दिया है और अगले दो दिनों में पुनः बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। स्थानीय अधिकारियों ने आपातकालीन उपायों को लागू किया, परन्तु कई इलाकों में अभी भी राहत कार्य चल रहा है।
वैशाली जिले में तेज हवा के साथ शुरू हुई यह
आंधी‑तूफान, पिछले दो हफ्तों में बरसते बरसात के बाद जमा जलस्तर के कारण वायुमंडलीय अस्थिरता को बढ़ा रही थी। इस क्षेत्र में मौसमी जलवायु परिवर्तन की प्रवृत्ति को देखते हुए, मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी, परन्तु कई ग्रामीण इलाकों में सूचना प्रसारण
की कमी के कारण चेतावनियों का असर सीमित रहा। इस प्रकार की तेज़ हवाएं अक्सर बाढ़, जलभूल और वनों में गिरते पेड़ों से जुड़े जोखिमों को बढ़ा देती हैं।
हाजीपुर के नगर थाना परिसर में भी इस आंधी के दौरान एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे
थाना चौक‑हॉस्पिटल रोड बंद हो गई। यह सड़क शहर के प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक केंद्रों को जोड़ती है, और इसके बंद होने से रोगियों और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। स्थानीय पुलिस ने तत्काल रास्ते को साफ करने के लिए क्रेन और कटर का उपयोग
शुरू किया, परन्तु टहनियों की गहरी जड़ें और टूटे हुए बिजली के पोल सफाई कार्य को जटिल बना रहे हैं।
आंधी‑तूफान के कारण हाजीपुर में कई बिजली के पोल टूटे, जिससे कई उपनगरों में निरंतर विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बिजली विभाग ने आपातकालीन टीमों को तैनात
किया और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत के लिए रातभर कार्य किया, परन्तु बिजली की कमी से व्यापारियों, स्कूलों और घरेलू उपयोगकर्ताओं को असुविधा झेलनी पड़ी। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में अस्थायी जनरेटर चलाए गए, लेकिन ईंधन की कमी ने राहत कार्य को धीमा कर दिया।
वैशाली
में भी समान परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जहाँ कई ग्रामीण मार्गों पर गिरते पेड़ और टूटे हुए जलधारा के पुलों ने आवागमन को रोका। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी पुल और बायपास निर्माण के लिए स्थानीय श्रमिकों को जुटाया, परन्तु भारी बारिश और धुंध
के कारण कार्य में देरी हुई। ग्रामीण निवासियों ने कहा कि कई घरों की छतें भी हवाई प्रवाह से क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे आपातकालीन मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया।
घटित घटनाओं पर हाजीपुर के महानगर निगम के प्रमुख ने कहा कि आपदा प्रबंधन में समन्वय की
कमी को सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा और आपातकालीन संसाधनों की तत्परता सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, वैशाली जिले के जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वराज्य संस्थाओं के साथ मिलकर राहत कार्य तेज़ किया
जाएगा और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस के अनुसार, आंधी‑तूफान के दौरान कई वाहन दुर्घटनाएं भी दर्ज हुईं, जिससे चोटिलों की संख्या बढ़ी। दुर्घटनाओं का मुख्य कारण धुंधली सड़कों पर पिचकारें और गिरते पेड़ों से बाधित दृश्यता था। स्थानीय अस्पतालों ने
बताया कि घायल लोगों में अधिकांश हल्के चोटों से लेकर गंभीर सिर चोटों तक की रिपोर्टें मिली हैं, और उपचार हेतु आपातकालीन कक्षों को पूरी तरह से सक्रिय किया गया है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टूटे हुए बिजली के पोलों की मरम्मत के
लिए विशेष टीमें तैयार की गईं और अगले 48 घंटों में अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बहाल की जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से ग्रिड की लचीलापन क्षमता पर प्रश्न उठता है, और भविष्य में अधिक स्थायी और
स्वायत्त ऊर्जा समाधान अपनाने की आवश्यकता है।
वित्तीय नुक्सान के संदर्भ में स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि अचानक बिजली कटौती और रास्तों के बंद होने से दैनिक आय में लगभग 30 प्रतिशत तक गिर
Updated: October 8, 2026
The storm caused extensive power outages and road blockages, directly disrupting essential services such as healthcare, emergency response, and commerce.
Its severity highlights vulnerabilities in infrastructure and the need for improved warning and disaster‑response systems.
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