरस को अंडर स्टीमेट करना खतरनाक बता रहा है।

एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा ने तबाही मचा दी थी। इस बार भी वह जानलेवा है। मौत का कारण भी बन रहा है। वैक्सीनेशन नहीं कराने वालों पर इसका बड़ा असर दिख रहा है।

कोरोना पर स्टडी करने वाले पटना एम्स के ट्रामा इमरजेंसी के एचओडी डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि अगर वैक्सीनेटेड नहीं है और उसके बाद भी कोरोना को हल्के में ले रहे। बिना मास्क के सोशल डिस्टेंस भी नहीं मान रहे तो यह जान से बड़ा खिलवाड़ है। डेल्टा अभी खत्म नहीं हुआ था और वह आज भी एक्टिव है। ऐसे में 48 घंटों के दौरान 12 मौत खतरे की घंटी है।

2–प्रतिबंध के साथ लांक डाउन बिहार में जारी रहेगा

हालांकि आपदा प्रबंधन प्राधिकारी की बैठक में और सख्त प्रतिबंध लगाने और शनिवार और रविवार को पूर्ण कर्फ्यू पर विचार किया गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल जो पाबंदी लगी हुई है उसे ही जारी रखने के पक्ष थे फिलहाल बिहार में जारी रहेगी पाबंदी और जो गाइडलाइंस जारी हुआ है उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है एक सप्ताह बाद फिर बैठक होगी उस बैठक में हालात की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा ।

कोहरा और बारिश की वजह से उड़ान सेवा पर पड़ा असर

पटना -कोहार और बादल छाये रहने के कारण आज भी उड़ान सेवा प्रभावित रहा एयरपोर्ट की और से जारी सूचना के अनुसार बुधवार को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 7:25 बजे तक के जारी किए गए टाइम-टेबल के अनुसार आने-जाने में कुल 12 फ्लाइट कैंसिल हुई है। जिसमें 6 अराइवल की तो 6 फ्लाइट डिपार्चर की कैंसिल है। जबकि, आने-जाने में कुल 5 फ्लाइट आज रिशिड्यूल की गई है…

आने में कैंसिल हुई फ्लाइट

सुबह 9 बजे की दिल्ली से आने वाली SG-8721
सुबह 10:40 की दिल्ली से आने वाली G8-143
सुबह 11:55 पर बेंगलुरु से आने वाली G8-873
दोपहर 12:20 पर दिल्ली से आने वाली G8-2511
दोपहर 1:10 पर दिल्ली से आने वाली G8-131
दोपहर बाद 3:35 पर दिल्ली से आने वाली G8-231

इस वजह यात्रियों को खासा परेशानी हो रही है मौसम विभाग का जो पूर्वानुमान है उसके अनुसार फिलहाल तीन दिनों तक स्थिति में सुधार की सम्भावना नहीं है

बिहार में मौसम का मिजाज बदला कई जिलों में हो रही है बारिश

मौसम विभाग की माने तो आने वाले 3 दिनों तक राजधानी सहित पूरे प्रदेश में बारिश होगी चक्रवाती परिसंचरण बिहार और झारखंड पर पड़ रहा है इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से पश्चिमी विक्षोभ भी बिहार के मौसम को इफेक्ट कर रहा है दिन और रात के तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा कई स्थानों पर कुहासा और कोहरा का असर देखने को मिलेगा ।

राज्य में सारण के मसरख में सबसे ज्यादा बरसात हुई है 22 पॉइंट 6 मिलीमीटर बारिश हुई है राज्य में पश्चिम चंपारण में सबसे कम तापमान 11.6 आंका गया। कि अररिया में सबसे ज्यादा 25.3 आंका गया। मौसम विभाग की मानें तो दरभंगा समस्तीपुर बेगूसराय से सहरसा मधेपुरा भागलपुर जमुई पूर्णिया कटिहार में बारिश नहीं हुई है ।

Weather Report

कोरोना गाइडलाइन के तहत सूबे में चल रहा मिशन परिवार विकास अभियानः मंगल पांडेय

#Covid19 कोरोना गाइडलाइन के तहत सूबे में चल रहा मिशन परिवार विकास अभियानः मंगल पांडेय

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना संक्रमण के काल में भी स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन पर फोकस करने की योजना पर काम कर रहा है। इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में 29 जनवरी तक परिवार विकास अभियान चलेगा। इसके तहत 10 से 16 जनवरी तक दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा, तो 17 से 29 जनवरी तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा आयोजित की गई है। कोरोना संक्रमण के बीच इस को अभियान आयोजित करने को लेकर विभाग द्वारा गाइडलाइन जारी किया है।

