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आज से पूरे बिहार में प्रवेशोत्सव की शुरुआत, नौवीं कक्षा में बच्चों का कराया जाएगा नामांकन

सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं क्लास में नामांकन के लिए एक से 15 जुलाई तक प्रवेशोत्सव अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी बच्चों का नामांकन नौवीं कक्षा में सुनिश्चित किया जाएगा।

इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने आदेश दिया है। जिसके आलोक में आज जहानाबाद में डीएम रिची पांडे ने इसकी शुरुआत की। डीएम ने कहा है कि बच्चे और उनके अभिभावकों तक इस विशेष नामांकन अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके लिए हर विद्यालय 2500 रुपये खर्च कर सकेंगे।

प्रवेशोत्सव को सफल बनाने के लिए डीएम ने जागरूकता रथ रवाना किया जिसे कलेक्ट्रेट से हरी झंडी दिखाई गई। डीईओ जिले के बीईओ और हाई स्कूलों के हेडमास्टर के साथ तालमेल बिठाएंगे और उन क्षेत्रों में जागरूकता रथ को भेजा जाएगा।

सभी हाईस्कूल और प्लस-टू के हेडमास्टर अपने क्षेत्र के मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के साथ उत्तीर्ण होने वाले सभी अनामांकित बच्चों की सूची प्राप्त कर रहे हैं। इससे पहले सभी हाईस्कूल और प्लस-टू द्वारा विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति संग विचार-विमर्श हो चुका है।

#BSSC प्रथम इंटर स्तरीय बहाली का रिजल्ट प्रकाशित, चयनित उम्मीदवारों की सूची यहां देखें

छात्र आंदोलन का असर- 8 वर्षों का वनवास हुआ समाप्त – BSSC प्रथम इंटर स्तरीय बहाली का रिजल्ट प्रकाशित ।
28 जून को होने वाले आंदोलन से ठीक पहले ही रविवार देर रात को बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने 2014 की बहाली प्रथम इंटर स्तरीय का मेरिट लिस्ट यानी फाइनल रिजल्ट प्रकाशित कर दिया।

इससे हजारों छात्र- छात्राओं का आठ साल से चला आ रहा वनवास समाप्त हो गया। कुल 11329 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है।

इस बहाली को पूरा करवाने के लिए शुरूआत से ही अभ्यर्थियों के लिए आवाज बुलंद करने वाले एवं आंदोलन करने वाले राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार ने इस बहाली के पूरा होने पर खुशी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि हजारों स्टूडेंट्स को न्याय मिला है।

बिहार में TET की परीक्षा सातवें चरण की बहाली के बाद ही ली जाएगी

बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के खत्म होने की खबरों को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है की बिहार में TET की परीक्षा नहीं होगी, ऐसा नहीं है. बिहार में होने वाले सातवें चरण की शिक्षक बहाली को जल्द पूरा करने के लिए सरकार द्वारा कुछ नया और अस्थायी फैसला लिया गया है।

सातवें चरण की नियुक्ति तक नहीं होगी TET परीक्षा
शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया की फिलहाल बिहार में शिक्षकों के सातवें चरण की नियुक्ति तक कोई TET परीक्षा नहीं होगी. सातवें चरण की बहाली होने के बाद ही अब बिहार में फिर से TET की परीक्षा ली जाएगी. वर्तमान में शिक्षक नियुक्ति के लिए CTET या BTET दोनों में से किसी परीक्षा में उतीर्ण होने पर अभ्यर्थी पात्र हो जाते हैं और नियुक्ति हेतु आवेदन दे सकते हैं.

UPSC 2021 का परिणाम हुआ जारी बिहार के छात्रों ने एक बार फिर लहराया परचम

संघ लोक सेवा आयोग #UPSC2021 का रिजल्ट जारी होने के साथ ही बिहार के अलग अलग हिस्सों से छात्रों के सफल होने की खबर भी आनी शुरु हो गयी है गया।

सबसे बेहतर परिणाम मोतिहारी के पताही प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव निवासी शुभंकर प्रत्यूष पाठक का रहा है जिसका रैंक 11 है। उनके पिता आरके पाठक भारत सरकार में तकनीकी विकास बोर्ड में सचिव हैं। उन्‍होंने IIT धनबाद से बीटेक किया है। वहीं, मुंगेर की अंशु प्रिया यादव को 16वीं रैंक मिला है। उनके पिता शैलेंद्र कुमार यादव सरकारी शिक्षक हैं।

