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बिहार के सुपौल में कोरोना विस्फोट हुआ; 16 छात्राएं एक साथ कोरोना संक्रमित पाई गई

सुपौल में कोरोना विस्फोट हुआ है। छातापुर के जीवछपुर गांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय की 16 छात्राएं एक साथ कोरोना संक्रमित पाई गई हैं।

इन बच्चियों की जांच तब हुई, जब इनमें सर्दी और बुखार के लक्षण पाए गए थे। एक साथ 16 बच्चों में इस तरह की शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी।

इसके बाद एंटीजेन टेस्ट में सभी बच्चियों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इधर, पटना एम्स की रिपोर्ट में 19 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं।

बिहार में कोरोना ने लिया भयानक रूप

पटना । पटना के एम्स में कोरोना से कल 3 लोगों की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। मरने वालों में सुपौल की महिला रंभा देवी जिसकी उम्र 60 साल थी, मुजफ्फरपुर के राजेश कुमार साह 30 और एक नव निहाल अहद जिसकी उम्र मात्र 3 महीने की थी, मौत हो गई।

बिहार में पिछले 24 घंटों में 460 नए मामले सामने आए हैं। वही कल 497 नए मामलें आए थें। पटना जिले में सब से ज्यादा एक्टिव मरीज हैं।

covid19

पटना में आज एक्टिव मरीजों की संख्या 202 है। वही कल पटना में 178 नए मामलें सामने आए थें।

कोरोना को लेकर अलर्ट सरकार ने बायोमैट्रिक पंच पर लगायी रोक

पटना । बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गृह विभाग ने बायोमैट्रिक सिस्टम से बनने वाली अटेंडेंस पर अगले 2 सप्ताह के लिए लगायी रोक । इस संबंध में विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने जारी किया आदेश ।

कहा है कि संक्रमण बढ़ने की आशंका है इसलिए अगले 2 सप्ताह तक बायोमैट्रिक सिस्टम से कोई भी अटेंडेंस नहीं बनाई जाए। सभी जिलाधिकारी सभी विभागाध्यक्ष को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है और इसका तत्काल पालन करने का निर्देश दिया गया।

कोरोना को लेकर राज्य सरकार हुआ सख्त गंगा स्नान तक पर लगायी रोक

#Covid19 भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले तो तेजी से बढ़ ही रहे हैं, अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. पहले कोरोना से संक्रमित 10-15 मरीज हर दिन अस्पताल में आते थे, आज 35-40 मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. यानी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तीन गुणा तक बढ़ गयी है इसको देखते हुए पीएम मोदी ने आज देश के सभी मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ कर हालात का जायजा लिये ।वही नीतीश कुमार के कोरोना संक्रमित होने कि वजह से स्वास्थ्यमंत्री मंगल पांडेय बैठक में भाग ले रहे हैं ।

वहीकोरोना की तीसरी लहर में पहली बार ऐसा हुआ है जब मौत के आंकड़ों ने डरा दिया है। महज 3 दिनों में 16 लोगों की मौत ने वायरस को हल्के में लेने वालों के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। संक्रमण के आंकड़ों के साथ बढ़ता मौत का मामला यह संकेत दे रहा है कि कभी भी वायरस खतरनाक हो सकता है।

वही आज मुख्यसचिव ने सूबे के सभी डीएम, एसएसपी और एसपी को आदेश दिया है कि वह स्वयं या अधीनस्थ पदाधिकारियों का दल गठित कर कोरोना को लेकर जारी प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे और इसको लेकर प्रतिदिन जांच किए गए व्यक्तियों की संख्या और उनसे वसूली गई रकम को लेकर रिपोर्ट भी भेजे।यह विशेष अभियान आज से तीन दिनों तक पूरे राज्य में चलेगा वही पटना DM चंद्रशेखर ने आदेश जारी किया है कि इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर मेला, गंगा स्नान और पतंबाजी पर रोक रहेगा जो भी इस नियम को नहीं मानेंगे उन पर कड़ी