श्री पांडेय ने कहा कि विभाग द्वारा 10 से 16 जनवरी तक दंपती संपर्क अभियान चलाकर योग्य लाभुकों की पहचान कर उसकी सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसकी जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता और एएनएम को दी गई है। अभियान के दौरान परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा। मिशन परिवार विकास अभियान का आयोजन सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एवं सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित किया जायेगा। अभियान के दौरान इच्छुक तथा योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के अस्थाई एवं स्थाई उपाय अपनाने के लिए प्रेरित भी किया जायेगा।

श्री पांडेय ने कहा कि गर्भनिरोधक सूई अंतरा सेवा की उपलब्धता अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ साथ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर सहित स्वास्थ्य उपकेंद्र तक के सभी स्वास्थ्य ईकाइयों पर की गई है। आमजन में जागरूकता लाने के लिए प्रचार प्रसार के अंतर्गत सही उम्र में शादी, शादी के कम से कम दो साल के बाद पहला बच्चा, दो बच्चों में कम से कम तीन साल का अंतर, परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी उपाय, परिवार कल्याण ऑपरेशन में पुरुषों की भागीदारी पर जोर देंगे।

बाजार में उछाल जारी; निफ्टी 18200 के ऊपर पहुंचा तो सेंसेक्स 533 अंक उछलकर 61150 पर बंद हुआ

बुधवार को इक्विटी बाजार में उछाल जारी रहा, बीएसई सेंसेक्स 533.15 अंक बढ़कर 61,150.04 पर, निफ्टी 156.60 अंक बढ़कर 18,212.35 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (12.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7-1 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए। सेक्टरों में मेटल, पावर, ऑटो, ऑयल एंड गैस और रियल्टी में 1-2 फीसदी की तेजी रही, जबकि आईटी और फार्मा इंडेक्स सपाट रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बेंचमार्क के अनुरूप तेजी रही।

एमएंडएम, भारती एयरटेल चार्ट में सबसे ऊपर है, जबकि टीसीएस और टाइटन सबसे बड़े पिछड़े हुए हैं।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 24 शेयर बढ़त के साथ और 6 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 285.35 अंक या 0.74% बढ़कर 38727.55 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप शेयर सकारात्मक नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.25 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.88 फीसदी चढ़े।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

एमएंडएम, भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज निफ्टी में शीर्ष पर रहे। टाइटन कंपनी, टीसीएस, श्री सीमेंट, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और सिप्ला खराब प्रदर्शन करने वाला रहा।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 35 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 15 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

हाईकोर्ट में कोरोना महामारी से निपटने को लेकर राज्य सरकार की तैयारी पर सुनवाई टली ।

#Covid19 पटना हाईकोर्ट में राज्य में कोरोना महामारी के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रभाव के रोक थाम व नियंत्रित किये जाने के मामले पर सुनवाई कल 13 जनवरी,2022 तक टली। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की।

पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने इस महामारी के रोक थाम और नियंत्रित करने के लिए की जा रही कारवाइयों का ब्यौरा दिया।

इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को ये बताने को कहा था कि करोना महामारी के तीसरे लहर के रोकथाम और स्वास्थ्य सेवा की क्या कदम उठाए जा रहे है।।एडवोकेट जेनरल ने कोर्ट को बताया कि इस महामारी पर नियंत्रण के कई तरह के राज्य सरकार ने कदम उठाए हैं।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि करोना महामारी के रोक थाम के दिए गए दिशानिर्देशों का पालन सख्त तरीके किया जा रहा है।सार्वजानिक स्थलों,सिनेमा,मॉल,पार्क आदि को फिलहाल बंद कर दिया गया।
साथ ही 10 रात्रि से सुबह पाँच बजे तक curfew भी प्रशासन ने लागू कर दिया है।
सरकारी,निजी दफ्तरों में कर्मचारियों के पचास फी सदी उपस्थिति के साथ ही कार्य होगा।स्कूलों कॉलेजों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई हैं।
उन्होंने कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा को इसके महामारी से निबटने कार्रवाई करने को तैयार किया जा रहा।सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में करोना मरीज के ईलाज के पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि अभी दो लाख व्यक्तियों का प्रति दिन टेस्ट किया जा रहा है।ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त है और अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के पूरी कार्रवाई हो रही है।