अंशु प्रिया यादव को 16वीं रैंक मिला

पहले ही प्रयास में आशीष ने हासिल किया 23वां रैंक पटना के बिस्कोमान कॉलोनी के रहने वाले आशीष ने 23वां स्थान हासिल किया है। उनका यह पहला अटेम्प्ट था। वह सिटी कॉर्पोरेशन की नौकरी छोड़ तैयारी में जुटे थे। उनके पिता हरेंद्र सिंह शेखपुरा के बरबीघा में ITI कॉलेज का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया, ‘बेटा बचपन से ही मेधावी था। 10वीं और 12वीं बोर्ड में 99% से ज्यादा अंक प्राप्त मिले थे। 12वीं तक की पढ़ाई उसने सरस्वती विद्या मंदिर मरचा-मरची, पटना से की है। स्कूलिंग पूरा करने के बाद उसने IIT की तैयारी की और वो इसमें भी कामयाब रहा। IIT BHU से उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।’

आशीष ने परीक्षा में 23वां स्थान प्राप्त किया

वहीं, कटिहार के अमन को 88वां मिला है। उनके पिता दुर्गा लाल अग्रवाल कटिहार के राज हाता के रहने वाले हैं। नवादा के आलोक रंजन को 346वां स्थान मिला है। वे रोह प्रखंड के गोरिहारी गांव के रहने वाले हैं।

रोहतास के लड़के ने भी मारी बाजी
वहीं, रोहतास के अमन आकाश ने 360वां रैंक प्राप्त किया है। अमन बिक्रमगंज शहर के शांति नगर मुहल्ला के निवासी हैं। इनकी प्रारंभिक शिक्षा बिक्रमगंज के गांधी इंटर स्कूल से हुई है। इसके बाद इंटरमीडिएट सैनिक स्कूल से किया। अमन ने MP में SBI के मैनेजर पद पर कार्यरत रहते हुए यह रैंक हासिल किया है।

मजदूर के बेटे को भी मिली सफलता
मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड के मुकसुदपुर के रहने वाले विशाल कुमार को 484वां रैंक मिला है। विशाल के मजदूर पिता बिकाऊ प्रसाद की मौत के बाद परिवार कर्ज में डूब गया था। मैट्रिक की परीक्षा में जिला टापर रहे, फिर पूर्व DGP अभयानंद के मार्गदर्शन में पढ़ाई की और IIT कानपुर में केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद तैयारी कर रहे थे।

वहीं मुजफ्फरपुर के ही मीनापुर के टेंगराहां के अभिनव कुमार को 146 रैंक मिला है।

146 रैंक लाने वाले अभिनव कुमार

गोपालगंज के दिव्यांश शुक्ला उर्फ गौरव शुक्ला को 153 वा रैंक.मिला है थावे के मौजे वृंदावन के रहने वाले है दिव्यांश शुक्ला।

दिव्यांश शुक्ला उर्फ गौरव शुक्ला को मिला 153 वा रैंक

बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई का साख लगा दाव पर

BPSC प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर आज मुख्य सचिव और बीपीएससी के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बिहार के सभी डीएम के साथ बैठक हुई है जिसमें परीक्षा के स्वच्छ संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है।वही दूसरी ओर आर्थिक अपराध इकाई का अनुसंधान एक जगह आकर ठहर गया है और अब सवाल खड़े होने लगे हैं कि आरा से गिरफ्तारी कही आई वास तो नहीं है।

वही आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार सिंह भले ही प्रश्नपत्र लीक मामले में अपना संवैधानिक दायित्व के निर्वाहन की बात कर रहे हैं लेकिन सवाल यह उठना शुरू हो गया है कि एक आईएएस अधिकारी कैसे खुद कोचिंग चला सकता है और इसके लिए वो सरकार से अनुमति लिए हैं या फिर सर्विस कोड उन्हें यह करने कि अनुमति देता क्या है ।                        