बिहार में दूसरी लहर से भी तेज गति से बढ़ रहा है कोरोना।

सीमित लॉकडाउन के बावजूद बिहार में कोरोना का लहर बेकाबू होता जा रहा है इस बीच बिहार में कोरोना के फैलाव का जो आकड़ा सामने आ रहा है वह चिंता बढ़ाने वाली है दूसरे और तीसरे लहर के आंकड़ों के अध्ययन से यह खुलासा हुआ है कि शुरुआती 15 दिनों में दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में संक्रमण दर 1.5 गुना ज्यादा है ।

दूसरी लहर में 15 दिनों 22 मार्च से 05 अप्रैल के बीच 5410 संक्रमित मरीज जांच में सामने आया था वही इस बार 24 दिसंबर से 07 जनवरी के बाच 9447 संक्रमित मरीज जांच में सामने आया है वही बात जांच के प्रतिशत की कड़े तो 10 मरीज में 1.64 मरीज संक्रमित पाये जा रहे हैं साथ ही मरीज के भर्ती होने कि बात करे तो यहां भी दूसरी लहर से ज्यादा लोग अभी तक भर्ती हो चुके हैं वही अभी तक बिहार में तीन लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है।

वही बीते 24 घंटे में पटना AIIMS में 6 साल की मासूम के साथ 33 नए मरीज भर्ती हुए हैं। संक्रमण के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं उसी हिसाब से हॉस्पिटल में भी भीड़ बढ़ रही है।

बात रिकवरी रेट की करे तो बिहार में रिकवरी रेट में भी गिरावट आनी शुरु हो गयी है। अब यह 97.20% पहुंच गई है। अब तक राज्य में कुल 7,35,852 लोग संक्रमित हुए हैं, जिसमें 7,15,262 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। अब तक राज्य में 12,100 लोगों की मौत हो चुकी है।

शनिवार को राजद कार्यालय में हुई जांच में 8 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद एहतियात के तौर पर ऑफिस को बंद किया गया है। वहीं, इस संबंध में राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि हमारे सभी कर्मचारी और पदाधिकारी कोविड जांच में सुरक्षित पाए गए हैं। लेकिन, पोर्टल के कुछ लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना की बढ़ती स्थिति को देखते हुए राजद कार्यालय अगले आदेश तक के लिए बंद किया गया है।

बिहार में कोरोना का कहर जारी हर घंटे 100 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज आ रहे हैं

बिहार में कोरोना का कहर जारी है और अब हर घंटे 100 से अधिक कोरोना पाँजिटिव मरीज सामने आने लगा है ।आज बेगूसराय जिले में कोरोना के 103 नये मरीज सामने आये हैं इस तरह बेगूसराय में मरीजों की संख्या 197 पंहुची गयी है वही पटना अभी भी कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है डॉक्टरों से लेकर नेता तक कोरोना की चपेट में आ गये हैंमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेक्रेटरी अनुपम कुमार व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा भी कोरोना पॉजिटिव हो गये हैं वही दरभंगा के एसएसपी अवकाश कुमार के कोरोना संक्रमित होने की सूचना आ रही है ।

वहीं दरभंगा व्यवहार न्यायालय के 4 अधिकारी समेत कई कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना आ रही है. इधर शुक्रवार को यह जानकारी सामने आई है कि जदयू कार्यालय में 5 और लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

बात पटना की करे तो AIIMS के कोरोना नोडल डॉ. सजीव कुमार का कहना है कि पिछले 24 घंटे में 2 मौतें हुई है। पटना के दीदारगंज के बांका गांव के रहने वाले एक 25 साल के मरीज का एम्स में आंत का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के पहले कोरोना की जांच में पुष्टि नहीं हुई। ऑपरेशन के बाद कोरोना की पुष्टि हुई और तब हालात काफी गंभीर हो गई। आपात स्थिति में ऑपरेशन के बाद कोरोना से मरीज की मौत हो गई है। दूसरी मौत एक 85 वर्षीय महिला की हुई है, जो पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थी और उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। कोरोना नोडल का कहना है कि 24 घंटे में डॉ. अनिल कुमार, HOD, ट्रॉमा और इमरजेंसी के साथ 14 डॉक्टर संक्रमित हुए हैं। पैरामेडिक्स स्टाफ भी अधिक संख्या में संक्रमित हुए हैं।