जो व्यक्ति करोना से पीड़ित हैं,उनके लिए ईलाज की व्यवस्था की गई है।उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।अभी जो ओम्रिकोन नामक नए वेरिएंट के तेजी से बढ़ने के कारण स्थिति में परिवर्तन हो रहा है। दिल्ली,मुंबई जैसे शहरों से ले कर देश के अन्य भागों में ओम्रिकोन बहुत तेजी से फैल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट व अन्य कई हाई कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई शुरू कर दी गई है। इस स्थिति को देखते हुए पटना हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह ऑनलाइन सुनवाई प्रारम्भ हो चुका है।

इस मामले पर 13 जनवरी, 2022को सुनवाई होगी।

लॉ कॉलेजों की संबद्धता मामले में आज हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी व निजी 27 लॉ कालेजों की संबद्धता के मामले की सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने कुणाल कौशल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया को inspection रिपोर्ट की कॉपी सम्बंधित पक्षों देने का निर्देश दिया।

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने इन कालेजों का निरीक्षण कर बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया को तीन सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।साथ ही कोर्ट ने कॉउन्सिल को जिन कॉलेजो को पढ़ाई जारी करने की अनुमति दी है, वहां व्यवस्था सम्बन्ध व सुविधाओं के सम्बन्ध में हलफनामा दायर करने को कहा था।

पिछ्ली सुनवाई में कोर्ट ने सभी लॉ कालेजों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष एक सप्ताह में निरीक्षण हेतु आवेदन देने का निर्देश दिया था। साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया इन कालेजों का वर्चुअल या फिजिकल निरीक्षण करने का निर्देश दिया था।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण कमेटी का रिपोर्ट बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संबंधित कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना था। यह कमेटी इनके रिपोर्ट पर निर्णय लेगी।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया यह देखेगी कि विधि शिक्षा, 2008 के नियमों का पालन इन शिक्षण संस्थानों में किया जा रहा है या नहीं। इन लॉ कालेजों को पुनः चालू करने के लिए अस्थाई अनुमति देते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया किसी भी प्रकार का नियमों में ढील नहीं देगी।

इससे पूर्व की सुनवाई में पटना हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी व निजी लॉ कालेजों में नामांकन पर रोक लगा दिया था। साथ ही चांसलर कार्यालय, राज्य सरकार, संबंधित विश्वविद्यालय व अन्य से जवाब तलब किया गया था।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश किया था, जिसमें यह कहा गया था कि राज्य में जो लॉ कालेज हैं, उनमें समुचित व्यवस्था नहीं है। योग्य शिक्षकों व प्रशासनिक अधिकारियों की भी काफी कमी हैं। इसका असर लॉ की पढ़ाई पर पड़ रहा है। साथ ही साथ बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है।

याचिकाकर्ता के वकील दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य के किसी भी सरकारी व निजी लॉ कालेजों में रूल्स ऑफ लीगल एजुकेशन, 2008 के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है।

याचिकाकर्ता के ओर से कोर्ट में पक्ष प्रस्तुत करते हुए अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि राज्य में सरकारी व निजी लॉ कालेज 27 हैं, लेकिन कहीं भी पढ़ाई की पूरी व्यवस्था नहीं होने के कारण लॉ की पढ़ाई का स्तर लगातार गिर ही जा रहा है। इस मामले पर 17 जनवरी,2022 को फिर सुनवाई होगी।

मुजरा और तबला का कहरवा ताल बस यादो में ही शेष रह गयी है

कोई तीन दशक पहले तक राजपूत के बेटे की शादी में बारात निकलने से पहले एक खास तरह की तैयारी होती थी और उस तैयारी पर बरात के सबसे जिम्मेदार व्यक्ति की खास नजर रहती थी।कालीन ,मसलद ,इत्रदान ,गुलाब खास , पनबट्टा ,ट्रे के साथ साथ कई तरह के फल और ड्राई फ्रूट्स की विशेष तौर पर खरीदारी होती है। कालीन,इत्रदान ,गुलाब खास, पनबट्टा और कई तरह का ट्रे सभी चांदी से निर्मित होते थे ये सारी सामग्री इलाके के किस बाबू साहेब के पास बढ़िया है सबको पता रहता था और जैसे ही शादी ठीक होता था। सबको निमंत्रण के साथ सूचित कर दिया जाता था कि बेटे की शादी है आपके सहयोग की जरूरत है। जिनके पास इस तरह का सामान हुआ करता था वो शादी से दो तीन दिन पहले उसका अच्छे से सफाई करा कर शादी के एक दिन पहले मखमली कपड़े में सजा कर लड़के वाले के यहां भिजवा दिया करते थे।

