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Bihar Nagar Nikay Chunav Results: बिहार में निकाय चुनाव के नतीजे घोषित हो गए; BJP-RJD ने उनके द्वारा समर्थित उम्मीदवारों के जीतने का दावा किया

Bihar Nagar Nikay Chunav Results: बिहार में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के अधिकांश नतीजे घोषित हो गए हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने दावा किया है कि अधिकांश सीटों पर उनके उम्मीदवार विजयी हुए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को दावा किया कि बिहार में उसके द्वारा समर्थित ज्यादातर उम्मीदवार नगर निकाय चुनाव जीत गये हैं। शुक्रवार को मतगणना के दौरान चुनाव के नतीजे आने शुरू हुए। ऐसे कई उम्मीदवारों ने भी विभिन्न पदों पर जीत दर्ज की है जिनके बारे में समझा जाता है कि वे सत्तारूढ़ महागठबंधन द्वारा समर्थित हैं।

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने कहा, ‘नगर निकाय के चुनाव का नतीजा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लोगों ने बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार को नकार दिया है।

Bihar Nagar Nikay Chunav

पटना, मुजफ्फरपुर, कटिहार, सिवान और सारण समेत कई नगर निगमों में कई भाजपा समर्थित ज्यादातर उम्मीदवार महापौर और उपमहापौर के पद जीत गये हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने कहा कि राज्य में नगर निकाय चुनाव राजनीतिक दल की तर्ज पर नहीं हुए और किसी उम्मीदवार की जीत को किसी राजनीतिक दल की जीत घोषित नहीं किया जा सकता है। वैसे तो कई स्थानों पर मतों की गिनती अभी चल ही रही है लेकिन सीता साहू ने पटना नगर निगम की महापौर के रूप में वापसी की है।

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‘भाजपा समर्थित साहू’ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मजाबी को 18,529 मतों के अंतर से हराया। अन्य उम्मीदवार चंद्रवंशी ने अंजना गांधी को 5,251 मतों से हराकर उपमहापौर का पद जीता। इस बार महापौर और उपमहापौर के पदों के लिए चुनाव सीधे आम जनता के मतों द्वारा किया गया।

पहले इन पदों पर वार्ड पार्षद के मतों से लोग निर्वाचित होते थे। कई नेताओं के करीब रिश्तेदारों ने चुनाव लड़ा जबकि कई ने सत्तारूढ़ या विपक्षी गठबंधन के समर्थन का दावा किया।

बिहार में नगरपालिका का चुनाव सितंबर-अक्टूबर में हो सकता है

पटना । राज्य में नगरपालिका का चुनाव सितंबर-अक्टूबर में हो सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने 248 नगरपालिकाओं में चुनाव के मद्देनजर मतदानकर्मियों की व्यवस्था, मतदान दल के गठन और उनकी ट्रेनिंग को लेकर सभी प्रमंडलीय आयुक्तों व डीएम को मंगलवार को पत्र लिखा है।

ऐसे में यह माना जा रहा है कि आयोग इस महीने के अंत तक चुनाव की घोषणा कर सकता है।

चुनाव आयोग ने शनिवार को 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया।

चुनाव आयोग ने शनिवार को 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया और इसके साथ ही इन पांच राज्यों में आज से आदर्श आचार संहिता लागू हो गया । उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में 7 चरणों में चुनाव होगा।

शुरुआत 10 फरवरी को उत्तर प्रदेश से होगी। सभी राज्यों के चुनावों के नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।

चुनाव आयोग ने कहा कि कोरोना के बीच 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में सख्त प्रोटोकॉल का पालन कराया जाएगा। 15 जनवरी तक किसी भी तरह के रोड शो, रैली, पद यात्रा, साइकिल और स्कूटर रैली की इजाजत नहीं होगी। वर्चुअल रैली के जरिए ही चुनाव प्रचार की इजाजत होगी। जीत के बाद किसी तरह के विजय जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि देश में 5 राज्यों की 690 विधानसभाओं में चुनाव कराए जाएंगे। 18.34 करोड़ मतदाता चुनाव में हिस्सा लेंगे। कोरोना के बीच चुनाव कराने के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। सभी चुनाव कर्मियों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होगी। जिन्हें जरूरत होगी, उन्हें प्रिकॉशन डोज भी लगाई जाएगी।