बात पहले आरा से हुई गिरफ्तारी की करते हैं बरहरा के बीडीओ जयवर्धन गुप्ता ,वीर कुंवर सिंह कॉलेज के उप केंद्र अधीक्षक योगेंद्र प्रसाद सिंह, सहायक केंद्र अधीक्षक कुमार सहाय और परीक्षा उप नियंत्रक सुशील कुमार सिंह की गिरफ्तारी पर अब सवाल उठने लगे हैं क्यों कि जो आरोप लगाया जा रहा है कि ये सारे पदाधिकारी छात्रों को मदद करने के लिए दो तीन कमरे में पहले प्रश्न पत्र दे दिया  और अन्य कमरे में प्रश्न पत्र बाटा ही नहीं ।                        

आरा सेंटर पर हंगामा कर रहे छात्रों को समझाते पुलिस

इस संदर्भ में जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार आरा के उस केंद्र पर जितने छात्रों का सेंटर था उतना प्रश्न पत्र बीपीएससी द्वारा मुहैया ही नहीं कराया गया था जैसे ही झात हुआ आरा के उस सेंटर पर मौजूद अधिकारी ने तुरंत इसकी सूचना जिला मुख्यालय स्थिति नियंत्रण कक्ष को दिया।              

नियंत्रण कक्ष तुरंत प्रश्न पत्र भेजने कि बात करते हुए परीक्षा शुरू करने का निर्देश दिया,इसी निर्देश के आलोक में प्रश्न पत्र बांटना शुरू कर दिया गया था लेकिन प्रश्न पत्र जब तक आता तब तक दूसरे कमरे में प्रश्न पत्र का इन्तजार कर रहे छात्रों ने हंगामा शुरु कर दिया।                    

हंगामे की सूचना के बाद जब स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी आरा के उस परीक्षा केन्द्र पर पहुंचा उस समय छात्र चीख चीख कर कह रहा था कि कॉलेज वाले कुछ छात्रों को पहले प्रश्न पत्र देकर मदद पहुंचा रहा है उस समय डीएसपी और अनुमंडल पदाधिकारी मौजूद थे उन्होंने इतने गंभीर आरोप को अनसुना कैसे कर दिया  जबकि आरा पुलिस को एफआईआर दर्ज करके तत्काल छात्रों का बयान लेकर लाभ उठा रहे छात्रों को हिरासत में लेकर जांच उस दिशा में बढ़ानी चाहिए थी लेकिन आरा पुलिस ने ऐसा तो कुछ भी नहीं ।

आरा सेंटर पर मौजूद छात्र क्या कह रहे थे

आर्थिक अपराध इकाई तो घटना के 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज किया है इतने समय तक आरा पुलिस क्यों सोयी रही सवाल उठना लाजमी है ।हालांकि आर्थिक अपराध इकाई ने इन चारों को प्रश्न पत्र लीक मामले में गिरफ्तार नहीं किया है इन्हें सूचना प्रौद्योगिकी कानून और बिहार परीक्षा आचरण कानून, 1981 की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है ।            

प्रश्न पत्र कम होने का मामला सिर्फ आरा में ही नहीं हुआ है बेगूसराय,अरवल सहित बिहार के एक दर्जन से अधिक जिलों में इस तरह प्रश्न पत्र छात्रों की संख्या से कम पहुंचा है और बाद में स्थानीय स्तर पर इसको मैनेज किया गया और यही वजह रही है कि कई जिलों के कई परीक्षा केन्द्र पर 12.45 मिनट पर परीक्षा शुरू हुआ है।          

जानकार बता रहे हैं कि अगर इस तरह की गड़बड़ी हुई है तो इसके लिए आयोग पूरी तरह जिम्मेदार है क्यों कि आयोग को पता है कि जिले के किस परीक्षा केन्द्र पर कितना छात्र परीक्षा दे रहा है और उस हिसाब से उन्हें प्रश्न पत्र मुहैया करना है ।

पटना विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन के लिए पोर्टल आज से खुला

पटना विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन के लिए आज से पोर्टल खोल दिया गया है। छात्र फॉर्म चार जून तक भर सकते हैं, लिखित प्रवेश परीक्षा 18 जून को होगी।

एक ही आवेदन पर छात्र सभी कॉलेजों के लिए योग्य होंगे। नोडल संस्थान बीएन कॉलेज के द्वारा इस संबंध में शनिवार को भी बैठक की गयी थी। बैठक में नोडल संस्थान के द्वारा कुछ गाइडलाइन बनायी गयी है।

बिहार डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के लिए अनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन फीस जमा करने की आखरी तिथी को बढ़ा दिया है

बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने बिहार डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के लिए अनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन फीस जमा करने की आखरी तिथी को अब बढ़ा दिया है।

पहले आवेदन और आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 2 मई 2022 थी, जिसे बढ़ा कर अब 5 मई 2022 कर दिया गया है। जिससे रजिस्ट्रेशन के साथ आवेदन शुल्क जमा करने के लिए अभियार्थियों को और वक्त मिल गया है।

BSEB

वहीं ऑनलाइन भरे गए रजिस्ट्रेशन फॉर्म के आधार पर समिति द्वारा जारी डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि का सुधार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 6 मई तक किया जा सकता है।

क्रिसलय शर्मा ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा कर जहानाबाद जिले का नाम रोशन किया

जहानाबाद जिले के पितांबरपुर निवासी क्रिसलय शर्मा ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड मैं अपना नाम दर्ज करा कर जहानाबाद जिले का नाम रोशन किया है।

दरअसल क्रिसलय शर्मा पेशे से गणित के एक शिक्षक है और गणित से इनका इस कदर लगाव था कि गणित के सवाल को हल करने के लिए 5067 फॉर्मूला संकलित कर लिम्का बुक में नाम दर्ज कराया ।

हालांकि लिम्का बुक के द्वारा उन्हें मेल के माध्यम से अक्टूबर नवंबर के नाम दर्ज होने की सूचना दे दी गई थी लेकिन बीते 3 दिन पूर्व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र और बुक भेजा गया है।

इसको लेकर क्रिसलय शर्मा खुशी का इजहार करते हुए कहा कि कुछ कर गुजरने की तमन्ना ने उन्हें यहां लाकर पहुंचाया है। इस रिकॉर्ड से पूर्व गोल्डन बुक में नाम दर्ज हुआ था।

उन्होंने कहा की उनका अगला लक्ष्य गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में रिकॉर्ड दर्ज कराना है, इस खुशी को उन्होंने अपने छात्रों के साथ शेयर करते हुए केक काटकर सेलिब्रेट किया है क्रिसलय शर्मा के छात्रों ने कहा कि उन्हें काफी गर्व होता है कि ऐसे शिक्षक से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जिन्होंने लक्ष्य को पाने के लिए काफी मेहनत किया।

किसलय आज जहानाबाद में मैथ्स गुरू के नाम से जाने जाते हैं। एक कोचिंग चला रहे हैं जहां छात्रों को मैथ्स पढ़ा रहे हैं। किसलय 9वीं, 10वीं और आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए छात्रों को मैथ्स पढ़ाते हैं। इस उपलब्धि पर कोचिंग के छात्र भी फूले नहीं समा रहे।।B अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक तक पहुंचने की तैयारी 5067 मैथ्स फार्मूले के साथ पहली बार किसलय ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है और उनका सपना है कि वह और मेहनत करके ज्यादा फॉर्मूले के साथ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराएंगे।

कभी क्रिकेट के क्षेत्र में तलाश रहे थे भविष्य, बिहार में क्रिकेट में नहि दिखा करियर, दूसरे प्यार मैथ्स से लगा लिया दिल। अब पूर्व क्रिकेटर किसलय मैथ्स को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। गणितज्ञ के तौर पर वह बिहार से आगे अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाना चाहते है।

NIT पटना ने साल 2022 में लगातार प्लेसमेंट के रिकॉर्ड ब्रेक किए हैं

पटना । फेसबुक, गूगल के बाद अब अमेजन, बर्लिन से सीएसई ब्रांच के छात्र अभिषेक कुमार(22) को 1.08 करोड़ का पैकेज मिला है। NIT पटना ने साल 2022 में लगातार प्लेसमेंट के रिकॉर्ड ब्रेक किए हैं।

अमेजन में इंटरनेशनल लेवल पर पहली बार किसी छात्र का प्लेसमेंट एनआईटी से हुआ है।

अभिषेक ने अमेजन के लिए 14 दिसंबर 2021 को कोडिंग टेस्ट दिया था। 13 अप्रैल को तीन राउंड में एक-एक घंटे के इंटरव्यू हुए। इसके बाद 21 अप्रैल को उन्हें अमेजन, जर्मनी से फाइनल सिलेक्शन का कनफर्मेशन आया।

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2022 का परिणाम जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 12वीं (बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा) का परिणाम जारी किया। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने परिणाम जारी किया।

