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पटना में 1799 दारोगा अभ्यर्थियों ने दीप जलाकर PET तिथि जारी करने की मांग की।

पटना की सड़कों पर गुरुवार की शाम को एक अनोखा दृश्य उभरा, जहाँ 1799 दारोगा अभ्यर्थियों ने दीप जलाकर अपनी मांगों को स्पष्ट किया। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर किया गया, जिससे स्थानीय प्रशासन और जनता का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित हुआ। अभ्यर्थियों ने ‘बिहार दारोगा फिजिकल डेट जारी करो’ का नारा लगाते हुए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की त्वरित तिथि जारी करने की मांग की, जो भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण को निर्धारित करती है।

बिहार सरकार ने 1799 पुलिस अवर निरीक्षक पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया, जिसमें लिखित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों को अगले चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा और अभिलेख सत्यापन से गुजरना होता है। इस भर्ती प्रक्रिया को शुरू से ही कई बार विलंबित किया गया, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ा। पिछले वर्ष की इसी प्रक्रिया में भी कई उम्मीदवारों को अंतिम चरण तक पहुँचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिससे इस बार का प्रदर्शन और अधिक भावनात्मक हो गया।

परिचालन की जटिलता और अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए, बिहार पुलिस ने पहले ही कई चरणों को पूरा करने का वादा किया था। हालांकि, लिखित परीक्षा के बाद PET की तिथि तय न होने से कई अभ्यर्थियों ने अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता महसूस की। इस कारण उन्होंने सामाजिक मीडिया पर अपनी नाराजगी जताते हुए कई मंचों पर चर्चा को तेज किया, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ा।

पटना के मुख्य चौक में स्थापित इस मंच पर अभ्यर्थियों ने रंग-बिरंगे दीप जलाए और तालियों के साथ अपनी माँगें दोहराईं। दर्शकों में से कई ने भी इस आंदोलन में हिस्सा लिया, जिससे माहौल में एकजुटता की भावना स्पष्ट हुई। कुछ अभ्यर्थियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जहाँ उन्होंने लिखित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया परंतु PET के लिए इंतजार का समय अनिश्चित बना हुआ था। इस बीच, स्थानीय व्यापारियों ने भी अपने ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए व्यवस्था की।

कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों ने एक बड़े बैनर पर ‘भविष्य की सुरक्षा, आज ही PET की तिथि जारी’ लिखा दिखाया। इस बैनर में अभ्यर्थियों के प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा कि वे केवल परीक्षा की तिथि ही नहीं, बल्कि एक स्पष्ट और समयबद्ध प्रक्रिया की भी मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मांग को पूरा न किया गया तो अभ्यर्थियों के मनोबल पर असर पड़ेगा और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।

पटना के पुलिस प्रमुख ने बाद में इस प्रदर्शन के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासन अभ्यर्थियों की मांग को समझता है और जल्द से जल्द एक स्पष्ट तिथि जारी करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाएगी और सार्वजनिक व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस बयान के बाद अभ्यर्थियों के बीच कुछ राहत की लहर दौड़ी, परन्तु कई ने अभी भी त्वरित कार्यवाही की आशा व्यक्त की।

बिहार राज्य के शिक्षा मंत्री ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लिखित परीक्षा के बाद PET की तैयारी के लिए समयसीमा बनाना प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अभ्यर्थियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। इस बीच, अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अब तक के सभी प्रयासों को सराहते हुए भी अंतिम लक्ष्य की पूर्ति की उम्मीद कर रहे हैं।

बिहार की मुख्य opposition पार्टी ने इस अवसर का उपयोग कर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभ्यर्थियों की समस्याओं को अनदेखा करना प्रशासन की नाकामी है और उन्होंने तुरंत कार्यवाही की माँग की। इस बयान से राजनीतिक माहौल में तीव्रता आई, जबकि जनता ने इस विवाद को अपने रोज़मर्रा की जिंदगी में कैसे प्रतिबिंबित होता देखा।

आर्थिक दृष्टि से इस भर्ती प्रक्रिया का विलंब कई युवा वर्ग के करियर योजनाओं को प्रभावित कर रहा है। कई अभ्यर्थियों ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस नौकरी को अपने भविष्य की सुरक्षा मान लिया था, परंतु अनिश्चित तिथि के कारण आर्थिक तनाव बढ़ा है। इस कारण स्थानीय वित्तीय संस्थानों ने अभ्यर्थियों को अल्पकालिक ऋण विकल्प प्रदान करने की घोषणा की, जिससे आर्थिक दबाव को कुछ हद तक कम किया जा सके।

सामाजिक रूप से इस प्रदर्शन ने युवा वर्ग में एकजुटता की भावना को उजागर किया। कई सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों के साथ संवाद

Updated: September 17, 2026


A crowd of 1,799 Bihar police constable hopefuls lit lamps at Patna’s main square on Prime Minister Modi’s birthday, demanding an immediate announcement of the Physical Efficiency Test date after repeated delays in the recruitment process. Authorities pledged to set a clear schedule, while opposition leaders and local traders watched the protest’s impact on youth employment and public order.

The protest highlights widespread demand for a timely PET schedule, affecting the recruitment timeline for 1,799 police candidates. Prompt resolution is crucial to maintain confidence in the hiring process and reduce uncertainty for job‑seekers.

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