भरत तिवारी की मां ने कहा है कि अगर 9 जुलाई तक कोई गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी। इस घोषणा के बाद, समर्थकों ने भरत तिवारी के परिवार का समर्थन किया है और न्याय की मांग की है। बिहार सरकार को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
इस मामले में पुलिस ने एक जांच कमेटी गठित की है, जो इस एनकाउंटर की जांच कर रही है। लेकिन परिवार और समर्थकों का कहना है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में देरी हो रही है, जिससे उन्हें न्याय मिलने में देरी होगी। बिहार सरकार को इस मामले में जल्दी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
भरत तिवारी के परिवार ने कहा है कि वे न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे और जल्दी न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेंगे। समर्थकों ने भी भरत तिवारी के परिवार का समर्थन किया है और न्याय की मांग की है। इस मामले में बिहार सरकार को जल्दी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
बिहार सरकार ने कहा है कि वे इस मामले में जल्दी कार्रवाई करेंगे और न्याय सुनिश्चित करेंगे। लेकिन परिवार और समर्थकों का कहना है कि सरकार को जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इस मामले में अब तक कोई बड़ा फैसला नहीं हुआ है, जिससे परिवार और समर्थक नाराज हैं।
इस मामले में विपक्षी दलों ने भी सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि सरकार इस मामले में जल्दी कार्रवाई नहीं कर रही है। विपक्षी दलों ने कहा है कि सरकार को इस मामले में जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए और न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
भरत तिवारी के परिवार ने कहा है कि वे न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे और जल्दी न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेंगे। समर्थकों ने भी भरत तिवारी के परिवार का समर्थन किया है और न्याय की मांग की है। इस मामले में बिहार सरकार को जल्दी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
इस मामले में एक विशेषज्ञ ने कहा है कि सरकार को जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए और न्याय सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि सरकार को इस मामले में जल्दी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि परिवार और समर्थकों को न्याय मिल सके।
इस मामले का परिणाम बिहार के न्याय प्रणाली को प्रभावित करेगा। यह घटना न्याय के लिए लड़ने वाले परिवारों को प्रभावित करती है।