1325749 परीक्षार्थियों का रिजल्ट मात्र 19 दिनों में प्रकाशित किया गया।
452171 प्रथम स्थान में रहे
51083 एक द्वितीय स्थान एवं
99 550 तृतीय स्थान पर उतर हुए।

विज्ञान संकाय में सौरभ कुमार कुल 472 अंक 94.40% अंक प्राप्त कर पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वाणिज्य में अंकित कुमार गुप्ता 473 अंक 94.60% प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कला संकाय में संगम राज 482 अंक लाकर 96.40% प्राप्त करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इस बार विज्ञान में कुल 79.81%
वाणिज्य में 90.38%
कला संकाय में 79.53% छात्र सफल हुए
लड़कियो ने इस बार बाजी मारते हुए तीनो संकाय में कायदा प्रतिशत रहा।

लड़कियो ने 82.39 लड़को का 78.04%
तीनो टॉपर आर्ट्स में संगम राज गोपालगंज
कॉमर्स में अंकित गुप्ता पटना
विज्ञान में सौरव कुमार नवादा जिला ने बाजी मारी ।

इंटरमीडिएट परीक्षा 2022 के रिजल्ट की घोषणा 16.03.2022 दोपहर 3 बजे की जाएगी।

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 12वीं (बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा) के नतीजे (Bihar Board BSEB 12th Result 2022) की घोषणा 16.03.2022 को की जाएगी।

परीक्षा परिणाम दोपहर 3 बजे होगा घोषित।

शिक्षा मंत्री करेंगे इसकी घोषणा

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2022
बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2022

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने जारी की मैट्रिक परीक्षा की आंसर-की

पटना । बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने जारी की मैट्रिक परीक्षा की आंसर-की।

बोर्ड की ऑफिशियल साइट से छात्र चेक कर सकते हैं प्रश्नों के उत्तर
आपत्ति के लिए 11 मार्च तक समय

10वीं के छात्र ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाकर आंसर-की चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।

एनटीपीसी परीक्षा में धाधली को लेकर छात्रों का हंगामा

राजेंद्र नगर टर्मिनल स्टेशन पर प्रदर्शन के कारण ट्रेन परिचालन में बदलाव

आज दिनांक 24.01.2022 को दानापुर मंडल के राजेंद्र नगर टर्मिनल स्टेशन पर हो रहे प्रदर्शन के कारण कुछ ट्रेनों के परिचालन में निम्नानुसार बदलाव किया गया है:

🔸 24.01.2022 को राजेंद्रनगर टर्मिनल/पटना से प्रस्थान करने वाली ट्रेन जिनका परिचालन रद्द किया गया है:

  1. 12309 राजेंद्र नगर टर्मिनल-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस।
  2. 12393 राजेंद्र नगर टर्मिनल-नई दिल्ली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस ।
  3. 13288 राजेंद्र नगर टर्मिनल-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस ।
  4. 12352 राजेंद्र नगर टर्मिनल-हावड़ा एक्सप्रेस ।
  5. 13201 पटना-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस ।

🔸 परिवर्तित मार्ग से चलायी जाने वाली ट्रेन:-

NTPC परीक्षा में धांधली को लेकर हंगामा
  1. 24.01.2022 को भागलपुर से प्रस्थान करने वाली 12367 भागलपुर-आनंद विहार टर्मिनस विक्रमशिला एक्सप्रेस का परिचालन परिवर्तित मार्ग वाया किउल-गया-पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते ।
  2. 24.01.2022 को दानापुर से प्रस्थान करने वाली 13402 दानापुर-भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन परिवर्तित मार्ग वाया पटना-पाटलिपुत्र-शाहपुर पटोरी-बरौनी-मुंगेर के रास्ते ।
  3. 24.01.2022 को हटिया से प्रस्थान करने वाली 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस का परिचालन परिवर्तित मार्ग वाया पटना-पाटलिपुत्र-शाहपुर पटोरी-बरौनी-मानसी के रास्ते ।

🔸 आंशिक समापन/प्रारंभ कर चलायी जाने वाली ट्रेन:-

  1. 23.01.2022 को नई दिल्ली से प्रस्थान कर 24.01.2022 को इसलामपुर पहुंचने वाली 20802 नई दिल्ली-इसलामपुर मगध एक्सप्रेस का आंशिक समापन पटना जंक्श्न में किया गया ।
  2. 24.01.2022 को इसलामपुर से प्रस्थान करने वाली 18623 इसलामपुर-हटिया एक्सप्रेस इसलामपुर के बदले पटना जंक्श्न से रांची के लिए प्रस्थान करेगी ।