पटना सिविल कोर्ट में भी एक न्यायिक पदाधिकारी, 12 कर्मचारी समेत 19 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें वकील हैं।
इस बीच बिहार सरकार ने कोरोना को लेकर नया गाइड लाइन जारी किया है कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने थोड़ी सी सख्ती और बढ़ा दी है। सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण, प्रशिक्षण संस्थान व कोचिंग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी कर दिया। सभी छात्रावास भी बंद रहेंगे, लेकिन स्कूल, कॉलेज, शिक्षण, प्रशिक्षण व कोचिंग संस्थान के कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। ऑनलाइन शिक्षण कार्य संचालित होंगे। केन्द्र तथा राज्य आयोग द्वारा आयोजित नियोजन संबंधी परीक्षाएं तथा विभिन्न विद्यालय बोर्डों द्वारा आयोजित परीक्षाएं होंगी। पुलिस व होमगार्ड प्रशिक्षण संस्थान तथा चिकित्सा से संबंधित शिक्षण, प्रशिक्षण संस्थान(छात्रावास सहित) खुले रहेंगे। अन्य सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के संबंध में संबंधित विभागाध्यक्ष निर्णय लेंगे। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के आदेश से गृह विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया है। सभी इंडोर व आउटडोर स्टेडियम में होने वाले खेल से संबंधित गतिविधियां स्थगित होंगी। राज्य में गुरुवार से नया गाइड लाइन जारी किया है। इसके तहत कई तरह के प्रतिबंध लागू किए गए हैं जो 21 जनवरी तक प्रभावी रहेंगे।

बिहार में हुआ कोरोना विस्फोट पटना बना हांट स्पांट।

बिहार में कोरोना का हाल लगातार बिगड़ता जा रहा है पटना सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन गया है। आज दोपहर 12 बजे तक 1599 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें से 1203 मरीज पटना का है और 396 लोग पटना से बाहर के हैं।जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आया है उसमें 17 साल से कम उम्र के 18 बच्चे भी शामिल हैं।वही दूसरी और कोरोना को लेकर आ रही खबर को देखते हुए मुख्य सचिव अमीर सुबहानी बिहार के सभी जिले के डीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हलात का जायजा ले रहे हैं ।

इस बीच स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मीडिया को बताया है कि ‘बिहार में कोरोना मरीज 3 से 5 दिन में ठीक हो रहे हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ 63 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

98% होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। कोरोना का बढ़ता ट्रेंड इंडीकेट करता है कि यह कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन है। बिहार में डेल्टा व डेल्टा प्लस वैरिएंट के केस भी हैं। नए वैरिएंट की पहचान के लिए IGIMS में एक और मशीन लगेगी।

‘वहीं, BJP के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, ‘कल जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। सम्पर्क में आए लोग जांच करा लें।’

बिहार में हुआ कोरोना विस्फोट, सात माह पहले वाली स्थिति की और बढ़ा बिहार।

कोरोना प्रोटोकाँल में लापरवाही अब भारी पड़ने लगा है हलात सात माह पहले जैसे होती जा रही है इस बीच खबर आ रही है कि बिहार के दोनों डिप्टी CM समेत 4 मंत्री कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं सभी मंत्री होम आइसोलेशन में हैं वही कल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी कोरोना पाँजिटिव पाये गये थे।

कोरोना संक्रमित मंत्रियों में डिप्टी CM रेणु देवी, डिप्टी CM तारिकशोर प्रसाद, मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी शामिल हैं।

एक्टिव मरीजों की संख्या 2222 पहुंची वहीं । आरा के नवोदय विद्यालय में 17 छात्र कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

बिहार में लगा मिनी लॉक डाउन

बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार (आपदा प्रबंधन समूह/Crisis Management Group) की बैठक में निम्नांकित निर्णय लिए गए है:-