5 राज्यों के विधानसभा चुनाव का शेड्यूल

पहला चरण: 10 फरवरी
उत्तर प्रदेश
दूसरा चरण: 14 फरवरी
उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा
तीसरा चरण: 20 फरवरी
उत्तर प्रदेश
चौथा चरण: 23 फरवरी
उत्तर प्रदेश
पांचवा चरण: 27 फरवरी
उत्तर प्रदेश, मणिपुर
छठवां चरण: 3 मार्च
उत्तर प्रदेश, मणिपुर
सातवां चरण: 7 मार्च
उत्तर प्रदेश

नतीजे: 10 मार्च

अब तक की बड़ी बातें

  1. कोरोना के बीच चुनाव चुनौतीपूर्ण-नए कोविड प्रोटोकॉल लागू होंगे।
  2. कोरोना संक्रमित भी वोट डाल सकेंगे- मरीजों को पोस्टल बैलेट की सुविधा।
  3. 16% पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं। 2.15 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बने हैं।
  4. एक पोलिंग स्टेशन पर मैक्सिमम वोटर्स की संख्या 1500 से 1250।
  5. चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाई गई, बड़े राज्यों में अब 40 लाख रुपए।
    राजनीतिक दलों के लिए गाइडलाइंस
  6. सभी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
  7. दलों को अपने उम्मीदवारों की आपराधिक रिकॉर्ड की घोषणा करनी होगी।
  8. उम्मीदवार को भी आपराधिक इतिहास बताना होगा।
  9. यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में 40 लाख रुपए हर कैंडिडेट खर्च कर पाएगा।
  10. मणिपुर और गोवा में यह खर्च सीमा 28 लाख रुपए होगी।

हिंसा के बीच बिहार पंचायत चुनाव का छठा चरण सम्पन्न

बिहार पंचायत चुनाव का छठा चरण हिंसा के बीच सम्पन्न हो गयी मोतिहारी,औरंगाबाद,गोपालगंज में मतदाताओं ने जमकर बवाल काटा कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं एतियातन पुलिस को गोली चलानी पड़ी है।हालांकि हिंसा के बीच भी मतदाताओं ने जमकर वोटिंग किया है मतदान समाप्ति तक 61.07 प्रतिशत वोटिंग की खबर आ रही है हालांकि अभी भी कई मतदान केन्द्रों पर वोटिंग चल ही रही है ।

इसके साथ ही छठे चरण में  26 हजार 200 पद पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीन में बंद हो गया, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्य के 11,592 पद हैं। मुखिया के 848 पद हैं, पंचायत समिति सदस्य के 1186, जिला परिषद सदस्य के 134, ग्राम कचहरी पंच के 11592 और सरपंच के 848 पद हैं।
छठे चरण के चुनाव में आज क्या खास रहा 

1–औरंगाबाद के गोह प्रखंड के मेहंदीपुर में पुलिस पर लोगों ने मतदान केंद्र पर पथराव किया है। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी है। हालांकि, विवाद की वजह का अभी खुलासा नहीं हुआ है।

2–मोतिहारी के पिपरा खेम में बूथ संख्या 273 पर जमकर बवाल हुआ है। ईवीएम के 4 कंट्रोल यूनिट को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस घटना में करीब आधा दर्जन पुलिस पदाधिकारी घायल हो गए हैं, जिसमें दो पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई है। पुलिस की कार्रवाई में कई लोगों को भी चोट आई है। एक महिला सिपाही प्रिया कुमारी ने बंदूक छीनने का भी आरोप लगाई है। महिला सिपाही का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

3—मोतिहारी के पिपरा खेम में बूथ संख्या 273 पर बवाल हुआ , कई पुलिसकर्मी जख्मी।

4—छपरा के कुरैया पंचायत की बूथ संख्या 105 पर मुखिया प्रत्याशी जमील अंसारी को निवर्तमान मुखिया के समर्थकों ने पीटा। इसके बाद बूथ पर हंगामा हो गया।

5–नवादा के साहोपुर गांव में मतदान केंद्र पर दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस विवाद में तीन लोग जख्मी हो गए हैं।

