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दुल्हन को लेकर पटना पहुँचा तेजस्वी

नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव शादी करने के बाद पहली बार लालू आवास पहुंचे और मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए उन्होंने कहा कि हमने बहुत ही सरल तरीके से शादी की और हम लोग 4 दिनों के अंदर बहुभोज के डेट को लेकर आप लोगों को बताएंगे।

शादी के बाद तेजस्वी लौटा पटना
पटना पहुंचे तो क्या बोला तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि उनका असल नाम राजश्री है और उन्होंने इस नाम को खुद चुना है कि लोगों को हमें भुलाने में दिक्कत ना हो।

शादी पर दिल खोल कर बोले तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने कहा कि जिन लोगों ने भी उन्हें बधाई दी है हम सबका आप के माध्यम से धन्यवाद करते हैं तेजस्वी यादव ने कुछ लोगों की परिवारिक नाराजगी पर कहा कि हम सभी लोगों का सम्मान करते थे और सम्मान करते हैं।

तेजस्वी ने कहाँ शादी दो परिवारों का मिलन है

तेजस्वी के शादी की अटकलो पर लगा विराम बचपन की मित्र रेचल से रचाई शादी

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सिर आज सेहरा सज गया है। गुरुवार सुबह से ही दिल्ली के साकेत स्थित मीसा भारती के सैनिक फार्म हाउस पर समारोह हो रहा है। सगाई के बाद जयमाला हो चुका है।

तेजस्वी की शादी पर राजद कार्यालय में जश्न का माहौल

अब तेजस्वी यादव अपनी होने वाली अर्धांगिनी रेचल के साथ सात फेरे लेंगे। कार्यक्रम की तस्वीर जारी हो चुकी है। तेजस्वी और रेचल के साथ स्टेज पर बहन मीसा भारती भी दिख रही हैं।

तेजस्वी यादव और उनकी होने वाली दुल्हन रेचल की दोस्ती 7 साल पुरानी है। वह चंडीगढ़ के व्यवसायी की बेटी हैं और हरियाणा की रहने वाली हैं।

तेजस्वी यादव और उनकी प्रेमिका की दोस्ती बचपन की है। दोनों साथ में DPS, आरके पुरम में पढ़ते थे। वहीं, 2014 से करीब आ गए थे। दोस्ती प्यार में बदल गयी ।

प्रदेश अध्यक्ष ने तेजस्वी को इस अंदाज में दी बधाई

जहरीली शराब मौत मामले में तेजस्वी ने फिर सरकार पर बोला हमला

नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव ने एक बार फिर जरिए शराब से मौत पर सरकार पर जमकर निशाना साधा है तेजस्वी यादव ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि शराबबंदी का ढोंग करने वाले संवेदनहीन मुखिया चुप क्यों हैं क्योंकि मिलीभगत जो है नीतीश सरकार की अवैध शराब के कारोबार मे तस्करी में सीधी एव प्रत्यक्ष लिखता है

तेजस्वी यादव ने तंज कसा है कि क्या यह सच्चाई नहीं है कि कारणों से शराब की बिक्री हो रही है क्या यह सच नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारियों और सत्ताधारी नेताओं तक कमीशन नहीं पहुंच रहा है क्या यह सच नहीं है कि कुछ आसरा माफियाओं के मुख्यमंत्री आवास में सीधी पहुंच नहीं है क्या यह यथार्थ नहीं है शराबबंदी के नाम पर मुख्यमंत्री के द्वारा की गई हजारों समीक्षा बैठक का अब तक कोई परिणाम नहीं निकला जबकि या बैठक तस्करों को प्रोत्साहित करने वाला ही साबित हुआ है

विधान सभा उप चुनाव को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर हुआ तेज जदयू ने भी किया पलटवार

बिहार विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गया है राजद नेता तेजस्वी ने मीडिया से बात करते हुए कहां कि जनता अपना फैसला तय कर चुकी है। लड़ाई किसी पार्टी के बीच नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच है।न्‍होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा-जदयू के नेता चुनाव प्रचार की समयसीमा खत्‍म होने के बाद भी तारापुर और कुशेश्‍वरस्‍थान में जमे हुए हैं। सत्‍ताधारी दल चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश में जुटे हुए हैं। वोटरों को गुमराह करने के लिए साड़‍ियां बांट रहे हैं और प्रलोभन दे रहे हैं।