  1. आवश्यक सेवाओ को छोड़ कर सभी दुकाने 8 बजे तक खुली रहेंगी।
  2. रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू जारी रहेगी।
  3. क्लास 9, 10, 11 एवम 12 की क्लास एवम सभी कॉलेज 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे।
    ऑनलाइन क्लास को प्राथमिकता देंगे।
  4. क्लास 8 तक के सभी क्लास ऑनलाइन ही चलेंगे।
  5. कोचिंग क्लास 9, 10, 11, 12 के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे।
  6. सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थित के साथ खुलेंगे। किसी भी बाहरी व्यक्ति के कार्यालय में प्रवेश वर्जित रहेगा।
  7. सभी पूजा स्थल श्रद्धालुओं के लिए अगले आदेश तक बन्द रहेंगे। केवल पुजारी ही पूजा कर सकेंगे।
  8. सिनेमा हॉल/ जिम/पार्क/ क्लब/ स्टेडियम/ स्वीमिंग पूल पूर्णतः बन्द रहेंगे।
  9. रेस्टोरेंट/ ढाबे आदि 50% कैपेसिटी के साथ खुलेंगे।
  10. शादी विवाह में अधिकतम 50 व्यक्ति तथा अन्तिम संस्कार में 20 व्यक्ति की अनुमति होगी।
  11. सभी राजनीतिक/ सामुदायिक/ सांस्कृतिक सार्वजनिक आयोजनों में अधिकतम 50 व्यक्ति की अनुमति होगी। परंतु इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
  12. शॉपिंग मॉल पूर्णतः बन्द रहेँगे।

बिहार में मिला पहला ओमिक्रांन के मरीज सीएम ने बुलाई आपात बैठक

#OmicronVirus बिहार में ओमिक्रॉन के मरीज मिलने की सूचना के बाद आज मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है जिसमें ओमिक्रांन के सम्भावित खतरों से निपटने को लेकर चर्चा होगी ।स्वास्थ्य विभाग की मानें तो बिहार में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का पहला मरीज गुरुवार को मिला। वह इंग्लैंड से आए भाई से मिलने के लिए दिल्ली गया था, जो संक्रमित है और दिल्ली में क्वारंटाइन है।

ओमिक्रॉन को देखते हुए नीतीश ने बुलाई बैठक

संक्रमित 26 वर्षीय युवक किदवईपुरी के IAS कॉलोनी स्थित घर में होम आइसोलेशन में है। इसका सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली स्थित एनसीडीसी लैब भेजा गया था। युवक 21 दिसंबर को संक्रमित हुआ था। अब सुबह से कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू होगी। आज यानी शुक्रवार से ही ओमिक्रॉन मरीज के लिए अलग से सर्विलांस टीम का भी गठन किया जाएगा। 31 दिसंबर को पटना में 99, गया में 48 और मुंगेर में 9 नए केस मिले।

कोरोना से निपटने को लेकर राज्य सरकार की क्या तैयारी इस आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई

#Covid19 : पटना हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना महामारी के मामले पर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की।

राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि अगली सुनवाई में राज्य के सभी जिलों के अस्पतालों के सम्बन्ध में पूरा ब्यौरा बुकलेट ( Compendium) के रूप में पेश करेगी।पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को नए सिरे से पूरे तथ्यों की जांच कर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।

इससे पहले राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामा में विरोधाभासी तथ्यों के मद्देनजर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई थी।आज इस मामलें की ऑन लाइन सुनवाई हुई,जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अपर प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के अस्पतालों से पूरी जानकारियां ले कर उन्हें बुकलेट( Compendium) के रूप में कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा दायर विरोधभासी हलफनामा पर पिछली सुनवाई में ऑन लाइन उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव अमृत प्रत्यय ने खेद जाहिर किया था।उन्होंने कहा था कि अगली सुनवाई में विस्तृत और पूरे तथ्यों के साथ हलफनामा दायर किया जाएगा।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा समिति के कार्यपालक अधिकारी संजय कुमार के अध्यक्षता में चार सदस्यों की एक टीम गठित किया गया है।यह टीम राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी और उपलब्ध सुविधाओं की जांच कर रहा है।

