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लालू प्रसाद यादव दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज हुए

पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज हुए । फिलहाल लालू प्रसाद यादव दिल्ली एम्स में इलाज करा रहे थे।

पिछले दिनों पटना में शिढी से फिसलकर गिरने पर लालू प्रसाद यादव की बॉडी में मल्टीपल फैक्चर आया था। जिसके बाद लालू प्रसाद यादव को पटना के पारस अस्पताल से दिल्ली एम्स एयर एंबुलेंस के जरिए शिफ्ट किया गया था।

LaluPrasadYadav
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दिल्ली एम्स में लालू प्रसाद यादव डॉक्टर की देखरेख में स्वस्थ हो गए हैं। आज लालू प्रसाद यादव को दिल्ली एम से छुट्टी मिल गई।

शनिवार शाम तक लालू प्रसाद यादव दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज होने वाले थे।

लालू प्रसाद यादव हाजीपुर कोर्ट में हुए पेश

लालू प्रसाद यादव हाजीपुर कोर्ट में हुए पेश, 2015 चुनाव में दिए गए बयान पर हुआ था आदर्श आचारसंहिता के उलंघन का मामला दर्ज। आचार संहिता के मामले में हुए पेश, बयान दर्ज।

राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के तेरसिया में 27 सितंबर 2015 को चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद यादव ने बैकवर्ड फॉरवर्ड की लड़ाई की बात कही थी…

तब तत्कालीन सदर सर्किल इंस्पेक्टर ने 29 सितंबर को वीडियो एविडेन्स के आधार पर आचार संहिता का मामला गंगा ब्रिज थाना में दर्ज कराया था..

हाजीपुर व्यवहार न्यायालय में मामला चलने के बाद 23 अप्रैल को अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी के बाद जमानत दी थी..

लालू प्रसाद यादव ने अपने 75वें जन्मदिन पर पार्टी कार्यालय में 75 किलो का केक काटा

आज राजद सुप्रीमो लालू यादव का 75वां जन्मदिन है। लालू प्रसाद यादव ने पार्टी कार्यालय में 75 किलो का केक काटा, लड्डू से बना हुआ 75 किलो का केक।

केक काटने के बाद पुस्तक गरीबों का मसीहा लालू प्रसाद यादव ने विमोचन किया पार्टी कार्यालय में लोहिया कर्पूरी पुस्तकालय तेजस्वी वाचनालय का उद्घाटन किया।

Lalu 75th Birthday

आज राजद सुप्रीमो लालू यादव का 75वां जन्मदिन है

फुलवारिया में जन्मे लालू को देश के उन नेताओं में माना जाता है जिन्हें न सिर्फ प्रशंसक बल्कि विरोधी भी पसंद करते हैं।

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लालू यादव को सदेह उपस्थिति से मिली छूट

लालू यादव को पटना सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है कोर्ट ने लालू यादव के उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें बीमारी को देखते हुए सदेह उपस्थिति से छूट का आग्रह किया गया था।कोर्ट से सुनवाई के बाद उनके संदेह पेशी से छूट दे दिया ।

बांका कोषागार से 46 लाख रुपए की अवैध निकासी मामले में लालू मंगलवार को पटना के CBI की विशेष अदालत MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से सशरीर पेशी से राहत देने की मांग की। इस पर कोर्ट राजी हो गया।

RJD सुप्रीमो ने कहा, “हुजूर… मैं अक्सर बीमार रहता हूं। ऐसे में मुझे पेश होने से राहत दीजिए। मेरे वकील इस मामले को देखेंगे।’ उनकी इस मांग पर कोर्ट ने कहा, “ठीक है अब से आप अपने वकील को तारीख पर भेज दीजिएगा।’

1996 से चल रहा मामला

बांका उपकोषागार से फर्जी विपत्र के सहारे 46 लाख रुपए की अवैध निकासी का मामला 1996 से चल रहा है। इसमें शुरू में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव के अलावा 44 आरोपी थे। फिलहाल 28 लोगों पर केस चल रहा है। आधा दर्जन आरोपियों की मौत हो चुकी है। इसकी सूचना कोर्ट को दी गई है।