मुजरा नाच की कला भी आधुनिकता की भेट चढ़ गया

ये सारी तैयारी मुजरा की महफिल राजशाही दिखे इसके लिए की जाती है इतना ही नहीं इलाके में एक दो लोग होते थे जिन्हें पता रहता था कि चतुर्भुजस्थान (मुजफ्फरपुर)या सोना गाछी (कोलकाता) की कौन सी तवायफ है जो अच्छा मुजरा गाती है ,उन्हें लड़के वाले विशेष तौर पर आमंत्रित करते थे ।

इन तमाम तैयारी में लड़के वाले के घर की महिलाएं भी शामिल रहती थी और कुछ छूटे नहीं इसका खास ख्याल रखती थी।
शादी की रात तवायफ की नाच में लड़के के परिवार वाले शामिल नहीं होते थे और कहां जाता था कि आज लड़की के गांव वाले के लिए नाच हो रहा है ,लेकिन शादी के कल होकर जिसे मरजाद कहां जाता था उस दिन खास तरह के नाच का आयोजन होता था एक तरफ लड़की वालो के यहाँ बकरा बनता रहता था दूसरा जहां बारात ठहरता था जिसे जनवासा कहां जाता था वहां दोपहर में खास तरह का महफिल सजता था इस महफिल में तवायफ पूरी तौर पर परम्परागत ड्रेस में आती थी और एक से एक मुजरा गाती थी उस महफिल में दूल्हा राजा भी बैठते थे।

इतना ही नही बाबा से लेकर पोता तक दमाद बाबू सब साथ बैठ कर मुजरा देखते थे मुझे आज भी दो शादी का कुछ कुछ याद है तबला ,ढोलक और हारमोनियम यही तीन चार वाद्ययंत्र हुआ करता था ,जुगलबंदी के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होती थी और उस दौरान तवायफ की घुँघरू के साथ तबला ,ढोलक और हारमोनियम बजाने वाले का हाथ चलता था तवायफ की पैर में बंधी घुँघरु भी संगीत के लय के अनुसार थिरकती थी । गीत शुरु होने से पहले आधे घंटे तक यह जुगलबंदी चलता था इसी में पता चल जाता था कि जो तवायफ आयी वो संगीत की साधना में कितना निपुण है जहां तक मुझे याद है मामा की शादी में मुजफ्फरपुर से तवायफ आयी थी कोई चर्चित रही होगी वो एक गाना गायी थी पहली बार सूने थे और वह गीत मुझे इतना भाया कि आज भी जब मौका मिलता है सुन लेते है जी हैं वह गीत था Movie- दाग (1973),Music लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल,Lyrics By: साहिर लुधियानवी और लता मंगेशकर गायी हैं ,
जब भी जी चाहे, नई दुनिया बसा लेते हैं लोगएक चेहरे पे कई चेहरे, लगा लेते हैं लोग ।
क्या गायी थी वो पूरा महफिल शांत होकर उसके उस गीत को सुनता रहा इसी तरह के क्लासिकल संगीत का फरमाइस हुआ करता था ऐसे ही क्लासिकल संगीत से सराबोर रहता था वह महफिल ।

दो तीन वर्ष बाद मेरे दूसरे मामा जी के लड़के के शादी में एक बार फिर वही नर्तकी आयी थी दोपहर का कार्यक्रम चल रहा था गाना शुरू था मेरे जेहन में वो गाना इस कदर बस गया था कि मैं तवायफ को उसी गाने का फरमाइश कर दिया वो थोडा संकोच करने लगी ना ना वो गाना मैं नहीं गाती और मैं कहां रहा था आप ही गायी थी ,
तभी वो अपने टीम की ओर इशारा किया और वो भागा भागा गया और एक खूबसूरत डायरी लेकर आया और फिर वो डायरी पलटी और गाना शुरू की मामा जी का आदेश हुआ भगिना का फरमाइश है ऐगेन रिपीट और वो पूरे कार्यक्रम के दौरान तीन बार गायी , मामा जी से पैसा दिये भगिना दीजिए इनको ।

वो क्या दौर था उसकी आप लाख आलोचना कर ले लेकिन इस तरह के कार्यक्रम से संगीत की गहराई और तवायफ ही सही लेकिन उसको देख कर एक तहजीव की समझ तो पुरुषों में जरुर बनता था।

वर्षो बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट के साथ जो वीडियो लगा है देखने को मिला पिछले तीन दिनों में कितनी बार देखे हैं कह नहीं सकते हर बार मुजरा और तबला का वो कहरवा ताल जो अब बीते दिनों की बात हो गयी।
कहां कही सुनने को मिलता है क्या क्लास है साड़ी और घूँघट में आज जो कहर ढाह सकती है दुनिया में कोई दूसरा ड्रेस नहीं है जो इस तरह कहर ढाह सके।