तेजस्‍वी ने कहा कि मतदान के दौरान बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति होनी चाहिए। बिहार की पुलिस जदयू की कार्यकर्ता की तरह व्‍यवहार कर रही है। उन्‍होंने अधिकारियों पर भी पक्षपात करने का भी आरोप लगाया। तेजस्‍वी ने डीएसपी स्‍तर के एक अधिकारी को शिकायत के बाद चुनाव आयोग के स्‍तर से हटाए जाने का जिक्र करते हुए बाकी अफसरों को चेतावनी भी दी।उन्‍होंने कहा कि मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायत मिली तो वे हेलीकाप्‍टर से मौके पर पहुंच जाएंगे।

तेजस्वी के इस बयान पर जदयू के प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा कि उनके पास जो भी शिकायतें या वीडियो है वह लेकर चुनाव आयोग के पास जाए,निखिल मंडल से जब यह पूछा तेजस्वी यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में सरकार चली गई किसी को पता था क्या इस पर निखिल मंडल ने कहा कि उनका फिजिक्स केमेस्ट्री मैथमेटिक्स तीनों खराब है वह नवमी पास है उन्होंने यह भी कहा कि पहले तो वह जीत ही नही रहे हैं और अगर जीत भी जाते हैं तो 121 काआंकड़ा कहा से पार करेंगे।

वही हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि हार देख कर तेजस्वी बौखला गये हैं नीतीश कुमार काम पर विश्वास करते और बिहार की जनता उनके साथ है ।

बेरोजगारी के मुद्दे पर तेजस्वी ने नीतीश पर साधा निशाना कहां गुमराह कर रहे हैं बिहार के युवाओं

तेजस्वी ने आज फिर नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहां कि नीतीश कुमार सिर्फ बोलते हैं रोजगार को लेकर चुनाव में बड़े बड़े वादे किये थे लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किये हैं उलटे इनसे जो रोजगार की बात कर रहे हैं उन्हें जेल भेजवाने का काम कर रहे हैं।

नीतीश कुमार पर तेजस्वी का बड़ा हमला इस बार विर्सजन तय है

मेरी पार्टी गांधी मैदान में बेरोजगारी को लेकर एक रैली आयोजित करने जा रही है जनवरी या फरवरी में रैला का होगा आयोजन होगा और उसमें नीतीश कुमार से हिसाब मांगा जाएगा ।

तेजस्वी यादव ने नीतीश पर साधा निशाना कहां देश के सबसे सरे मुख्यमंत्री है नीतीश कुमार

प्रचार अभियान से लौटने बात मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी प्रसाद ने कहा कि कल लालू प्रसाद यादव की कुशेश्वरस्थान और तारापुर में 6 साल के बाद किसी जनसभा को संबोधित करेंगे और यह जनसभा ऐतिहासिक होगी।और हम लोग दोनों सीट बड़े बहुमत से जीत रहे हैं ।

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार देश के सबसे सरे हुए मुख्यमंत्री हैं जो ना तो महंगाई पर बात करते हैं ना भ्रष्टाचार पर बात करते हैं।उन्होंने कहा कि हम निश्चिंत हैं और दोनों स्थानों पर जनता का भारी प्यार मिल रहा है है यह लोग तो हवा मार्ग से जा रहे हैं कम से कम इनको कुशेश्वरस्थान में सड़क पर चलनी चाहिए और देखनी चाहिए।

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि आज तक मुख्यमंत्री ने हमारी एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया विधानसभा में मैंने कई सवाल उठाए थे लेकिन आज तक मुख्यमंत्री ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया

उप चुनाव नीतीश ,तेजस्वी ,चिराग और कन्हैया के लिए अग्नि परीक्षा है

हालांकि बिहार विधानसभा का उपचुनाव मात्र दो सीटों पर है लेकिन उपचुनाव के परिणाम का प्रभाव बिहार की राजनीति में दूरगामी पड़ेगा यह तय है। नीतीश का साख दाव पर है, वहीं तेजस्वी के तेज का भी परीक्षा है, चिराग बुझेगा या जलेगा यह भी तय हो जायेगा, वही कन्हैया कांग्रेस के लिए तुरुप का एक्का साबित होगा कि नहीं यह भी तय होगा। उप चुनाव में जिस तरीके से धनबल का इस्तेमाल शुरू हुआ है ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह उप चुनाव बिहार के चुनावी इतिहास में सबसे महंगा लड़े जाने वाला चुनाव होगा ।

