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मुंबई में गणेशोत्सव‑पश्चात सफाई अभियान ने जुई बीच से 34 टन कचरा व 934 टन भेंट‑प्रसाद हटाए।

मुंबई में गणेशोत्सव समाप्त होने के बाद जारी सफाई अभियानों में जुटी नगरपालिका, जिसने पिछले दो हफ्तों में 934 टन भेंट-प्रसाद इकट्ठा कर 34 टन कचरा जुई बीच से साफ़ किया, यह आंकड़े आज नगर निगम के एक आधिकारिक बयान में सामने आए। इस व्यापक सफाई का उद्देश्य समुद्री तट पर जमा हुए प्लास्टिक, पवन और भोजन के अवशेषों को हटाकर पर्यावरणीय क्षरण को रोकना और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना बताया गया।

गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के विभिन्न स्थानों पर स्थापित कई पंडाल और घर-घर से किए गए भजन-भेंट के बाद कचरा प्रबंधन की समस्या पहले ही उजागर थी। पिछले साल भी समान अवसर पर कचरा संग्रह में कमी के कारण समुद्र तट पर कचरा जमा होने की शिकायतें आई थीं। इस वर्ष नगर निगम ने विशेष रूप से जल निकायों के आसपास कचरे के प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना बनाई, जिसमें स्थानीय NGOs और स्वयंसेवकों को शामिल किया गया।

पर्यावरण मंत्रालय ने भी इस सफाई अभियान को समर्थन देते हुए कहा कि समुद्री जीवों की सुरक्षा और पर्यटन स्थलों की रखरखाव के लिए समय पर कचरा हटाना अनिवार्य है। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जुई बीच पर जमा कचरे का अधिकांश हिस्सा प्लास्टिक बोतलें, थर्मस और खाद्य पैकेजिंग से बना था, जो समुद्र में डुबकी मारते ही जलजीवों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

सफ़ाई कार्य की शुरुआत 2 अक्टूबर को हुई, जब नगर निगम के 1200 स्वच्छता कर्मचारियों ने 30 टन कचरा एकत्र किया। अगले दो दिनों में यह मात्रा धीरे-धीरे बढ़ती रही, और 5 अक्टूबर को जुई बीच पर 34 टन कचरा साफ़ किया गया। इस प्रक्रिया में उपयोग किए गए बड़े स्कैवेंजर मशीनों और हाथ से उठाए गए कचरे की मात्रा ने सफाई को तेज किया।

जुड़ी हुई टीमों ने कचरे को वर्गीकृत किया, जिससे पुनर्चक्रण योग्य पदार्थों को अलग करके रीसाइक्लिंग प्लांट में भेजा जा सका। इस वर्गीकरण में कांच, धातु, प्लास्टिक और जैविक कचरा शामिल था। पुनर्चक्रण योग्य कचरे का 45 प्रतिशत स्थानीय रीसाइक्लिंग केंद्रों में पहुंचाया गया, जबकि जैविक कचरे को कम्पोस्टिंग के लिए अलग रखा गया।

नगर निगम ने कहा कि इस सफाई के साथ 934 टन भेंट-प्रसाद भी संग्रहित किए गए, जिसमें मूर्तियों, मिठाइयों, फूलों और धूप के चंदन के टुकड़े शामिल थे। इन वस्तुओं को अलग-अलग संग्रहण कंटेनरों में रखा गया और कुछ को धार्मिक संगठनों को दान किया गया, जबकि अधिकांश को पर्यावरणीय कारणों से नष्ट कर दिया गया।

जुड़ी हुई कई धार्मिक संगठनों ने इस सफाई कार्य में सहयोग किया। गणेशस्थली समितियों ने अपने पंडालों से कचरा कम करने के उपाय अपनाने का वादा किया और भविष्य में पुन: उपयोग योग्य सामग्री का उपयोग करने का संकल्प लिया। इस कदम को शहर की स्वच्छता एजेंसी ने सराहा और कहा कि यह सहयोगी पहल स्थायी सफाई मॉडल स्थापित करने में मददगार होगी।

स्थानीय व्यापारियों ने भी सफाई अभियान में योगदान दिया। जुई बीच के किनारे स्थित कई रेस्तरां और काफे ने कचरा प्रबंधन के लिए विशेष बिन लगाए और अपने ग्राहकों को प्लास्टिक उपयोग कम करने की सलाह दी। इन व्यापारियों ने बताया कि साफ़-सफाई से पर्यटन के माहौल में सुधार होगा और स्थानीय व्यवसायों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।

पर्यावरण कार्यकर्ता समूह ‘ग्रीन मुंबई’ ने सफाई के बाद समुद्र तट की स्थिति का सर्वेक्षण किया और कहा कि कचरा हटाने से समुद्री जीवों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण बन गया है। उन्होंने बताया कि समुद्री पक्षियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है और समुद्री घास की झाड़ियों में भी सुधार दिख रहा है।

पर्यावरण मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी सफाई अभियानों को नियमित रूप से चलाना चाहिए और नागरिकों को कचरा उत्पन्न करने के बजाय पुनर्चक्रण की दिशा में प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि सरकारी नीतियों में कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि भविष्य में इसी प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

राजनीतिक विश

Updated: September 28, 2026


Mumbai’s municipal corporation cleared 34 tonnes of waste from Jui Beach and collected 934 tonnes of Ganesh festival offerings, using a mix of machines and manual effort, with NGOs, volunteers and local businesses joining the drive. The cleanup, backed by the Environment Ministry, aims to curb marine pollution, boost recycling and set a sustainable model for post‑festival waste management.

Mumbai’s post‑Ganeshotsav cleanup shows that a coordinated push—mixing municipal muscle, NGOs, and local businesses—can turn a festival’s waste nightmare into a recycling win, hinting at a replicable template for other Indian cities.

If authorities lock this collaborative model into

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