6–लखीसराय—-महिसोना पंचायत के पंचायत समिति पद के लिए वोटिंग रद्द, दूसरे पंचायत का ईवीएम रहने के कारण चुनाव रद्द। मतदान केंद्र संख्या 128 पर पंचायत समिति पद के लिए वोटिंग रद्द।

7—छपरा- दिघवारा प्रखण्ड के बस्ती जलाल पंचायत के मध्य विद्यालय बस्ती जलाल में बोगस वोटिंग का विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने बूथ से खदेड़ा। एसपी संतोष कुमार बूथ पर पहुँचे। मृत व्यक्ति के नाम पर हुई वोटिंग की ग्रामीणों ने की शिकायत।

8—सहरसा के सोनबरसा प्रखंड के बसनही थाना क्षेत्र के पचलख गांव में गोली चली है. चुनावी रंजिश के कारण गोलीबारी की गई. तीन युवकों को गोली लगी है. एक युवक पंकज कामत की हालत गंभीर है. जख्मी मंगल यादव और राज कुमार ठाकुर खतरे से बाहर है. इन दोनों को गोली हाथ और पांव में लगी है. घटना का कारण पंचायत चुनाव बताया जा रहा है ।

9–वैशाली — राजापाकर प्रखंड के फरीदपुर में बूथ संख्या 147 पर जमकर हुआ हंगामा। उपद्रवियों ने ईवीएम तोड़ दी है। लोग प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं।


10—गोपालगंज के उचकागांव प्रखंड के इटावा धाम गांव में पुलिस पर रोड़ेबाजी हुई है। एसडीएम और डीएसपी की गाड़ियों के काफिले पर पथराव हुआ है। जिससे गाड़ियों के शीशे टूटे हैं। पथराव में कई जख्मी हुए हैं। करीब 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

बिहार पंचायत चुनाव के छठे चरण में 61,07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है

छिटपुट घटना को छोड़कर शांति पूर्वक चल रहा है पंचायत चुनाव

छिटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो पंचायत चुनाव के 6वें चरण के लिए 37 जिलों के 57 प्रखंडों में मतदान जारी है।हलांकि दिपावली का असर महिला वोटर पर देखने को मिल रहा है फिर भी मतदाताओं में उत्साह कोई कमी नहीं है गोपालगंज से बड़ी घटना की खबर आ रही है जहां प्रशासन पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए उचकागांव प्रखंड की बंकीखाल पंचायत में चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम और डीएसपी के वाहन पर पथराव किया। पथराव में दोनों वाहनों के शीशे टूट गए। मामले में पुलिस ने दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।
वैशाली से ईवीएम तोड़ने की खबर आ रही है। दिन के एक बजे तक 30 से 35 प्रतिशत वोटिंग हुई है ।

पंचायत चुनाव में क्या खास है
1-दिन के एक बजे तक 30 से 35 प्रतिशत वोटिंग हुई है ।

2– सहरसा के सोनबर्षा प्रखंड के बसनही थाना क्षेत्र के पचलख गांव में गोली चली है. चुनावी रंजिश के कारण गोलीबारी की गई. तीन युवकों को गोली लगी है. एक युवक पंकज कामत की हालत गंभीर है. जख्मी मंगल यादव और राज कुमार ठाकुर खतरे से बाहर है. इन दोनों को गोली हाथ और पांव में लगी है. घटना का कारण पंचायत चुनाव बताया जा रहा है ।

3–वैशाली — राजापाकर प्रखंड के फरीदपुर में बूथ संख्या 147 पर जमकर हुआ हंगामा। उपद्रवियों ने ईवीएम तोड़ दी है। लोग प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं।

4—गोपालगंज के उचकागांव प्रखंड के इटवा धाम गांव में पुलिस पर रोड़ेबाजी हुई है। एसडीएम और डीएसपी की गाड़ियों के काफिल पर पथराव हुआ है। जिससे गाड़ियों के शीशे टूटे हैं। पथराव में कई जख्मी हुए हैं। करीब 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