1उप चुनाव नीतीश ,तेजस्वी ,चिराग और कन्हैया के लिए अग्नि परीक्षा है 
  चुनाव तो मात्र दो सीटों के लिए हैं लेकिन इन दो सीटों के परिणाम का बिहार की राजनीति पर बड़ा असर पड़ेगा  नीतीश कुमार के लिए दोनों सीट जीतना बाढ़ के लोकसभा चुनाव जीतने से कम महत्वपूर्ण नहीं है. इसी तरह राजद अगर ये दोनों सीट जाता है तो बिहार में तख्तापलट की गुंजाइश बढ़ सकती है .वही चिराग दोनों सीटों पर जदयू को हराने में कामयाब हो गया तो फिर आने वाले समय में चिराग बिहार की राजनीति में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर कर सामने आ सकता है ।

यही स्थिति कन्हैया की भी है बिहार में कांग्रेस और राजद के बीच जो तल्खी देखी जा रही है उसकी वजह कही ना कही कन्हैया है ऐसे में कन्हैया के सामने चुनौती है कि वह राजद के एम समीकरण में सेंध लगाने में कामयाब रहा तो आने वाले समय में कांग्रेस राजद के साथ आमने सामने बैठ कर बात कर सकती है।

2–बिहार का सबसे महंगा चुनाव लड़ा जा रहा है 
 बिहार के चुनावी इतिहास में यह सबसे महंगा चुनाव है जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है खर्च की सीमाएँ टूटती जा रही है ।   राज्य सरकार का पूरा मंत्रिमंडल तारापुर और कुशेश्वर स्थान में कैप किये हुए हैं ,सारा विधायक ,पूर्व विधायक और पार्टी के पदाधिकारी मोर्चा में डटे हुए हैं. दोनों क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल है। तारापुर तो आँनरोड है और पास में रहने की बेहतर व्यवस्था भी उपलब्ध है,लेकिन कुशेश्वर स्थान जहां आज भी रहने खाने का बेहतर व्यवस्था उपलब्ध नहीं है और बाजार 500 मीटर में सिमटा हुआ है वहां का नजारा देखने वाला है शाम के समय बाजार में सोमवारी पर्व जैसा माहौल दिखता है जिधर देखिए पजामा कुर्ता वाले ही दिखायी देगें 

 हर ब्रांड उपलब्ध है और ब्रांड बेचने वालो की तो चांदी है समस्तीपुर ,दरभंगा ,खगड़िया ,सहरसा और मधुबनी से जुड़े बड़े कारोबारी कुशेश्वरस्थान में ही कैप कर रहा है ,माल पहुंच गया है पार्टी के झंडा के आर में बहुत खेला हुआ है ,अब माल को गांव गांव में पहुंचाया जा रहा है। हालांकि ये इलाका पहले से ही इस मिजाज का रहा है हां ये सही है कि देशी वाला भी आज कल विदेशी ब्रांड से कम पड़ बैठने को तैयार नहीं है।   बाढ़ के फिर से लौट आने के कारण मछली की कोई कमी नहीं है हर घर में व्यवस्था पूरा टाइट है।  

 कल कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास से मिलने कांग्रेस के एक विधायक कुशेश्वर स्थान चले आए थे उनकी ड्यूटी तिलकेश्वर थाना क्षेत्र के एक पंचायत में लगाया गया था जैसे ही प्रभारी का ध्यान उस विधायक पर पड़ा गरज पड़े अरे आप पंचायत छोड़ कर यहां क्या कर रहे हैं ,सर नाव के अलावे वहां कोई और साधन उपलब्ध नहीं है दो दो घंटा नाव पर ही आना जाना होता है अब छोड़ दिया जाये सर, ठीक है तो आप विधायकी से रिजाइन दीजिए।ये स्थिति कांग्रेस का है हर पंचायत में कांग्रेस के विधायक ,पूर्व विधायक और पार्टी के सांसद ,पूर्व सांसद और पार्टी पदाधिकारी कैंप कर रहे हैं ।

 कांग्रेस की ये स्थिति है तो आप अंदाजा कर लीजिए जदयू और राजद के कैंप में क्या स्थिति होगी जदयू और राजद का कुशेश्वर स्थान में दो सौ से अधिक विधायक ,पूर्व विधायक ,विधान पार्षद और पूर्व विधान पार्षद के साथ साथ पार्टी के पदाधिकारी मौजूद है। इस चुनाव में सबसे कमजोर उम्मीदवार वाली पार्टी भी अपने उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए 50 लाख रुपया दिया है।तारापुर में राजद प्रत्याशी के लिए पूरे बिहार से वैश्य समाज का चंदा पहुंचना शुरू हो गया है ,इस बार जदयू भी किसी मौर्चे पर  पीछे नहीं है दोनों जगह एक एक मंत्री को विशेष तौर पर प्रभार दिया गया है ।  