ज़िला के सभी जिलों के सिविल सर्जनों द्वारा ज़िला के सरकारी अस्पतालों के सम्बन्ध में पूरा ब्यौरा तथ्यों को जांच कर प्रस्तुत करेंगे।

राज्य सरकार ने जो इससे पहले ज़िला के सरकारी अस्पतालों के सम्बन्ध में हलफनामा दायर किया था, उसमें काफी जानकारियां सही नहीं थी।कोर्ट ने इसे काफी गम्भीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पूरा और सही तथ्यों पर आधारित ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा था।

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस मामलें पर आज साढ़े ग्यारह बजे सुबह ऑनलाइन पर सुनवाई किया। कोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के अपर प्रधान सचिव ने ऑन लाइन उपस्थित हो कर सारी स्थिति का ब्यौरा दिया।
कोर्ट ने पटना के सिविल सर्जन को अस्पतालों में सारी व्यवस्था,दवा,डॉक्टर व अन्य सुविधाओं की तैयारी बनाए रखने का निर्देश दिया था।

पिछली सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा था कि कोरोना के नए वैरिएंट के मद्देनजर हमें सावधानी बरतने की जरूरत है।कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से कोरोना को लेकर राज्य भर में कराई गई सुविधाओं के संबंध में ब्योरा देने को कहा था। कोर्ट ने विशेष तौर साउथ अफ्रीका में फैले कोविड के नए वैरियंट ओमाइक्रोन के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार को राज्य में ऑक्सीजन के उत्पादन और भंडारण के संबंध में सूचित करने को कहा था।

अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने बताया था कि कोर्ट ने उसके पूर्व भी राज्य के राज्य भर में उपलब्ध मेडिकल स्टाफ, दवाइयां, ऑक्सीजन व एम्बुलेंस आदि के संबंध में ब्यौरा तलब किया था।
इस मामले पर 7 जनवरी, 2022को सुनवाई होगी।

कोरोना को लेकर सरकार फिर सख्त।

राज सरकार ने अनलॉक 9 की घोषणा की है 23 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक राज्य में विवाह समारोह और बरात के दौरान डीजे बजाने की इजाजत नहीं होगी

शादी के तारीख से 3 दिन पहले स्थानीय थाने को सूचना देनी होगी श्राद्ध कर्म में भी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा जिन राज्यों में शंकर मन अधिक है वहां से आने वाले लोगों को कोरोना जांच अनिवार्य कर दिया गया है

क्लब जीमस्विमिंग पूल 50% उपस्थिति के साथ खुलेंगे यहां सिर्फ को भी टीका पर आप लोगों का आना अनुमान होगा

जिन जिलों में अभी भी संक्रमण ज्यादा है वहां से फ्लाइट रेल ट्रक अन्य वाहनों से राज्य से आने वाली यात्रियों की जांच कराई जाएगी जांच कराने में उन्हें ही छूट मिलेगी जो 72 घंटा पहले का आरती पीसीआर टेस्ट लेकर आएंगे

सिनेमा हॉल पहले की तरह 50% उपयोग के साथ ही खुलेंगे शॉपिंग मॉल में प्रोटोकॉल का प्रक्रिया अनिवार्य है

सार्वजनिक स्थानों पर किसी प्रकार का आयोजन जिला प्रशासन की अनुमति के अनुरोध होगा साथ ही 3 दिन पहले इसकी सूचना देनी होगी दुकानों में सिर्फ को भी टीका प्राप्त व्यक्ति ही कार्य करेंगे

हाईकोर्ट से फर्जी जमानत का मामला आया सामने हाईकोर्ट ने जांच का दिया आदेश

पटना हाई कोर्ट में प्रथम दृष्टया फर्जी तरीके से जमानत लेने का एक मामला सामने आया । सारण के नयागांव थाने में दर्ज शराबबंदी मामले का अभियुक्त, बिमलेश राय उर्फ रोहित ने ,उक्त कांड के सिलसिले में अक्टूबर 2020 में हाई कोर्ट में एक अग्रिम जमानत याचिका दायर किया था । उस याचिका पर बकायदा पिछले साल का ही एक केस नम्वर भी पड़ा ।