5—दिपावली का असर चुनाव पर दिख रहा है महिलाए कम पहुंची है बूथ पर

6–जमुई के चकाई में नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी सुबह 6 बजे से ही मतदाताओं की लंबी लंबी कतारें लगने लगी।

7—मुजफ्फरपुर के विशनपुर कल्याण मतदान केंद्र संख्या-171 पर दो गुटों में झड़प।

8–सीतामढ़ी के मेजरगंज प्रखंड क्षेत्र के इलाकों को छूने वाली भारत-नेपाल सीमा सील।

9—कटिहार के बरारी के बूथ संख्या 272 पर सेमापुर ओपी अध्यक्ष विजेंद्र कुमार ने पीवन जुनेर आलम को थप्पड़ जड़ दिया। बताया जाता है कि एक पीठासीन पदाधिकारी के पास मोबाइल देखकर ओपी अध्यक्ष ने थप्पड़ मार दिया। घटना के विरोध में मतदानकर्मियों ने मतदान को ठप कर दिया।

10–पूर्णिया की हरदा पंचायत के बूथ नंबर एक पर मतदाताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई है। घटना के कुछ देर बाद स्थिति नियंत्रण में कर ली गई। फिलहाल, वहां सबकुछ सामान्‍य है।

बिहार विधानसभा उपचुनाव में एनडीए नेता पहुँचे प्रचार में

बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद आज तारापुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संग्रामपुर इलाके में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संग्रामपुर की जनता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ है। 30 अक्टूबर को होने वाले उप चुनाव के मतदान में डपोरशंखी विपक्ष को सबक सिखाएगी।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता कहते हैं कि उपचुनाव जीतकर खेला करेंगे, मुझे तो समझ में नहीं आता कि जिसके घर में खेला हो रहा हो, कोई मछली मार रहा हो, कोई बांसुरी बजा रहा हो, इन सब चीजों को तारापुर की जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि जिससे अपना परिवार नहीं संभल सकता वे क्षेत्र और राज्य को क्या संभालेंगे ? विपक्ष को सिर्फ सत्ता की भूख है, उन्हें सिर्फ परिवारवाद की चिंता है। जनता से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इस बात को समझने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि 2005 के पहले के बिहार को जिन लोगों ने देखा है, उन्हें आज के बिहार और बिहार सरकार के कामों को देखने पर सब कुछ स्पष्ट दिखता है। 2005 के पहले तारापुर और संग्रामपुर से पटना पहुंचना कितना दूभर था, जर्जर सड़कें बिहार की पहचान थी, परन्तु आज स्थिति बदल चुकी है।

भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को साबित किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना के निर्माण के साथ-साथ आम जनमानस की कठिनाइयों को दूर करने के संस्थागत प्रयास सुनिश्चित किए गए हैं, जिसके अच्छे परिणाम दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार ने माताओं एवं बहनों को उज्जवला योजना के अंतर्गत एल.पी.जी. के कनेक्शन मुहैया कराए गये, स्वच्छ जल, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधा को मुहैया कराया गया, कोरोना की वैश्विक परिस्थिति के दौरान गरीबों की भूख की चिंता करते हुए नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत दो चरणों में नि:शुल्क अनाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई, जो आगामी नवंबर माह तक दी जा रही है।

कोरोना संकट के दौरान देश के लोगों की जान की रक्षा हेतु प्रधानमंत्री जी की सूझबूझ से भारत ने दो स्वदेशी टीके का निर्माण कर नि:शुल्क टीकाकरण का कार्य प्रारंभ कराया। जहां संसाधन संपन्न देश कोरोना के समक्ष घुटने टेकते नजर आए, वहीं नरेंद्र मोदी जी ने देश के लोगों के साथ-साथ मानवता की रक्षा हेतु दुनिया के कई देशों को टीका उपलब्ध कराए गए। आज भारत में कोरोना टीका का आंकड़ा 100 करोड़ के पार चला गया है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय के अंतर्गत युवा उद्यमिता एवं महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख रुपये अनुदान एवं 5 लाख रुपये ऋण के रूप में उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। महिला उद्यमियों के लिए इस योजना के अंतर्गत ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने व्यवसायियों के हितों का खासतौर पर ध्यान रखा है। व्यवसायी किसी भी सामाजिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। करोना काल के दौरान व्यवसायियों की हित रक्षा हेतु विशेष प्रबंध सुनिश्चित किए गए है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन परिवारवाद पर काम नहीं करता।

