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मसौढ़ी मोड़ पर 45‑दिन नो‑एंट्री के बावजूद वैकल्पिक मार्गों से रोज़ाना यातायात सुचारू | पटना समाचार

पटना – शहर के मध्य में स्थित मसौढ़ी मोड़-जीरो माइल मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य के कारण 45 दिनों तक पूर्ण रूप से नो-एंट्री लागू कर दिया गया है। मंगलवार सुबह से लागू यह प्रतिबंध, दैनिक आवागमन को प्रभावित कर रहा है और यातायात पुलिस ने तुरंत वैकल्पिक रूट तैयार किए हैं। इस नई व्यवस्था में सभी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना अनिवार्य किया गया है, ताकि भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके। स्थानीय व्यापारियों और दैनिक यात्रियों ने इस कदम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं, परंतु आधिकारिक तौर पर यह कार्य सुरक्षित एवं तेज़ी से पूर्ण करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

मसौढ़ी मोड़-जीरो माइल मार्ग पर कार्य का मूल कारण शहर के मुख्य arterial road के नवीनीकरण की जरूरत है। पिछले दो वर्षों में इस खंड में असमान सतह, जलजमाव और सड़क फटे होने की शिकायतें लगातार दर्ज की गई थीं। नगरपालिका ने 2024 में एक विस्तृत सर्वेक्षण किया, जिसमें इस मार्ग को व्यापक पुनर्निर्माण की सिफारिश की गई। कार्य में सड़क की सतह को पुनः पक्की करना, जल निकासी प्रणाली को आधुनिक बनाना और सिग्नल सिस्टम को उन्नत करना शामिल है। इस परियोजना को कुल 120 करोड़ रुपये के बजट से चलाया जा रहा है।

प्राथमिक चरण में मौजूदा चार लेन वाली सड़क को दो लेन तक घटाकर पुनर्निर्माण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में भारी मशीनरी, जैसे कि एक्सकावेटर और अस्फाल्ट पैंटर, का उपयोग किया जाएगा। कार्यकाल के दौरान, सड़क पर मौजूद सभी बैनर, पेड़ और विज्ञापनपट्टों को हटा दिया गया है। निर्माण कार्य के दौरान ध्वनि और धूल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। नगर निगम ने इस बात की गारंटी दी है कि कार्य समाप्ति के बाद सड़क की क्षमता में 30 प्रतिशत तक वृद्धि होगी।

वैकल्पिक मार्ग के प्रथम चरण में पश्चिमी दिशा में जाने वाले वाहनों को मसौढ़ी मोड़ से लगभग एक किलोमीटर आगे विजयनगर के पास स्थित यू-टर्न का उपयोग करके गांधी सेतु की ओर मोड़ने का निर्देश दिया गया है। इस रूट में दो मुख्य सड़कों—विजयनगर रोड और गांधी सेतु मार्ग—का उपयोग किया जाएगा, जिससे ट्रैफ़िक का प्रवाह सुगम रहेगा। इस मार्ग पर संकेत बोर्ड लगाए गए हैं और पुलिस बल ने रूट की निगरानी के लिए अतिरिक्त ड्यूटी बैंड स्थापित कर दी है।

पूर्वी दिशा में यात्रा करने वाले ड्राइवरों को मसौढ़ी मोड़ से पूर्व में स्थित एन्क्लेव रोड पर मोड़ कर, फिर बाग़ी मोड़ के माध्यम से मुख्य राजमार्ग तक पहुंचने का निर्देश दिया गया है। इस वैकल्पिक रूट में दो प्रमुख चौराहे—एन्क्लेव मोड़ और बाग़ी चौक—पर ट्रैफ़िक लाइट की नई व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत, वाहन प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए टाइमेड सिग्नल और इंटेलिजेंट ट्रैफ़िक सिस्टम स्थापित किए गए हैं।

सड़क निर्माण के कारण प्रभावित होने वाले मुख्य क्षेत्रों में बीआरडी, गंगा नगर, और सिविल लाइट्स शामिल हैं। इन क्षेत्रों के निवासियों को नियमित रूप से अद्यतन जानकारी प्रदान करने के लिए मोबाइल एप्प और वेबसाइट पर रियल‑टाइम ट्रैफ़िक अपडेट जारी किया गया है। स्थानीय मीडिया ने भी इस योजना को व्यापक रूप से कवर किया है, जिससे जनता को वैकल्पिक मार्गों के बारे में जागरूकता बढ़ी है।

यातायात पुलिस ने इस अवधि में कार्यशीलता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त अधिकारी तैनात किए हैं। पुलिस प्रमुख ने कहा कि वे ट्रैफ़िक नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे और किसी भी प्रकार की अवैध गति या रुकावट को रोकने के लिए रेडियो रेडार का उपयोग करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैकल्पिक रूट पर दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए हर मोड़ पर सुरक्षा संकेत स्थापित किए गए हैं।

व्यापारी संघ ने कार्यकाल के दौरान अपने ग्राहकों के लिए अस्थायी पार्किंग सुविधाएँ प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने नगर निगम से अनुरोध किया है कि मुख्य बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पार्किंग लॉट स्थापित किए जाएँ, जिससे ग्राहकों को असुविधा न हो। इसी बीच, स्थानीय टैक्सी और ऑटो कंपनियों ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करके अपने यात्रियों को समय पर पहुंचाने की योजना बनाई है, ताकि आय में गिरावट न हो।

पर्यावरणीय समूहों ने कार्य के दौरान धूल और शोर प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए निरंतर निगरानी की मांग की है। उन्होंने नगरपालिका से अनुरोध किया कि निर्माण स्थल पर जल स्प्रे और ध्वनि अवरोधक सामग्री का उपयोग किया जाए। इन समूहों ने यह भी कहा कि कार्य समाप्ति के बाद, आसपास के क्षेत्रों में हरियाली पुनर्स्थापना कार्यक्रम को लागू किया जाना चाहिए।

राजनीतिक रूप से, इस परियोजना को मुख्यमंत्री के शहरी विकास एजेंडा का एक प्रमुख बिंदु माना जा रहा है

Updated: September 22, 2026

The reconstruction will upgrade a deteriorating arterial road, improving surface quality, drainage and traffic signaling.
Enhanced capacity and modernized infrastructure are expected to reduce congestion and support safer, more efficient vehicle movement.

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