पिछले हफ्ते के अंत में, बिहार सरकार ने आपातकालीन उपाय के रूप में 1,000 किमी से अधिक सड़कों को अवरुद्ध करने वाले जलजमाव को साफ़ करने हेतु 500 करोड़ रुपये की आपातकालीन निधि आवंटित की थी। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न जिलों में 12,000 से अधिक घरों को अस्थायी शरणस्थलों में स्थानांतरित किया गया, तथा स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों के प्रकोप को रोकने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया। इन सभी कदमों के बावजूद, कई ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या बनी रही, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
बिहार के मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि ‘अर्णब’ की शक्ति अब लगभग 30 % तक घट चुकी है, और इसका मुख्य कारण समुद्री सतह के तापमान में गिरावट तथा उच्चवायु दबाव की बढ़ती प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि चक्रवात का मुख्य केंद्र अब बक्सर के उत्तर‑पूर्व में स्थित है, जहाँ से यह धीरे‑धीरे पश्चिम की ओर गति कर रहा है। इस बदलाव के साथ ही, वायुमंडलीय नमी के स्तर में भी गिरावट आई है, जिससे वर्षा की तीव्रता में कमी आई है। विभाग ने अगले चार दिनों के लिए 10 % से 15 % संभावना के साथ हल्की बूँदाबाँदी की भविष्यवाणी की है, परन्तु कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, पटना में आज सुबह के बादलों के बीच हल्की बूंदाबांदी देखी जा सकती है, परन्तु इस बारिश के कारण किसी बड़े जलजमाव या बाढ़ की आशंका नहीं है। बक्सर, मुजफ़रपुर और सहरसा जैसे जिलों में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे शाम के समय हल्की गरज-चमक संभव है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि इन क्षेत्रों में अभी भी जल निकासी की व्यवस्था को पूरी तरह से बहाल किया जाना बाकी है, इसलिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
जिला स्तर पर मौसम नियंत्रण केन्द्र ने यह स्पष्ट किया कि यदि अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता में कोई अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई, तो सभी अलर्ट को निरस्त किया जा सकता है। इस दिशा में, जिले के जल आपूर्ति विभाग ने जलस्तर की निरंतर निगरानी के लिए ड्रोन्स का उपयोग शुरू किया है, जिससे जल निकासी के मार्ग में किसी भी बाधा का त्वरित पता चल सके। इस तकनीकी उपाय ने पिछले हफ्ते के बाढ़ प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिससे कई बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में समय पर उपाय किए जा सके।
राज्य के मुख्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “हमने चक्रवात ‘अर्णब’ के कारण उत्पन्न आपदाओं को न्यूनतम स्तर पर रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं और अब मौसम विभाग की नई सूचना के अनुसार स्थिति स्थिर हो रही है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण जारी रखा है, तथा पुनर्स्थापना कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए विशेष कमेटी गठित की है।
विपरीत रूप में, बिहार की कांग्रेस प्रमुख ने सरकार की प्रतिक्रिया को ‘अपर्याप्त’ बताकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि “असहाय लोगों को पर्याप्त समय पर राहत नहीं मिली, और कई ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएँ अभी भी टूटी हुई हैं।”
Updated: September 27, 2026
The update confirms Cyclone Arnab’s intensity has fallen, allowing weather alerts to be withdrawn across Bihar.
This enables agricultural, water‑supply and emergency agencies to shift from emergency response to recovery operations.