हमारी प्रतिबद्धताएं जनता के प्रति हैं। उन्होंने जनसभा के दौरान लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि महागठबंधन बिखर चुका है। विपक्ष को सत्ता की भूख सता रही है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि चुनाव के समय जिन्हें विकास की याद आती हो, ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।

उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि आगामी 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार को भारी बहुमत से विजयी बनावें। जनता के आशीर्वाद से कुशेश्वरस्थान और तारापुर विधानसभा की दोनों सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन जीतेगा।

जनसभा के दौरान मुंगेर के विधायक प्रणव कुमार यादव, पूर्व मंत्री श्री श्याम बिहारी प्रसाद भगत, शंभू प्रसाद गुप्ता, अजय कुमार, एस.सी. एवं एस.टी. मोर्चा के अध्यक्ष संजय रजक, उमाकांत जी, चेंबर ऑफ कॉमर्स के मनोज कुमार सहित भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, हम एवं विकासशील इंसान पार्टी के कार्यकर्तागण और भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

चुनाव ठेकेदारी है क्या –अभयानंद

चुनाव ठेकेदारी है क्या? **
विद्यार्थी जीवन में कानून से पाला नहीं पड़ा। विज्ञान एवं गणित से पड़ा था। नौकरी में फौजदारी कानून से वास्ता पड़ा, पुलिस की नौकरी जो कर ली थी।

वर्ष 2001 – 2003 के बीच IG (Provision) के रूप में टेंडर, कॉन्ट्रैक्ट, एग्रीमेंट, आदि शब्दों से रू-ब-रू हुआ। आदत के अनुसार हर चीज़ का कानूनी पहलू समझने के लिए “लॉ ऑफ़ कॉन्ट्रैक्ट” का अध्यययन भी यथासंभव कर लिया।

सहसा ध्यान आया कि चुनाव में भी तो राजनीतिक पार्टियाँ अपने मैनिफेस्टो के माध्यम से चुनाव आयोग के द्वारा निकाली गई अधिसूचना, जो टेंडर के समतुल्य मानी जा सकती है, अपना-अपना “कोटेशन” आम आदमी के सामने रखती हैं।

टेंडर नेगोशिएशन परचेज़ समिति के सामने होती है, जिसमें आजकल टेक्निकल और कमर्शियल बिड अलग-अलग फाइल की जाती है। उसी प्रकार चुनाव प्रचार और मीडिया के द्वारा स्थापित मंच पर बहस होती है, जो “टेंडर नेगोशिएशन” के सपेक्ष है।

अंततः जिस पार्टी का “बिड” आम आदमी अर्थात वोटर को सबसे अच्छा लगता है, उस पार्टी को “वर्क आर्डर” मिल जाता है। चुनाव आयोग उस विजयी पार्टी के उम्मीदवार को औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र देकर पार्टी और आम आदमी के बीच “कॉन्ट्रैक्ट” साइन होने का एलान कर देता है।

चुनाव और उसमें अपनाई गई प्रक्रिया से अधिक मौलिक, संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया शायद ही कोई हो। ऐसी परिस्थिति में चुनावी वादों को कानून के माध्यम से “एनफोर्स” कराने की व्यवस्था होनी ही चाहिए।
मुझे तो दीवानी तथा फौजदारी, दोनों आयाम दिख रहे हैं। समाज (सरकार नहीं) में कानूनविद इस विचार पर सोच कर देखना चाहेंगे?