 अभी जो चर्चा है इस बार एक बूथ पर दस हजार रुपया चुनाव के दिन खर्च के लिए दिया जायेगा तीनों दलों में कम्पीटीसन शुरू है कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी में एक प्रत्याशी  आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है लेकिन पैसे की कोई कमी ना हो इसके लिए  पार्टी ने दो बड़े कारोबारी को कुशेश्वर स्थान में चुनाव तक बिठा दिया है कल से वो भी बोरा खोलना शुरु कर दिये हैं।  इतने बड़े स्तर पर विधानसभा चुनाव में वोट खरीद की तैयारी पहले कभी देखने को नहीं मिला है सबका फोकस कुशेश्वर स्थान ही है जहां तैयारी यह चल रही है कि इतना जाम छलके की लोग वोट देना ही भूल जाये ।

 3क्यों सभी राजनीतिक दल अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है 
 इसकी बड़ी वजह यह है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जिस तरह का मैन डेड जनता ने दिया है उस वजह से एक एक विधायक महत्वपूर्ण हो गया है दोनों सीट पर जदयू चुनाव लड़ रहा है और दोनों सीट पर पहले जदयू का कब्जा भी था जदयू इस बार तीसरे नम्बर पर चली गयी है ऐसे में ये दोनों सीट उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है हार हुई तो सरकार गिरे ना गिरे नीतीश और कमजोर होगा इसलिए पार्टी अपना सब कुछ दाव पर लगा दी है ।

 यही स्थिति राजद का है राजद अगर दोनों सीट जीत जाती है तो राजद नीतीश पर और हमलावर हो जाएगा और इस स्थिति में सरकार अस्थिर भी सकती है इसलिए राजद अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है यहां तक कि बीमार चल रहे लालू प्रसाद भी 27 को चुनाव प्रचार में तारापुर और कुशेश्वर स्थान जा रहे हैं ।

कांग्रेस राजद से अलग चुनाव लड़ने का फैसला लिया है और इस फैसले को मजबूती कैसे मिले इसके लिए 1989 के बाद पहली बार कांग्रेस अपने पूरे संसाधन को झोंक दिया है हालांकि बिहार प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश नेता कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले में पलीता लगाने की पूरी कोशिश में लगा है लेकिन तारापुर और कुशेश्वर स्थान में कांग्रेस के जो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं उसमें खास करके अशोक राम का पूरा राजनीतिक करियर दाव पर लगा हुआ है सम्मान जनक वोट नहीं आया तो फिर 1980 से जो उनकी राजनीति चली आ रही है उस पर विराम लग जाएगा इसलिए वो भी पूरे संसाधनों के साथ मैदान में डटे हुए हैं ।

 तारापुर से जो कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहा है वो भी अपने काम के बल पर 2020 के विधानसभा चुनाव में 12 हजार से अधिक वोट निर्दलीय ले आया था इस बार कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं संसाधन की कोई कमी नहीं है और पार्टी भी मदद में खड़ी है झारखंड के एक मंत्री को विशेष तौर पर जिम्मेवारी दी गयी है ।

चिराग  बिहार की राजनीति में बने रहे इसके लिए ये दोनों चुनाव बहुत महत्व रखता है तारापुर में उसके उम्मीदवार राजपूत और पासवान वोटर के सहारे मजबूती जताने कि कोशिश में लगा है पिछले चुनाव में भी सात हजार से ज्यादा वोट लोजपा को आया था उस बार वोट बढ़ सकता है इस सम्भावना को देखते हुए यहां लोजपा सब कुछ झोक दिया है कुशेश्वर स्थान तो रामविलास पासवान का ननिहाल ही है लेकिन जदयू से जो खड़ा है वो भी रामविलास पासवान का रिश्तेदार ही है ऐसे में चिराग के सामने बड़ी चुनौती यह है कि यहां ज्यादा से ज्यादा पासवान वोट में डीभीजन करा दे 2020 के चुनाव में भी लोजपा प्रत्य़ाशी को 12 हजार से ज्यादा वोट आया था इसलिए यहां चिराग लगातार कैंप कर रहे हैं ।  मतलब यह उप चुनाव बिहार की राजनीति किस करवट लेगी उसका भविष्य तय कर सकता है कन्हैया की भी प्रतिष्ठा दाव पर है इसलिए हर पार्टी अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है।