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बिहार सरकार ने 27 जिलों में 29 हाई‑टेक परीक्षा भवनों के निर्माण को 330 करोड़ की मंजूरी दी

बिहार सरकार ने 330 करोड़ 7 लाख 13 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी के साथ राज्य के 27 जिलों में 29 स्थानों पर चार मंजिला हाई‑टेक मल्टी‑पर्पस परीक्षा भवनों के निर्माण को मंजूरी दी है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को स्थायी और आधुनिक बनाया जाएगा।
इस कदम को शिक्षा एवं युवा विकास विभाग ने रणनीतिक महत्व दिया है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में परीक्षा‑प्रवेश के लिए अस्थायी ढाँचे और अनुचित सुविधाओं के कारण कई बार विवाद उत्पन्न हुए थे। नई योजना के तहत प्रत्येक भवन में उन्नत सुरक्षा, डिजिटल प्रवेश प्रणाली और पर्यावरण‑अनुकूल निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जाएगा।बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए पहले से ही कई बार अस्थायी टेंट‑हॉल और किराए के परिसर उपयोग में लाए जाते रहे हैं, जिनमें सीट‑संकट, कागजी‑आधारित प्रक्रिया और सुरक्षा‑सम्बन्धी समस्याएँ प्रमुख रही हैं। इस पृष्ठभूमि में, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 2022 में एक व्यापक सर्वेक्षण किया, जिसमें 78 % अभ्यर्थियों ने परीक्षा‑स्थल की सुविधाओं में सुधार की माँग की थी। उसी सर्वेक्षण ने यह भी उजागर किया कि डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण कई बार उत्तर‑पत्रों की त्रुटियों से परिणामों में अनावश्यक देरी होती रही।

इन समस्याओं के समाधान के तौर पर, सरकार ने 2023 में “हाई‑टेक परीक्षा भवन” परियोजना का मसौदा तैयार किया, जिसमें जी‑प्लस‑3 (चार मंजिला) संरचना को मानक बनाया गया। इस ढाँचे में प्रत्येक तल पर अलग‑अलग कार्यस्थल निर्धारित हैं: प्रथम तल पर अभ्यर्थियों के पंजीकरण और डिजिटल पहचान, द्वितीय तल पर कंप्यूटर‑आधारित परीक्षा कक्ष, तृतीय तल पर लिखित परीक्षा हॉल और चतुर्थ तल पर प्रबंधन एवं सुरक्षा नियंत्रण कक्ष। इस योजना के अंतर्गत, भवनों की कुल निर्माण लागत को 11.4 % तक घटाने के लिए प्री‑फैब्रिकेड घटकों और स्थानीय सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया।

तकनीकी स्वीकृति प्रक्रिया के पूर्ण होने पर निर्माण कार्य सीधे बिहार भवन निर्माण विभाग को सौंपा जाएगा। विभाग ने बताया कि 2024 की पहली तिमाही में प्रारंभिक स्थल‑सर्वेक्षण और ठेकेदार चयन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 2025 के मध्य तक सभी 29 भवनों की मूलभूत संरचना पूर्ण होने की आशा है। निर्माण में प्रमुख भारतीय निर्माण कंपनियों को भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है, और परियोजना की निगरानी के लिए एक विशेष नियंत्रण समूह स्थापित किया गया है, जिसमें राज्य के प्रमुख तकनीकी और वित्तीय अधिकारियों शामिल होंगे।

पहले दो चरणों में, उत्तरांचल, पटना और गोरखपुर जैसे प्रमुख जिलों में भवनों का निर्माण प्राथमिकता के तहत किया जाएगा, क्योंकि इन क्षेत्रों में प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों की संख्या सबसे अधिक है। इन जिलों में पिछले वर्ष के डेटा के अनुसार, कुल 1.2 लाख से अधिक अभ्यर्थी विभिन्न राज्य एवं केंद्रीय परीक्षाओं में भाग लेते हैं। इस कारण, इन क्षेत्रों में हाई‑टेक सुविधाओं की त्वरित उपलब्धता से उम्मीदवारों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा, जिससे परीक्षा‑प्रक्रिया की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार की संभावना है।

बिहार सरकार ने इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने की योजना भी बनाई है। यदि सफलतापूर्वक लागू हुआ, तो अन्य राज्यों को समान ढाँचा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है, विशेषकर उन राज्यों में जहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। इस दिशा में, केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने भी इस पहल पर सकारात्मक टिप्पणी की है, और भविष्य में समान परियोजनाओं के लिए अनुदान प्रदान करने की संभावना जताई है।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के प्रमुख ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल परीक्षा स्थल की भौतिक सुविधा नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के मानसिक शांति को भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “उच्च‑स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर से अभ्यर्थियों को आत्मविश्वास मिलेगा और परीक्षा‑परिणाम की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।”

इस बयान के बाद, विभिन्न छात्र संगठनों ने इस कदम की सराहना की, और कहा कि यह प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊँचा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विपरीत रूप में, कुछ राजनीतिक दलों ने परियोजना के वित्तीय बोझ को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 330 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को शिक्षा के अन्य क्षेत्रों, जैसे स्कूल पुनर्निर्माण और शिक्षक प्रशिक्षण, में भी प्रयोग किया जा सकता था। इस पर शिक्षा विभाग ने बताया कि इस परियोजना के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है, और यह अन्य विकास कार्यों से अलग है। इस बीच, स्थानीय व्यापारियों ने निर्माण कार्य में भाग लेने की आशा जताई, जिससे उन्हें रोजगार और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

 

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