राजनीति के गब्बर सिंह हैं लालू, सभी वर्गों को डरा कर किया राज -सुशील कुमार मोदी

राजनीति के गब्बर सिंह हैं लालू, सभी वर्गों को डरा कर किया राज

  • सुशील कुमार मोदी
  • राबड़ी देवी ने मुखिया, प्रमुख के पदों पर बिना आरक्षण दिये कराये थे चुनाव
  • एनडीए ने खत्म किया दहशत का राज, आरक्षण का अधिकार लौटाया
  1. लालू प्रसाद राजनीति के गब्बर सिंह हैं। इनके नाम से अतिपिछड़ा, दलित और व्यवसायी काँपते हैं, क्योंकि उन्हें फिरौती के लिए अपहरण-हत्या, रंगदारी वसूली और नरसंहार की घटनाएँ नहीं भूली हैं।
    बिहार में सियासी गब्बर के डर से शाम होते दुकानों के शटर गिर जाते थे, सिनेमा के नाइट-शो बंद हो गए और रात की शादियों का चलन खत्म हो गया था।
  1. लालू प्रसाद ने “भूरा बाल साफ करो” का नारा देकर ऊँची जाति के लोगों को डराया और जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस वर्ग के गरीबों को 10 फीसद आरक्षण दिया, तब इसका विरोध किया।
    उन्होंने जनता को बाँट कर और डरा कर राज किया। लाठी में तेल पिलावन रैली डर पैदा करने के लिए ही की गई थी।
  2. लालू प्रसाद के लिए सारे दलित भकचोन्हर हैं, इसलिए उन्होंने इस वर्ग को सामाजिक न्याय से वंचित रखा।
    2003 में लालू-राबड़ी राज के दौरान मुखिया, प्रमुख, जिप अध्यक्ष जैसे एकल पदों पर दलितों-अतिपिछड़ों को अारक्षण दिये बिना ही चुनाव कराये गए थे।
  3. वर्ष 2008 में एनडीए सरकार ने पहली बार पंचायतों में एससी-एसटी को 17 फीसद और अतिपिछड़ों के 20 फीसद आरक्षण दिया।
    लालू प्रसाद ने जिन वर्गों के आरक्षण का अधिकार छीन लिया था, उन्हें एनडीए सरकार ने वापस दिलाया।

सुशील मोदी ने लालू पर साधा निशाना कहां सभी मोर्चे पर फेल लालू विकास का हिसाब मांग रहा है

पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने लालू प्रसाद पर एक बार फिर साधा निशाना कहा

पहले सड़कें थीं जर्जर, हास्पीटल बेड पर सोते थे कुत्ते, गांव अँधेरे में

लालू प्रसाद 15 साल के भकचोंधर राज का हिसाब दें

  • सुशील कुमार मोदी
  1. लालू प्रसाद बतायें कि उनके राज में सड़कें जर्जर क्यों थीं और विकास ठप क्यों था?
    उनके मंत्री क्या ‘भकचोंधर’ थे कि कोई बिना सड़क बनवाये अलकतरा घोटाला कर खजाना लूट रहा था, तो कोई बीएड डिग्री घोटाला कर रहा था?
  1. राजद बताये कि उसके समय सरकारी अस्पतालों में गरीबों को डाक्टर-दवाई क्यों नहीं मिलते थे और मरीज के बेड पर कुत्ते क्यों सोते थे?
    लालू-राबड़ी सरकार कितने मेडिकल कालेज, प्रबंधन संस्थान खोलवा पायी और कितने डाक्टरों-नर्सों को नौकरी मिली?
  2. जिनके राज में शहरों को पूरी बिजली नहीं मिलती थी, गांव लालटेन-ढिबरी युग के अँधेरे में डूबे थे और अपराधियों के डर से बाजार शाम के बाद बंद होते थे, उन्हें एनडीए सरकार के विकास पर सवाल उठाने से पहले अपने चौपट भकचोंधर राज का हिसाब देना चाहिए।