नीट परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक-सुशील मोदी

नीट-पीजी एवं यूजी में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला गरीबों की ऐतिहासिक जीत – सुशील कुमार मोदी

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नीट-पीजी एवं यूजी के ऑल इंडिया कोटा में पहली बार ओबीसी को 27 फीसद और सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों को 10 फीसद आरक्षण देने का फैसला किया था।
    अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों वर्गों के छात्र-छात्राओं को दाखिले में आरक्षण देने के सरकार के फैसले को बहाल रखा।
    इससे मेडिकल के स्नातक और परास्नातक ( यूजी-पीजी) पाठ्यक्रम में नामांकन चाहने वाले 4 हजार से ज्यादा छात्रों को लाभ होगा।
  2. नीट-पीजी एवं यूजी में नामांकन के 15 प्रतिशत केंद्रीय कोटा में आरक्षण देने के फैसले को जब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, तब सरकार ने मजबूती से अपना पक्ष रखा।
    इस मुद्दे पर अदालत का ताजा निर्णय सभी वर्ग के गरीबों के हित में एक ऐतिहासिक विजय है।
  3. सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के लिए पारिवारिक वार्षिक आय की 8 लाख की सीमा को भी स्वीकार किया है।
    इससे नीट-पीजी काउंसलिंग में गतिरोध खत्म होगा।

प्रथम इंटर लेवल परीक्षा के परिणाम को लेकर फिर फंसा पेंच हाईकोर्ट ने आयोग को कहां हलफनामा दायर करने

पटना हाई कोर्ट ने प्रथम इंटर लेवल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2014 के काउंसिलिंग पर याचिका के निष्पादन तक रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए स्टाफ सेलेक्शन कमीशन से हलफनामा दायर करने को कहा है। जस्टिस आशुतोष कुमार ने विनोद कुमार व अन्य की याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट ने स्टाफ सेलेक्शन कमीशन से वर्ष 2014 या वर्ष 2016 में जारी जाति प्रमाण पत्र को ही मांगने से मना किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि इस मामले में प्रतिवादियों द्वारा लिए जाने वाला कोई भी अंतिम निर्णय इस याचिका के परिणाम पर निर्भर करेगा।

याचिका के जरिये बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन द्वारा कॉउंसलिंग के लिए चयनित अनुसूचित जाति – जनजाति, पिछड़े व अत्यंत पिछड़े वर्गों के अभ्यर्थियों से 31 अक्टूबर, 2014 व 13 मार्च, 2016 तक जारी किए गए नॉन क्रीमी लेयर जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर कमीशन के सचिव के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना को रद्द करने को लेकर आदेश देने का आग्रह भी कोर्ट से किया गया था।

याचिककर्ता के अधिवक्ता अलका वर्मा का कहना था कि इस तरह की जानकारी विज्ञापन में नहीं दी गई थी, इसलिए जारी किया गया आदेश पूरी तरह से मनमाना है। 1 सितंबर, 2014 को विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन द्वारा विज्ञापन निकाला गया था।

इस मामले पर अगली सुनवाई फिर 11 जनवरी को की जाएगी।

दरोगा बहाली की प्रक्रिया पर उठा सवाल हाईकोर्ट ने बोर्ड से माँगी रिपोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में हो रहे दारोगा भर्ती परीक्षाओं में शारीरिक दक्षता जांच में हुई गड़बड़ी के आरोपों के मामलें पर बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा भर्ती आयोग को दारोगा भर्ती से जुड़े मूल कागजात व रिकॉर्ड कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है । अखिलेश कुमार व अन्य की ओर से दायर रिट याचिका जस्टिस पी बी बजनथ्री ने सुनवाई की।

याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने कोर्ट को बताया कि दारोगा भर्ती हेतु पीटी व मेंस परीक्षाओं में ये सभी याचिकाकर्ता सफल हुए । उन्हें बोर्ड ने शारीरिक दक्षता जांच के लिए बुलाया था , जो विगत 22 मार्च से 12 अप्रैल 2021 के बीच अलग जगह अलग समय पर होनी थी ।

