को “मेरे दोस्त” कहकर अपनी नज़दीकी का इज़हार किया, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के विकास में उनका नेतृत्व सराहा, और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनो देशों के बढ़ते सहयोग को उजागर किया। यह संदेश भारत की वैश्विक कूटनीति में उसकी बढ़ती महत्ता को प्रतिबिंबित करता
है।
मोदी के जन्मदिन का जश्न पहले ही कई राज्यों में आयोजित हुआ, जहाँ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक समारोह हुए। नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित समारोह में राष्ट्रपति और कई केंद्रीय मंत्रियों ने उपस्थित होकर प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत बधाई दी। इस अवसर पर सरकार ने ‘विकास की दिशा’
थीम पर एक विशेष संवाद आयोजित किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भारत की आर्थिक प्रगति पर चर्चा की। यह पहल प्रधानमंत्री की ‘विकास परिकल्पना’ के साथ तालमेल रखने वाली थी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर विकास के संदेश को सुदृढ़ किया गया।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने
बधाई संदेश में मोदी के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की और भारत-इटली संबंधों को “विश्वास और सहयोग” की नई दिशा में ले जाने की आशा व्यक्त की। उन्होंने दोनो देशों के बीच ऊर्जा, स्वास्थ्य और तकनीकी साझेदारियों को गहरा करने की बात दोहराई। इस प्रकार के व्यक्तिगत बधाई संदेश
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की मित्र राष्ट्रों के साथ मजबूत बंधन को दर्शाते हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत-इज़राइल रणनीतिक साझेदारी को “स्थिरता और सुरक्षा” के आधार पर विकसित होने का उल्लेख किया, और मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति की सराहना की।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर
पुतिन ने भी इस अवसर पर मोदी को बधाई भेजते हुए दोनो देशों के बीच आर्थिक सहयोग को “नए शिखर” पर ले जाने का इरादा व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से भारत-रूस एयरोस्पेस, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं का उल्लेख किया, जो दोनों देशों के औद्योगिक विकास
में योगदान दे रहे हैं। पुतिन के शब्दों ने संकेत दिया कि भारत के साथ रूसी निवेश को बढ़ाने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना की योजना है, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
इन बधाई संदेशों के अलावा, कई अन्य देशों के प्रमुख
नेताओं ने सामाजिक मीडिया और आधिकारिक बयानों के माध्यम से अपने समर्थन के संकेत दिए। चीन के विदेश मंत्री ने भारत के “वैश्विक आर्थिक संरचना में बढ़ती भूमिका” की प्रशंसा की, जबकि जापान के विदेश सचिव ने “परस्पर सम्मान और सहयोग” पर बल दिया। इस प्रकार का अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भारत
के बहुपक्षीय कूटनीति के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करता है, जहाँ कई देशों ने भारत को अपने आर्थिक और सुरक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण भागीदार माना है।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लेकर भारतीय मीडिया ने भी विविध पहलुओं से कवरेज किया। प्रमुख समाचार चैनलों ने लाइव कवरेज के साथ साथ विशेष
साक्षात्कार और विश्लेषणात्मक पैनेल आयोजित किए, जहाँ विभिन्न विशेषज्ञों ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, बुनियादी ढाँचा विकास और सामाजिक सुधारों का मूल्यांकन किया। कई आर्थिक समाचार पत्रों ने इस अवसर को ‘विकास की दिशा में एक नया मोड़’ के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे सार्वजनिक धारणा में सकारात्मक प्रभाव
पड़ा। इस तरह का व्यापक मीडिया कवरेज राष्ट्रीय स्तर पर सरकार के कार्यों को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध हुआ।
राजनीतिक दलों ने भी इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएँ दीं। विपक्षी पार्टी ने मोदी के नेतृत्व में हुए आर्थिक विकास को सराहते हुए कहा कि “देश का भविष्य उज्ज्वल
है”, जबकि कुछ दल ने स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस बीच, राष्ट्रीय कांग्रेस ने “विकास के साथ-साथ सामाजिक समावेशन” को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। ये विविध प्रतिक्रियाएँ भारतीय लोकतंत्र में बहु-आवाज़ी संवाद को प्रतिबिंबित करती हैं, जहाँ विकास
को लेकर विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं का मेल देखा जाता है।
आर्थिक विश्लेषकों ने मोदी के जन्मदिन को एक ‘आर्थिक संकेतक’ के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर भारत के स्टॉक मार्केट में हल्की उछाल देखी गई, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा
Prime Minister Narendra Modi’s 76th birthday on Sept 17 sparked nationwide celebrations and a flurry of congratulatory messages from world leaders, highlighting India’s expanding diplomatic and economic clout. Domestic events paired with extensive media coverage underscored the government’s development agenda while opposition voices called for broader social inclusion.
Modi’s 76th birthday has become a diplomatic flashpoint, turning personal congratulations into a quiet vote of confidence that nudges India toward a higher rung in global power‑plays.
The surge in market optimism and bipartisan applause suggests the leader’s personal brand now functions as a proxy for India’s