अजमेर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत, साथ ही गरमाई सियासत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से देशव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाना है।
हालांकि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण था, लेकिन इस मंच से प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने कांग्रेस को “मुस्लिम लीग–माओवादी कांग्रेस” करार देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी देश को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
इस कार्यक्रम में जहां एक ओर करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी।
क्या है HPV वैक्सीनेशन अभियान?
प्रधानमंत्री मोदी ने 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की। यह टीका ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) से बचाव के लिए दिया जाता है, जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है।
सर्वाइकल कैंसर क्यों गंभीर है?
- भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में सर्वाइकल कैंसर प्रमुख कारणों में से एक है।
- ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं में इसकी पहचान अक्सर देर से होती है।
- समय पर टीकाकरण से भविष्य में इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सरकार का लक्ष्य है कि देशभर में 14 वर्ष की बालिकाओं को यह टीका मुफ्त में उपलब्ध कराया जाए। इसे सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो आने वाले वर्षों में भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
₹16,680 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
स्वास्थ्य अभियान के साथ प्रधानमंत्री ने राजस्थान में ₹16,680 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें शामिल हैं:
- सड़क और राजमार्ग परियोजनाएं
- पेयजल योजनाएं
- ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं
- सिंचाई और औद्योगिक विकास कार्य
- शहरी विकास से संबंधित योजनाएं
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से राजस्थान की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।
AI समिट में विरोध प्रदर्शन बना राजनीतिक मुद्दा
हाल ही में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान एक घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। इस कार्यक्रम में दुनिया भर से तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के अंदर प्रधानमंत्री की तस्वीर वाले टी-शर्ट पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। टी-शर्ट पर कथित तौर पर “PM is compromised”, “India-US Trade Deal” और “Epstein Files” जैसे नारे लिखे थे।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस विरोध को कार्यक्रम की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। बाद में कुछ को जमानत भी मिली।
PM मोदी का कांग्रेस पर हमला
अजमेर के मंच से प्रधानमंत्री ने इस घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।
“कांग्रेस अब पुरानी कांग्रेस नहीं”
उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस वही पार्टी नहीं रही जिसने स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका निभाई थी। उनके अनुसार, कांग्रेस अब “मुस्लिम लीग–माओवादी कांग्रेस” बन चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- कांग्रेस देश को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
- विदेशी मेहमानों के सामने भारत की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
- जब दुनिया भारत की प्रगति की सराहना करती है, तब कांग्रेस उसे कमजोर करने का काम करती है।
ऐतिहासिक संदर्भ
प्रधानमंत्री ने “मुस्लिम लीग” का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह मुस्लिम लीग ने विभाजन की राजनीति की, उसी मानसिकता के साथ आज कांग्रेस काम कर रही है।
उन्होंने “माओवादी” शब्द का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर आरोप-प्रत्यारोप
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि:
- उनके शासनकाल में सेना को पर्याप्त संसाधन नहीं मिले।
- वन रैंक वन पेंशन (OROP) को लागू करने में देरी की गई।
- रक्षा सौदों में घोटाले हुए।
इसके विपरीत, उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में की गई सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सेना को मजबूत किया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री के इन बयानों पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं का कहना है कि:
- सरकार आलोचना को देशविरोधी करार दे रही है।
- लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सवाल पूछना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
- राजनीतिक असहमति को देशद्रोह या राष्ट्रविरोध से जोड़ना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस ने कहा कि वह राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखना जारी रखेगी।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
देश में आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक माहौल पहले से ही गरम है। ऐसे में:
- सत्तारूढ़ दल विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बना रहा है।
- विपक्ष सरकार की नीतियों और निर्णयों पर सवाल उठा रहा है।
अजमेर का यह कार्यक्रम एक उदाहरण है कि किस तरह सरकारी योजनाओं के शुभारंभ के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी दिया जाता है।