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Posts tagged as “#sushilmodi”

सुशील मोदी का लालू पर सीधा हमला, कहा परिवार की पार्टी है राजद

पटना । 27.05.2022 । बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है राजद के लिए भ्रष्टाचार, परिवारवाद, नैतिकता तो कोई मुद्दा ही नहीं है। राजद परिवार से बाहर निकल ही नहीं सकता है। परिवार में ही किसी दूसरी बहन को देते, परन्तु भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जिन पर हैं उन्हें पुनः राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया।

• ए टू जेड की बात करने वाले माई समीकरण से बाहर नहीं निकल सकते
• राजद के राज्यसभा में अब छह में से तीन जेल रिटर्न और एक बेल पर
• ऐसी पार्टी सत्ता में आ गई तो बिहार का क्या होगा?

मोदी ने कहा कि राजद लाख ए टू जेड की बात कर ले, परंतु न तो वह माई से बाहर निकल सकता है और ना ही परिवार
से। राज्यसभा में टिकट का मौका आया तो बाबा और जगता बाबू को दरकिनार कर परिवार और माई को ही तरजीह मिली।

मोदी ने कहा कि बाबा को नहीं बनाया तो समझ में आ सकता है क्योंकि लालू जी की दुर्दशा के लिए बाबा ही जिम्मेवार हैं। परंतु जगता बाबू जिन्होंने लालू जी के जेल जाने के बाद खडाऊं को ईमानदारी से संभाल कर रखा और जो पार्टी का अध्यक्ष के रूप में बेहतर काम कर रहे हैं उन को अपमानित कर राज्यसभा नहीं भेजा।

मोदी ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद ने 144 में 76 टिकट माई समीकरण को दिया। भूमिहार को एक और कुर्मी को भी मात्र एक टिकट दिया। वही माई के एम को 18 और वाई को 58 टिकट दिया।

मोदी ने कहा कि अब लालू परिवार के 4 सदस्य संसद और विधान मंडल में है। राज्यसभा के 6 में से तीन सदस्य जेल रिटर्न (प्रेमचंद गुप्ता, अशफाक करीम, अमरेंद्र धारी सिंह) है, एक चार्जशीटेड हैं और बेल पर हैं और 4 धन पशु हैं जिनकी योग्यता केवल धन है।

मोदी ने कहा कि ऐसी पार्टी 15 साल सत्ता में थी तो लोगों ने देखा है और यदि पुनः गलती से लौट आए तो बिहार का क्या होगा?

बिहार में किसी नई राजनीतिक मुहिम का कोई भविष्य नहीं – सुशील कुमार मोदी

पटना । प्रशांत किशोर के नई पार्टी के गठन पर सुशील मोदी की प्रतिक्रिया बिहार में कोई भविष्य नहीं है।

  1. बिहार में मुख्यधारा के चार दलों के अलावा किसी नई राजनीतिक मुहिम का कोई भविष्य नहीं है।
    लोकतंत्र में किसी को भी राजनीतिक प्रयोग करने या दल बनाने की पूरी आजादी है, इसलिए देश में सैंकड़ो दल पहले से हैं। अब इस भीड़ में यदि कोई अतिमहत्वाकांक्षी व्यक्ति एक नई नहर बनाना चाहता है, तो इससे सदाबहार नदियों को क्या फर्क पड़ेगा?
  1. जनता के मन-मस्तिष्क में गहरे स्थापित किसी राजनीतिक दल के लिए चुनावी रणनीति बनाना, नारे-पोस्टर, घोषणापत्र आदि बनाने में किसी पार्टी की मदद करना या इस अभियान को बहुत पेशेवर ढंग से पूरा कर लेना एक बात है, लेकिन करोड़ों लोगों की आकांक्षा पर खरे उतरने वाली राजनीति करना बिल्कुल अलग बात है।
prashant and sushil modi

जिनको वर्षों तक अलग-अलग पार्टी के साथ अलग-अलग राज्यों में काम के बावजूद जनता के मुद्दे समझ में नहीं आये, वे अब अकेले क्या तीर मार लेंगे?

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी रहेगी सरकार – सुशील मोदी

पटना, सोमवार, दिनांक 25.04.2022 : नीतीश कुमार को जनादेश 2025 तक, सरकार पूरा करेगी कार्यकाल – सुशील कुमार मोदी

1.बिहार में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने में लगा हताश विपक्षजब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि बिहार में एनडीए सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही कार्यकाल पूरा करेगी, तब भी यह झूठ फैलाते रहना थेथरोलाजी है कि भाजपा बीच में ही अपना मुख्यमंत्री बनवाना चाहती है।

मुख्यमंत्री को लेकर निराधार अटकलबाजी जारी रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस शरारत का कुछ असर विधानसभा के बोचहां उपचुनाव पर भी पड़ा होगा।

2.बिहार विधानसभा का 2020 का चुनाव एनडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट मांगते हुए लड़ा था। लोगों ने इस पर भरोसा किया।

जब एनडीए को नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करने का जनादेश 2025 तक के लिए है, तब किसी किंतु-परंतु के साथ बीच में बदलाव का कोई सवाल ही नहीं है।

3.विपक्ष के पास नीतीश सरकार के विरुद्ध न कोई ठोस मुद्दा है, न सदन में संख्या बल है और न लालू-राबड़ी राज की विफलताओं के कारण उनके पास आलोचना का कोई नैतिक बल ही है।

ऐसे में वे नीतीश कुमार के पद से हटने की तरह-तरह की बेततुकी अटकलों को हवा देकर सिर्फ राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।

राबड़ी के बहाने सुशील मोदी ने ठाकरे पर साधा निशाना

महाराष्ट्र पुलिस ने किया राबड़ी देवी का अपमान, उद्धव ठाकरे से बात करें लालू-सुशील कुमार मोदी

पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति पूरा सम्मान, उनसे किसी मराठी की तुलना अपमान कैसे?

  1. महाराष्ट्र में भाजपा सोशल मीडिया सेल के प्रभारी ने यदि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे को “मराठी राबड़ी देवी’ कहा और इसे ‘अपमान’ या ‘गाली’ मान कर वहां की पुलिस ने कार्रवाई की, तो राजद को कांग्रेस, शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार से अपना विरोध प्रकट करना चाहिए।
    ठाकरे सरकार बताये कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री का नाम क्या कोई असंसदीय शब्द है?
  1. भाजपा जानना चाहती है कि क्या महाराष्ट्र पुलिस राबड़ी देवी जी को ऐसी सम्मानित महिला नहीं मानती, जिससे किसी मराठी की तुलना की जा सके ?
    राबड़ी देवी का अपमान वह महाराष्ट्र पुलिस कर रही है, जिसने सुशांत सिंह राजपूत के मामले में लीपापोती की और जिस पर 100 करोड़ रुपये महीने की अवैध वसूली के दाग लगे हैं।
  2. राबड़ी देवी से भाजपा के राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं और भले ही उन्होंने कभी बिहार के एक राज्यपाल के प्रति अमर्यादित शब्दों का प्रयोग भी किया हो, लेकिन हमारी पार्टी सदा उनका सम्मान करती है।
    यदि हिम्मत है तो लालू प्रसाद इस मुद्दे पर सोनिया गाँधी या उद्धव ठाकरे से बात करें।
    राजद बेवजह भाजपा को निशाना बना रहा है।