चूंकि उस वक्त कोरोना की दूसरी लहर फैलने का खतरा मंडरा रहा था , इसलिए कई अभ्यर्थियों ने (जिनमे याचिकाकर्ता भी थे ) शारीरिक दक्षता जांच की तारीख आगे बढ़ाने के लिए अनुरोध किया।इसे आयोग ने स्वीकार करते हुए नया एडमिट कार्ड भी जारी किया।

शारीरिक दक्षता जांच की नई तारीख और नए एडमिट कार्ड जारी होने के बाद अचानक आयोग ने नया जारी हुआ एडमिट कार्ड को रद्द कर दिया । परिणामस्वरुप सभी याचिकाकर्ता शारीरिक दक्षता जांच के मौके से वंचित कर दिए गए । हाई कोर्ट ने इसे मनमानापन मानते हुए आयोग से भर्ती प्रक्रिया के मूल अभिलेखों को प्रस्तुत करने का आदेश आयोग को दिया।इस मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होनी है।

सुपर 30 गरीबों के बीच स्वाभिमानों की रोजगार देने वाली फौज-अभयानंद

जेईई-एडवांस के रिज़ल्ट आ चुके हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बेसब्र बैठा इस दिन का इंतज़ार कर रहा था।

एक बार पुनः बच्चों ने प्रमाण दिया है कि प्रतिभा को कोई भी परिस्थिति बाँध नहीं सकती। बीते वर्ष की विषमता को पराजित कर, सफलता प्राप्त करने वाले हर बच्चे पर मुझे गर्व है।

मेरे मन में संतोष इस बात से है कि यह मात्र उन छात्र-छात्राओं की किसी परीक्षा में सफलता नहीं, अपितु उनके परिवार की प्रगति का पहला कदम है। अभी तो लम्बा सफ़र तय करना है।

मेरे सारे सुपर 30 संस्थानों में कुल 394 बच्चे जेईई-एडवांस में उत्तीर्ण हुए हैं। रहमानी 30 से 50, विभिन्न CSRL सुपर 30 से 328, मगध सुपर 30 से 8 और संगम सुपर 15 भीलवाड़ा से 8 सफल छात्र-छात्राओं की सूची मेरे हाथों में है। सबों को मेरी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

इन परिणाम से साबित होता है कि बेरोज़गारी उन्मूलन का माध्यम शिक्षा से ज्यादा सशक्त और कोई नहीं है। मैंने 2002 में एक सपना देखा था कि गरीब मेधावी बच्चों की एक बड़ी फ़ौज बनेगी जो आने वाले समय में रोज़गार देने की स्थिति में होगी न कि सरकार के सामने याचक बन कर खड़ी, अपने स्वाभिमान को दरकिनार कर गिड़गिड़ाती रहेगी। उस स्वप्न की आकृति दिखने लगी है।

आरा का छोरा अर्णव आदित्य सिंह JEE एडवांस्ड में पूरे देश में 9वां रैंक हासिल किया।

#JEEAdvanced2021: आरा का छोरा अर्णव आदित्य सिंह JEE एडवांस्ड में पूरे देश में 9वां रैंक हासिल किया है। वह भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ईश्वरपुरा गांव के रहने वाले हैं। शुक्रवार को IIT खड़गपुर ने JEE एडवांस्ड 2021 की प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया।राजस्थान मृदुल अग्रवाल ने परीक्षा में 360 में से 348 मार्क्स हासिल टॉप किया है।वही अर्णव आदित्य सिंह 360 में 324 मार्क्स हासिल कर 9 वां स्थान प्राप्त किया है ।

अर्णव के पिता सियाराम सिंह कंप्यूटर इंजीनियर हैं और अर्णव वही रह कर पढ़ाई कर रहा था बिहार न्यूज पोस्ट से बात करते हुए सियाराम सिंह ने कहा कि मैं ‘बेंगलुरु में जॉब करते थे, लेकिन बेटे की फिजिक्स व केमिस्ट्री की पढ़ाई के लिए सपरिवार कोटा शिफ्ट हो गए। उसने वहीं से एक निजी कोचिंग संस्थान से परीक्षा की तैयारी की।

