रिलायंस फेडरल रेल के आंकड़े अनुसार, इस वर्ष 1‑8 नवंबर के बीच दिल्ली‑बिहार मार्ग पर लगभग 2.5 लाख यात्रियों की बुकिंग की कोशिश की गई, जबकि उपलब्ध सामान्य सीटें केवल 1.3 लाख थीं। बकाया टिकटों की संख्या में वृद्धि के साथ, कई प्लेटफ़ॉर्म पर वेटिंग लिस्ट के अंक 30‑40 तक पहुँच गए हैं, जो पहले के वर्षों की तुलना में दो‑तीन गुना अधिक है। इस संदर्भ में, रेलवे ने टिकट‑बाजार में असंतुलन को कम करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल को त्वरित अपडेट किया और विशेष आरक्षण विंडो खोलने का प्रस्ताव रखा।
नई क्लोन ट्रेनों में से पहली, तेजस राजधानी, 23 महीने से 30 महीने के बीच दिल्ली हेटह्रू स्टेशन से पटना जंक्शन तक चलने की योजना है, जिसमें कुल 18 कोच और दो एसी 2‑टियर कोच शामिल हैं। इस ट्रेन की कुल क्षमता लगभग 1,300 यात्रियों की होगी और इसका औसत यात्रा समय 14 घंटे बताया गया है। रेलवे के अनुसार, इस ट्रेन की किराए की संरचना सामान्य टिकटों के समान होगी, जिसमें स्लीपर क्लास का किराया लगभग ₹ 720 और एसी 3‑टियर का किराया लगभग ₹ 2,150 निर्धारित किया गया है।
दूसरी क्लोन ट्रेन, संपूर्ण क्रांति, भी समान मार्ग पर चलने के लिए तैयार है, परन्तु यह पटना के अलावा गयाबंद, नवादा और भागलपुर जैसे प्रमुख बिंदुओं पर अतिरिक्त स्टॉप करेगी। इस ट्रेन में 22 कोच होंगी, जिसमें स्लीपर, एसी 3‑टियर और एसी 2‑टियर के मिश्रित वर्ग शामिल हैं। रेलवे ने बताया कि इस ट्रेन की टिकट कीमतें तेजस राजधानी से थोड़ी अधिक होंगी, क्योंकि यह अधिक स्टॉपेज को कवर करेगी; स्लीपर क्लास का किराया लगभग ₹ 790 और एसी 3‑टियर का किराया लगभग ₹ 2,300 होगा।
क्लोन ट्रेनें शुरू होने से पहले रेलवे ने यात्रा‑सुरक्षा और सफ़र‑सुविधा के मानकों को कड़ाई से लागू किया है, जिसमें प्रत्येक कोच में सुसज्जित एसी वेंटिलेशन, स्वच्छ बाथरूम और रियल‑टाइम यात्रा‑सूचना प्रणाली शामिल है। साथ ही, बुकिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल स्थापित किए गए हैं,
जिससे डुप्लिकेट बुकिंग और बॉट‑आधारित टिकटिंग को रोका जा सके। इस कदम को यात्रियों की सुरक्षा के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता के रूप में माना गया है।
रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति दोनों को विशेष रूप से इस त्योहारी अवधि की भीड़ को कम करने के लिये तैनात किया गया है, और इनका संचालन दो सप्ताह तक जारी रहेगा। प्रवक्ता ने कहा कि यदि टिकट की उपलब्धता में सुधार नहीं हुआ तो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें भी जोड़ी जा सकती हैं। इस घोषणा के बाद, टिकट बुकिंग पोर्टल पर तत्काल ही बुकिंग की गति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसमें कई यात्रियों ने नई ट्रेनों के लिए तुरंत रेज़र्वेशन कर लिए।
बिहार सरकार के प्रमुख अधिकारी, यात्रा एवं पर्यटन विभाग के निदेशक ने इस पहल को यात्री‑सुविधा में सुधार के रूप में सराहा और कहा कि इस अवधि में ट्रैफ़िक को संतुलित करने के लिये रेलवे के साथ निकट समन्वय किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में छठ पूजा के दौरान विशेष सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त पुलिस गश्त और प्लेटफ़ॉर्म सुरक्षा टीमों की तैनाती शामिल है।
Updated: September 20, 2026
The rush for Delhi‑Bihar tickets this festive window reveals how migration remains a structural economic engine, not just a cultural habit, pressuring infrastructure far beyond seasonal spikes.
Railways’ rapid rollout of clone services is a stop-gap that signals a deeper need for permanent capacity upgrades if India’s labor-intensive festival travel demand is to be handled reliably. While additional trains can provide immediate relief during peak periods, sustained growth in passenger traffic will require expanded track capacity, more coaches, better station infrastructure, improved scheduling and stronger last-mile connectivity. The recurring rush around Diwali and Chhath highlights the need for a longer-term strategy that combines seasonal flexibility with investments in the country’s rail network.