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पटना हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ के आरोप में फँसे अधिवक्ता निरंजन कुमार को हाईकोर्ट में प्रवेश करने से रोक लगा दी

पटना हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ के आरोप में फँसे अधिवक्ता निरंजन कुमार को हाईकोर्ट में प्रवेश करने से रोक लगा दी है । चीफ़ जस्टिस संजय करोल एवं जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया था।

कोर्ट ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा से यह बताने के लिए कहा था कि बार काउन्सिल ऑफ़ इंडिया एवं बिहार स्टेट बार काउंसिल आरोपित अधिवक्ता पर क्या कार्यवाही कर रही है ।

बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने कोर्ट को बताया कि बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने आरोपित अधिवक्ता के प्रैक्टिस करने पर तत्काल रोक लगा दी है, जिसे बिहार स्टेट बार काउंसिल ने मान लिया है ।

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बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा की गई कार्रवाई के आलोक में हाईकोर्ट ने आरोपित अधिवक्ता के हाईकोर्ट में प्रवेश से रोक लगा दी है।

गौरतलब है कि इस मामले में हाईकोर्ट ने अधिवक्ता निरंजन कुमार को नोटिस जारी किया था। अधिवक्ता निरंजन कुमार का पक्ष को वरीय अधिवक्ता मृगांक मौली ने रखा । इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी ।

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