बिहार विधानसभा उपचुनाव में पप्पू यादव ने कांग्रेस को समर्थन देने का किया एलान

उप चुनाव के बहाने ही सही कांग्रेस बिहार में राजद से दूरी बनाना शुरु कर दिया है और इसके लिए पार्टी उप चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दिया है और खबर आ रही है कि पप्पू यादव कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश तारापुर और कुशेश्वरस्थान में साथ मंच शेयर करेंगे वैसे कांग्रेस पहले ही पूर्व सांसद रंजीत रंजन को कुशेश्वरस्थान स्थान का पर्यवेक्षकों नियुक्त कर संकेत दे दिया था कि पप्पू और रंजीता वर्षो बाद एक साथ दिखेगी

1—कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे पप्पू यादवपप्पू यादव की छवि को देखते हुए टीम राहुल फिलहाल पप्पू यादव को पार्टी में शामिल करने से परहेज कर रही है लेकिन पप्पू यादव बिहार में कांग्रेस के लिए काम करे इसके लिए दिल्ली के निर्देश पर ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने पप्पू यादव से उप चुनाव में समर्थन मांगा था ।

पप्पू यादव कांग्रेस के लिए प्रचार करेगा ।

पप्पू यादव ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा के आग्रह को स्वीकार करते हुए दोनों सीटों पर कांग्रेस का समर्थन की घोषणा करते हुए कांग्रेस के लिए प्रचार करने की घोषणा की है।पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और देश की जो वर्तमान स्थिति है, उससे कांग्रेस बेहतर तरीके से लड़ाई लड़ रही है। UP और बॉर्डर इलाके में भी कांग्रेस काफी मेहनत कर रही है, इसलिए देश हित और बिहार की स्थिति को देखते हुए, कांग्रेस का 100 प्रतिशत सहयोग करेंगे।

हमारी पार्टी के कार्यकर्ता कुशेश्वरस्थान में लगेंगे। मैं खुद कैम्प करूंगा। हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि हर परिस्थिति में हम बिहार में कांग्रेस के साथ हैं।

2–तेजस्वी पर साधा निशानापप्पू ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतना कमजोर विपक्ष और बहुरूपिया हमने कहीं नहीं देखा है।

विपक्ष को मछली मारने और धान के खेत में जाने से फुर्सत नहीं है। वहीं, पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार आड़े हाथों लिया और कहा कि कश्मीर मामले में केंद्र और बिहार सरकार चुप है।

पप्पू यादव ने बिहारियों को सुरक्षित बिहार लाने को लेकर सरकार को कोसा

3—पप्पू यादव ,कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश कई सभा साथ करेंगे कांग्रेस उप चुनाव को दिलचस्प बनाने के लिए अपनी पूरी युवा बिग्रेड को मैदान में उतार दिया है कल से कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश के साथ साथ पप्पू यादव भी कांग्रेस के लिए वोट मांगेंगे।

इस युवा बिग्रेड का तारापुर पर कितना प्रभाव पड़ेगा कहना मुश्किल है लेकिन इस टीम के मैदान में उतरने से कुशेश्वरस्थान में राजद की मुश्किलें बढ़ सकती है । हालांकि कांग्रेस की पूरी कोशिश चल रही है कि पप्पू यादव के सहारे यादव वोटर में और कन्हैया के सहारे मुस्लिम वोटर में इतना बड़ा डिभिजन करा दे कि राजद को कांग्रेस की शर्तों पर गठबंधन करने पर मजबूर होना पड़े ।

पंचायत चुनाव का चौथा चरण बारिश के बावजूद मतदाताओं में देखा जा रहा है खासा उत्साह

बिहार पंचायत चुनाव के चौथे चरण चरण की वोटिंग चल रही है हलाकि बारिश की वजह से वोटिंग प्रभावित हुई फिर लोगों में इतना जोश है कि बारिश में भी महिलाए भींग कर रही है ।आज 36 जिलों के 53 प्रखंडों में वोट डाले जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को लेकर आयोग ने पूरी तैयारी की हुई है। इस चरण में 11,318 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 62 लाख 80 हजार 960 मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। इनमें 32 लाख 96 हजार 329 पुरुष व 29 लाख 84 हजार 415 महिला मतदाता और अन्य 216 मतदाता शामिल हैं

ये तस्वीर बिहार के पंचायत चुनाव की है जहां बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएँ घर से निकली हैें।

इस चरण में ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 41,120, ग्राम पंचायत मुखिया पद के लिए 5835, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 5979, ग्राम कचहरी पंच पद के लिए 17553, ग्राम कचहरी सरपंच पद के लिए 4190 और जिला परिषद सदस्य पद के लिए 1131 उम्मीदवार मैदान में हैं।