अर्णव के दादा राजनाथ सिंह आरा में वकील हैं। उन्होने कहा कि अर्णव बचपन से ही बहुत पढ़ने में तेज है। वह वैज्ञानिक बनना चाहता है। इसके लिए वह बहुत मेहनत करता है। दादा ने बताया- ‘अर्णव की पूरी पढ़ाई बेंगलुरु से ही हुई है। उसका जन्म चेन्नई में हुआ था। उस समय उनके पिता वहीं रहते थे।

55 देशों के 322 छात्रों में अर्णव को मिला था गोल्ड
अर्णव बचपन से ही मेधावी था ‘कतर के दोहा में 2019 में आयोजित 16वें इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड में अर्णव ने गोल्ड मेडल जीता था। उस दौरान 55 देशों के 322 छात्रों ने उस ओलिंपियाड में भाग लिया था, जिसमें अर्णव को गोल्ड मिला था। इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलिंपियाड के 16 साल के इतिहास में पहली बार भारत के सभी 6 छात्रों को गोल्ड मेडल हासिल हुआ था।

अर्णव ने विलियम जोंस के रिसर्च को ठहराया था गलत
इंडियन सोसाइटी ऑफ फिजिक्स टीचर्स के अध्यक्ष प्रो. विजय सिंह और उनके छात्र अर्णव आदित्य सिंह ने सर विलियम जोंस के 236 साल पहले किए गए दावों को गलत ठहराया था। अर्णव और प्रो सिंह का कहना था- ‘करीब 236 साल पहले प्रसिद्ध ओरिएंटलिस्ट और एशियाटिक सोसाइटी के संस्थापक सर विलियम जोंस ने भागलपुर से भूटान के माउंट जोमोल्हरी चोटी को नहीं बल्कि कंचनजंघा को देखा होगा।

उनका कहना था- “लॉकडाउन के दौरान वायुमंडल में हानिकारक कणों के घनत्व में गिरावट और हवा साफ होने से भारत के उत्तरी मैदानी भाग से हिमालय के कई चोटियां देखी गई थीं। यह दावा किया कि माउंट जोमोल्हरी 7326 मीटर ऊंचा है। इसके शिखर से अधिकतम दूरी 216 KM तक देखी जा सकती है। जबकि, माउंट जोमोल्हरी शिखर और भागलपुर के बीच की दूरी 366 किलोमीटर है।

पूर्णिया से भी 1790 में माउंट जोमोल्हरी और हिमालय की कुछ चोटियों के दृश्य देखने की बात विलियम जोंस के उत्तराधिकारी रहे हेनरी कॉल ब्रिज ने कही थी। कोलब्रुक के पूर्णिया आधारित टिप्पणियों का विश्लेषण कर प्रो सिंह और अर्णव ने पाया था कि विलियम जोंस द्वारा देखी गई चोटी कंचनजंघा रही होगी।

हाईकोर्ट ने टीईटी एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षकों को प्रधान शिक्षक की परीक्षा में शामिल होने कि दी अनुमति

टीईटी /एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षको को अंतरिम राहत देते हुए पटना हाईकोर्ट ने उन्हें शर्तो के साथ प्रधान शिक्षक की परीक्षा देने की अनुमति दे दी है | टीईटी /एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया |

याचिकाकर्ता संघ द्वारा प्रधान शिक्षक नियुक्ति नियमावली को भ्रामक बता कर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। साथ ही इस नियमावली में सुधार की मांग की है |

याचिकाकर्ता संघ ने प्रधान शिक्षक की नियुक्ति के लिए टीईटी को अनिवार्य करने की मांग करते हुए कहा है कि जब शिक्षक बनने के लिए भी टीईटी अनिवार्य है, तो देश के अन्य राज्यों की भांति प्रधान शिक्षक बनने के लिए भी टीईटी लागू करना चाहिए ।

मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ ने टीईटी एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षकों संघ को अंतरिम राहत देते हुए याचिकाकर्ताओं को प्रधान शिक्षक की परीक्षा देने की इस शर्त के साथ अनुमति दे दी है कि परीक्षा का परिणाम इस याचिका पर कोर्ट के अंतिम फैसले पर लागू होगा। याचिकाकर्ता कोर्ट के फैसले से पहले किसी भी अधिकार का दावा नहीं कर सकेंगे।

कोर्ट ने राज्य सरकार को।तीन सप्ताह मे हलफनामा दायर कर जवाब देने का निर्देश दिया है। इस मामले।पर 2 नवंबर,2021 को फिर सुनवाई की जाएगी।