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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दारभंगा यात्रा: 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के दारभंगा में पहुंचकर 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। मोदी की यात्रा के दौरान कई विकास परियोजना का लोकार्पण भी किया जाना है, जो दारभंगा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

दारभंगा में प्रधानमंत्री की यात्रा के कारण शहर में उत्साह का माहौल हो गया है। राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने उनके आगमन के इंतजार में शामिल हुए हैं। दारभंगा एक महत्वपूर्ण शहर है जहां निवासी लंबे समय से विकास की मांग कर रहे हैं।

दारभंगा विश्वभार विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की हैं। 25-26 जून 2023 को प्रधानमंत्री के आगमन के लिए शहर को सजाया गया है। यह स्वागत दारभंगा के विकास के महत्वपूर्ण कदमों के साक्षी सामने आने वाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जो दारभंगा के निवासियों के लिए लाभकारी होंगी। इन परियोजनाओं में से अधिकांश का उद्देश्य शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और निवासियों के जीवन को सुधारना है।

दारभंगा के निवासी प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित हैं। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री की यात्रा से शहर के विकास में नई गति मिलेगी। दारभंगा के विकास के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जो शहर को आगे बढ़ने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है ताकि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असामान्य स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

दारभंगा के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा एक महत्वपूर्ण कदम है। यह शहर के निवासियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जो शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है।

मोकामा में फिर हैवानियत: अनंत सिंह के समर्थक पर हमले में दो घायल, सोनू और मोनू गैंग की हिंसा का खुलासा

मोकामा, बिहार के पार्टी प्रतिनिधि ने मोकामा से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के मोकामा में बीते चार दिनों में एक बार फिर हिंसक घटना घटित हुई है। सोनू और मोनू गैंग के लोगों ने मोकामा गांव के अनंत सिंह के समर्थकों पर हमला किया है, जिसमें दो लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए, पार्टी प्रतिनिधि ने कहा कि घटना गुरुवार शाम को घटित हुई थी, जब सोनू और मोनू गैंग के लोगों ने अनंत सिंह के समर्थकों पर फायरिंग की। दो लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है।

पार्टी प्रतिनिधि के मुताबिक, घटना के दौरान कई लोगों को गोली लगी है, लेकिन अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है। घटना के बाद से पुलिस ने सोनू और मोनू गैंग के लोगों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर प्रथमदृष्ट

बिहार के बाहुबली विधायक पप्पू पांडे को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

बिहार के गोपालगंज जिले में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडे को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश गोपालगंज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।

विधायक पप्पू पांडे पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कागजात के जरिए जमीन पर कब्जा करने के लिए भू-माफियाओं के साथ साजिश की। इस मामले में उनके सहयोगी सीए राहुल तिवारी पर भी आरोप हैं। इससे पहले इस मामले में भोला पांडेय सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

विधायक की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने दलील पेश की थी। इसके बाद कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से गिरफ्तारी पर स्टे दे दिया है। अब अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इस दौरान काफी गहमागहमी का माहौल रहा था।

इस केस में विधायक के भाई सतीश पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका और पहले से जेल में बंद भोला पांडेय समेत अन्य आरोपियों की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी। कोर्ट के इस फैसले से विधायक पप्पू पांडे को बड़ी राहत मिली है।

एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट के इस फैसले के बाद विधायक पप्पू पांडे के समर्थकों ने राहत की सांस ली है। उन्हें उम्मीद है कि अगली सुनवाई में भी विधायक को राहत मिलेगी।

विधायक पप्पू पांडे के खिलाफ दर्ज मामले में जांच जारी है। पुलिस इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर रही है। अगली सुनवाई में कोर्ट इस मामले में और महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है।

इस पूरे मामले में विधायक पप्पू पांडे और उनके सहयोगियों पर नजरें टिकी हुई हैं। अगली सुनवाई में कोर्ट के फैसले से इस मामले में और स्पष्टता आएगी।

विधायक पप्पू पांडे के मामले में कोर्ट के फैसले से बिहार की राजनीति में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल सकते हैं।

इस मामले में आगे क्या होगा, यह तो अगली सुनवाई में पता चलेगा। लेकिन अभी तक कोर्ट के फैसले से विधायक पप्पू पांडे को बड़ी राहत मिली है।

बिहार के सुपौल जिले में तेजी से तैयार हो रहा मॉडर्न रेलवे स्टेशन, यात्रियों को मिलेंगी सुविधापूर्ण सुविधाएं

बिहार के सुपौल जिले में एक राहत भरी खबर है. पूर्व मध्य रेलवे के तहत चल रही गतिशक्ति परियोजना के अंतर्गत सुपौल रेलवे स्टेशन का नया मॉडर्न बिल्डिंग तेजी से तैयार किया जा रहा है. यह स्टेशन आम जनता के लिए जल्द ही खुल जाएगा, जहां पर उच्चतम स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी. मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (सीएओ) नीरज कुमार ने हाल ही में स्टेशन पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तय समय सीमा में सभी लंबित कार्य पूरे करने के कड़े निर्देश दिए.

निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का आदेश

निरीक्षण के दौरान सीएओ ने निर्माणाधीन स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया और फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का जायजा लिया. उन्होंने विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए काम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा. साथ ही स्टेशन परिसर के दोनों ओर व्यवस्थित पार्किंग स्टैंड विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे यात्रियों

“बिहार के सीतामढ़ी: नेपाल के भंसार टैक्स से बाजार की रौनक घट गई”

नेपाल की नई सरकार ने सीमा पार से लाए जाने वाले सामानों पर भंसार टैक्स लागू किया है, जिसका असर सीधे आम लोगों और कारोबार पर दिखने लगा है. बिहार के सीतामढ़ी जिले से सटे बाजार अब सूने पड़े हैं, जहां पहले नेपाली ग्राहक बड़ी संख्या में खरीदारी करते थे. यह बदलाव नेपाल के तराई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो रोजमर्रा के सामान के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर रहे हैं।

सीतामढ़ी और आसपास के बाजार नेपाल के तराई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सस्ते और सुविधाजनक विकल्प रहे हैं. लेकिन अब सीमा पर सख्ती और टैक्स के कारण नेपाली नागरिक कम खरीदारी कर रहे हैं या भारतीय बाजारों में आना ही कम कर दिया है. इससे सीमावर्ती बाजारों की रौनक घट गई है और दुकानदारों की आमदनी पर भी सीधा असर पड़ा है।

सीतामढ़ी से सटी करीब 84 किलोमीटर की सीमा पर 30 से ज्यादा बाजार हैं, जिनकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक नेपाली ग्राहकों पर निर्भर करती है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में छोटे

बिहार में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की आगाही, 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

बिहार के मौसम में अचानक बदलाव आ गया है, जिसके कारण 13 जिलों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को सावधानी बरतने के लिए आगाह किया गया है। यह बदलाव लगातार बढ़ते तापमान के बीच आया है, जो अब तक जारी था।

बिहार में 18 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, जिसके अनुसार 24 घंटे के भीतर कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूरे राज्य में बारिश होने की संभावना है, जो अगले 24 घंटे में हो सकती है। इससे आमजन में राहत है, क्योंकि तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

बिहार के कई शहरों में तापमान में गिरावट आने से लोगों में राहत है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 जून के दिन तापमान में गिरावट आने के बाद 19 जून को भी तापमान में गिरावट ही देखी जा सकती है। यह बदलाव लोगों के लिए राहत देने वाला है, क्योंकि गर्मी से लोग परेशान थे।

बिहार की वायु प्रदूषण के आंकड़े भी अचानक बढ़ने से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए आगाह किया है, क्योंकि भारी बारिश और तेज़ हवाएं आने से लोगों को परेशानी हो सकती है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी बरतें और अपने घरों में ही रहें।

इस बीच, मौसम विभाग ने लोगों को अपडेट्स देने के लिए अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स लेते रहें और सावधानी बरतें। यह बदलाव लोगों के लिए राहत देने वाला है, लेकिन लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

नीतीश कुमार अभी भी बिहार के सीएम: नीतीश कुमार की पार्टी के कार्यक्रम में उनकी प्रशंसा

नीतीश कुमार को एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया है, लेकिन इसके केवल 12 दिन ही बीते हैं कि उन्होंने अपने इस पोस्ट से इस्तीफा दिया था। इस घटना ने जेडीयू के विस्तृत प्रस्तुति पत्रक को उजागर किया।

नीतीश ने 10 जुलाई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद नीतीश के अन्य गठबंधन सहयोगी पार्टियां अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जोर दे रही थीं। नीतीश के इस्तीफे के लगभग 12 दिनों के समय में, राजनीतिक घटनाक्रम भी उतार-चढ़ाव के साथ जारी रहे।

इस घटनाक्रम के बाद भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार नीतीश कुमार की प्रशंसा करते नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री नियुक्त किया। इस मामले में जेडीयू ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा है की नीतीश ने अपनी मुख्यमंत्री की ड्यूटी निभाने के लिए कोई सहमति नहीं दी और न ही उनके खिलाफ कोई आरोप लगाए गए हैं।

यह एक महत्वपूर्ण विकास है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि में बदलाव के बारे में सोचा जा रहा है, क्योंकि राज्य में राजनीत

नीतीश कुमार को अब भी मिलेगी Z+ सुरक्षा कवर, बिहार CM पद छोड़ने के बाद भी!

नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद से पद छोड़ने के बाद भी अब भी उन्हें Z+ सुरक्षा कवर मिलेगा। उनके इस सुरक्षा कवर में उन्हें एसपीजी कवरेज मिलेगा, जो सिर्फ देश के तीन सबसे महत्वपूर्ण नेताओं को मिलता है। इसके पीछे जो कारण है वह यह है कि उन्हें पहले से ही Z+ सुरक्षा कवर मिल रहा था और उन्होंने इसी सुरक्षा कवर के लिए आवेदन किया था।

बिहार के मुख्यमंत्री पद को छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार राज्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि वह राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, जिसके लिए उन्होंने दिनेश चंद्र गुप्ता को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।

सुरक्षा कवर की प्रक्रिया को लेकर कई लोगों की नींद उड़ गई है, खासकर उन लोगों की जो शायद कभी सोच नहीं सकते थे कि कोई नीतीश कुमार जैसा व्यक्ति उनके जैसा हुआ करते समय उन्हें Z+ सुरक्षा कवर के लिए आवेदन करेगा। इसके बावजूद भी सुरक्षा कवर दिया जाना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो सभी राजनीतिक दिशाओं

बिहार में 24 घंटे पैथोलॉजी सेवा: बिहार में PPP मॉडल पर शुरू हुई बड़ी पहल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में घोषणा की है कि राज्य में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (या PPP) मॉडल के तहत एक नई पहल शुरू की जा रही है, जिसके तहत 24 घंटे पैथोलॉजी सेवाएं दी जाएंगी। इसके अलावा, PPP मॉडल के तहत डोर स्टेप सैंपल कलेक्शन की भी सुविधा उपलब्ध होगी।

इस नई पहल में नीतीश कुमार ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों पर प्रशंसा जताई है। उन्होंने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देगी और मरीजों को समय पर उचित देखभाल मिलेगी। बिहार सरकार ने बताया कि प्रत्येक जिले में पैथोलॉजी सेवाओं का एक विशेष केंद्र बनाया जाएगा।

ज्ञातव्य है कि यह PPP मॉडल के तहत बिहार की यह पहल, देश के अन्य राज्यों के लिए एक नया मानक प्रकट करेगी। इसको देखते हुए, अन्य राज्य भी PPP मॉडल का उपयोग करने पर विचार करेंगे। इसके अलावा, यह पहल बिहार के स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगी। पार्टनरशिप के तहत विशेषज्ञों की टीमें बनाई जाएंगी, जो मरीजों की उचित देखभाल करेंगी।

इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए, ब

बिहार के प्रवासी मजदूर की जालंधर में वेतन विवाद में गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी

जालंधर में एक प्रवासी मजदूर की वेतन विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह मजदूर बिहार का निवासी था और जालंधर में काम की तलाश में आया था। पुलिस ने बताया कि यह विवाद किसी मजदूरी के भुगतान को लेकर हुआ था, जिसमें मजदूर ने अपने वेतन की मांग की थी, लेकिन उसके मालिक ने उसे धोखा दिया और विवाद बढ़ गया।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। जालंधर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और हम इस मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे।

बिहार के प्रवासी मजदूरों के साथ अक्सर इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं, जिसमें उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ता है। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए और प्रवासी मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। इस मामले में भी सरकार को दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलानी चाहिए।

जालंधर के निवासियों ने इस घटना की निंदा की है और सरकार से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों के साथ справेदरपना होना चाहिए और उन्हें उनके अधिकार दिलाने चाहिए। इस मामले में सरकार को जल्द ही कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को सजा दिलानी चाहिए।

बिहार में इफ्तार डिप्लोमेसी का महत्व बढ़ा, तेजस्वी यादव आज AIMIM के साथ, नीतीश कुमार की दावत-ए-इफ्तार 18 मार्च को

बिहार में राज्यसभा चुनाव के बीच इफ्तार पार्टियों ने सियासी रंग ले लिया है और आज पटना में AIMIM की ओर से आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के शामिल होने की संभावना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा चुनाव में संभावित जीत के बाद 18 मार्च को अपने आवास 1 अणे मार्ग में भव्य ‘दावत-ए-इफ्तार’ देने वाले हैं.

चिराग पासवान ने भी 16 मार्च को अपनी पार्टी कार्यालय में इफ्तार पार्टी आयोजित करने का ऐलान किया है और ऐसे में बिहार की राजनीति में इफ्तार पार्टियां एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शिरकत करने जा रहे हैं जो सीमांचल की राजनीति और मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करने की जद्दोजहद के बीच तेजस्वी का AIMIM के मंच पर जाना कई बड़े संकेत दे रहा है.

आज की इस मुलाकात पर सत्ता पक्ष की भी पैनी नजर बनी हुई है और राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री आवास में खास दावत की तैयारी हो रही है. पटना के सबसे हाई-प्रोफाइल पते, 1 अणे मार्ग पर हलचल तेज हो गई है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की राह लगभग साफ हो चुकी है.

इफ्तार की इस रेस में चिराग पासवान भी पीछे नहीं हैं और 16 मार्च को जिस दिन राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग और रिजल्ट का शोर होगा, उसी शाम चिराग अपनी पार्टी कार्यालय में इफ्तार पार्टी के जरिए अपनी सियासी ताकत दिखाएंगे.
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि रमजान के दौरान आयोजित इफ्तार पार्टियां केवल सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर नहीं होतीं, बल्कि इसके जरिए राजनीतिक रिश्तों को भी मजबूत किया जाता है और एक ओर AIMIM के इफ्तार में तेजस्वी यादव की मौजूदगी चर्चा में है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री आवास में होने वाली दावत-ए-इफ्तार पर भी सबकी नजर बनी हुई है.