चौथे चरण में 799 ग्राम पंचायतों के मुखिया और सरपंच के लिए चुनाव होंगे। 10888 वार्डों में ग्राम पंचायत सदस्य और ग्राम कचहरी के पंच पर चुनाव हो रहा है। जिला परिषद की 119 सीटों पर, जबकि पंचायत समिति की 1093 पदों पर चुनाव के लिए चुनाव कराया जा रहा है।

——–आज के पंचायत चुनाव में क्या खास है——–
दोपहल के एक बजे तक बिहार में 30 से 35 प्रतिशत मतदान की खबर है वैसे इस बार बारिश की वजह से मतदाता और मतदानकर्मियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

मोतिहारी के ढाका के बूथ संख्या 179 पर पंचायत सदस्य के मतपत्र का त्रुटिपूर्ण प्रकाशन। इसे लेकर इस पद के लिए मतदान नहीं हो रहा है। शेष पदों पर मतदान चल रहा है। इस बूथ पर वार्ड सदस्य के लिए पुनर्मतदान के लिए चुनाव आयोग को अनुशंसा की जा रही है।

जमुई के कवाली गांव में बूथ नंबर 69 पर प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच झड़प।
पुलिस ने मामला शांत कराया। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से फिर से शुरू।
गया जिले के गुरुआ के बूथ नंबर 111 में बोगस वोटिंग का आरोप।

सलमा खातून का वोट किसी दूसरे ने दिया, बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं कर रहा काम।
मोतिहारी के ढाका प्रखंड के बूथ संख्या 179 पर वार्ड सदस्य पद का चुनाव स्थगित।
चुनाव लड़ रहे थे 11 लोग। EVM बैलेट में सिर्फ 7 प्रत्याशियों का नाम।

पटना के दुल्हिनबाजार के 17 मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक काम नहीं कर रहा।
पटना के बिहटा के 27 मतदान केंद्रों पर भी बायोमेट्रिक सिस्टम फेल।

नालंदा-इस्लामपुर प्रखंड के बड़ाय गांव में मतदान केंद्र के पास भौरा का हमला। कई मतदाता जख्मी।
बक्सर के बसुधर पंचायत के बूथ नं 1,2,3 पर सभी पोलिंग पार्टियों को बदला गया।

मुजफ्फरपुर में बूथ संख्या 101 पर मुखिया प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच विवाद।
कटिहार जिले के तीन प्रखंडों में बारिश के बावजूद मतदाताओं की दिख रही भीड़।

नवादा में एक बूथ पर दिव्यांग बहन को वोट दिलाने पहुंचा भाई। भाई ने कहा- बहन को नहीं दिखता है, इसलिए वोट दिलाने के लिए लाया हूं।

समस्तीपुर के विभूतिपुर पतैलिया में बूथ संख्या 3, 5, 15 में ईवीएम मशीन खराब।
मुजफ्फरपुर के रघुनाथपुर खुर्द पंचायत में बिना भवन वाला बूथ। यहां टेंट से बूथ बनाया गया है।

मधुबनी के राजनगर प्रखंड के रघुनी देहट पंचायत के बूथ नम्बर 2 पर बारिश के कारण मतदान बाधित रहा।
मुजफ्फरपुर– सरैया रामपुर विश्वनाथ पंचायत के पंचायत समिति सदस्य उम्मीदवार राजन चौधरी को निशाना बनाते हुए फायङ्क्षरग।

पटना– बिहटा प्रखंड में देकुली मतदान केंद्र पर शराब पीकर मतदान करने पहुंचे एक मतदाता को बिहटा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

छपरा— मशरख प्रखंड के दुगौली गांव के दुमदुमा के बूथ पर रोशनी की व्‍यवस्‍था नहीं है। इस कारण वहां टार्च क रोशनी में मतदान कराया जा रहा है। सिवान के मैरवा प्रखंड में मतदान की गति धीरे-धीरे बढ़ रही है।

नालंदा के डुमरी गांव के बूथ संख्‍या दो पर 35 मिनट विलंब से मतदान शुरू हुआ। मुंगेर के असरगंज प्रखंड में तेज बारिश के बीच मतदाता छाता लेकर मतदान केंद्र पहुंचे हैं।