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यशर पार्टी ने सर्वे में 28% समर्थन हासिल कर नताल्याहु को पीछे छोड़ते हुए इज़राइल के चुनाव पर नई चुनौती पेश की

इज़राइल के आगामी चुनावों में नई राजनीतिक शक्ति यशर ने राष्ट्रीय स्तर पर धूम मचा दी है। गाड़ी इसेनकोट के नेतृत्व में यह पार्टी अब सार्वजनिक राय सर्वेक्षणों में प्रधान मंत्री नताल्याहु के पीछे पीछे चल रही है।
इसेनकोट की रणनीतिक युद्धनीति, दो-राज्य समाधान और ईरान संबंधी मुद्दों पर उनके स्पष्ट रुख ने मतदाता वर्ग को आकर्षित किया है, जिससे इस पार्टी की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी है।यशर की उत्पत्ति को समझने के लिए इज़राइली राजनीति के पिछले दशकों की पृष्ठभूमि को देखना आवश्यक है। 1990 के दशक से दो-राज्य समाधान पर निरंतर चर्चा और सुरक्षा मुद्दों का मिश्रण राजनीतिक दलों के मंच को परिभाषित करता आया है। नताल्याहु के दो कार्यकालों में सुरक्षा को लेकर कठोर रुख और आर्थिक सुधारों के मिश्रण ने जनता में मिश्रित भावनाएँ उत्पन्न कीं, जिससे कई मध्यम वर्गीय मतदाता असंतोष जताते रहे।

हाल के वर्षों में इज़राइल के सामाजिक ताने-बाने में गहरी फड़फड़ाहट देखी गई। लगातार चुनावी चक्र, सुरक्षा संकट और आर्थिक असमानताएँ एक ऐसी स्थिति पैदा कर रही थीं जहाँ नई आवाज़ों के लिए जगह बन रही थी। इसी संदर्भ में गाड़ी इसेनकोट, जो पहले रक्षा मंत्रालय के प्रमुख रहे, ने अपनी पार्टी यशर को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

यशर का प्रमुख मंच रणनीतिक युद्धों की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें दीर्घकालिक संघर्षों की बजाय सीमित, निर्णायक कार्रवाई की बात की गई है। इसेनकोट ने कहा है कि यह नीतिगत बदलाव इज़राइल को स्थायी सुरक्षा प्रदान करेगा और साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ बेहतर समझौता संभव करेगा। यह रुख नताल्याहु की निरंतर सैन्य कार्रवाई की नीति से स्पष्ट रूप से भिन्न है।

सर्वेक्षणों के अनुसार, यशर ने पिछले महीने में 28% मतों का समर्थन हासिल किया, जबकि नताल्याहु की लोकप्रियता 22% पर गिर गई। इसेंकोट के समर्थन में बढ़ोतरी का कारण उनके दो-राज्य समाधान के प्रति स्पष्ट समर्थन और इज़राइल‑फिलिस्तीन विवाद में नई दिशा की पेशकश माना जा रहा है।

यशर ने चुनावी अभियान में आर्थिक सुधारों को भी प्रमुखता दी है। रोजगार सृजन, कर राहत और मध्यम वर्ग के लिए सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क को सुदृढ़ करने का वादा किया गया है। इन नीतियों को इज़राइल के युवा वर्ग और उद्यमियों ने सराहा है, जिससे इस पार्टी का आधार और विस्तारित हो रहा है।

नताल्याहु के सहयोगियों ने इस नई पार्टी के उदय को अस्थायी राजनीतिक उथल-पुथल कहा है और इसेनकोट की रणनीति को अप्रयोगी और जोखिमपूर्ण करार दिया है। कई वरिष्ठ राजनेताओं ने इसेनकोट के दो-राज्य समाधान के समर्थन को अधूरा बताया, यह मानते हुए कि यह इज़राइल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है।

विपरीत रूप में, यशर के समर्थकों ने इसेनकोट को वास्तविक परिवर्तन के लिए आवश्यक आवाज़ कहा है। उन्होंने इज़राइल की मौजूदा सुरक्षा नीतियों को पुरानी और अक्षम्य बताया, और नई रणनीतिक युद्धनीति को अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के साथ तालमेल रखने वाला कहा।

इज़राइल के मुख्य विपक्षी दलों ने भी यशर के उदय को अपने लाभ के लिए देखना शुरू किया है। कुछ ने इसेनकोट को संयमी और समझदार कहा, जबकि अन्य ने इसे नए राजनीतिक प्रयोग के रूप में पहचाना। इस बीच, कई छोटे दलों ने गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा शुरू कर दी है, जिससे भविष्य के संसद गठन में जटिलता बढ़ सकती है।

राजनीतिक दृष्टिकोण से यह परिवर्तन इज़राइल की स्थिरता पर सवाल उठाता है। यदि यशर सरकार बनता है, तो नताल्याहु की लंबे समय से चली आ रही सुरक्षा नीति में बदलाव की संभावना बढ़ेगी। इस बदलाव से मध्य पूर्व में शत्रु राष्ट्रों के साथ संवाद की दिशा बदल सकती है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन

Updated: September 20, 2026

The emergence of Yashar reshapes Israel’s party landscape, indicating shifting voter preferences ahead of the election. Its policy focus on a limited‑war strategy and a two‑state solution could affect future security and diplomatic approaches.

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