रहा है। नगरपालिका अधिकारियों से शीघ्र मरम्मत की माँग बढ़ी है और निवासियों ने कई बार शिकायत दर्ज कराई है, परन्तु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी। यह संकट न केवल स्थानीय जीवन शैली को बाधित कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों के सुगम प्रवाह को भी खतरे में डाल रहा
है।
विजयनगरम के इस उपनगर में सड़कों की बिगड़ती स्थिति की जड़ें पिछले दो वर्षों में शुरू हुए तेज़ शहरी विस्तार और अपर्याप्त बुनियादी ढांचा योजना में खोजी जा सकती हैं। राज्य सरकार ने 2022 में इस क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों के विकास को बढ़ावा देने हेतु कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए, जिससे जनसंख्या में
तीव्र वृद्धि हुई। साथ ही, मौसमी बारिश और जलवायु परिवर्तन के कारण भारी वर्षा ने मौजूदा सड़कों के निर्माण मानकों को और कमजोर कर दिया। इस प्रकार, संरचनात्मक कमजोरी और निरंतर दबाव ने मिलकर वर्तमान आपदा को जन्म दिया।
पिछले तीन महीनों में विजयनगरम की सड़कों में कई प्रमुख घटनाएँ सामने आईं। जुलाई के
मध्य में वसंत विहार में एक बड़ी जलभराव ने मुख्य सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे स्कूल और अस्पतालों तक पहुंच असंभव हो गई। अगस्त में पद्मावती कॉलोनी के प्रमुख बाजार में गड्ढे के कारण ट्रैक्टर-ट्रेलर वाहनों को मोड़ना पड़ा, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में देरी हुई और स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक
नुकसान का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, धर्मपुरी में एक बड़े गड्ढे के कारण एक आपातकालीन एम्बुलेंस का प्रस्थान रुक गया, जिससे चिकित्सा सहायता में देर हुई और कई जीवन जोखिम में पड़े। इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया।
विजयनगरम नगर निगम के प्रमुख ने इन घटनाओं को लेकर एक आधिकारिक
बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि वर्तमान में सड़कों की मरम्मत के लिए बजट आवंटन प्रक्रिया में है और शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त फंडिंग की मांग की गई है। दूसरी ओर, विजयनगरम के विधानसभा सदस्य ने कहा कि
यह समस्या कई वर्षों से चल रही है और अब तक किसी भी ठोस योजना का कार्यान्वयन नहीं हुआ है। उन्होंने नगरपालिका के तकनीकी विभाग से तेज़ी से कार्य शुरू करने का आग्रह किया।
स्थानीय निवासी समूहों ने भी अपनी आवाज़ उठाई है। वसंत विहार में रहने वाले एक समूह ने सामाजिक मीडिया पर
एक विस्तृत सूची प्रकाशित की, जिसमें क्षतिग्रस्त सड़कों के स्थान और गहराई का विवरण दिया गया। उन्होंने नागरिकों से हस्ताक्षर लेकर एक पिटीशन तैयार किया, जिसे उन्होंने नगरपालिका के प्रमुख के सामने सौंपा। पद्मावती कॉलोनी के व्यापारियों ने भी एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि निरंतर सड़कीय बाधाओं के कारण
उनके व्यापार में प्रतिदिन औसत 15 % तक की गिरावट आ रही है। इन मांगों ने नगरपालिका के ऊपर कार्यवाही को तेज करने का दबाव बनाया है।
राज्य सरकार ने इस मुद्दे को लेकर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं दी, परन्तु जलवायु परिवर्तन और शहरी बुनियादी ढांचे की कमजोरी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए
चर्चा में विजयनगरम का केस उल्लेखित किया गया है। केंद्रीय सड़क विकास निगम (NHAI) के एक अधिकारी ने कहा कि उपनगरों में सड़कों की स्थिति को सुधारने के लिए फेज़‑वाई में फंडिंग योजना तैयार की जा रही है, परन्तु इसे मंजूरी और कार्यान्वयन में कुछ समय लग सकता है। इस बीच, स्थानीय स्तर
पर कई निजी निर्माण कंपनियों ने मरम्मत कार्य के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, परन्तु उनकी चयन प्रक्रिया अभी चल रही है।
समुदाय के स्वास्थ्य विभाग ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जलभराव और गड्ढों के कारण कीटाणुजन्य रोगों का प्रसार बढ़ सकता है, विशेषकर मौसमी बुखार और
डेंगर जैसी बीमारियों में। इस कारण, स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी क्लिनिक स्थापित करने और रोग निरोधक उपायों को तेज करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पुलिस ने सड़कीय सुरक्षा को लेकर विशेष उपाय किए हैं, जैसे कि गड्ढों के आसपास चेतावनी संकेत लगाना और ट्रैफ़िक प्रवाह को नियंत्रित करना। इन प्रयासों से
अस्थायी राहत मिल रही है, परन्तु दीर्घकालिक समाधान अभी भी दूर है।
आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो इस सड़कीय बिखराव ने स्थानीय व्यापारियों की आय में गिरावट और लॉजिस्टिक लागत में वृद्धि को जन्म दिया है। कृषि उत्पादों और कच्चे माल की परिवहन लागत
Updated: October 3, 2026
Insight: The road decay in Vizianagaram’s suburbs is a symptom of a growth‑first mindset that outpaces basic‑infrastructure planning, turning climate‑induced floods into chronic economic bottlenecks. Unless the city rewrites its expansion playbook to embed resilient, fund‑ready road networks, every
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