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चेन्नई मेट्रो के पूनामल्ली-वडापलानी कॉरिडोर से सफर 40 मिनट से कम, लागत में 12% बचत और CO₂ उत्सर्जन घटने का अनुमान

चैन्नई मेट्रो के पूनामलेम‑वडापालानी मार्ग पर एक घंटे की यात्रा अब 40 मिनट से भी कम हो गई है, जिससे शहर के यात्रियों के लिए एक नया विकल्प खुला है। इस चरण‑II नेटवर्क के पूरा होने के बाद, यात्रियों को तेज़, भरोसेमंद और किफ़ायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा, जो ट्रैफ़िक जाम और वायु प्रदूषण

में उल्लेखनीय कमी का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। मेट्रो के इस हिस्से में पहले से भी अधिक सुविधाएँ शामिल हैं, जिनमें चार्जिंग प्वाइंट्स, आधा‑ऊँचाई प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन दरवाज़े और डिजिटल मार्ग मानचित्र शामिल हैं, जो उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाती हैं। इस विकास का वित्तीय प्रभाव भी काफी है, क्योंकि इससे सार्वजनिक परिवहन पर

निर्भरता बढ़ेगी और निजी वाहनों का उपयोग घटेगा, जिससे पेट्रोल की मांग पर असर पड़ेगा।

पूनामलेम से वडापालानी तक के इस 14 किलोमीटर के मार्ग का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था, जब सरकार ने मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करने के लिए बजट स्वीकृति दी। इस परियोजना के तहत लगभग 12 नए स्टेशनों

का निर्माण और 8 नए ओवरहेड प्वाइंट्स को जोड़ने का प्रावधान था। 2020 में कार्यवाही में बाधा आने के बावजूद, 2021 में निर्माण फिर से शुरू हुआ और 2024 की शुरुआत में पूर्णता के करीब पहुँच गया। इस दौरान, राजस्व में वृद्धि और लागत में बचत के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल को अपनाया गया,

जिससे परियोजना को समय पर पूरा करना संभव हुआ।

पहले चरण में पूनामलेम स्टेशन से शुरू होकर, मेट्रो को वडापालानी तक 6 किलोमीटर के अंतराल पर स्थित स्टेशनों के साथ जोड़ता है। 2024 की पहली तिमाही में ट्रायल रनों के दौरान, यात्रियों ने 40 मिनट से कम समय में यात्रा पूरी करने की

रिपोर्ट दी, जो पहले के 60 मिनट के मुकाबले 25% की कमी है। यह परिवर्तन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक है जो रोज़ाना काम के लिए या शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए यात्रा करते हैं। साथ ही, यह मार्ग सिविक सेंटर, फूड स्ट्रीट और मेडिकल कॉम्प्लेक्स से भी जुड़ता है, जिससे शहर

के महत्वपूर्ण हिस्सों तक पहुँच आसान हुई।

मेट्रो के इस नए खंड पर पहले दिन के उपयोग में, ट्रैफ़िक प्राधिकरण ने बताया कि लगभग 12,500 यात्रियों ने ट्रायल रनों के दौरान बसों की तुलना में तेज़ी से यात्रा का अनुभव किया। इससे वडापालानी के आसपास के आवासीय इलाकों में भी सार्वजनिक परिवहन की

मांग में 18% की वृद्धि हुई। इस दौरान, सरकार ने बताया कि स्टेशनों पर चार्जिंग प्वाइंट्स उपलब्ध हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को सुविधा मिलेगी और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल मानचित्रों के माध्यम से यात्रियों को वास्तविक समय में मार्ग और समयसूची की जानकारी मिलती है, जो उनकी यात्रा योजना को सुव्यवस्थित

करती है।

इस विकास के प्रति प्रमुख हितधारकों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखी गईं। मेट्रो कंपनी के निदेशक ने कहा कि यह प्रोजेक्ट हमारी समग्र नेटवर्क विस्तार रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे यात्रियों के लिए सुविधा और आराम दोनों में सुधार हुआ है। दूसरी ओर, निजी टैक्‍सी मालिकों ने चिंता

जताई कि मेट्रो के इस तेज़ मार्ग से उनकी आय पर असर पड़ सकता है। उन्होंने स्थानीय सरकार से कहा कि वे वैकल्पिक मार्गों और प्रोत्साहन योजनाओं पर चर्चा करें।

सरकारी परिवहन विभाग ने इस नए मार्ग के लॉन्च के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह परियोजना ₹12,000 करोड़ के बजट

में पूरी हुई, जो कि मूल अनुमान से लगभग 12% कम है। उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो की इस नई सुविधा से प्रति वर्ष लगभग 3.5 लाख टन CO2 उत्सर्जन में कटौती होगी, जो राज्य के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी। इसके अतिरिक्त, विभाग ने कहा कि यह

प्रोजेक्ट वडापालानी के आसपास के आवासीय क्षेत्रों में संपत्ति मूल्य में 7% से 10% की वृद्धि कर सकता है।

राजनीतिक दृष्टिकोण से, इस परियोजना पर बहस के दौरान कुछ विपक्षी सांसदों ने इस बात पर जोर दिया कि मेट्रो के विकास के साथ-साथ सड़क परिवहन अवसंरचना को भी बेहतर बनाया जाना चाहिए। वहीं,

सरकारी नेता ने बताया कि मेट्रो परियोजना से जमीनी स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, विशेषकर निर्माण और रखरखाव कार्यों में। सामाजिक स्तर पर, मेट्रो की पहुंच में वृद्धि से ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों के लोगों को शहर की सुविधाओं तक पहुँचने में आसानी होगी, जिससे सामाजिक समावेशन बढ़ेगा।

अर्थशास्त्र के क्षेत्र में,

विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि मेट्रो के इस नए मार्ग के कारण निजी वाहनों के उपयोग में 12% की घटोति हो सकती है, जिससे पेट्रोल की मांग में 4% की कमी हो सकती है। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता बढ़ने से

Updated: October 12, 2026


Chennai’s new metro segment from Ponamlem to Vadapalani now cuts the 14‑km journey to under 40 minutes, offering a faster, cheaper alternative that could slash traffic and curb pollution. The 12‑station stretch, completed 12% under budget, has already drawn 12,500 daily riders and is expected to boost local property values while reducing private vehicle use and CO₂ emissions.

This development highlights evolving dynamics and may have broader implications in the near term.

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