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बिहार बजट सत्र: महिला शिक्षकों के ट्रांसफर से लेकर टीआरई-4 तक गूंजा सदन

पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षकों से जुड़े मुद्दों ने जोर पकड़ लिया है। शुक्रवार को बिहार विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi ने महिला शिक्षकों के ट्रांसफर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जिससे सदन में व्यापक चर्चा हुई।

👩‍🏫 महिला शिक्षकों को गृह जिले में पोस्टिंग की मांग

राबड़ी देवी ने सदन में कहा कि महिला शिक्षकों को उनके गृह जिले में ही पदस्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि दूर-दराज जिलों में पोस्टिंग होने के कारण महिला शिक्षकों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला शिक्षकों को अपने परिवार, बच्चों और घरेलू जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना होता है। ऐसे में अगर उनकी पोस्टिंग गृह जिले में हो, तो वे बेहतर ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगी।

राबड़ी देवी ने सरकार से इस दिशा में नीतिगत निर्णय लेने की मांग की।

📚 शिक्षा मंत्री का जवाब

राबड़ी देवी की मांग पर शिक्षा मंत्री Sunil Kumar ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सदन में कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी और जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा।

हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ट्रांसफर नीति से जुड़े कई प्रशासनिक और तकनीकी पहलू होते हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाता है।

🚨 लॉ एंड ऑर्डर पर भी घिरी सरकार

महिला शिक्षकों के मुद्दे के साथ-साथ राबड़ी देवी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।

उन्होंने गृह मंत्री Samrat Choudhary से इस्तीफे की मांग भी की। सदन के बाहर विपक्षी विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया।

📝 सीएल (Casual Leave) को लेकर उठी तकनीकी समस्या

बिहार विधान परिषद में एमएलसी Sanjeev Kumar Singh ने शिक्षकों की छुट्टियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया।

उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार, यदि कोई शिक्षक सीएल (Casual Leave) लेता है, तो उसके आगे-पीछे या बीच में पड़ने वाले रविवार या अन्य निर्धारित अवकाश को सीएल में नहीं जोड़ा जाता।

लेकिन जब शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो सिस्टम रविवार या अवकाश को भी सीएल में जोड़ देता है। इससे शिक्षकों की छुट्टियां अनावश्यक रूप से कम हो जाती हैं और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीकी खामियों की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

🎓 टीआरई-4 को लेकर बढ़ा असंतोष

शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) को लेकर भी राज्य में असंतोष देखा जा रहा है। बीपीएससी के जारी कैलेंडर में टीआरई-4 का कोई स्पष्ट शेड्यूल नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों में नाराजगी है।

पटना में कई अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर सरकार से स्पष्ट समय-सीमा घोषित करने की मांग की है।

सरकार की ओर से यह कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया के लिए आवश्यक रोस्टर भेजा जा चुका है और आगे की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। हालांकि अभ्यर्थी जल्द अधिसूचना जारी करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

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