कोरोना के कारण मामला कई दिनों तक लम्बित रहा और सुनवाई नही हो पाई । इस बीच अभियुक्त ने पहली याचिका को वापस लिए बगैर ही , हाई कोर्ट में दूसरी अग्रिम जमानत याचिका 2021 में दायर किया जो उसी नयागावँ थाना कांड संख्या के सिलसिले में था।

पहली ज़मानत अर्ज़ी की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने हैरानी जताते हुए कोर्ट को बताया कि उसके मुवक्किल ने बिना उन्हें जानकारी दिए हुए दूसरी बार अग्रिम जमानत अर्ज़ी डाला है, जिसमे उसे गत 29 सितम्बर को हाई कोर्ट से ही अग्रिम जमानत भी मिल गयी है।

जब दूसरे मामले का कम्प्यूटर पर केस विवरणी देखा गया ,तो हाई कोर्ट के ऑफिस में इस बात को कहा गया है कि एक ही कांड संख्या में इस आरोपी के नाम से पहले भी अग्रिम जमानत अर्जी दायर है ,जो सुनवाई हेतु लंबित है।
इससे स्पष्ट पता चला कि दूसरी याचिका के शपथ पत्र में पहली याचिका की जानकारी नही है। तथ्य को छुपा कर कोर्ट से जमानत ली गयी है।

जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामले को प्रथम दृष्टया हाई कोर्ट के साथ फर्जीवाड़ा मानते हुए महानिबंधक कार्यालय को जांच का आदेश दिया । साथ ही दोनो याचिकाओं की फाइलों को जांच रिपोर्ट के साथ चीफ जस्टिस के समक्ष प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है । इस मामले पर अगली सुनवाई 23 नवम्बर को होगी ।

बिहार में शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी हुयी कम: मंगल पाण्डेय

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में भी नवजात शिशु को सुरक्षित रखने में बिहार ने उपलब्धि हासिल की है। अब राज्य की शिशु मृत्यु दर देश की शिशु मृत्यु दर से एक अंक कम हो गयी है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे ने इस साल के अक्टूबर माह में नया बुलेटिन जारी किया है। इसके अनुसार 2019 में बिहार की शिशु मृत्यु दर घटकर 29 प्रति एक हजार जीवित जन्म हो गयी है।

जबकि देश की शिशु मृत्यु दर अभी भी 30 है। पिछले वर्ष के मई माह में सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे ने जो आंकडें जारी किये थे, उसके मुताबिक 2017 में बिहार की शिशु मृत्य दर 35 थी, जो वर्ष 2018 में घटाकर 32 हुयी थी। बिहार में 10 सालों में शिशु मृत्यु दर में 23 अंकों की कमी आई है। वर्ष 2009 में बिहार की शिशु मृत्यु दर 52 थी, जो वर्ष 2019 में घटकर 29 हो गयी है।


श्री पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य सूचकांकों को बेहतर करने में शिशु मृत्यु दर में कमी लाना जरुरी होता है। कोरोना संक्रमण की कई चुनौतियों के बाद भी बिहार सरकार ने शिशु स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है। बिहार की इस उपलब्धि पर नेता प्रतिपक्ष भी विशेष ध्यान दें एवं इस सफ़लता पर हर्ष जाताने से परहेज न करें।

बिहार सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में नित्य नए सुधार कर रही है। नेता प्रतिपक्ष को ऐसी उपलब्धि की प्रशंसा जरुर करनी चाहिए, ताकि बिहार के स्वास्थ्यकर्मी भी प्रेरित हो सकें।


श्री पांडेय ने कहा कि कोरोना काल की चुनौतियों के बीच नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए उनके संपूर्ण टीकाकरण एवं नियमित स्तनपान तथा पोषण जैसे कारक महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव संबंधी विभिन्न प्रकार की सुविधाओं की मौजूदगी नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस दिशा में किये गये विभिन्न प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में यह स्थिति बन सकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये जा रहे गृह आधारित नवजात देखभाल एवं कमजोर नवजात देखभाल कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट सहित आवश्यक नवजात देखभाल कार्यक्रम भी काफी प्रभावी साबित हुए हैं।