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Posts tagged as “राजनीति”

नीतीश कुमार अभी भी बिहार के सीएम: नीतीश कुमार की पार्टी के कार्यक्रम में उनकी प्रशंसा

नीतीश कुमार को एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया है, लेकिन इसके केवल 12 दिन ही बीते हैं कि उन्होंने अपने इस पोस्ट से इस्तीफा दिया था। इस घटना ने जेडीयू के विस्तृत प्रस्तुति पत्रक को उजागर किया।

नीतीश ने 10 जुलाई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद नीतीश के अन्य गठबंधन सहयोगी पार्टियां अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जोर दे रही थीं। नीतीश के इस्तीफे के लगभग 12 दिनों के समय में, राजनीतिक घटनाक्रम भी उतार-चढ़ाव के साथ जारी रहे।

इस घटनाक्रम के बाद भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार नीतीश कुमार की प्रशंसा करते नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री नियुक्त किया। इस मामले में जेडीयू ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा है की नीतीश ने अपनी मुख्यमंत्री की ड्यूटी निभाने के लिए कोई सहमति नहीं दी और न ही उनके खिलाफ कोई आरोप लगाए गए हैं।

यह एक महत्वपूर्ण विकास है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि में बदलाव के बारे में सोचा जा रहा है, क्योंकि राज्य में राजनीत

नीतीश कुमार को अब भी मिलेगी Z+ सुरक्षा कवर, बिहार CM पद छोड़ने के बाद भी!

नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद से पद छोड़ने के बाद भी अब भी उन्हें Z+ सुरक्षा कवर मिलेगा। उनके इस सुरक्षा कवर में उन्हें एसपीजी कवरेज मिलेगा, जो सिर्फ देश के तीन सबसे महत्वपूर्ण नेताओं को मिलता है। इसके पीछे जो कारण है वह यह है कि उन्हें पहले से ही Z+ सुरक्षा कवर मिल रहा था और उन्होंने इसी सुरक्षा कवर के लिए आवेदन किया था।

बिहार के मुख्यमंत्री पद को छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार राज्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि वह राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, जिसके लिए उन्होंने दिनेश चंद्र गुप्ता को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।

सुरक्षा कवर की प्रक्रिया को लेकर कई लोगों की नींद उड़ गई है, खासकर उन लोगों की जो शायद कभी सोच नहीं सकते थे कि कोई नीतीश कुमार जैसा व्यक्ति उनके जैसा हुआ करते समय उन्हें Z+ सुरक्षा कवर के लिए आवेदन करेगा। इसके बावजूद भी सुरक्षा कवर दिया जाना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो सभी राजनीतिक दिशाओं

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर: कांग्रेस को हरियाणा, ओडिशा और बिहार की घटनाओं से बढ़ी चुनौती

हाल के दिनों में हरियाणा, ओडिशा और बिहार में हुई घटनाओं ने कांग्रेस पार्टी को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर सताने लगा है। कांग्रेस पार्टी को लगता है कि उसके विधायकों के वोट बाहर जा सकते हैं, जिससे पार्टी को नुकसान हो सकता है। इसी वजह से कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि वे किसी भी तरह के प्रलोभन में न आएं।

कांग्रेस पार्टी की इस चुनौती का मुख्य कारण है हाल के दिनों में हुई घटनाएं, जिनमें कुछ विधायकों ने पार्टी के खिलाफ वोट दिया था। इन घटनाओं ने कांग्रेस पार्टी को यह सोचने पर मजबूर किया है कि उसके विधायकों की वफादारी कैसे सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मानना है कि यदि वे अपने विधायकों को सुरक्षित नहीं रखेंगे, तो वे किसी भी तरह के प्रलोभन में आ सकते हैं।

कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने बताया कि वे अपने विधायकों को एक सुरक्षित स्थान पर रखेंगे, जहां वे किसी भी तरह के प्रलोभन में नहीं आएंगे। इसके अलावा, पार्टी ने अपने विधायकों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से बात न करें और न ही किसी अनजान स्थान पर जाएं। कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मानना है कि यदि वे अपने विधायकों को सुरक्षित रखेंगे, तो वे राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर दूर कर सकते हैं।

कांग्रेस पार्टी की इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य है अपने विधायकों की वफादारी सुनिश्चित करना और राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करना। कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मानना है कि यदि वे अपने विधायकों को सुरक्षित रखेंगे, तो वे राज्यसभा चुनाव में अपनी सीटें बचा सकते हैं और अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पार्टी की यह रणनीति कितनी सफल होगी और वे राज्यसभा चुनाव में क्या हासिल कर पाएंगे।

बिहार में इफ्तार डिप्लोमेसी का महत्व बढ़ा, तेजस्वी यादव आज AIMIM के साथ, नीतीश कुमार की दावत-ए-इफ्तार 18 मार्च को

बिहार में राज्यसभा चुनाव के बीच इफ्तार पार्टियों ने सियासी रंग ले लिया है और आज पटना में AIMIM की ओर से आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के शामिल होने की संभावना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा चुनाव में संभावित जीत के बाद 18 मार्च को अपने आवास 1 अणे मार्ग में भव्य ‘दावत-ए-इफ्तार’ देने वाले हैं.

चिराग पासवान ने भी 16 मार्च को अपनी पार्टी कार्यालय में इफ्तार पार्टी आयोजित करने का ऐलान किया है और ऐसे में बिहार की राजनीति में इफ्तार पार्टियां एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शिरकत करने जा रहे हैं जो सीमांचल की राजनीति और मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करने की जद्दोजहद के बीच तेजस्वी का AIMIM के मंच पर जाना कई बड़े संकेत दे रहा है.

आज की इस मुलाकात पर सत्ता पक्ष की भी पैनी नजर बनी हुई है और राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री आवास में खास दावत की तैयारी हो रही है. पटना के सबसे हाई-प्रोफाइल पते, 1 अणे मार्ग पर हलचल तेज हो गई है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की राह लगभग साफ हो चुकी है.

इफ्तार की इस रेस में चिराग पासवान भी पीछे नहीं हैं और 16 मार्च को जिस दिन राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग और रिजल्ट का शोर होगा, उसी शाम चिराग अपनी पार्टी कार्यालय में इफ्तार पार्टी के जरिए अपनी सियासी ताकत दिखाएंगे.
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि रमजान के दौरान आयोजित इफ्तार पार्टियां केवल सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर नहीं होतीं, बल्कि इसके जरिए राजनीतिक रिश्तों को भी मजबूत किया जाता है और एक ओर AIMIM के इफ्तार में तेजस्वी यादव की मौजूदगी चर्चा में है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री आवास में होने वाली दावत-ए-इफ्तार पर भी सबकी नजर बनी हुई है.